28 September, 2011

रेल में बढ़ रही वारदातों से यात्रियों में दहशत

रेल में बढ़ रही वारदातों से यात्रियों में  दहशत 

अखिलेश उपाध्याय 
कटनी 

सुरक्षित यात्रा कराना रेल प्रशासन के लिए अब टेढ़ी खीर साबित हो रहा है. आये दिन कही यात्री चोरी का शिकार होते है  तो कही जहरखुरानी का. लगातार बढ़ती जा रही वारदातों से न सिर्फ रेलवे की साख गिरती जा रही है बल्कि यात्रियों के जहन में भी रेल में यात्रा के दौरान दहशत का माहौल बना रहता है. इन दिनों  बढ़ रही जहरखुरानी की वारदाते आर पी ऍफ़ सहित जी आर पी तक के लिए चिंता  का विषय बनी हुई है.

रेलवे प्रशासन जहरखुरानी से  बचने  के लिए हर प्लेटफार्म पर लगातार यात्रियों ko  आगाह करने के लिए  उद्घोषणा के माध्यम से सचेत करता है की किसी भी अनजान व्यक्ति से किसी प्रकार का खाने का सामन न ले. बावजूद इसके यात्री अनजान यात्रियों  का आसानी से विश्वास कर लेता है. खाने पीने की वस्तुए लेकर खाता है  और जहरखुरानी का शिकार हो जाता है.

अभी हाल ही में लगातार घटी इन घटनाओं ने रेल प्रशासन की नीद हराम कर रखी है आईये जाने कैसे और क्या हुआ यात्रियों के साथ


केश नंबर एक 


19  अगस्त को रीठी के कछारखेरा  गाँव के निवासी प्रशांत परोहा अपनी  बहन  को लेकर रेवांचल एक्सप्रेस से भोपाल जा रहे थे. उनके सहयात्री ने उनसे मित्रता बढाई और फिर सागर में काफी पिलाई. वह दोनों भाई बहन को काफी पिलाने की जिद कर रहा था लेकिन बहन नित्या ने काफी पीने से मना कर दिया. यह सब रात चार बजे हुआ. उसके बाद नित्या अपनी ऊपर वाली बर्थ पर सो गयी और जब वह भोपाल में जागी तो अपने भाई को नीचे वाली बर्थ पर बेसुध पाया. पहले तो उसने सोचा की  वह सो रहा है. लेकिन बहुत जगाने के बाद भी जब वह नहीं जगा तो फिर जी आर पी की मदद से उसे हमीदिया अस्पताल में भर्ती कराया गया जहा गहन ईलाज के बाद बीस घंटे के बाद प्रशांत  को होश आया.
यहाँ भी चोर मोबाइल, पर्ष, पांच हजार रूपये, ऐ टी एम् लेकर भाग गया.



केश नंबर दो 


जौनपुर निवासी विजय प्रजापति भुसावल पैसेंजर से 22  सितम्बर को भुसावल से कटनी तक की यात्रा कर रहा था. इसी दौरान उससे ट्रेन  में दो यात्रियों ने जान-पहचान बढाई और किसी स्टेशन में  चाय लाकर पिलाई. चाय पीने के बाद से वह बेहोश हो गया. भुसावल ट्रेन चौपन की ओर जा रही थी तब वह बेहोशी की हालत में एन के जे ट्रेक पर गिर गया उसे ऑटो चालको ने जिला अस्पताल में भर्ती कराया जहा पर उसने होश  आने के बाद अपने साथ हुई जहारखुरानी की जानकारी जी आर पी को दी. उसने बताया की चाय पीने के बाद वह बेहोश हुआ और  उसके करीब चार हजार रूपये चोरी हो गए.


केश नंबर तीन 


21  सितम्बर को गोंडवाना एक्सप्रेस के जनरल कोच में हजरत निजामुद्दीन  से झासी तक की  यात्रा कर रहे टीकमगढ़ जिले के हरपुरा गाँव के निवासीभैया लाल लोधी व उसका साथी अर्धबेहोशी की हालत में जबलपुर स्टेशन में उतारे गए जहा से कटनी आकर जी आर पि को जानकारी दी. यात्रियों ने बताया की पलवल स्टेशन से उनकी बोगी में दो यात्री चढ़े थे. धीरे-धीरे जान पहचान बढाई और चाय पिला दी, उसके बाद वे दोनों बेहोश हो गए. उनके पास  करीब 29  हजार रूपये थे जो की चोर ले गए.

केश नंबर चार 
छत्तीसगढ़ के सरगुजा निवासी छबिनाथ पिता तिलकराम 12  सितम्बर को दयोदय एक्सप्रेस  के जनरल कोच में जयपुर से कटनी की यात्रा कर रहे थे. सफ़र के दौरान ही उनके मुह के सामने तीन-चार बार कपडा हिलाया गया जिसके बाद वे बेहोश हो गए. ट्रेन के कटनी पहुचने पर उहे जिला अस्पताल में भर्ती कराया गया. उनके पास 15  हजार रूपये थे जो चोरो ने पार कर दिए.




कुछ इस तरह से होती है वारदात


ट्रेनों में जहरखुरानी  का शिकार करने वाला गिरोह सबसे पहले यह तय करता है किसे शिकार बनाना है फिर उसी यात्री के आस-पास बैठकर उसके बोलचाल को देखर उसी के जैसा व्यवहार करने लगते है. धीरे-धीरे यात्री को विशवास हो जाने के बाद चाय या फिर बिस्किट खिलाई जाती है. यात्री भी विशवास में आकर बिस्किट या चाय ले लेता है इसके बाद वह बेहोश होने लगता है. चाय व बिस्किट के अलावा सेव में इंजेक्शन के माध्यम से बेहोशी का रसायन डालकर रूमाल सुंघा कर भी जहरखुरानी की वारदातों को अंजाम दिया जाता है.

इनका कहना है - 


रेल पुलिस अधीक्षक के निर्देशन में विशेष स्क्वाड का गठन किया गया है. साथ ही गोपनीय जाँच की जा रही है. प्लेटफार्म व ट्रेनों में गश्त बढाई गई है.
                                               - अजीत सिंह बघेल, टी आई जी आर पी 

ट्रेनों में बढ़ रही जहरखुरानी को बारदातो के मद्देनजर सुरक्षा व्यस्था बढाई गई. इसमें बगैर बर्दी के जवान ट्रेनों व स्टेशन में निगाह  रख रहे है. प्रभावित ट्रेनों में गश्त बधाई गई है . डाग स्क्वाड से चेकिंग कराई जा रही है. जनरल  कोच में विडियोग्राफी कराई जाती है ताकि वारदात के बाद आरोपी को पकड़ने में मदद मिल सके साथ ही स्टेशन में ट्रेन आने के दौरान उद्घोषणा भी कराई जाती है की अनजान व्यक्ति से खाने -पीने का सामान न ले.
                                           - संदीप सिंह ठाकुर, रेल सुरक्षा प्रभारी 


जहरखुरानी के सम्बन्ध में टीम का गठन किया जा रहा है. बहुत जल्द टीम का गठन होगा. हलाकि इस तरह की घटनाओं के मामले राजकीय रेल पुलिस  (जी आर पी) थानों में दर्ज होते है लेकिन आर पी ऍफ़ भी मामलो की जाँच कर रोकने का प्रयास करती है
                                            - प्रवीण सिंह गहलोत, इन्स्पेक्टर यात्री सुरक्षा