31 October, 2011

भगवान भरोसे स्टेशन का पूछताछ केन्द्र

कटनी, रेल्वे स्टेशन के पूछतांछ केन्द्र में पदस्थ रेल कर्मियों की यात्रियों के साथ अभद्रता करने तथा यहां आने
वाले फोन रिसीव न करने की शिकायतें थमने का नाम नहीं ले रहीं हैं। आश्चर्य कि बात तो यह है कि जब पूछतांछ केन्द्र
में पदस्थ रेल कर्मियों की शिकायत स्टेशन अधीक्षक से की जाती है तो उनका दो टूक जबाब रहता है कि पूछतांछ केन्द्र की
व्यवस्था को ठीक करना उनके बस में नहीं है। इसको तो मंडल रेल कार्यालय में पदस्थ रेल अधिकारी ही ठीक कर सकते
हैं। पूछतांछ केन्द्र में लंबे समय से पदस्थ कुछ महिला रेल कर्मियों से यदि यात्री थोड़ा बहस कर ले तो उसको झूठे मामले
में फंसाने तक की धमकी दी जाती है। पूछतांछ केन्द्र की पटरी से उतरी व्यवस्था के संबंध में रेल यात्रियों ने बताया कि
जबलपुर रेल मंडल का महत्वपूर्ण रेल स्टेशन होने के बावजूद केन्द्र में पदस्थ रेल कर्मी गंभीरता पूर्वक अपनी जि मेदारियों
का निर्वहन नहीं करते हैं। जिसका परिणाम यात्रियों को परेशान होकर भुगतना पड़ता है। पूछतांछ केन्द्र में व्य ितगत रूप से
उपस्थित होकर ट्रेन की जानकारी लेने वाले यात्रियों को तो सही जबाब दिया नहीं जाता दूरभाष पर भी लोगो को ट्रेन की
सही जानकारी उपल ध नहीं कराई जाती है। यात्रियों का यह भी कहना है कि यहां पदस्थ रेल कर्मी ज्यादातर समय यहां
लगे रेल्वे के फोन को छोड़कर प्राय: सभी फोन का रिसीवर उठाकर किनारे रख देते हैं। जिसकी वजह से दूरभाष पर ट्रेन
की जानकारी लेने वालो को सबसे ज्यादा परेशानी होती है। बताया जाता है कि जब कोई यात्री व्यवस्था से परेशान होकर
इसकी शिकायत स्टेशन अधीक्षक से करते हैं तो वह भी इस व्यवस्था को ठीक करने में अपनी असमर्थता व्य त करते हैं।

पेंशन के इंतजार में तीन निराश्रित वृद्धों ने तोड़ा दम

बहोरीबंद, बहोरीबंद
जनपद क्षेत्र की अनेक ग्राम पंचायतों
में निराश्रित वृद्धों को कई कई महीने
वृद्धावस्था पेंशन नहीं मिल पाती
जिससे इन निराश्रित वृद्धों को एक
वत की रोटी के लिये भी भीख
मांगने को मजबूर होना पड़ रहा।
बताया गया कि ग्राम पंचायत चांदन
खेड़ा में पिछले चार- पांच महीने से
वृद्धावस्था पेंशन नहीं मिली। पेंशन
राशि पंचायत को प्राप्त हो जाने के
बावजूद सरपंच द्वारा उत राशि
डाकघर में जमा नहीं कराई जाती।
ग्रामीणों ने बताया कि पेंशन राशि के
इंतजार में यहां पिछले दो तीन महीनों
में गोपाली बर्मन, कस्तूरी विश्वकर्मा
एंव सुशीला बाई नामक तीन निराश्रित
वृद्धों की मौत हो चुकी है। सीईओ
जनपद एवं एस.डी.एम. का ध्यान इस
ओर आकृष्ट कराया गया है।

मजदूरी का भुगतान भी नहीं कर रहे सरपंच


कटनी. मनरेगा के तहत कराये जा रहे निर्माण कार्य के दौरान घटित एक दुर्घटना में ज मी हुये मजदूर का उपचार कराना तो दूर सरपंच एवं सचिव उसे मजदूरी का भुगतान भी नहीं कर रहे। परेशान मजदूर ने गत दिवस जिला कले टर को लिखित शिकायत सौंपकर उचित उपचार कराने तथा उसकी लंबित मजदूरी का भुगतान कराये जाने की मांग की है। बड़वारा जनपद क्षेत्र के ग्राम पंचायत सकरीगढ़ निवासी मजदूर बेड़ी लाल केवट ने कले टर से की गई अपनी शिकायत में बताया है कि वह सकरीगढ़ पंचायत में मनरेगा के तहत कराये जा रहे कार्यों में मजदूरी करता रहा। मु ितधाम एवं कांजी हाऊस में कराये गये कार्यों के अलावा वृक्षारोपण कार्य में भी उसने मजदूरी की थी। बीते 24 सित बर को सरपंच एवं सचिव द्वारा उसे शासकीय मिडिल स्कूल के शौचालय निर्माण कार्य के लिये ले जाया गया था। जहां शौचालय में लगी चीपें निकालने का काम उसे सौंपा गया था। उ त कार्य में सुरक्षा की कमी को दे ाते हुये उसने कार्य करने से इंकार कर दिया था। तब सरपंच एवं सचिव द्वारा उसे मकाकर जबरिया कार्य कराया गया था। कार्य के दौरान जर्जर स्थिति में फंसी एक चीप उसके हाथ में गिर गई थी। जिससे उसका हाथ चर हो गया है। दुर्घटना के बाद उसे पहले स्थानीय लीनिक में डॉ. उपाध्याय के यहां ले जाया गया । बाद में कटनी के निजी अस्पताल में उसका उपचार हुआ जहां उसके हाथ में प्लास्टर चढ़ाया गया है। वर्तमान में वह कार्य करने में असमर्थ है। इधर सरपंच एवं सचिव द्वारा न तो उसे इलाज
का खर्चा दिया जा रहा न ही उसके इ कीस दिन के काम की मजदूरी का भुगतान किया जा रहा। मजदूर बेड़ी लाल केवट ने कले टर से उपचार के दौरान हुए व्यय एवं लंबित मजदूरी का भुगतान शीघ्र कराये जाने की मांग की है

अनूठी पहल: पहली बार पशु पक्षियों का भण्डारा

अनूठी पहल: पहली बार पशु पक्षियों का भण्डारा

कटनी युवा उत्साही लोगों ने आज शहर में घूम-घूम कर पशु पक्षियों को खाना खिलाया। इस अनोखी पहल के पीछे कारण बताया गया पर्यावरण और पशु रक्षा। संस्था के राकेश जायसवाल गुड्डा अधिवक्ता संघ सचिव संतोष परौहा, आदि ने मिलकर यह पहल की। जन संवदेना अभियान के तहत फारेस्टर खेल मैदान के पास पशुओं के लिए खाना बनाया गया। सैकड़ों डबल रोटी के पैकेट मंगवाए गए और फिर शुरू हुआ मूक पशुओं को खाना खिलाने का सिलसिला, जो दोपहर तक चलता रहा। यही नहीं एक वाहन में सेकड़ों ब्रेड के पैकिट तथा पशुओं के लिए बनाया गया भोजन लाद कर शहर में घूम घूम कर पशुओं को खाना दिया गया। संस्था के सदस्यों ने इस अनूठी पहल के माध्यम से संदेश दिया कि पर्यावरण और प्रकृति की रक्षा के लिए जरूरी है पशु पक्षियों को बचाया जाए, बूचड़ खाने बंद किए जाएं, शाकाहार का संदेश प्रचारित किया जाए, मांस पर प्रतिबंध हो, पेड़ों की कटाई बंद हो, पशु पालन को बढ़ावा दिया जाए योंकि पशुधन सबसे बड़ा धन होता है। पहल करने वाले सदस्यों का कहना था कि इंसान अपने अंदर की दया का जगाए और पशुओं की रक्षा करे। वाहन से घूम कर पशुओं को दिया खाना पशुओं को भी लगा अजीब इस अनोखे भंड़ारे को लेकर जहां शहर में चर्चा थी वहीं पशुओं को दुलार के साथ जब खाना खिलाया जा रहा था तो वह भी कुछ अचरज में थे। कुछ पशुओं को जब युवाओं की टोली खाना देने के लिए पास जा रही थी तो बेचारे डर के मारे भाग रहे थे।

पशुओं को भी लगा अजीब
इस अनोखे भंड़ारे को लेकर जहां शहर में चर्चा थी वहीं पशुओं को दुलार के साथ जब खाना खिलाया जा रहा था तो वह भी कुछ अचरज में थे। कुछ पशुओं को जब युवाओं की टोली खाना देने के लिए पास जा रही थी तो बेचारे डर के मारे भाग रहे थे। उन्हें समझ नहीं आ रहा था कि हमेशा तो इंसान से उन्हें कम से कम खाने के मामले में दुत्कार ही मिलती है तो फिर आज ऐसा या हो गया जो उन्हें स-स मान भोजन कराया जा रहा है। बहरहाल लोगों ने इस अनूठी पहल की सराहना ही। लोगों का कहना था कि सचमुच मूक पशुओं के लिए सोचने वाला कोई नहीं।

