27 May, 2011

धर्मात्मा को छोड़ देने पर आपका अनर्थ होना निश्चित है


जब राजा धृतराष्ट्र अधर्म्पूर्वर्वक अपने पुत्रो का पोषण करने लगे, पित्रहीन पांडवो को लाक्षा भवन में जलाने का उपक्रम किया गया भरी सभा में रोटी एक्वास्त्र द्रोपदी के केश खीचे गए और साडी उतारने के प्रयत्न किया गया, वनवास से लौटने पर भी युधिष्ठिर को उनका भाग नहीं दिया गया, संधि का प्रस्ताव लेकर आये भगवान् की बात ठुकरा दी गयी एवं युधिष्ठिर का भाग देने तथा दुर्योधन को घर से निकलने की सलाह देने पर मंत्री विदुर दुर्योधन द्वारा धृतराष्ट्र   के सामने ही बहुत अपमानित किये गए, तब विदुर दरवाजे पर ही धनुष रखकर तीर्थयात्रा करने चले गए. उनके चले जाने से कौरवो का मानो पुन्य ही उनके साथ चला गया. धर्मात्मा को छोड़  देने पर आपका अनर्थ होना निश्चित है


 उक्त उदगार रीठी जनपद पंचायत की जनपद अध्यक्षा प्रीती हरी सिंह ठाकुर के निवास उमरिया पर चल रहे भागवत सप्ताह ज्ञान यग्य में व्यास पीठ से कथा वाचक राम कृष्ण दास वेदांती जी ने कही. नौ तपा में चल रहे इस भागवत पुराण ज्ञान यग्य में भरी जन सैलाब कथा का आनंद लेने ग्राम उमरिया पहुच रहे है. 

भागवत के महात्म्य का वर्णन करते हुए कथा वाचक ने बताया की श्रीमद भागवत भारतीय वाग्मय के इने गिने  उज्ज्वलतम रत्नों में अन्यतम है. इसे भक्ति, ज्ञान और वैराग्य का उत्स कहा जाय तो अत्युक्ति न होगी. पाप-ताप और दुःख दारिद्रय की निवृत्ति के लिए इसके श्रवण और पारायण की परंपरा चिरकाल से चली आ रही है. भारतीय आस्तिक जनता के ह्रदय में सर्वश्रेष्ठ पुराण के रूप में ही नहीं साक्षात् भगवान् के स्वरुप के रूप में इस पर अत्यंत आस्था है.

दिनांक २५ मई  से ३१ मई  तक ग्राम उमरिया में चल रही इस कथा का समापन एक जून को विशाल ब्राहमण भोज एवं भण्डार तथा प्रवेश द्वार के लोकार्पण के साथ होगा. ग्राम उमरिया पर हरी द्वार के नाम से जनपद पंचायत प्रीती हरी सिंह ठाकुर ने प्रवेश द्वार की गाँव वालो को सौगात दी है जिसका लोकार्पण भी किया जाएगा.

18 May, 2011

बुंदेलखंड विशेष पॅकेज के कामो पर अब परिषद् की होगी नजर

बुंदेलखंड विशेष पॅकेज के कामो पर अब परिषद् की होगी नजर 
अखिलेश उपाध्याय  
बुंदेलखंड अंचल मध्य प्रदेश का अति पिछड़ा छेत्र है जहा आज भी मूल भूत समस्याओं से आम जन जूझ रहे है. इस ब्लॉग के माध्यम से बुंदेलखंड पॅकेज में आयी राशी का कहा पर और कैसे दुरूपयोग हो रहा है यह जानकारी लगातार जनता के सामने लाने का एक प्रयास है.


 यदि आपके पास भी बुंदेलखंड पॅकेज में सम्मिलित जिलो से किसी भी प्रकार की सूचना या जानकारी हो तो उसे हमें अवश्य पहुचाये हम उसे अवश्य प्रचारित और प्रसारित करेगे.




समिति का किया गठन
इसी उद्देश्य से बुंदेलखंड मित्र परिषद् द्वारा केंद्र शासन के बुंदेलखंड पॅकेज के कार्यो की निगरानी के लिए बुंदेलखंड पॅकेज निगरानी समिति  का पिछले दिनों गठन किया गया 


इस समबन्ध में समिति की एक बैठक रविवार दिनांक 15 मई को सागर जिले के सिविल लाइंस में संपन्न हुई. आशीर्वाद होटल में आयोजित इस बैठक का मूल उद्देश्य केंद्र सरकार द्वारा बुंदेलखंड पॅकेज के नाम से मध्य प्रदेश के छेह जिलो-सागर, छतरपुर, दमोह, टीकमगढ़, पन्ना, दतिया को विकास के लिए विशेष पॅकेज के माध्यम से जो करोडो रूपये की राशी प्रदान की गयी है क्या इस राशी का सही उपयोग हो रहा है? 












