14 February, 2011

घटिया निर्माण की अब पोल खुल रही

बहोरिबंद
जनपद शिक्षा केंद्र के अंतर्गत ग्राम बडखेरा नीमखेडा में शासकीय प्राथमिक शाला का भवन घटिया निर्माण होने के कारण ढहाया जा रहा है. बताया गया है की आर ई एस विभाग के उपयंत्री की निगरानी में शाला भवन का निर्माण पालक शिक्षक संघ द्वारा कराया गया था. निर्माण के दौरान कार्य निर्धारित गुडवत्ता  के अनुरूप नही कराया गया. इस बात की शिकायत आर ई एस विभाग के अधिकारियो से की गई थी पर निर्माण कार्य के दौरान अधिकारियो ने इन शिकायतों पर कोई ध्यान नहीं दिया. उपयंत्री द्वारा मूल्यांकन कर दिए जाने के बाद राशी का भी भुगतान कर दिया गया.

विभागीय सूत्रों के अनुसार पूर्व में एस डी एम्  द्वारा भवन का निरीक्षण किये जाने के बाद इसे घटिया स्तर का पाया था तथा सम्बंधित उपयंत्री के विरुद्ध कार्रवाई किये जाने की अनुशंसा भी की थी. बावजूद इसके वरिष्ठ विभागीय अधिकारियो द्वारा सम्बंधित अधिकारी के विरुद्ध कार्रवाई नहीं की गई. अब शाला भवन ढहाए जाने के बाद यह मुद्दा फिर गरमा गया है, जानकारी  के अनुसार शाला भवन का निर्माण कार्य आर ई एस विभाग की निगरानी में ही कराया गया था. मूल्यांकन एवं अन्य कार्य भी आर ई एस विभाग द्वारा कराये गए थे. अब शाला भवन घटिया पाए जाने के बाद उसे ढहाए जाने के आदेश भी आर ई एस विभाग के एस डी एम् द्वारा जारी किये गए. जानकारों का कहना है की एस डी ओ शाला भवन ढहाए जाने की अनुशंसा एस डी एम् अथवा कलेक्टर से कर सकते है पर स्वयं आदेश जारी नहीं कर सकते पर यहाँ ऐसा नहीं हुआ. एस डी ओ के आदेश से ही शाला भवन धराशायी कर दिया गया है जिससे बच्चो के सामने  बैठने की समस्या पैदा हो गई है.

ग्राम बडखेरा नीम में यहाँ यह प्राथमिक शाला भवन बनाया गया था. उससे कुछ ही दूर पर सामुदायिक भवन का निर्माण भी आर ई एस की निगरानी में ही हुआ था. यह भवन भी चार -पांच साल में ही जर्जर नजर आने लगा है. इसके अलावा ग्राम  पिपरिया में प्राथमिक शाला भवन एवं माध्यमिक शाला भवन के अतिरिक्त कक्षों का निर्माण भी आर ई एस की देखरेख में कराया गया था. इन अतिरिक्त कक्षों की स्थिति यह है की इनकी छत क्रेक हो गई है. बारिश का पूरा पानी छत से कक्षों में टपकता है. देखने में ही भवन सालो पुराने  लगते है जबकि इनका निर्माण भी 2005 -2006 में कराया गया है. इनके अलावा अनेक जगह निर्माण कराये गए शासकीय भवनों की गुणवत्ता पर भी सवालिया निशान लगाया जा रहा है.

क्षेत्रवासियों  के अनुसार जिला प्रशासन को चाहिए की ऐसे सभी शासकीय भवनों की जाँच की जाए एवं इनके निर्माण के दौरान लापरवाही बरतने वाले अधिकारियो के खिलाफ कार्रवाई जी जावे. वही इस सम्बन्ध में  विभागीय अधिकारी कोई भी जबाब नहीं देना चाहते.