15 February, 2011

म न रे गा से होगा गौशालाओ का कायाकल्प

जिन गौशालाओ में कम से कम पचास पशुओ की देखरेख की जा रही है लेकिन ये गौशालाए सुविधाविहीन है ऐसी गौशाल संचालको को अच्छी खबर है. शासन ने कामधेनु उपयोजना शुरू की है जिसके तहत ग्राम पंचायत के माध्यम से रोजगार गारंटी योजना के तहत इन गौशालाओ का कायाकल्प  किया जा सकता है.

अभी ऐसी बहुत सी गौहालाये संचालित की जा रही है जिनमे  सुविधाए नहीं है. जिससे चाहकर भी गौशाला संचालक  ज्यादा पशुओ को नहीं रख पाते और पशु भी खुले परिसर   में ही बिचरते रहते है लेकिन अब इस योजना के तहत संचालक अल्प्नी इन  शालाओ को  सर्वसुविधा  युक्त बना सकते है.

रोजगार गारंटी से निर्माण
महात्मा गाँधी राष्ट्रीय ग्रामीण रोजगार योजना के तहत इस योजना में काम कराये जायेगे जिसमे साठ फीसदी काम मजदूरों से कराना अनिवार्य होगा. इसके लिए ग्राम पंचायत निर्माण एजेंसी होगी. यदि किसी एनजीओ के माध्यम से भी निर्माण कार्य कराया जाएगा तो भी ग्राम पंचायत की देखरेख में ही निर्माण कार्य होगे.

पंचायत बनायेगी प्रस्ताव
कामधेनु उपयोजना के तहत  अपनी पंचायत में संचालित गौशाला  के विकास के लिए संचालको को ग्राम  पंचायत में आवेदन देकर प्रस्ताव तैयार कराना होगा. पांच लाख रूपये तक के निर्माण कार्य ग्राम पंचायत स्वीकृत कर सकेगी जो बाद में जनपद पंचायत पास  कर जिला पंचायत भेजेगी. जहा से गौशाला का मौका मुआयना कर प्रस्ताव को अनुमति दी जा सकेगी.

क्या-क्या होगा
इस योजना के अंतर्गत गौशाला में सड़क निर्माण, चारो तरफ बाउंड्री बाल  , पेयजल के लिए कूप या तालाब का निर्माण, गौशाला के लिए चारागाह का विकास, गोबर की खाद तैयार करने के लिए खंती, पशुओ के लिए शेड आदि का निर्माण  आदि कार्य कराये जा सकते है.

निर्माण राशी कितनी भी
गौशालाओ के विकास हेतु लागू की गई कामधेनु उपयोजना में राशी कितनी भी स्वीकृत की जा सकती है, इसके लिए मौके पर पहुचकर आकलन किया जाएगा. बस आवश्यकता है ग्राम पंचायते अपने क्षेत्र में चल रही गौशालाओ के विकास  के लिए पहल करे. प्राप्त आवेदनों पर प्रस्ताव बनाकर भेजे.