18 May, 2011

बुंदेलखंड विशेष पॅकेज के कामो पर अब परिषद् की होगी नजर

बुंदेलखंड विशेष पॅकेज के कामो पर अब परिषद् की होगी नजर 
अखिलेश उपाध्याय  
बुंदेलखंड अंचल मध्य प्रदेश का अति पिछड़ा छेत्र है जहा आज भी मूल भूत समस्याओं से आम जन जूझ रहे है. इस ब्लॉग के माध्यम से बुंदेलखंड पॅकेज में आयी राशी का कहा पर और कैसे दुरूपयोग हो रहा है यह जानकारी लगातार जनता के सामने लाने का एक प्रयास है.


 यदि आपके पास भी बुंदेलखंड पॅकेज में सम्मिलित जिलो से किसी भी प्रकार की सूचना या जानकारी हो तो उसे हमें अवश्य पहुचाये हम उसे अवश्य प्रचारित और प्रसारित करेगे.




समिति का किया गठन
इसी उद्देश्य से बुंदेलखंड मित्र परिषद् द्वारा केंद्र शासन के बुंदेलखंड पॅकेज के कार्यो की निगरानी के लिए बुंदेलखंड पॅकेज निगरानी समिति  का पिछले दिनों गठन किया गया 


इस समबन्ध में समिति की एक बैठक रविवार दिनांक 15 मई को सागर जिले के सिविल लाइंस में संपन्न हुई. आशीर्वाद होटल में आयोजित इस बैठक का मूल उद्देश्य केंद्र सरकार द्वारा बुंदेलखंड पॅकेज के नाम से मध्य प्रदेश के छेह जिलो-सागर, छतरपुर, दमोह, टीकमगढ़, पन्ना, दतिया को विकास के लिए विशेष पॅकेज के माध्यम से जो करोडो रूपये की राशी प्रदान की गयी है क्या इस राशी का सही उपयोग हो रहा है? 












समिति मध्य प्रदेश में बुंदेलखंड पॅकेज के तहत आवंटित 3760 करोड़ (तीन हजार सात सौ करोड़ रूपये ) से चल रहे विभिन्न विकास कार्यो की सतत निगरानी व विकास कार्यो में हो रही अनियमितताओं को केंद्र व प्रदेश सरकार और आम जनता के बीच लायेगी. 

इस समिति को मूर्त रूप देने वाले भोपाल के वरिष्ठ पत्रकार श्री दीपक तिवारी ने बुंदेलखंड पॅकेज के आकडे प्रस्तुत करते हुए बताया की सबसे ज्यादा खर्च जल सरक्षण पर हो रहा है और इसकी निगरानी की जरूरत है. श्री तिवारी ने कहा की इस पॅकेज से जो विकास होना था वह मैदानी हकीकत से कोसो दूर है जबकि जल संरक्षण  और जल संवर्धन के नाम पर इस पॅकेज की  कुल 64 प्रतिशत राशी इसी मद में खर्च की जा रही है और आज भी बुंदेलखंड छेत्र के इन जिलो के गांवो में पीने के पानी की भयावह स्थिति है.
समिति के संयोजक राजेन्द सिलाकारी ने कहा की बुंदेलखंड जैसे पिछड़े अंचल को ईमानदार समाजसेवियों की नितांत आवश्यकता है जिसे हमारी यह समिति पूरा करने का प्रयास करेगी.

भरत तिवारी ने कहा की इस पॅकेज के तहत जहा हमारे अंचल में हरियाली आनी थी वह यह क्षेत्र बंजर हो रहा है वन विभाग ने बड़े स्टार पर आपसी मिली भगत से बंदरबाट चल रही है. कपिलधारा कूपो को मनमाने दामो पर लेने के लिए हितग्राहियों को विवश किया जा रहा है.

बैठक में सभी सदस्यों ने बुंदेलखंड पॅकेज के तहत आवंटित हुए 3760 करोड़ रूपये से चल रही विभिन्न विकास कार्यो की निगरानी की आवश्यकता जताते हुए विकास कार्यो में हो रही अनियमितताओं को केंद्र व प्रदेश सरकार सहित आम जनता के बीच लाने की बात कही. इस बैठक में इन सभी छेह जिलो के प्रतिनिधि, पत्रकार, वकील व सामाजिक कार्यकर्ता शामिल हुए. 

कमिश्नर को सौपा ज्ञापन
बुंदेलखंड पॅकेज के तहत संचालित विभिन्न योजनाओं और निर्माण कार्यो की निगरानी के लिए बुंदेलखंड मित्र परिषद् द्वारा गठित की गयी निगरानी समिति के सम्बन्ध में परिषद् के सदस्यों ने कमिश्नर एस के वेड  को एक ज्ञापन सौपकर उन्हें इससे अवगत कराते  हुए बताया की हमें पॅकेज के तहत होने वाले निर्माण कार्यो में गुणवत्ता और आर्थिक अनियमितताओं से सम्बंधित कई शिकायते प्राप्त हुई है जिसके बाद निगरानी समिति गठित की गयी है. समिति ने अनुरोध करते हुए कमिश्नर से सहयोग की अपेक्षा रखते हुए सभी जिले के कलेक्टर एवं सम्बंधित अधिकारियो को आवश्यक निर्देश देने की बात कही. साथ ही निर्माण के टेंडर एवं ड्राईंग भी उपलब्द्ध कराने की गुजारिश  की. ज्ञापन में प्रमुख बारह बिन्दुओ पर कमिश्नर  का ध्यान कराया गया. 

बैठक में यह निर्णय भी लिया गया की बुंदेलखंड पॅकेज में चल रहे समस्त कार्य को बेवसाईट के माध्यम से जनता के समक्ष सारे तथ्य उपलब्द्ध कराये जावेगे एवं बुंदेलखंड राज्य की मांग व्यर्थ है हमें विकास चाहिए यह प्रस्ताव भी पारित हुआ.

इस बैठक में छतरपुर से नितिन तिवारी, मोहम्मद आबिद, निरुपम मल्होत्रा , टीकमगढ़ से महेंद्र द्विवेदी, रमाकांत राणा, अमर सिंह, पन्ना से अखिलेश उपाध्याय, योगेन्द्र चोबे, गिरवर सिंह, सागर से भरत तिवारी, राजेन्द्र सिलाकारी, एजाज खान, जगदेश ठाकुर, सुरेन्द्र सिंह लोधी, देवेन्द्र उपाध्याय, धीरज सेलट , पप्पू तिवारी, राहुल जैन, सुरेन्द्र द्विवेदी, प्रियरंजन तिवारी , उपेन्द्र दुबे, दीपक पटेल, महेश कोरी, अशोक तिवारी, शैलेन्द्र सिंह, शैलेन्द्र पंडा, प्रकाश चौबे, अंशुल भार्गव, शुशील पण्डे आदि लोग उपस्थित रहे.