28 October, 2011

जनपद उपाध्यक्ष पर दर्ज मामले की निष्पक्ष जांच हो

कटनी जनपद पंचायत उपाध्यक्ष वेंकट निषाद पर एक 25 वर्षीय विवाहिता द्वारा लगाए छेडख़ानी का आरोप लगाया है। जिस पर पुलिस ने जनपद उपाध्यक्ष सहित चपरासी पर छेडख़ानी सहित हरिजन एट की धाराओं के तहत मामला दर्ज कर
लिया है। उधर इस पूरे मामले पुलिस की संदिग्ध कार्यप्रणाली को लेकर कांग्रेस के नेताओं में रोष व्याप्त हो गया है। कांग्रेस ने इस कार्यवाही को राजनैतिक षडय़ंत्र बताते हुए पूरू मामले की जांच की मांग पुलिस अधीक्षक से की है। गौरतलब है कि बड़वारा थाना क्षेत्र के अंतर्गत ग्राम सर्रा निवासी एक 25 वर्षीय विवाहिता ने गत दिवस बड़वारा थाना पहुंच कर एक शिकायत
दर्ज कराई। जिसमे उसने कहा कि कटनी जनपद पंचायत के उपाध्यक्ष वेंकट निषाद ने चपरासी राजेश बर्मन के साथ मिलकर उसके साथ छेडख़ानी व अश्लीलता की। पुलिस ने इस मामले में बिना जांच किए वेंकट निषाद व चपरासी राजेश बर्मन के विरूद्व धारा 354, 506, 34 व 3(1-11) एससीएसटी एट के तहत मामला दर्ज कर लिया। कटनी जनपद पंचायत के
उपाध्यक्ष और कांग्रेस के सक्रिय कार्यकर्ता वेंकट निषाद पर पुलिस द्वारा दर्ज किए मामले को झूठा करार देते हुए जिला शहर कांग्रेस कमेटी के अध्यक्ष करण सिंह चौहान और जिला कांग्रेस कमेटी ग्रामीण के अध्यक्ष गंगाराम कटारिया ने पुलिस अधीक्षक मनोज शर्मा से मिलकर मामले की निष्पक्ष तरीके से जांच की मांग की। एस पी को सौंपे गए ज्ञापन में कहा गया है कि वेंकट निषाद पर दर्ज मामला राजनैतिक षडय़ंत्र है और मामले की जांच की जाना चाहिए। इस अवसर पर कांग्रेस नेता विजय निगम, मंडी सदस्य प्रशांत शुला, कीर्ति बिचपुरिया, भूपेश जायसवाल, मौसूफ अहमद, युवक कांग्रेस अध्यक्ष सुनील मिश्रा हित अन्य नेता उपस्थित रहे।

25 October, 2011

सरदा के जंगल में मिली लापता उपयंत्री की क्षत-विक्षत लाश

कटनी. ढीमरखेढ़ा से सिहोरा लौटते समय रहस्यमय तरीके से लापता हुए जनपद पंचायत ढीमरखेड़ा राष्ट्रीय रोजगार गारंटी योजना के उपयंत्री लक्ष्मी प्रकाश पटेल की क्षत-विक्षत लाश कल सोमवार की सुबह सिहोरा थाना अंतर्गत सरदा के जंगलों
से बरामद की गई। विगत 14 अ टूबर की शाम से लापता उपयंत्री की लाश मिलने के बाद अब इस मामले में नया मोड़ आ गया है और यह भी स्पष्ट हो गया की उपयंत्री का अपहरण करके उनकी निर्ममता पूर्वक हत्या की गई और लाश को सरदा के जंगलों में फेंका गया लेकिन सिहोरा व ढीमरखेड़ा पुलिस अब तक उपयंत्री का अपहरण व हत्या करने वाले आरोपियों का सुराग नहीं लगा पाई है। पुलिस सभी बिंदुओं पर जांच करते हुए आरोपियों तक पहुंचने का प्रयास कर रही है।

गौरतलब है की ढीमरखेड़ा जनपद पंचायत में राष्ट्रीय ग्रामीण रोजगार गारंटी योजना में उपयंत्री के पद पर पदस्थ लक्ष्मी प्रकाश पटेल गत 14 अ टूबर की शाम मोटर सायकल में ढीमरखेड़ा से सिहोरा लाटते समय बीच रास्ते से रहस्यमय तरीके से लापता हो गए थे। जिसकी सूचना परिजनों ने सिहोरा पुलिस को दी थी। सिहोरा पुलिस ने गुमइंसान कायम करते हुए उपयंत्री लक्ष्मी प्रकाश पटेल की तलाश शुरू की थी तो उमरियापान-सिहोरा मार्ग पर ग्राम सरदा के समीप ही उपयंत्री लक्ष्मी प्रकाश पटेल की मोटर सायकल क्रमांक एम.पी.20केएल-1402 लावारिस हालत में पड़ी मिली लेकिन उपयंत्री का कहीं कुछ पता नहीं चला। इसके बाद परिजन व पुलिस लगातार ढीमरखेड़ा जनपद पंचायत कर्मियों सहित ठेकेदारों व जनपद के अंतर्गत आने वाली ग्राम
पंचायतों के प्रतिनिधियों से पूछताछ करते हुए उपयंत्री की तलाश में लगे रहे। इसी दौरान सरदा के जंगल में लकड़ी बीनने गए ग्रामीणों ने जंगल के अंदर एक क्षत-विक्षत लाश देखकर इसकी सूचना पुलिस को दी। जिसके बाद कुछ ही देर में पुलिस मौके पर पहुंच गई और मौका मुआयना करने के आद लक्ष्मी प्रकाश पटेल के परिजनों को शिना त के लिए घटनास्थल बुलाया। जहां लाश के पास मिले कपड़ों व अन्य सामान से परिजनों ने लाश की शिना त लापता उपयंत्री लक्ष्मी प्रकाश पटेल के रूप में कर ली। पिछले दस दिनों से लापता उपयंत्री लक्ष्मी प्रकाश पटेल की लाश मिलने से अब इस मामले में नया मोड़ आ गया तथा यह भी स्पष्ट हो गया है की उपयंत्री का अपहरण कर उनकी निर्ममता पूर्वक हत्या की गई और लाश को घसीटकर सरदा के जंगलों में फेंका गया लेकिन इस जघन्य हत्याकांड में किनका हाथ है। अभी सुराग नहीं लग सका है। पुलिस सभी पहलुओं पर जांच करते हुए आरोपियों तक पहुंचने का प्रयास कर रही है।

एक जानकारी में यह भी बताया जाता है की उपयंत्री लक्ष्मी प्रकाश पटेल गत 14 अ टूबर की शाम जैसे ही अपनी मोटर सायकल में सवार होकर ढीमरखेड़ा से सिहोरा के लिए रवाना हुए। वैसे ही उनके पीछे एक मोटर सायकल में दो युवक पीछे हो लिए तथा युवकों को पीछा करते हुए कई लोगों ने देखा। जिसके कारण पुलिस घटना वाले दिन उपयंत्री का पीछा करने वाले युवकों का भी सुराग लगाने का प्रयास कर रही है।

वहीं पुलिस इस मामले में उपयंत्री लक्ष्मी प्रकाश पटेल के सभी मोबाइल नंबरों की काल डिटेल भी निकलवा रही है। जिससे पुलिस को मामले की ने केवल जांच करने में मदद मिलेगी बल्कि काल डिटेल के आधार पर आरोपियों तक भी पहुंच सकती है। सिहोरा पुलिस के मुताबिक उपयंत्री लक्ष्मी प्रकाश पटेल के मोबाइल नंबरों की डिटेल आते ही जांच तेज कर दी जाएगी।
पंचायतों में विवाद भी हो सकता है कारण सब इंजीनियर के शव का मेडिकल पोस्टमार्टम कराया गया है। रिपोर्ट आने के बाद ही स्थिति स्पष्टï हो सकेगी। प्रारंभिक कड़ी में पंचायतों के निरीक्षण के दौरान हुआ विवाद भी सामने आ रहा है। हो सकता है कि किसी का आर्थिक हित प्रभावित हो रहा है जिसके चलते बस इंजीनियर की जान गई। - सूर्यकांत शर्मा, एसडीओपी सिहोरा

