08 March, 2011

पुलिस पर अंकुश नहीं

कटनी/अजाक थाने के डी एस पी और बरही थाने के सब इन्स्पेक्टर को भोपाल मुख्यालय अटैच कर उनके विरुद्ध विभागीय जाँच के निर्देश से जिले के पुलिस महकमे में हडकंप व्याप्त है.
विधायक संजय पाठक ने अपने विधानसभा क्षेत्र बरही तहसील  के ग्राम बनगाव में अनुसूचित जनजाति की महिलाओं के साथ अत्याचार एवं उत्पीडन का एक मामला विधानसभा में ध्यानाकर्षण सूचना के तहत उठाया था. विधायक पाठक  ने सदन का ध्यान आकर्षित करते हुए बताया की 20  अगस्त 2010  को बनगाव में आयोजित ग्राम सभा के दौरान शासकीय भूमि पर अवैध कब्जे के मामले को लेकर व्याख्याता के आर दुबे एवं उनके भईयो द्वारा एक अनुसूचित जनजाति की महिला बेद बाई के साथ गाली गलौज एवं मारपीट की गई थी. उसे जातिगत रूप से भी अपमानित किया गया था.
बेद बाई ने बरही थाने में उपस्थित होकर शिकायत की थी लेकिन थाना प्रभारी बरही द्वारा आरोपियों के विरुद्ध कोई कार्रवाई नहीं की गई. दो दिनों  बाद 22  अगस्त को आरोपियों ने बेदबाई गौड़ के घर में घुसकर उसके साथ फिर से मारपीट की एवं शारीरिक शोषण करने का प्रयास किया. जिसकी शिकायत बेदबाई ने पुनः थाना प्रभारी बरही से की. अजाक थाना प्रभारी कटनी, एस पी कटनी एवं कलेक्टर को भी लिखित शिकायत सौपी गई.
दो अक्टूबर को पुनः व्याख्याता के आर दुबे एवं उनके साथियों द्वारा सरपंच प्रभु प्रताप सिंह गौड़ की पत्नी सहेगम बाई के साथ अभद्रता की गई एवं जातिगत अपमान किया गया. जिससे प्रताड़ित होकर सहेगम बाई ने जहर का सेवन कर लिया. उसके इलाज के लिए कटनी के निजी चिकित्सालय लाया गया जहा पुलिस के समक्ष अपने मरतु पूर्व   बयान में आरोपियों द्वारा प्रताड़ित किये जाने की बात कही. इलाज  के दौरान सहेगम बाई की मौत हो गई, उसके बाद भी पुलीस द्वारा दोषियों के विरुद्ध कोई कार्रवाही नहीं की गई तो उनके विरुद्ध न ही आपराधिक प्रकरण दर्ज किया गया न ही उनकी गिरफ्तारी हुई. इन घटनाओं से अनुसूचित जनजाति महिलाओं में भय ब्याप्त है. उन्हें न्याय नहीं मिल पा रहा.
विधायक संजय पाठक द्वारा सदन में ध्यानाकर्षण के तहत उठाये गए इस मामले में गृह मंत्री उमाशंकर गुप्ता ने बताया की 20  अगस्त को ग्राम बनागावा में शासकीय भूमि पर अवैध कब्जे को लेकर पूर्व सरपंच सुमन दुबे एवं वर्तमान सरपंच प्रभु प्रताप सिंह के पक्ष के लोगो  के द्वारा विवाद की स्थिति  बन गयी.  जसकी शिकायत बरही थाने में किये जाने पर थाना प्रभारी ने दोनों पक्षों के विरुद्ध प्रतिबंधात्मक कार्रवाई की . 22  अगस्त को पुनः बेद बाई द्वारा आरोपियों के विरुद्ध घर में घुसकर बलात्कार का प्रयास करने की शिकायत बरही थाने में की गई. 23  अगस्त को यह शिकायत पुलिस अधीक्षक से एवं 6  नवम्बर को कलेक्टर से भी की गई. शिकायत की जाँच थाना  प्रभारी अजाक डी एस पी  आर के शर्मा द्वरा करी गई थी जांच में आरोप प्रमाणित नहीं पाया गया. सरपंच  प्रभु प्रताप सिंह की पत्नी सहेगम बाई द्वारा भी के आर दुबे, रवीन्द्र दुबे आदि के विरुद्ध लगातार धमकिया दिए जाने से परेशान होकर चूहा मार दवा खाने की बात म्रत्यु  पूर्व कथन में कही गई थी. इस घटना की जाँच भी की गई जांच में संज्ञेय अपराध होना नहीं पाया गया. इन घटनाओं की जाँच पुलिस महानिरीक्षक अजाक से कराने के निर्देश दिए गए तथा जाँच रिपोर्ट प्राप्त होने तक डी एस पी अजाक आर के शर्मा एवं उपनिरीक्षक जे एस झरिया  को भोपाल मुख्यालय अटैच कर दिया गया है.