समिति मध्य प्रदेश में बुंदेलखंड पॅकेज के तहत आवंटित 3760 करोड़ (तीन हजार सात सौ करोड़ रूपये ) से चल रहे विभिन्न विकास कार्यो की सतत निगरानी व विकास कार्यो में हो रही अनियमितताओं को केंद्र व प्रदेश सरकार और आम जनता के बीच लायेगी. 

इस समिति को मूर्त रूप देने वाले भोपाल के वरिष्ठ पत्रकार श्री दीपक तिवारी ने बुंदेलखंड पॅकेज के आकडे प्रस्तुत करते हुए बताया की सबसे ज्यादा खर्च जल सरक्षण पर हो रहा है और इसकी निगरानी की जरूरत है. श्री तिवारी ने कहा की इस पॅकेज से जो विकास होना था वह मैदानी हकीकत से कोसो दूर है जबकि जल संरक्षण  और जल संवर्धन के नाम पर इस पॅकेज की  कुल 64 प्रतिशत राशी इसी मद में खर्च की जा रही है और आज भी बुंदेलखंड छेत्र के इन जिलो के गांवो में पीने के पानी की भयावह स्थिति है.
समिति के संयोजक राजेन्द सिलाकारी ने कहा की बुंदेलखंड जैसे पिछड़े अंचल को ईमानदार समाजसेवियों की नितांत आवश्यकता है जिसे हमारी यह समिति पूरा करने का प्रयास करेगी.

भरत तिवारी ने कहा की इस पॅकेज के तहत जहा हमारे अंचल में हरियाली आनी थी वह यह क्षेत्र बंजर हो रहा है वन विभाग ने बड़े स्टार पर आपसी मिली भगत से बंदरबाट चल रही है. कपिलधारा कूपो को मनमाने दामो पर लेने के लिए हितग्राहियों को विवश किया जा रहा है.

बैठक में सभी सदस्यों ने बुंदेलखंड पॅकेज के तहत आवंटित हुए 3760 करोड़ रूपये से चल रही विभिन्न विकास कार्यो की निगरानी की आवश्यकता जताते हुए विकास कार्यो में हो रही अनियमितताओं को केंद्र व प्रदेश सरकार सहित आम जनता के बीच लाने की बात कही. इस बैठक में इन सभी छेह जिलो के प्रतिनिधि, पत्रकार, वकील व सामाजिक कार्यकर्ता शामिल हुए. 

कमिश्नर को सौपा ज्ञापन
बुंदेलखंड पॅकेज के तहत संचालित विभिन्न योजनाओं और निर्माण कार्यो की निगरानी के लिए बुंदेलखंड मित्र परिषद् द्वारा गठित की गयी निगरानी समिति के सम्बन्ध में परिषद् के सदस्यों ने कमिश्नर एस के वेड  को एक ज्ञापन सौपकर उन्हें इससे अवगत कराते  हुए बताया की हमें पॅकेज के तहत होने वाले निर्माण कार्यो में गुणवत्ता और आर्थिक अनियमितताओं से सम्बंधित कई शिकायते प्राप्त हुई है जिसके बाद निगरानी समिति गठित की गयी है. समिति ने अनुरोध करते हुए कमिश्नर से सहयोग की अपेक्षा रखते हुए सभी जिले के कलेक्टर एवं सम्बंधित अधिकारियो को आवश्यक निर्देश देने की बात कही. साथ ही निर्माण के टेंडर एवं ड्राईंग भी उपलब्द्ध कराने की गुजारिश  की. ज्ञापन में प्रमुख बारह बिन्दुओ पर कमिश्नर  का ध्यान कराया गया. 

बैठक में यह निर्णय भी लिया गया की बुंदेलखंड पॅकेज में चल रहे समस्त कार्य को बेवसाईट के माध्यम से जनता के समक्ष सारे तथ्य उपलब्द्ध कराये जावेगे एवं बुंदेलखंड राज्य की मांग व्यर्थ है हमें विकास चाहिए यह प्रस्ताव भी पारित हुआ.