लापता उपयंत्री लक्ष्मी प्रकाश पटेल की सरदा के जंगल में क्षत विक्षत लाश मिलने की घटना को सिहोरा पुलिस गंभीरता से ले रही है तथा मामले की गुत्थी सुलझाने के लिए पुलिस मामले से जुड़े सभी पहलुओं पर जांच कर रही है। सिहोरा पुलिस के मुताबिक इस मामले में ढीमरखेड़ा जनपद पंचायत के निर्माण कार्यो का ठेका लेने वाले सभी ठेकेदारों सहित जनपद पंचायत के
अंतर्गत आने वाली सभी ग्राम पंचायतों के प्रतिनिधियों तथा सभी सचिव को थाने बुलाकर पूछताछ की जा रही है। खासकर उन ग्राम पंचायतों के प्रतिनिधियों व सचिव को हिरासत में लेकर पूछताछ की जा रही है। जिनकी जांच उपयंत्री लक्ष्मी प्रकाश पटेल कर रहे थे। साथ ही विवादित ग्राम पंचायतों के निर्माण कार्यो का ठेका लेने वाले ठेकेदारों व कर्मचारियों से भी पूछताछ करते हुए आरोपियों का सुराग लगाने का प्रयास किया जा रहा है। सरकारी रकम की हेराफेरी में रोड़ा बनने से गंवाई जान!
सिहोरा से गायब हुए सब इंजीनियर लक्ष्मी प्रकाश पटेल के शव मिलने के बाद जांच में जुटी पुलिस को प्रारंभिक जांच में यह कड़ी मिली है कि पंचायतों के निरीक्षण के दौरान हुए विवाद भी इसका कारण हो सकता है। पुलिस अधिकारियों का कहना है कि सरकारी रकम में हो रहे हेरफे र को रोकने की बात कुछ लोगों को रास नहीं आई होगी जिसके चलते भी सब इंजीनियर की जान जा सकती है। पुलिस अधिकारियों की माने तो कुछ लोगों के आर्थिक हित में सब इंजीनियर रोड़ा बन रहे थे यह भी प्रारंभिक जांच में स्पष्टï हो रहा है। पुलिस अधिकारियों का कहना है कि शव का मेडिकल में पोस्टमार्टम कराया गया है और इसकी रिपोर्ट होने के बाद ही कुछ स्पष्टï रुप से कहा जा सकता है। फिलहाल तो इस संबंध में जो भी कड़ी जुड़ रही है उसी आधार पर आगे की कार्रवाई को अंजाम दिया जा रहा है।

भाजपा के राज में कोई सुरक्षित नहीं
कटनी, जिला कांगे्रस कमेटी शहर के अध्यक्ष करण सिंह चौहान ने अपनी प्रतिक्रिया में कहा है कि उपयंत्री लक्ष्मी प्रकाश पटेल के पहले लापता होने और फिर 11वें दिन उसका शव मिलना गंभीर अपराध है। भारतीय जनता पार्टी सरकार में नागरिक ही नहीं अधिकारियों,
कर्मचारियों का जीवन भी असुरक्षित हो गया है। इसकी कोई गारंटी नहीं कि घर से निकला व्यित वापस घर में लौट ही आएगा। श्री चौहान ने कहा कि दबंगों द्वारा ढीमरखेड़ा में एक अधिकारी को सरेराह उठा ले जाने और बाद में उसकी नृशंस हत्या कर देने से यह तो जाहिर हो गया कि कटनी समेत पूरे प्रदेश में कानून व्यवस्था की कैसी स्थिति है। अपराधों का ग्राफ लगातार बढ़ता जा रहा है और मुयमंत्री मध्यप्रदेश को आदर्श प्रदेश बनाने की बात कर रहे हैं। ताज्जुब तो इस बात पर भी है कि 11 दिनों में पुलिस महज खानापूर्ति ही करती रही, लेकिन शव का पता नहीं लगा पाई। क्षेत्रीय नागरिकों ने जब शव ढूढ निकाला तब पुलिस को पता चला। जिला शहर कांगे्रस अध्यक्ष ने गहरा रोष व्यत करते हुए आरोपियों को शीघ्र गिरतार किए जाने की मांग की है।

22 October, 2011

बेटी बचाओ अभियान में जिला पीछे

कटनी। जिले की वरिष्ठ महिला
नेत्री श्रीमती पदमा शु ला ने विगत
दिवस कले टर एम.सेल्वेन्द्रन
मु य कार्यपालन अधिकारी जिला
पंचायत श्री शेख, जिला महिला विकास अधिकारी
श्रीमती मंगलेश सिंह, मु य चिकित्सा अधिकारी
श्री चौरसिया से भेंट कर जानना चाहा कि कटनी
जिला बेटी बचाओ अभियान में प्रचार प्रसार में
अन्य जिलों से पीछे यों है। श्रीमती शु ला ने
अधिकारियों को बताया कि वे विगत दिनों
आडवाण्ी की जन चेतना यात्रा के दौरान जबलपुर,
नरसिंहपुर और होशंगाबाद जिले में गई थी वहां
उन्होनें बेटी बचाओ अ िायान के बडे - बडे
प्ले स और पेंट की बढिय़ा बाल पेटिंग का
अवलोकन किया। जबलपुर, गोटेगांव, नरसिंहपुर,
करेली, गाडवारा, पिपरिया, मालनखेड़ा आदि सभी
स्थानों पर जनता को
जागरूक करने बढिय़ा
होर्डिंग और बाल पेटिंग की
गई है परंतु कटनी जिले में
शासकीय तौर पर यह कार्य
अभी तक प्रारंभ ही नहीं
हुआ है। कले टर श्री
सेल्वेन्द्रन ने विभागों से
जानकारी लेकर शीघ्र ही
इस कार्य में गति लाने का
विश्वास दिलाया तथा
श्रीमती श्ुा ला के द्वारा 3 अ टूबर को बेटी
बचाओ अभियान की कार्यशाला कैमोर साइंस
कॉलेज में आयोजित करने पर बधाई दी।
उल्लेखनीय होगा कि जिले में जनप्रतिनिधि श्रीमती
शु ला अपने पैसे से बेटी बचाओ की बाल पेटिंग
विजयराघवगढ़ विधान
सभा क्षेत्र में कराई है तथा
कन्याओं को नवमी के दिन
भोजन भी कराया है तथा
बेटी बचाओ पर एक बड़ी
कार्यशाला का आयोजन
भी किया गया। अन्य
जनप्रतिनिधयों ने नवमीं
के दिन बड़ी सं या में
कन्याओं को भोजन तो
कराया परंतु बाल पेटिंग
हेतु सरकारी अमले पर ही निर्भर रहे। जनसंपर्क
विभाग के अधिकारियों ने बताया कि कुछ सामग्री
तो आई है परंतु महिला बाल विकास व अन्य
विभागों ने उसे उनके कार्यालय से ले जाने में रूचि
नहीं दिखाई। जबकि महिला बाल विकास और
जनसंपर्क विभाग के कार्यालय कले ट्रेट में
अगल-बगल है। महिला बाल विभाग की
अधिकारी से श्रीमती शु ला ने कार्य योजना पर
जानना चाहा तो उन्होंने बताया कि उनका विभाग
इस योजना की मानीटरिंग करेगा, योजना में जन
प्रतिनिधियों के माध्यम से इसे आगे बढ़ाना है। वे
विभाग के वरिष्ठ अधिकारियों से चर्चा कर कार्य
योजना पर बाद में जानकारी देवेंगी। योजना के बारे
में विस्तार से प्रकाश डालने में वे समुचित उ ार
नहीं दे पायी कि इसे कौन संचालित करेगा। कैसे
संचालित करेगा। श्रीमती शु ला ने कले टर व
जनप्रतिनिधियों से विशेष तौर पर महिला जन
प्रतिनिधियों से आग्रह किया है कि मु यमंत्री की
बेटी बचाओ अभियान में जुड़कर वे संतुलित
समाज जिसमें महिला पुरूष बराबर हों, बनाने में
अपनी भूमिका का निर्वाह