04 March, 2011

जहा कोई आनंद नहीं उसमे लोग फस रहे है

मुहास / रीठी

ईश्वर के बारे में ऐसी-ऐसी कल्पनाये मनुष्य ने बना राखी है उसकी पहचान ही उलटी पड़ गयी है. इसलिए अपनी बनाई हुई उलटी पहचान के कारण तुम सामने वाले ईश्वर को नहीं पहचानते.
ईश्वर सर्वरूप से प्रगट हो रहा है. गीता में कहा  है - 
यदादित्यगतं तेजो-हमारी सम्पूर्ण इन्द्रियों में विषयों के प्रकाशन का जो सामर्थ्य है और याच्चन्द्र्मासी-हमारे मन में संकल्प विकल्प करने का जो सामर्थ्य है, यच्चाग्नौ-हमारी वाणी में बोलने का जो सामर्थ्य है-कौन है वह? वही ईश्वर है-तत्तेजो विद्धि मामकं-वही आकर देख रहा है, वही बोल रहा है वही सोच रहा है. उसके सिवाय तो मिटटी भी नहीं, पानी भी नहीं , आग भी नहीं, हवा भी नहीं, आकाश भी नहीं, मन भी नहीं.
वृन्दावन धाम से पधारे अष्टादस पुराण प्रवक्ता आचार्य व्रज्पाल शुक्ल द्वारा मुहस में चल रहे अति लघु रूद्र यग्य में अपने सारगर्भित प्रवचन में भाग्वात्तत्व को प्रतिपादित करने के द्रशंत रूप में यह उदगार व्यक्त किये . मुहास में इस यग्य में  अठारह पुराणों के पाठ का पारायण किया गया और साथ ही देश भर से पधारे  कई विद्वानों के द्वारा विविध ग्रंथो पर प्रवचन किये गए. 
शुक्रवार को हनुमान जी के चरित्र का वर्णन सुन्दरकाण्ड के अनुसार करते हुए आचार्य व्रज्पाल शुक्ल जी ने कहा की मनुष्य   शरीर प्राप्त करके बुद्धि प्राप्त करके, सत्संग प्राप्त करके ईश्वर को न पाना यह नशे में आ जाना है. इसका नाम प्रमाद है. रात बीत गयी, दिन बीत गया, जिन्दगी बीत रही है, छड-छड छीज रहा है और ईश्वर के सामने होते हुए भी हम ईश्वर को प्राप्त नहीं कर सकते. वह पूर्ण अविनाशी जीवन, वह चेतन सच्चा ज्ञान सच्चा प्रकाश, वह आनंद जिसमे दुःख का लेश नहीं है-उसका समुद्र उमड़ रहा है. 
आनद सिन्धु मध्य तव वासा, बिनु जाने तू मरत पियासा. 
गोस्वामी तुलसीदास कहते है तुम आनंद के समुद्र में रह रहे हो लेकिन बिना जाने प्यासे मर रहे हो.
दुःख तो इस बात का है की परमात्मा के आनंद समुद्र में सारी स्रष्टि डूब और उतरा रही है लेकिन न तो कोई उस रस को पीता है और न तो आख भरकर देखता  है और आश्चर्य यह है की ऊपर-ऊपर उतराने  वाली मरू मरीचिका के जल के सामान झूठी जो दुनिया है, जिसकी कोई सत्ता, महता नहीं कोई प्रकाश नै कोई आनंद नहीं उसमे लोग फस रहे है.

परीक्षाये सर पर फिर भी बिजली कटौती ....!

कटनी
 जिले की तहसील मुख्यालयों में बिजली आने जाने का कोई निर्धारिती समय नहीं है.हाई स्कूल एवं हायर सेकेंडरी की परीक्षा के पहले दिन से ही रात्रि में दस बजे से बिजली का गुल हो जाना छात्र-छात्राओं के भविष्य से विद्युत् विभाग खिलवाड़ करने में कोई कसर बाकि नहीं छोड़ रहा है.
जबकि मुख्यमंत्री द्वारा कहा गया था की बोर्ड परीक्षाओं के दौरान बिजली कटौती नहीं की जायेगी. लेकिन मुख्यमंत्री के आदेश को ताक पर रखकर विद्युत् अधिकारियो द्वारा क्षेत्र में अघोषित बिजली कटौती की जा रही है. विद्युत् अधिकारियो से छात्र छात्राए एवं अभिभावकों ने कटौती बंद करने की मांग की है.  
विद्युत् कटौती के कारण जनता में आक्रोश बढ़ता जा रहा है. एक तरफ जहा विद्युत् कटौती के कारण क्रिकेट  प्रेमी नाराज है वही दूसरी तरफ परीक्षा के दिनों में बिजली नहीं मिलने से छात्र आक्रोशित है. विद्युत् कटौती बंद करने के लिए बिलहारी के नागरिको ने हस्ताक्षरयुक्त ज्ञापन अनुविभागीय अधिकारी को  सौपा है  
लोगो का कहना है की क्रिकेट एक लोकप्रिय खेल है. विश्वकप जैसी महत्वपूर्ण प्रतियोगिता के प्रत्येक  मैच का पूरा प्रसारण लोग देखना चाहते है परन्तु मैच के समय ही विद्युत् कटौती किये जाने से क्रिकेट प्रेमी मैच का आनद लेने से वंचित रह जाते है.
वही बडगांव में अघोषित कटौती के कारण लोगो को बेहद परेशानी का सामना करना पड़ रहा है. नागरिको ने शीघ्र कटौती बंद करने की मांग की है. इस समय नगर में हाईस्कूल एवं हायर सेकंडरी परीक्षा प्रारंभ हो गई है जिससे छात्र-छात्राओ  को ज्यादा परेशानी का सामना करना पड़ रहा है. 
वही दूसरी तरफ तहसील मुख्यालयों में शासकीय कार्यालयों में कामकाज प्रभावित हो रहे है. क्योकि यहाँ तहसील मुख्यलय रीठी में दोपहर बारह बजे से बिजली जाती है तो शाम सात बजे आती है.
लोगो ने कटौती के समय में परिवर्तन करने की मांग की है. छात्र छात्राओ ने कहा है की रात दस  बजे के बाद से बिजली कटौती की जा रही है जो सुबह पाच बजे तक जारी रहती है. इसी प्रकार दोपहर में भी कटौती होने से पढ़ाई में बाधा उत्पन्न हो रही है. पढ़ाई के महत्वपूर्ण समय में यदि कटौती की जाती है तो यह उनके भविष्य के साथ खिलवाड़ है.