इस बैठक में छतरपुर से नितिन तिवारी, मोहम्मद आबिद, निरुपम मल्होत्रा , टीकमगढ़ से महेंद्र द्विवेदी, रमाकांत राणा, अमर सिंह, पन्ना से अखिलेश उपाध्याय, योगेन्द्र चोबे, गिरवर सिंह, सागर से भरत तिवारी, राजेन्द्र सिलाकारी, एजाज खान, जगदेश ठाकुर, सुरेन्द्र सिंह लोधी, देवेन्द्र उपाध्याय, धीरज सेलट , पप्पू तिवारी, राहुल जैन, सुरेन्द्र द्विवेदी, प्रियरंजन तिवारी , उपेन्द्र दुबे, दीपक पटेल, महेश कोरी, अशोक तिवारी, शैलेन्द्र सिंह, शैलेन्द्र पंडा, प्रकाश चौबे, अंशुल भार्गव, शुशील पण्डे आदि लोग उपस्थित रहे.

बुंदेलखंड पॅकेज से बन रहे लिपरी जलाशय में भ्रष्टाचार

बुंदेलखंड पॅकेज से बन रहे लिपरी जलाशय में भ्रष्टाचार  
अखिलेश उपाध्याय
पन्ना जिले के शाहनगर ब्लाक में बुंदेलखंड पॅकेज की राशी से निर्मादाधीन  लिपरी जलाशय में  जल संसाधन विभाग पन्ना के प्रभारी ईन्जिनियरो द्वारा गंभीर किस्म की भारी पैमाने पर अनियमितताए कर शासन की राशी का गबन किया जा रहा है. यदि इसकी जाँच हुई तो भ्रष्टाचार का खुलासा अवश्य होगा.
जल संसाधन विभाग जिला पन्ना द्वारा शाहनगर तहसील में बुंदेलखंड पॅकेज की राशी से लिपरी जलाशय का निर्माण कराया जा रहा है. इस निर्माण कार्य में प्रभारी ईन्जीनियर गंभीर किस्म की बड़े पैमाने पर भारी अनियमितताए एवं भ्रष्टाचार कर रहे है. पिछले दिनों जब बुंदेलखंड निगरानी समिति के सदस्यों ने स्थल पर जाँच की तो निम्न विसंगतिय सामने आयी - 
(1)  सबसे पहले तो कार्यस्थल पर बोर्ड नहीं लगा है जिसमे कार्य की लागत और ठेकेदार का नाम लिखा होता है.
(2)  नाला क्लोजर जैसे महत्वपूर्ण कार्य की पडल निर्धारित गहराई तक न तो खोदी गई है और न हीं मापदंड अनुरूप भरी गई है.
(3)  बाँध निर्माण के लिए आधा-आधा क्विंटल के बड़े-बड़े ढेला ट्रको से भरकर एक से डेढ़ मीटर ऊचे टीले नुमा आकार में मिटटी डाली गई है जिस पर न तो काम्पेक्शन किया गया और न ही वाटरिंग की गई है. बरसात के बाद बांध में रिसाव होना तय है, नाले नुमा रेन कट्स होगे एवं बांध बड़ी- बड़ी दरारों में फट जाएगा.
(4)  बांध का फ़िल्टर मटेरियल घटिया किस्म का तथा अनुपातहीन माप में डाला गया है. ठेकेदार को महानदी  की रेत का पैसा भुगतान कर दिया है जबकि मौके पर लोकल  नाले की रेत डाली गयी है.
(5)  बाँध के दाए  पार्श्व का ठेकेदार मेसर्स त्रिसूल कंस्ट्रक्शन जबलपुर है. उपयंत्री विकास पालीवाल ने ठेकेदार से मिलकर बाँध में आर डी 1030 मीटर से आर डी 1130 मीटर के मध्य बाँध निर्माण में मिट्टी की जगह पत्थर एवं रेतीली मिट्टी भरवा दी है.
(6)  बाध निर्माण के लिए मिटटी को ट्रको से भरकर 1 .5 मीटर ऊचे ढेर लगाए गए है जिसमे बड़े-बड़े ढेले बिना वाटरिंग तथा कम्पेक्शन किये समतल कर दिए गए जबकि नियमानुसार 15 सेंटीमीटर ऊची परतो में मिट्टी को बिछाकर वाटरिंग एवं कम्पेक्शन करना था जो नहीं किया गया. जबकि क्षेत्रीय जनता का कहना है की कम्पेक्शन के लिए विद्युत् यांत्रिकी विभाग सतना से आया डीजल उपयंत्री ने ठेकेदार को बेच दिया तथा फर्जी लाग बुक भर दी गयी 
(7)  बांध का फ़िल्टर अनुपातहीन  माप में डाला गया तथा रेत की क्वालिटी घटिया किस्म की है. ठेकेदार को महानदी के रेत का पैसा भुगतान कर दिया जबकि मौके पर लोकल नाले की रेत डाली गयी है.
(8)  बाँध के स्पील चेनल की खुदाई में हजारो घनमीटर पत्थर निकला जिसका  माप उपयंत्री ने मिटटी मानकर  ठेकेदार को भुगतान करा दिया. ठेकेदार ने बोल्डरटो एवं टो वाल का निर्माण इसी पत्थर से किया है तथा हजारो घनमीटर पत्थर पिचिंग कार्य के लिए एकत्रित कर लिए है. इतना ही नहीं हजारो घनमीटर पत्थर बाए पार्श्व के ठेकेदार को पिचिंग एवं टो वाल निर्माण के लिए बेच दिया है इस गोरखधंधे का फायदा उपयंत्री विकास पालीवाल ने ठेकेदार से मिली भगत कर उठाया तथा लाखो रुपयों का चूना शासन को लगाया  है.
(9)  बांध के स्पील चैनल की खुदाई से निकली हजारो घनमीटर मिट्टी उपयंत्री विकास पालीवाल ने स्पील चैनल  के बगल से लगे मढ़ा देवरी  एवं सैदा  गाँव जिला कटनी के हरिजन आदिवासी किसानो के खेतो में फिकवा दी है और किसानो को मुआवजा भी नहीं दिलाया गया है. किसान पिछले एक साल से फसल नहीं उगा पाए तथा फसल न होने से उन्हें राजस्व  विभाग द्वारा इस वर्ष पड़े पाला  का मुआवजा भी नहीं मिल पाया है. यहाँ के किसान दर-दर की ठोकरे खा रहे है.