खाद और बीज के लिये लुट रहे किसान

शासन के वेयर हाऊस खाली, व्यापारी उठा रहे बेजा फायदा
अपनी जि मेदारी से मुंह मोड़ रहा कृषि विभाग
बहोरीबंद,यभाप्र। रबी सीजन की बोनी का समय शुरू हो चुका
है पर किसानों को न खाद मिल रही न बी। राज्य विपणन संघ के
वेयर हाऊस खाली पड़ हैं। सहकारी समितियों के भंडार ग्रहों से भी
किसानों को बैरंग लौटाया जा रहा है। कृषि विभाग ने भी हाथ खड़े
कर खाद बीज उपल ध करा पाने में अपनी असमर्थता प्रकट कर
दी है। खाद बीज संकट के लिये कांग्रेस प्रदेश की भाजपा को दोषी
ठहरा रही तो भाजपा नेता केन्द्र सरकार को इस संकट के लिये
जि मेदार ठहरा रहे। ऐसे में किसान निजी खाद, बीज विक्रेताओं से
मंहगे दामों पर खाद बीज खरीदने के लिये मजबूर हो गये हैं।
खरीफ और रबी के मौसम में बोनी के लिये जरूरत के अनुसार
खाद और बीज उपल ध कराने की जि मेदारी राज्य सरकार की है॥
सरकार कृषि विभाग एवं वृहताकार सहकारी समितियों के माध्यम
से किसानों को खाद बीज उपल ध कराती है पर पिछले कुछ सालों
से राज्य सरकार अपनी इस जि मेदारी का सही तरीके से निर्वाह नहीं
कर पा रही जिसका फायदा खाद बीज का विक्रय करने वाले निजी
व्यवसायी उठा रहे। हैरत की बात है कि सरकारी वेयर हाउस और
सरकारी समितियों के भंडार ग्रह तो खाद- बीज से खाली पड़े रहते
हैं पर व्यापारियों के पास सभी प्रकार की खाद और बीज का पर्याप्त
भंडार है। कृषि विभाग द्वारा बहोरीबंद तहसील क्षेत्र में तीन दर्जन से
अधिक व्यापारियों को खाद, बीज और कीटनाशक औषधियों के
लायसेंस प्रदान किये गये हैं। इनमें बहोरीबंद मु यालय में चार, बंधी
में तीन, कुआं में दो, छपरा में दो तथा चरगवां, सिंदूरसी, देवरी,
कौडिय़ा और इमलिया में एक- एक लायसेंसी केन्द्र है जहां से खाद,
बीज और कीटनाशक औषधियों की बिक्री की जाती है। यहां यह
भी उल्लेखनीय है कि निजी व्यापारियों को खाद, बीज अथवा
कीटनाशक में से किसी एक चीज की बिक्री का ही लायसेंस दिया
गया है पर यहां एक ही व्यापारी के यहां खाद बीज, कीटनाशक सब
एक साथ बिकता है।
चना 5 हजार िंवटल
रबी मौसम में किसान जहां गेहूं की बोनी कर रहे वहीं बहुत से
किसान गेहूं के अलावा चने की बोनी भी कर रहे। चने के बीज की
कीमत शासन द्वारा 2950 रूपये प्रति िंवटल तय की गई है। कृषि
विभाग किसानों को चने का बीज उपल ध नहीं करा पा रहा मजबूरी
में किसानों को व्यापारियों से चने का बीज खरीदना पड़ रहा।
किसानों की मजबूरी का भरपूर फायदा उठाते हुये व्यापारी किसानों
को 2950 रूपये की जगह पांच हजार रूपये िंवटल तक चने का
बीज दे रहे । कृषि विभाग सब कुछ जान कर भी अनजान बना
हुआ है वहीं प्रशासन भी व्यापारियों की इस मुनाफाखोरी पर अंकुश
नहीं लगा रहा।
डीएपी हजार रूपये बोरी
बताया गया कि खाद और बीज की खरीदी में किसानों को शासन
की ओर से छूट प्रदान की जाती है पर ये व्यापारी शासकीय छूट की
राशि भी हड़प कर लेते हैं और किसानों को शासन द्वारा निर्धारित
कीमत से अधिक कीमत पर खाद और बीज की बिक्री करते हैं।
डीएपी की एक बोरी की कीमत 736 रूपये निर्धारित है पर किसानों
से एक हजार रूपये प्रति बोरी दाम वूसल किये जा रहे । किसानों
को सबसे ज्यादा जरूरत डीएपी खाद की है इसी कारण इसकी मांग
सबसे ज्यादा है। इसी का फायदा व्यापारी उठा रहे।
खाद नकली, बीज घटिया होने की आशंका
पिछले साल सहकारी समितियों और निजी व्यापारियों से खरीदी गई
खाद नकली निकली थी तथा बीज भी घटिया साबित हुये थे जिस
कारण किसानों को भारी नुकसान उठाना पड़ता था। इस बार भी खाद
और बीज को लेकर किसान आशंकित हैं। किसानों को चिंता है कि
अगर निजी व्यापारियों से मंहगे दामों पर खरीदी गई खाद इस बार
भी नकली और बीज घटिया निकले तो या होगा। किसानों ने कृषि
विभाग और जिला प्रशासन से मांग की है कि निजी व्यापारियों द्वारा
बेची जा रही खाद तथा बीज के अलावा अमानक स्तर की
कीटनाशक औषधि की भी जांच की जाये।

पत्रकार अमर ताम्रकार को पितृशोक

कटनी। शेर चौक के प्रतिष्ठित नागरिक द्वारका प्रसाद ताम्रकार का 74 वर्ष की आयु में कल सुबह एमजीएम अस्पताल में निधन हो गया।
स्व. ताम्रकार संजय गांधी लॉ कॉलेज के स्थापना सदस्य व ताम्रकार समाज के अध्यक्ष होने के साथ कई सामाजिक संगठनों से जुड़े थे। वे कटनी प्रेस लब के अध्यक्ष अमर ताम्रकार के पिता थे। उनकी अंत्येष्टि कल मध्यान्ह मुक्तिधाम में स पन्न हुई। सभी वर्ग के लोग शामिल
हुए। श्री ताम्रकार के निधन पर जिला पत्रकार संघ ने शोक व्य त किया है।

21 October, 2011

महापौर मामले में सुनवाई कलेक्टर के क्षेत्राधिकार से परे

मध्यप्रदेश उच्च न्यायालय के न्यायमूर्ति श्री के.के.
लाहोटी व न्यायमूर्ति श्रीमती सुषमा श्रीवास्तव की
खंडपीठ ने महापौर कटनी श्रीमती निर्मला पाठक की
ओर से प्रस्तुत याचिका निराकृत करते हुए यह स्पष्टï
किया है कि निर्वाचन प्रक्रिया शुरू हो जाने और
परिणाम घोषित हो जाने के बाद चुनाव संबंधी किसी
शिकायत पर फैसला करना जिला निर्वाचन अधिकारी
के अधिकार क्षेत्र से परे है। ऐसी शिकायतों का
निराकरण चुनाव याचिका के माध्यम से ही किया जा
सकता है। याचिकाकर्ता की ओर से वरिष्ठï अधिव ता
आदर्शमुनि त्रिवेदी, अधिव ता स पूर्ण तिवारी,
आशीष व असीम त्रिवेदी ने पैरवी की। कटनी महापौर
के चयन की प्रक्रिया जारी रहने के दौरान कामेन्द्र सिंह
ने अनुविभागीय दंडाधिकारी व संदीप जैन ने जिला
निर्वाचन अधिकारी कटनी के
समक्ष शिकायत की थी कि श्रीमती
निर्मला पाठक का नाम मतदाता
सूची में गलत ढंग से जोड़ा गया है,
शिकायत से व्यथित होकर श्रीमती
निर्मला पाठक ने उच्च न्यायालय में
याचिका दायर की थी। स पूर्ण तथ्यों
पर गौर करने के बाद खंडपीठ ने यह व्यवस्था दी
कि निर्वाचन प्रक्रिया प्रारंभ हो जाने के बाद चुनाव
की वैधता से संबंधित शिकायतों को चुनाव याचिका
के माध्यम से ही चुनौती दी जा सकती है।

नामी कंपनियों की आड़ में नकली उत्पादों की विक्री

नामी गिरामी कंपनियों के नाम पर नकली इले ट्रानि स सामानों की बिक्री की शिकायतें एक लंबे अरसे से सामने आ रही हैं। पिछले दिनों स्टेशन रोड स्थित सपना इले ट्रानि स में छापे की कार्यवाही के बाद अब प्रशासन की नजर बड़े शोरूमों और अन्य इले ट्रानि स दुकानों पर है। खासकर जालपा वार्ड स्थित शो रूम तो इस समय खासा चर्चाओं में है। शिकायतों के मुताबिक यहां पर नामी कंपनियों की आड़ में नकली सामानों की बिक्री धड़ल्ले से हो रही है। खबरों के अनुसार प्रशासन द्वारा यहां पर कभी भी छापे की कार्यवाही की जा सकती है। इस शो रूम में त्यौहार के मौके पर खरीददारों के साथ ठगी की शिकायतें पिछले साल भी सामने आई थीं लेकिन तब प्रशासन ने इसे नोटिस में नहीं लिया था। अब खबर है कि कभी भी यहां जांच हो सकती है। दीपावली के मौके पर जहां एक तरफ बाजार सज गया है तो खरीददारी भी शुरू हो गई है। महंगाई का असर हर तरफ देखने को मिल रहा है। ऐसे में सोने-चांदी की खरीदी करने की बजाय इले ट्रानिक साजो सामान की तरफ लोगों का कुछ ज्यादा ही ध्यान है। ऐसे में नकली उत्पादों की बिक्री की शिकायतें भी सामने आ रही हैं, हालांकि अभी तक इन शिकायतों पर प्रशासन की नजर नहीं गई थी लेकिन पिछले दिनों स्टेशन रोड स्थित सपना इले ट्रानि स में छापे की कार्यवाही के बाद शहर के बड़े शो रूम प्रशासन के निशाने पर हैं। आफर के गि ट आइटमों के लिए भटकते ग्राहक खास दीपावली के मौके पर सभी बड़ी कंपनियां अपने उत्पादों में गि ट आइटम भी देती हैं लेकिन कथित शो रूम में उत्पादों के साथ गि ट आइटमों को गायब कर दिया जाता है और जब ग्राहक इसे मांगता है तो गोलमोल जवाब दिया जाता है या फिर आफर के मुताबिक गि ट आइटम की जगह अन्य वस्तु को थमा दिया जाता है। चर्चा तो यह भी है उत्पादों के साथ आफर वाली चीजों को बाद में बेच दिया जाता है। दिखने में असली मगर अंदर है नकली शो रूम से खरीदे गए कुछ इस तरह के उत्पाद ग्राहकों के लिए परेशानी का सबब बने हैं। चर्चाओं के अनुसार खास तौर पर एलसीडी-एलईडी टीव्ही, माइक्रोवेव ओवन, कैमरा तथा कुछ अन्य सामानों में विश्वस्तर की कंपनी के केबिनेट पर मत जाईए, हो सकता है इसके अंदर की सामग्री नकली हो। दरअसल कुछ उन शिकायतों के बाद इस चर्चा को बल मिलता है, जिसमें लोगों ने बड़ी कंपनियों के उत्पाद को खरीदा लेकिन उत्पाद न्यूनतम तय सीमा तक भी नहीं चल सका। इसके बाद वांरटी के लिए ग्राहक को शो रूम संचालक महीनों तक भटकाता रहा। मतलब साफ है जो भी उत्पाद आप ले रहे हैं, तय नहीं कि वह उसी कंपनी का असली सामान हो।

