09 February, 2011

केवल औपचारिकता के लिए है कार्यालय

बेरोजगारों को रोजगार दिलाने वाला जिला रोजगार पंजीयन कार्यालय अपना अस्तित्व खोता जा रहा है. एक ज़माना था जब इस कार्यालय के बिना नौकरिया मिलना मुश्किल हुआ करती थी. लेकिन आज इस कार्यालय का मतलब केवल और केवल बेरोजगारों के पंजीयन तक ही सीमित रह गया है.
जिला रोजगार कार्यालय कटनी में एक वर्ष में हजारो की संख्या में पंजीयन तो होते है लेकिन कभी किसी बेरोजगार को इसकी मदद से नौकरी मिली हो ऐसा खुशनसीब ढूढ़ पाना मुश्किल है.

वर्तमान में शासन के नियमानुसार किसी भी बेरोजगार को कही भी रोजगार के लिए  आवेदन करने से पूर्व अपना पंजीयन कराना  अनिवार्य हो गया है. इस मजबूरी के कारण बेरोजगारों को इस कार्यालय तक आना पड़ता है. वर्ना अब इस कार्यालय की कोई उपयोगिता नहीं रह गयी है.

एक ज़माना था जब किसी भी विभाग में कोई भी नई भर्ती होती थी तो उसकी सबसे पहले सूचना आवेदकों को जिला रोजगार कार्यालय से मिला करती थी, लेकिन अब इस प्रकार की सूचनाये समाचार पत्रों एवं अन्य प्रकार से बेरोजगारों तक पहुच जाती है. बेरोजगारों के पंजीयन से लेकर नियुक्ति तक में प्रत्येक व्यक्ति की सहायता करने वाला यह कार्यालय सहायता तो इन दिनों भी करता है, मगर इसकी सहायता छोटे स्तर तक ही सिमट  कर रह गयी है.

इस सम्बन्ध में जीतेन्द्र राजपूत का कहना है - मैंने जिला कार्यालय में इसलिए पंजीयन कराया है  क्योकि शासन के ऐसे नियम है की बिना रोजगार संख्या के कही पर भी आवेदन मान्य नहीं होता है.

पंकज जैन का कहना है - ऐसा सुना है की यहाँ से नौकरी मिलने में सहायता मिलती है लेकिन मुझे ऐसा नहीं लगता. मुझे नौकरी के लिए कई विभागों में आवेदन करना है इसलिए पंजीयन कराया  है.

मदन तिवारी ने बताया - यहाँ पर पंजीयन करने के बाद नौकरी की अपेक्षा करने में कोई समझदारी नहीं है, लेकिन नौकरी के लिए पंजीयन कराना आवश्यक है अतः पंजीयन कराया है.

अजीत सिंह का कहना है - रोजगार पंजीयन की आवश्यकता किसी भी आवेदन में आवश्यक होती है. आवश्यकता को देखते हुए पंजीयन को जीवित बनाए रखना आवश्यक है.