16 September, 2011

कुपोषण ने ली बच्चे की जान



सरकार द्वारा  कुपोषण समाप्त करने के लिए भले ही तरह तरह की योजनाये  चलाई जा रही हो  और देश की भावी पीढी को कुपोषण मुक्त करने प्रशासन द्वारा पैसा पानी की तरह बहाया जा रहा है लेकिन समस्या  जस की तस बनी हुई है.


कागजी आकड़ो के खेल में प्रशासन सरकार को भले ही गुमराह कर ले लेकिन कटनी जिले के ग्रामीण अंचलो में आज भी कुपोषण से बच्चो की मौते हो रही है और हमेशा की तरह ऐसे मामलो को हमेशा की तरह प्रशासन दबा देता है.


ऐसा ही एक मामला रीठी जनपद पंचायत के ग्राम हथकुरी का है जहा सुदामा साहू का 11 माह का बच्चा चन्दन कुपोषण के चलते मौत की नीद सो गया. और इस मामले को हमेशा की तरह रफा-दफा कर दिया गया. 


सूत्रों के मुताबिक सुदामा साहू का बच्चा चन्दन  पैदा होने के बाद से ही कुपोषण का शिकार  था. आर्थिक स्थिति अच्छी न होने के कारण वह बच्चे का ईलाज कराने  में असमर्थ था. और इसी के चलते बच्चा चल बसा


इस सम्बन्ध में ग्रामीणों का कहना है की महिला बाल विकास द्वारा चलाये जा रहे  आगनवाडी  केंद्र में भी पोषण आहार की व्यस्था है लेकिन यहाँ का आगनवाडी केंद्र खुलता ही नहीं जाहिर है ऐसे में बच्चो के लिए आने वाला पोषण आहार भला बच्चो को कैसे मिल सकेगा.


रीठी महिला बाल विकास के इससे गैरजिम्मेवार तरीको के कारण यहाँ का पोषण आहार खुले आम दुकानों पर बेच दिया जाता है जिसे यहाँ दूध व्यवसायी उसे खरीदकर भेस को खिलाते है. पिछले दिनों इसी सम्बन्ध में रीठी थाने में एक शिकायत भी हुई थी लेकिन पुलिस ने ले दे कर मामला निबटा दिया था


कुपोषण से हुई मौत कई सवाल छोड़ गई ? क्या रीठी में चल रहे एन आर सी केंद्र में इन बच्चो की सूचना नहीं रही और अगर रहती है तो फिर उन्हें ईलाज के लिए भर्ती क्यों नहीं किया जाता . रीठी में चल रहे एन आर सी केंद्र में भी जमकर भ्रष्टाचार व्याप्त है. ऐसा पता चला है की यहँ बच्चो को आने वाले खर्च में फर्जी बिल लगाकर आहरण कर लिया जाता है. हमेशा दुगुने का बिल बना कर यहाँ भी लूट मची है.


गौरतलब है की जिला प्रशासन लाख दावे करे की वह कुपोषण ख़त्म करने के लिए बच्चो को ढूढ़ ढूढ़ कर ईलाज करवा रहा है लेकिन चन्दन की मौत ने उनके सारे दावे झूठे साबित कर दिए है.