20 October, 2011

नए अधिकारियों की पदस्थापना


कटनी।  कले टर एम. सेल्वेन्द्रन ने कले ट्रट कार्यालय में प्रशासनिक अधिकारियों के मध्य कार्य विभाजन में अंाशिक संशोधन किया है। राज्य शासन के आदेशानुसार अपर कले टर आर. आर. बाथम का स्थानंातरण
अशोक नगर जिले में हो गया था। श्री बाथम द्वारा माननीय उच्च न्यायालय जबलपुर से स्थानंातरण के विरूद्ध स्थगन आदेश प्रस्तुत करने पर मान्य किया गया है। शासन द्वारा संयुक्त कले टर व्ही. एन. राय को अपर कले टर पद पर क्रमोन्नति प्रदान की गई है। इसी दृष्टि से अधिकारियों को कार्यालयीन प्रभागों का दायित्व सौंपा गया है।
कले टर ने अपर कले टर आर. आर. बाथम को अपर जिला दण्डाधिकारी, विवाह, भाड़ा नियंत्रण, शिकायत
शाखा, जनशिकायत निवारण प्रकोष्ठ तथा अन्य शासकीय कार्य व आयुक्त एवं कले टर द्वारा समय-
समय पर सौपे गए कार्य संपादन हेतु प्राधिकृत किया है। इसी प्रकार नवपदस्थ अपर कले टर बी. एन. राय को
अपर जिला मजिस्ट्रेट की शक्तियों का प्रयोग एवं कर्तव्यों का निर्वहन सौपा गया हैं। इसके अलावा प्रभारी अधिकारी स्थापना, प्रस्तुतकार  शाखा, आर डी एम स्टेनो शाखा बनाए गए हैं। श्री राय जिला भू -अर्जन अधिकारी, अपर कले टर न्यायालयीन कार्य तथा नर्मदा घाटी विकास प्राधिकरण भूअभिलेख एवं प्रबंधन शाखा के प्रभारी रहेंगे। अन्य शासकीय कार्य एवं आयुक्त एवं कले टर द्वारा समय समय पर सौपे गए कार्य संपादन हेतु प्राधिकृत किया गया है। संयुक्त कले टर जी. एस. बामनिया को उपनियंत्रक, नागरिक सुरक्षा -वन अधिकार अधिनियम के नोडल अधिकारी अल्प बचत शाखा, अधीक्षक सहायक अधीक्षक शाखा, आवक-जावक शाखा, इण्डस बाल श्रम योजना के, प्रभारी अधिकारी का दायित्वों का निर्वहन करेंगे। साथ ही अन्य कार्य जो शासन व आयुक्त अथवा कले टर द्वारा सौंपे गए हैं। 


पाठक नजूल पुनर्वास अधिकारी 
डिप्टी कले टर के. के. पाठक को नजूल पुनर्वास अधिकारी बनाया गया है। श्रीमती कविता वाटला को वित्त  नाजरात, प्रतिलिपि, राजस्व, अंाग्ल अभिलेखागार, एस. ड ल्यू. वी. एन. आवक जावक अधीक्षक, सहायक
अधीक्षक, डायवर्सन, स्टेशनरी एवं प्रपत्र टी एल एवं सी एम टी आदि शाखाओं की प्रभारी अधिकारी रहेंगे। इसके साथ ही श्री पाठक को जनसुनवाई, सूचना का अधिकार 2005, उप नियंत्रक, नागरिक सुरक्षा आदि प्रभागों का
उ ारदायित्व भी सौंपा गया है।  वाटला को निर्वाचन शाखा  डिप्टी कले टर श्रीमती कविता वाटला को उप जिला निर्वाचन अधिकारी सामान्य/स्थानीय निर्वाचन नियुक्त किया गया है। श्रीमती वाटला सामान्य शाखा,
धार्मिक न्यास धर्मस्व, एस ड ल्यू, लोक स्रेवा प्रबंधन, अल्प बचत, वन अधिकार अधिनियम, इण्डस बाल श्रम योजना, जनसुविधा केन्द्र प्रस्तुतकार आदि शाखाओं के लिए प्रभारी अधिकारी रहेगी। इन कार्यों के साथ ही विभागीय जंाच अधिकारी राजस्व मोहर्रिर एवं सभी प्रकार के बैठकों हेतु जानकारी तैयार करने नोडल अधिकारी बनाई गई हैं। अन्य शासकीय कार्य एवं आयुक्त एवं कले टर द्वारा समय-समय पर सौपे गए कार्य संपादन हेतु प्राधिकृत किया गया है।

अवैध उत्खनन के विरूद्घ ताबाड़तोड़ कार्यवाही


रेत माफिया रहा निशाने पर 
पिट पास से दो गुनी रेत ढो रहे 23 ट्रक जप्त 
कटनी,   अवैध उत्खनन के विरूद्घ ताबाड़तोड़ कार्यवाही करने के बाद कल जिला प्रशासन के निशाने पर रेत माफिया रहा। निर्धारित क्षमता से अधिक रेत का परिवहन करने की शिकायतों के बाद कल कले टर एम. सेलवेन्द्रन के निर्देश प्रशासनिक अधिकारियों की अलग-अलग चार टीमों ने छापामार कार्यवाही की।
प्रशासन की इस कार्यवाही से रेत माफिया में हड़क प व्याप्त हो गया। कार्यवाही के दौरान 23 ट्रक पकड़े गए, जिनमे पिट पास की क्षमता से अधिक रेत का परिवहन किया जा रहा था। सभी ट्रकों को थाने में खड़ा
करा दिया गया है। 16 वाहनों में गाड़ी से संबंधित कागजात नहीं होने पर आरटीओ द्वारा करी 17 हजार रूपए का जुर्माना किया गया है। उधर खनिज विभाग द्वारा भी प्रकरण तैयार किया जा रहा है। इसके बाद ही पता चल सकेगा कि निर्धारित क्षमता से अधिक रेत ढोने पर संबंधित ट्रकों पर कितनी राशि का जुर्माना किया गया है। गौरतलब है कि खनिज निगम और रेत ठेकेदारों की सांठगांठ से रेत की रायल्टी चोरी किए जाने
की बड़े पैमाने पर शिकायतें जिला प्रशासन को मिल रही थी। 


रेत ठेकेदारों द्वारा न केवल वाहनों में ट्रांजिट पास की क्षमता से अधिक रेत का परिवहन करते हुए खनिज नियमों का उल्लघंन किया जा रहा था वरन शासन को भी लाखों रूपए की रायल्टी की चूना लगाया जा रहा था। लगातार मिल रही शिकायतों के बाद विगत दिवस कले टर एम. सेलवेन्द्रन द्वारा जिला प्रशासन, खनिज विभाग, परिवहन विभाग और पुलिस के अधिकारियों की चार अलग-अलग टीमें बनाई गई और अलग-अलग दिशाओं में कार्यवाही करने के लिए भेजा गया। टीमों द्वारा रेत खदानों से जुड़े स्लीमनाबाद, पिपरौध,
मझगवां एवं निगहरा-सुनहरा मोड़ पर ओवर लोडेड रेत के वाहनों की जांच शुरु की गई। करीब ४ घंटे तक चली मुहिम में 23 ट्रक, हाईवा (बड़े ट्रक) पकड़े गए। जिनमे निर्धारित मात्रा से दो-ढाई गुनी अधिक वजन की रेत
ढोई जा रही थी। नायब तहसीलदार अजय तिवारी के नेतृत्व में स्लीमनाबाद में वाहनों की चेकिंग की गई। यहां पर 3 ट्रक ज त किए। जिनमे दो में पिटपास से दो गुनी मात्रा में बा साइड व एक में ओव्हर लोड रेत भरी हुई थी। स्लीमनाबाद तथा पड़ुआ के पास 6 ट्रकों को यातायात थाने में खड़ा कराया गया है। पड़ुआ मोड़ पर सहायक कले टर आशीष सिंह द्वारा रेत लदे ड परों पर रायल्टी चोरी व ओवर लोडिंग की जांच के दौरान दो ड परों क्रमांक एम.पी. 20 जी 7345 व एम. पी. 22 एच 0355 जप्त किया गया। दोनों ड पर परसवारा स्थित रेत खदान
से आ रहे थे।  