उपरोक्त बिन्दुवार भ्रष्टाचार एवं अनियमितताओं की देश एवं प्रदेश हित में उच्च  स्तरीय जाँच कराई जावे

शाहनगर से मदन तिवारी के साथ अखिलेश उपाध्याय 
मोबाईल नंबर - 0 9407001528 ,  08085779436

आर टी आई ने खोली पोल

कभी पश्चिमी पकिस्तान से शरणार्थी के  रूप में आये सिंधी  कटनी के टिकुरी केम्प (जो अब माधव नगर के नाम से जाना जाता है) में बसाए गए थे. उस समय के  लगभग उनीस सौ परिवारों की संख्या जो अब हजारो में पहुच चुकी है यही लोग अब कटनी के मूल निवासियों के लिए सर का दर्द बन गए है. 
कटनी में आये इन सिंधियो ने पुनर्वास और नजूल अधिकारियो की साठ गाठ से बिना फूटी कौड़ी चुकाए पुनर्वास के लिए बारह शीटो से आरक्षित की गयी 399 .98 एकड़ में से लगभग दो सौ एकड़ भूमि पर अतिक्रमण कर लिया है. जिस पर आवासीय भवन कम और व्यावसायिक रूप में अधिक उपयोग हो रहा है. 
जाहिर है इससे सरकार को प्रीमियम और वार्षिक भू भाटक के रूप में एक अरब से अधिक की क्षति हुई है. सरकारी जमीन को हड़पने का यह संभवतः मध्य प्रदेश का सबसे बड़ा मामला होगा 
पुनर्वास की यह जमीन उन 1711 पत्तो के अतिरिक्त है जो  1672 रिफुजी परिवारों को सन 1975 से 1995 ले बीच  आवंटित किये जा चुके है. अतिक्रमित भूमि का नियमानुसार आवंटन  कर यदि बाजार मूल्य से प्रीमियम और भू भाटक वसूल किया जाता तो सरकारी खजाने में एक अरब से अधिक की राशी जमा होती.
इस जमीन पर अतिक्रमण के लिए नजूल  और पुनर्वास विभाग के अधिकारी व जिला प्रशासन बराबर जिम्मेदार है. आज भी राजनैतिक  सरक्षण से यह सिलसिला रुका नहीं है बल्कि कब्ज़ा होता ही जा रहा है . और अधिकारी चुप बैठे सब नजारा देख रहे है. कभी कभार छोटी-मोटी कार्रवाई हुई लेकिन अतिक्रमण हटाने की व्यापक योजना नहीं बनी.
नक़्शे व बिजली कनेक्शन दिए गए
कब्जे की जमीन पर अधिकांश भवन नगर निगम से बिना नक्शा पास कराये बने है. कुछ को तो नगर निगम ने बिना स्वामित्व  नक़्शे भी पास कर दिए है. विद्युत् मंडल द्वारा दिए गए बिजली के कनेक्शन भी जाँच के दायरे में है. इन कालोनियों के विकास पर निगम ने अब तक पानी की टंकी, सड़क, नाली  व अन्य मूलभूत सुविधाओं पर करोडो रूपये अलग से फूक दिए है.
