12 February, 2011

अवैध उत्खनन का सिलसिला जारी


निर्माण कार्यो में नियमो की अनदेखी हो रही है.
कटनी जिले में खनिज सम्पदा का अवैध उत्खन किये जाने का सिलसिला अनवरत रूप से बना हुआ है लेकिन खनिज विभाग द्वारा हाथ पर हाथ धरे बैठे रहेने और अवैध रूप से उत्खनन करने वालो के विरुद्ध कार्रवाई नहीं किये जाने के परिणामस्वरूप उत्खनन करने वाले शहर के आसपास स्थित क्षेत्रो से मिटटी, गिट्टी और मुरुम का उत्खनन करते हुए शासकीय भूमि को अपना निशाना बना रहे है, वही दूसरी ओर बिना रायल्टी के किये जा रहे उत्खनन से शासन के राजस्व को भी क्षति पहुच रही है.

खनिज विभाग की लापरवाही और उदासीनता के चलते अवैध उत्खनन करता  शहर के आसपास स्थित क्षेत्रो में ही बिना किसी अनुमति के खनिज सम्पदा का दोहन कर रहे है वरन पूरे जिले में इन उत्खननकर्ताओं द्वारा अवैध रूप से मिटटी, गिट्टी, रेट और मुरुम का उत्खनन और उसका परिवहन लगातार बना हुआ है. नदियों से भी रेत का अवैध उत्खन और उसका परिवहन बदस्तूर जारी है. जिले में खनिज सम्पदा के हो रहे इस अवैधानिक उत्खनन को रोके जाने के कोई कारगर प्रयास नहीं हो पाने से अवैध उत्खनन कर्ताओं के हौसले बढे हुए है और वह रात दिन अवैध रूप से उत्खनन कर मोटी कमाई में लगे है.

तिलगवा-बाधा-सुगवा मार्ग निर्माण और मोहास-बरजी-पाली मार्ग  निर्माण  में ठेकेदारों  द्वारा अवैध रूप से रोड के आस-पास स्थित सरकारी  और गैरसरकारी भूमि को अपना निशाना बनाया  जा रहा है.. यह सड़क निर्माण कार्य पी डब्लू डी विभाग द्वारा ठेके पर दिया गया है. निर्माडाधीन सड़को के किनारे से ठेकेदारों द्वारा मिटटी खोदकर लाई जा रही है. जबकि बाजार में एक ट्राली मिटटी की कीमत ढाई सौ से तीन सौ रूपये है.


स्पष्ट रूप से पी डब्लू डी विभाग के इंजिनीअर, सुपरवाइजर, एस डी ओ, ठेकेदार सब मिल बाट कर मौज उड़ा रहे है. घटिया स्तर की इस मिटटी से इस रोड की गुडवत्ता  पर सवालिया निशान लग रहा है. जबकि ठेकेदारों  को अच्छी मिटटी लाकर रोड पर डालने का प्रावधान है.





मोहास-बरजी-पाली रोड के निर्माण कार्य में तो जमकर नियमो की धज्जिया उडाई जा रही है. विगत दिनों ग्राम बरजी में सी सी रोड निर्माण में बगैर प्लास्टिक की पन्नी डाले, मसाला में गिट्टी की जगह रेत की छानन में बड़े छोटे पत्थर, कचरा, डालकर सीसी रोड का निर्माण कार्य किया जा रहा था. प्लेट वाइब्रेटर का भी इस्तेमाल नहीं किया जा रहा है दिखावा मात्र के लिए यह मशीन रखी हुई है. इस रोड पर बनी पुलिया में अभी से दरार आ चुकी है. पुलिया निर्माण में बिना बेस के ह्युम पाइप डाल दिए गए है. सी सी रोड  के निर्माण में एक तो प्लास्टिक नहीं बिछाई गई और बिना झाडे ही धूल पर ही मसाला डाल कर सी सी रोड बनाई जा रही है.

स्थल पर पी डब्लू डी विभाग के कर्मचारियों का न मिलना ठेकेदार और विभाग की मिलीभगत के संकेत देता है. क्षेत्र में हो रहे विकास कार्य आजादी के तिरेसठ वर्षों के बाद हो रहे है और फिर निर्माण कार्य में बरती जा रही अनियमितता  और घटिया निर्माण से इस क्षेत्र में कब तक यह घटिया सड़क बनी रहेगी.....
 क्षेत्रीय जनता में इसी बात की चर्चा हो रही है.