बड़वारा से पकड़े गए 16 वाहन 
एसडीएम तेजस्वी नायक के साथ खनिज निरीक्षक रहमान
खान, विजयराघवगढ़ के एसडीएम अनिल शु ला, बरही
तहसीलदार आर. बी. द्विवेदी, आरटीओ से जितेन्द्र सिंह बघेल,
बड़वारा टीआई संजय सिंह हिण्डोरिया, यातायात प्रभारी एस.
पी. सिंह बघेल ने निगहरा-सुनहरा मोड़ पर बसाड़ी व परसवारा
की खदानों से रेत ढो रहे 16 ट्रकों की जांच की गई। सभी में
दोगुनी मात्रा में रेत पाई गई। सभी वाहनों को बड़वारा थाने में
खड़ा करा दिया गया। ज त ट्रकों में 2 ऐसे भी थे, जिनमे
कागजात नहीं थे। 


16 की बजाए 25 घन मीटर रेत
मझगवां के पास तहसीलदार कटनी अनिल श्रीवास्तव व
पटवारी धर्मेन्द्र त्रिपाठी ने भी दो हाईवा रेत भरे पकड़े, जिनमें
16 की बजाय 25 घनमीटर रेत लदी थी। ये वाहन भी बड़वारा
थाने ले जाए गए। इसके बाद परसवारा मोड़ पर चेकिंग दल
पहुंचा तो उन्हें देखकर कटनी की ओर जा रहे हाईवा ट्रक
क्रमांक एम. पी. 16 एच 0601 का चालक भाग खड़ा हुआ।
उसमें 25 घनमीटर से ज्यादा रेत थी। इसे भी बड़वारा पुलिस
की सुपुर्दगी में दिया गया। यहां से ज त किए गए ट्रकों में एम.
पी. 04 एचई सीरीज से क्रमांक 1046, 1058, 1054, एम.
पी. 21 एच 0813, एम. पी. 20 जीए 0265, आरजे 09जी
0482, एमकेओ 9693, एमपी 20 एचबी 2899, एमपी 20
जी 7703, एमपी 20 जी 9477, सीजी 13 अ 4735, एमपी
21 एच 0759, सीजी 15एसी 0911, एमपी 20 जी ए
2167, एमपी 21सी 9986 एमपी 20 जी ए 2884 आदि
शामिल हैं।


जुर्माना नहीं देने पर रेत की नीलामी   
कले टर एम. सेलवेन्द्रन ने बताया कि रेत खदानों से ट्रकों में
क्षमता से अधिक रेत ढोने की शिकायतों के बाद कल कार्यवाही
की गई है। 23 ट्रकों को थाने में खड़ा कराया गया है, जिन
वाहनों में दस्तावेज नहीं थे, उनका आरटीओ द्वारा जुर्माना
किया गया है। कले टर श्री सेलवेन्द्रन ने बताया कि ट्रांजिट
पास में जितनी रेत का परिवहन करने की अनुमति है, उससे
अधिक पाए जाने पर खनिज विभाग द्वारा नियमानुसार जुर्माना
किया जाएगा। जुर्माना अदा नहीं करने पर रेत की नीलामी
करते हुए जुर्माने की भरपाई की जाएगी। यदि इससे भी जुर्माना
अदा नहीं होता है तो वाहनों को राजसात करने की भी
कार्यवाही की जा सकती है। उन्होंने बताया कि आगे भी इस
तरह की कार्यवाही जारी रहेगी। 


16 वाहनों पर 17 हजार का जुर्माना 
आरटीओ कार्यालय के जितेन्द्र सिंह बघेल ने बताया कि
कार्यवाही के दौरान 23 ट्रकों में से 16 ट्रकों में गाड़ी से
संबंधित कागजात नहीं थे। जिन पर सभी पर करीब साढ़े 15
हजार रूपए का जुर्माना किया गया है। एक गाड़ी में चूना लोड
था, जो छ ाीसगढ़ जा रही थी, उस पर भी जुर्माने की कार्यवाही
की गई है। इस तरह करीब 17 हजार रूपए का चालान काटा
गया है। 

19 October, 2011

ऐ पी ओ ने कराया फर्जी भुगतान

माँ न रे गा योजना कटनी जिले में पूरी तरह से असफल साबित हो रही इस योजना में आयी राशी का सरपंच, सचिव से लेकर कलेक्टर तक गिद्ध द्रस्थी लगाए हडपने के इन्तजार में रहते है.
विगत दिनों ग्राम पंचायत बारहटा  के जसवंत सिंह ने जनसुनवाई में अपने आवेदन में सचिव बिहारी विश्वकर्मा पर निम्न आरोप लगाए -
१ यशवंत सिंग के नाम से ममार पति तालाब निर्माण में मस्टर  क्रमांक 84455  व 89963  से आठ दिनों की मजदूरी एवं अगूठा लगाकर राशी का गवन किया गया है.
२ शुभकरण सिंह के कूप निर्माण में बारह लोगो केनाम से पोस्ट आफिस द्वारा फर्जी भुगतान किया गया है.
३ सचिव द्वारा अपनी पत्नी मीना बाई के नाम से बाईस  दिनों की फर्जी हाजिरी भरकर राशी का गबन किया गया है.
४ भगवान् दास व राघवेन्द्र सिंह को उपसरपंच पद पर होते हुए बिना घर बनाए आवास योजना की सम्पूर्ण राशी  प्रदान की गई.
५ आवास हीन सूची के पात्र लोगो को छोड़कर सुविधासंपन्न व्यक्तियों हुकुम सिंह,खूब चन्द्र, नन्हे  सिंह, बबलू को फर्जी रिपोर्ट लगाकर लाभ दिया जो  अनुचित  है.
६ ग्राम में गठित स्वच्छता समूह के पुराने सभी  सदस्यों  को हटाकर अपने ख़ास मित्र की पत्नी सीता रानी के नाम से फर्जी प्रस्ताव तैयार कर  बैंक में खता खोला गया और लाखो रूपये की राशी का गबन किया गया है.
७ डरे राम, दशरथ दोनों व्यक्तियों के नाम गरीबी रेखा में न होते हुए एवं पक्के  मकान होते हुए भी लाभ दिया गया


संदर्भित आवेदन के परिपालन में जनपद सी ई ओ रीठी ने अपने पत्र  क्रमांक १३२ /ज सु/ ज पण/ ११-१२ रीठी दिनांक ०७/०६/११ में कलेक्टर कटनी को लिखा रीठी  में पदस्थ पंचायत समन्वय अधिकारी प्रकाश बक्शी से जाँच  कराई गई जिसमे ग्राम पंचायत बरहटा  के सचिव बिहारी लाल विश्वकर्मा द्वारा मस्टर  रोल में काट-छाट एवं अनियमितता किया जाना तथा मनमाना प्रस्ताव डालकर आवास निर्माण एवं समग्र स्वच्छता अंतर्गत अनियमितता एवं भ्रष्टाचार किया जाना पाया गया है. अतः इनके विरुद्ध मध्य प्रदेश पंचायत राज अधिनियम १९९३ ली दज्र ६९ (1) के अधीन सचिवीय अधिसूचना समाप्त करने की कार्रवाई की जाना उचित होगा.


इधर अपने बचाव में लगे सचिव बिहारी के द्वारा फर्जी रूप से एक मस्टर  भी तैयार कर लिया गया जिसे  म  न रे गा ऐ पी ओ वर्षा जैन ने सर्टिफाइड करके दिया है. कमाल  की बात यह है की शुभकरण/हरदेओ के कूप में जिन बारह लोगो के नाम से राशी का आहरण फर्जी रूप से किया गया है उसकी जानकारी देने में जनपद के कर्मचारी पहले आना कानी करते रहे और बाद में जो मस्टर  दिया वह भी फर्जी तैयार किया गया है मस्टर बनाते समय उसमे मेट, सरपंच के हस्ताक्षर होते है तभी उपयंत्री मूल्यांकन करता है. लेकिन इस मस्टर क्रमांक १४९२६२ में १५/०१/०९ से २१/०१/०९ तक जिन बारह मजदूरों को काम करते दिखाया गया है यह मस्टर शुभकरण  के कूप निर्माण में प्रयोग ही नहीं किया गया. जो मस्टर म न रे गा की साईट  पर  है वे इस प्रकार है - (442734,442735,4485671,4485677,4487825,4487826,146228,146959,146960,146968,44145350,)


Work Code*

State : मध्य प्रदेश
Work Name : Panchayat:BROHATA
Block : rithi District : KATNI
Date From : 22/01/2008 Date To : 19/10/2011
(Muster Roll No.):
11 (442734,442735,4485671,4485677,4487825,4487826,146228,146959,146960,146968,44145350,)

ऐसे में म न रे गा में रीठी जनपद  की ऐ पी ओ वर्षा जैन की कार्य  प्रडाली   पर भी प्रश्न चिन्ह लगता है. विगत वर्षो में  ग्रामीण  रोजगार  सहायक  की  भर्ती  में पूर्व  सी ई  ओ सुरेश झरिया   के साथ मिलकर किये गए खेल की पोल तो बाद में खुली  जब दो ने स्तीफा दिया और तीसरा मामला  कोर्ट  में है  इसमें ऐसी  भी नियुक्ति की गई है जिसमे मार्क शीट में तीस में से चालीस अंक मिले  है  और इन नियुक्ति कर्ताओ को यह सब नजर नहीं आया था.