आर टी आई ने खोली पोल
नियमानुसार पुनर्वास भूमि के व्यावसायिक उपयोग पर प्रतिबन्ध है.बावजूद इसके माधवनगर में अतिक्रमण की गयी सैकड़ो एकड़ जमीन में से अधिकांश पर दाल  मिल चल रही है. 
आर टी आई के तहत मागी गयी एक जानकारी में जनूल और पुनर्वास विभाग ने कुल 83 मिलो की सूची दी है जिनमे से अधिकांश ने पट्टे के अलावा अवैध रूप से अतिक्रमण कर बगैर नक्शा पास कराये निर्माण करा लिया है. 
इस सूची के मुताबिक महामाया दाल मिल ने 2100 वर्गफीट, वैष्णो दाल मिल ने 7800 वर्गफीट, सुखसागर इंडस्ट्रीज ने 69600 वर्गफीट, बालाजी रैस्मिल 15000 , संदीप दालमिल 11004 , गोविन्द इंडस्ट्रीज 928 , अर्जुनदास किशनचंद 6754 , रामनानी ट्रेडिंग 376 , माधव इंडस्ट्रीज 7151 , देवकी इन्दास्त्रर्ज 7162 , किशनचंद थावार्दास 40000 , गुकुल इंडस्ट्रीज 16974 , असे इंडस्ट्रीज 100 , राजकमल इंडस्ट्रीज 16974 , गुरुनानक इंडस्ट्रीज 6223 , संत्राम्दास करमचंद 16101 , आरके इन्तार्प्रैजेज 69500 , श्रीचंद संत्राम्दास 23000 , लक्ष्मी आइल एंड रैस्मिल 60800 , सतगुरु प्रोडक्ट्स 22900 , तारा शक्ति प्रोडक्ट्स 39240 , नेचाल्दास दालमिल 16500 , प्रीतम राईस एंड दाल मिल 50499 , ॐ इंडस्ट्रीज 31474 , गुरुनानक दास मिल 1929 , राहुल ट्रेडर्स 12213 , राजेश कुमार घनश्यामदास 8723 , कन्हैयालाल नेवाद्राम 5400 , तुलसी इंडस्ट्रीज 18000 , सुखसागर इंडस्ट्रीज 10036 , अनिल इंडस्ट्रीज 89000 , सुखसागर 10036 , हीरा दालमिल 21581 , प्रभुदास पंजाय्न्मल 30000 , जय भवानी दालमिल 13000 , इन्द्र इंडस्ट्रीज 5400 , संजय इंडस्ट्रीज 1080 , शुभम ट्रेडर्स 17000 , ईश्वर इंडस्ट्रीज 4800 , ॐ पल्सेस दाल मिल 2850 , माँ भवानी दल मिल 1500 , हीरानंद प्रीतमदास 17190 , अमृत अनाज भण्डार 9000 , विजय पल्सेस दल मिल 7614 , अनमोल इंडस्ट्रीज 3996 , सोनू ट्रेडिंग रैस्मिल 5536 , दुर्गेश इंडस्ट्रीज 14110 , होलाराम गोकलदास 5000 , कमल इंडस्ट्रीज 14400 , राजेश इन्दार्कुमार 11727 , संजय कुमार 6540 , अमर इंडस्ट्रीज 1625 , अमर ज्योति दल मिल 26100 , पी एम् दल युद्योग ने 9150 , रामेश्वर इंडस्ट्रीज 15800 और श्रीराम पल्सेस ने 7000 वर्ग फिट भूमि पर अतिक्रमण किया है.