07 September, 2011

विकिलीक्स के अनुसार अमेरिकी अधिकारी जानते थे

अमेरिकी अधिकारी काफी समय से जानते थे कि भारत में हमलों के लिए पाकिस्तान की खुफिया एजेंसी ने कई आतंकवादी संगठन बना रखे हैं। विकिलीक्स ने अमेरिका के केबल संदेश के हवाले से इस बात का खुलासा किया है। विकिलीक्स द्वारा जारी केबल संदेश के अनुसार अमेरिकी अधिकारी जानते थे कि 1993 के मुंबई हमलों के मुख्य आरोपी और अंडरवर्ल्ड सरगना दाउद इब्राहिम का सहयोगी टाइगर मेमन के पाकिस्तान की खुफिया एजेंसी आईएसआई से रिश्ते हैं।

ISI ने बना रखे हैं कई आतंकी संगठन
केबल संदेश में अमेरिकी अधिकारी यह कह रहे हैं कि भारत में हमलों को अंजाम देने के लिए आईएसआई ने कई आतंकी संगठन बना रखे हैं, इन संगठनों ने दिल्ली के कनॉट प्लेस, लाजपत नगर और देश के कई हिस्सों में हमलों को अंजाम दिया। इसी तरह का एक आतंकी संगठन जिसे आईएसआई ने बना रखा है, जम्मू एंड कश्मीर इसलामिक फ्रंट है, इसका मुख्य ठिकाना काठमांडू में है। इस संगठन ने भारत में हमलों को अंजाम देने के लिए हमलावर और हथियार उपलब्ध कराने के लिए काठमांडू ठिकाने को नोडल प्वाइंट बना रखा है। इस काम में यह संगठन काठमांडू स्थिति कश्मीरी उद्योगपतियों से मदद लेता है। जम्मू एंड कश्मीर इसलामिक फ्रंट के सरगना जावेद कारवाह काठमांडू में अपना कारपेट का व्यवसाय चलाते हैं।

आईएसआई और टाइगर मेमन कर रहे हैं निर्देशित
यह बात केबल संदेश में किसी और ने नहीं बल्कि भारत स्थित तत्कालीन अमेरिकी राजदूत फ्रेंक विजनर ने कही है। 8 जुलाई 1997 के इस केबल संदेश में कहा गया है कि इस संगठन को पाकिस्तान से आईएसआई और टाइगर मेमन निर्देशित कर रहे हैं। इनका पाकिस्तान अधिकृत कश्मीर में बिलाल बेग से संपर्क है, जो मुजफ्फराबाद के नजदीक आईएसआई की आर्थिक मदद से भारत में हमलों को अंजाम देने के लिए आतंकी शिविर चला रहा है।

हमलों के लिए काठमांडू बेस का इस्तेमाल
कहा जा रहा है कि भारत में लोक सभा चुनाव के पहले दिल्ली में हमलों के लिए आईएसआई के एक फारुक नाम के कर्नल ने बिलाल बेग और टाइगर मेमन को निर्देश दिए, इन दोनों से फारुक ने कहा कि हमलों के लिए काठमांडू बेस के लतीफ और जावेद कारवाह की मदद लें। 21 मई 1996 को इस आतंकी संगठन ने दिल्ली के लाजपत नगर में हमला किया, जिसमें 13 लोग मारे गए और 40 घायल हुए। केबल संदेश के अनुसार इस हमले में इस्तेमाल आरडीएक्स काठमांडू से भारत पहुंचा।