यह तो भ्रष्टाचार की एक बानगी है ऐसा रीठी जनपद की 56  ग्राम पंचायतो में धड़ल्ले   से हो रहा है  जिसमे नाबालिग, मृत तथा नौकरीपेशा लोगो के नाम से फर्जी रूप से राशी का आहरण कर लिया गया है. इस
फर्जीवाडे में पोस्ट आफिस, बेंक के कर्मचारी भी सभी शामिल है. और शिकायत  करने पर कोई कार्रवाही न होना भी गरीब जनता  को निराश करता है वास्तव में उनका तो हक़ मारा जा रहा  है 


ऐसे में कटनी जिले में न्याय की आशा करना ही व्यर्थ है.




महिला यात्री का ट्राली बैग लेकर भाग रहा चोर पकड़ाया
बेतवा ए सप्रेस की एस-8 बोगी में घटना, दो फरार 


कटनी, दुर्ग से कानपुर के बीच कटनी होकर चलने वाली बेतवा ए सप्रेस की एस-8 यात्री बोगी में सफर
के दौरान एक महिला यात्री का बैग चोरी कर भाग रहे तीन में से एक बदमाश को रेल पुलिस ने घटना के कुछ देर बाद ही पकड़ लिया जबकि दो बदमाश पुलिस को चकमा देकर भागने में कामयाब हो गए। पकड़े गए बदमाश के पास से ट्राली बैग भी बरामद कर लिया गया है। जिसमें एक हजार रूपए नगद सहित जेवर व कपड़े रखे थे। इस संबंध में हासिल जानकारी के मुताबिक सतना के सिविल लाइन क्षेत्र निवासी साधना गौतम नामक महिला दुर्ग से कानपुर के बीच कटनी होकर चलने वाली बेतवा ए सप्रेस की एस-8 यात्री बोगी में दुर्ग से  सतना की यात्रा कर रही थी। बताया जाता है की ट्रेन में सफर के दौरान तथा ट्रेन के कटनी पहुंचने के पूर्व तीन अज्ञात बदमाश साधना गौतम की गहरी नींद का फायदा उठाकर बर्थ के नीचे रखा ट्राली बैग लेकर भागने लगे लेकिन इसकी बीच साधना की नींद खुल गई और उसने शोर मचाना शुरू कर दिया। इसी बीच ट्रेन कटनी स्टेशन पहुंच गई तो तीनों बदमाश ट्राली बैग ट्रेन से उतरकर फुट ओव्हर ब्रिज की ओर भागे। जिनका पीछा करके जीआरपी के जवानों ने ट्राली बैग लेकर भाग रहे बदमाश को पकड़ लिया जबकि उसके दो साथी भागने में कामयाब रहे। थाने लाकर पूछताछ करने पर पकड़े गए युवक ने बताया की वह मिशन चौक क्षेत्र में रहने वाला 20 वर्षीय प्रीतम बर्मन है तथा उसके दोनों साथी आपस में सगे भाई बंटी व पवन बर्मन हैं तथा तीनों मिलकर ट्रेनों में सफर के दौरान यात्रियों का सामान चोरी करने का काम करते हैं। रेल पुलिस के मुताबिक महिला यात्री के बैग में एक हजार रूपए सहित कुछ जेवर व
कपड़े रखे थे, जो सुरक्षित हैं। रेल पुलिस पकड़ गए बदमाश से पूछताछ करते हुए उसके साथियों तक पहुंचने का
प्रयास कर रही है। जिसके कारण ट्रेनों में चोरी की कई वारदातों से पर्दा उठ सकता है।


तीन दिनों में सुराग नहीं तो काम बंद कर देंगे इंजीनियर 
ढीमरखेड़ा जनपद पंचायत उपयंत्री के अपहरण का मामला


कटनी, जनपद पंचायत ढीमरखेड़ा के उपयंत्री लक्ष्मीप्रकाश पटेल को लापता हुए पांच दिन से ज्यादा का समय बीत चुका है लेकिन पुलिस को उसका अब तक कोई सुराग नहीं लगा है। जिसको लेकर जिले के इंजीनियरों में आक्रोश व्याप्त हो गया है। म.प्र. डिप्लोमा इंजीनियर एसोसिएशन की इस मालमे को लेकर एक बैठक आयोजित हुई। जिसमें पुलिस प्रशासन से शीघ्र लापता उपयंत्री लक्ष्मीप्रकाश पटेल का पता लगाने के मुद्दे पर चर्चा उपरांत एक राय से निर्णय लिया गया कि आगामी तीन दिनों में यदि श्री पटेल की पतासाजी नहीं चली तो सभी उपयंत्री अपना काम बंद कर देगे। तत्पश्चात जिलाध्यक्ष आर.के.कास्तवार, प्रचार सचिव अनिल चौबे, स चिव आर.के.बत्रा के नेतृत्व में सैकड़ा उपयंत्रियों ने कले टर एम. सेलवेन्दन, पुलिस अधीक्षक मनोज शर्मा व सीईओ जिला पंचायत को ज्ञापन सौंपा। ज्ञापन में कहा गया है कि 3 दिवस के अंदर साथी उपयंत्री की खोज कर वास्तविकता से अवगत कराते हुए कार्यवाही की जाए। अन्यथा सभी उपयंत्री एवं मैदानी कर्मचारी मजबूर होकर कार्य बंद कर हड़ताल  पर जाने बाध्य होगे 

74 ग्राम पंचायतों को मिले 2 करोड़ 64 लाख


74 ग्राम पंचायतों को मिले 2 करोड़ 64 लाख


कटनी। कले टर एम. सेलवेन्द्रन ने जॉबकार्ड परिवारों को रोजगार उपल ध
कराने के लिये को महात्मा गांधी राष्ट्रीय ग्रामीण रोजगार गारण्टी योजना के अंतर्गत
जनपद पंचायत कटनी की १२ ग्राम पंचायतो को ४६ लाख रूपये, जनपद
पंचायत रीठी की १९ ग्राम पंचायतों को ६४ लाख रूपये, जनपद पंचायत बड़वारा
की १० ग्राम पंचायतों को २६ लाख रूपये, जनपद पंचायत बहोरीबंद की १९
ग्राम पंचायतों को ६८ लाख रूपये एवं जनपद पंचायत ढीमरखेड़ा की १४ ग्राम
पंचायतों को ६० लाख रूपये की राशि स्वीकृत की है। जिला पंचायत के मु य
कार्यपालन अधिकारी ने बताया कि जनपद पंचायत कटनी की ग्राम पंचायत
घंघरीकला को ४ लाख, ग्राम पंचायत पडुवा को ४ लाख, ग्राम पंचायत
देवरीटोला को ४ लाख, ग्राम पंचायत गैतरा को ४ लाख, ग्राम पंचायत पिलौंजी
को ४ लाख, ग्राम पंचायत डिठवारा को ४ लाख, ग्राम पंचायत खरखरी को ४
लाख, ग्राम पंचायत पहाड़ी को २ लाख, ग्राम पंचायत गुबराधरी को ४ लाख,
ग्राम पंचायत टेढी को ४ लाख, ग्राम पंचायत सलैया को ४ लाख एवं ग्राम पंचायत
छहरी को ४ लाख रूपये की राशि आंबटित की गई। जनपद पंचायत रीठी की
ग्राम पंचायत तिलगवां को २ लाख, ग्राम पंचायत बांधा को ४ लाख, ग्राम
पंचायत कु हरवारा को ४ लाख, ग्राम पंचायत बिलहरी को २ लाख, ग्राम पंचायत
कैमोरी को २ लाख, ग्राम पंचायत घुघरा को ४ लाख, ग्राम पंचायत घुडहर को
२ लाख, ग्राम पंचायत ख हरिया नं.२ को २ लाख, ग्राम पंचायत रूडमूड को ४
लाख, ग्राम पंचायत बडगॉव को ४ लाख, ग्राम पंचायत धनिया  को ८ लाख,
ग्राम पंचायत मुहास को  २ लाख, ग्राम पंचायत सिमडारी  को ६ लाख, ग्राम
पंचायत देवराकला  को ४ लाख, ग्राम पंचायत जमुनिया  को ३ लाख, ग्राम
पंचायत ख हरिया नं.१  को ४ लाख, ग्राम पंचायत बिरूहली  को ४ लाख, ग्राम
पंचायत सुगवां  को २ लाख, ग्राम पंचायत बकलेहटा  को १ लाख, रूपये की
राशि आंबटित की गई। 


जनपद पंचायत बड़वारा 
जनपद पंचायत बड़वारा की ग्राम पंचायत करेला को ४ लाख, ग्राम पंचायत पठरा
को ४ लाख, ग्राम पंचायत झरेला को २ लाख, ग्राम पंचायत बिजौरी को ४ लाख,
ग्राम पंचायत कछारी को २ लाख, ग्राम पंचायत सलैया ठुठिया को २ लाख, ग्राम
पंचायत पथवारी को २ लाख, ग्राम पंचायत सिरौंजा गडरिया को २ लाख, ग्राम
पंचायत कुआ को २ लाख, ग्राम पंचायत सलैया सिहोरा को २ लाख रूपये की
राशि आंबटित की गई।


जनपद पंचायत बहोरीबंद 
जनपद पंचायत बहोरीबंद की ग्राम पंचायत बंधीधूरी को ४ लाख, ग्राम पंचायत
धूरी को २ लाख, ग्राम पंचायत पहरूआ को २ लाख, ग्राम पंचायत लखनवारा
को २ लाख, ग्राम पंचायत सिंहुड़ी बाकल को २ लाख, ग्राम पंचायत पिपरिया
बाकल को २ लाख, ग्राम पंचायत बाकल को ४ लाख, ग्राम पंचायत बासन को
४ लाख, ग्राम पंचायत कूडा मर्दानगढ को २ लाख, ग्राम पंचायत चांदनखेडा
को २ लाख, ग्राम पंचायत बरही को ८ लाख, ग्राम पंचायत बरतरा को ४ लाख,
ग्राम पंचायत रामपाटन को ४ लाख, ग्राम पंचायत डिहुटा को ४ लाख, ग्राम
पंचायत अमगंवा को ४ लाख, ग्राम पंचायत पथराडी पिपरिया को ४ लाख, ग्राम
पंचायत अमरगढ़ को ४ लाख, ग्राम पंचायत ककरेहटा को ८ लाख, ग्राम पंचायत
सोमाकला को २ लाख रूपये की राशि आंबटित की गई।


जनपद पंचायत ढीमरखेड़ा 
जनपद पंचायत ढीमरखेड़ा की ग्राम पंचायत घुघरा को ४ लाख, ग्राम पंचायत
देवरीपाठक को ४ लाख, ग्राम पंचायत टोला को ४ लाख, ग्राम पंचायत बरेलीबार
को ४ लाख, ग्राम पंचायत अतरिया को ६ लाख, ग्राम पंचायत देवरीमारवारी को
४ लाख, ग्राम पंचायत महगंवा दैगवां को ४ लाख, ग्राम पंचायत देवरी बिछिया
को ४ लाख, ग्राम पंचायत सिमरिया को २ लाख, ग्राम पंचायत इमलिया को ४
लाख, ग्राम पंचायत भूला को ६ लाख, ग्राम पंचायत पड़रभटा को ४ लाख, ग्राम
पंचायत पौनिया को ४ लाख, ग्राम पंचायत महगवां (बडखेरा) को   २ लाख,
ग्राम पंचायत परसेल को २ लाख, ग्राम पंचायत महनेर को २ लाख रूपये की
राशि आंबटित की गई।

आठवीं तक के बच्चों को सजा से मुक्ति


आठवीं तक के बच्चों को सजा से मुक्ति 
शिकायत मिली तो शिक्षक पर होगी कार्रवाई 

 स्कूल चाहे सरकारी हो या फिर प्राईवेट, कक्षा आठवी तक के बच्चों को अब सजा नहीं दी जाएगी।
राज्य शिक्षा केन्द्र के नए आदेशों से शिक्षक बच्चों को शारीरिक दंड नहीं दे सकेंगे। यदि फिर भी ऐसा होता है तो शिक्षक पर तो कार्रवाई होगी ही प्राईवेट स्कूलों की मान्यता खतरे में पड़ सकती है, साथ ही स्कूल यदि सरकारी हुआ तो उस स्कूल के प्राचार्य को भी लेने के देने पड़ सकते हैं।  दरअसल नि:शुल्क और अनिवार्य शिक्षा का अधिकार अधिनियम लागू होने के बाद कक्षा आठवी तक के बच्चों को शारीरिक दंड दिए जाने पर स ती से रोक लगाई गई है।


निर्देशों के बावजूद प्रदेश के कई जिलों से इस तरह की शिकायतें सामने आने के बाद राज्य शिक्षा केन्द्र ने कड़ी नाराजगी जताई है और जिला शिक्षा अधिकारियों को इन घटनाओं पर कार्रवाई करने के निर्देश दिए हैं, हालांकि पिछले कुछ समय के दौरान कटनी जिले में तो इस तरह की कोई घटना सामने नहीं आई है, फिर भी निर्देश
जारी करने के बाद जिला शिक्षा अधिकारी को इन घटनाओं पर न केवल पैनी निगाह रखी होगी व रन संबंधित अमले को इन घटनाओं पर रोक लगाने के लिए भी निर्देश जारी करना होगा। स्कूलों में शिक्षकों द्वारा छात्रों से अभद्र व्यवहार और मारपीट के रूप में कड़ी सजा दिए जाने की घटनाएं जब- तब सामने आती रहती है। इसमे कईयों बार बड़ी घटनाएं भी प्रकाश में आ चुकी है। हालांकि अब पहले जैसा समय भी नहीं रहा। पहले होमवर्क नहीं करके लाने पर छात्र को शिक्षक की डांट के लिए तैयार रहना पड़ता था और कभी-  कभी सजा भी मिलती थी। लेकिन अब ऐसा नहीं हो सकेगा। खासकर  कक्षा आठवी तक के बच्चों को शिक्षक शारीरिक दंड नहीं दे सकेंगे। 


आयु त ने जताई नाराजगी
यह व्यवस्था लागू होने के बाद भी कई जिलों के स्कूलों में शारीरिक दंड दिए जाने की शिकायतें राज्य शिक्षा केन्द्र को मिल रही थी। इसमें कुछ निजी स्कूलों के नाम भी शामिल थे। इस पर राज्य शिक्षा केन्द के आयुक्त मनोज झालानी ने कड़ी नाराजगी जताई।  प्राचार्य भी होंगे जि मेदार  आयु त ने कहा कि किसी भी सूरत में शारीरिक दंड की घटनाओं को नजरंदाज न किया जाए। किसी भी स्कूल में यदि ऐसी शिकायत पाई जाती है, तो संबंधित शिक्षक  पर कार्रवाई करने के साथ स्कूल के खिलाफ भी ए शन लिया जाए। इसमें सरकारी स्कूल में शिक्षक के साथ  प्राचार्य को भी ऐसी घटना के लिए जि मेदार माना जाएगा और शिक्षक और प्राचार्य दोनों पर अनुशासनात्मक कार्रवाई की जाएगी। 


मान्यता भी खतरे में 
निजी, सीबीएसई व अनुदान प्राप्त स्कूलों में यदि इस तरह घटनाएं सामने आती है तो शिक्षक व शाला प्रमुख
पर कार्रवाई के अलावा स्कूल की मान्यता पर भी गाज गिरेगी। आयुक्त ने निर्देश दिए हैं कि जिन स्कूलों के बारे
में ऐसी शिकायतें मिली हैं, वहां पर इस तरह की घटना की पुनरावृत्ति  न हो। 



अनिवार्य शिक्षा अधिकार अधिनियम के कारण लगी रोक 
केन्द्र सरकार द्वारा पिछले साल अनिवार्य व मु त शिक्षा का अधिकार अधिनियम लागू किया गया था। अधिनियम के कारण इस साल से शारीरिक दंड पर पूर्णत: रोक के आदेश जारी किए गए थे। अब उक्त अधिनियम के तहत आठवीं तक के बच्चों को किसी भी प्रकार से शारीरिक दंड नहीं दिया जा सकता। 

दो अखबारों के दफ्तरों में धावा

कटनी, कोतवाली के बरही रोड क्षेत्र स्थित प्रेमनारायण समाज भवन के समीप स्थित दो अखबारों के द तरों में धावा बोलकर अज्ञात चोरों ने एक मोबाइल फोन व चार हजार रूपए नगद पार कर दिए। पुलिस ने अज्ञात चोरों के विरूद्व मामला दर्ज करते हुए उनकी तलाश शुरू कर दी है। इस संबंध में  सिल जानकारी के मुताबिक प्रेमनारायण समाज भवन के समीपस्थित दैनिक नई दुनिया व दैनिक जागरण कार्यालय में अज्ञात चोरों ने गत 17-18 अ टूबर की दर यानीरात धावा  बोला और दोनों द तरों का ताला
तोड़कर एक मोबाइल फोन सहित ४ हजार रूपए लेकर चंपत हो गए। पुलिस ने सत्यदेव चतुर्वेदी व प्रेम सिंह की शिकायत पर अज्ञात चोरों के विरूद्व धारा 457, 380 के तहत मामला दर्ज कर लिया है।कटनी, यभाप्र। कोतवाली के बरही रोड क्षेत्र स्थित प्रेमनारायण समाज भवन के समीप स्थित दो  खबारों के द तरों में धावा बोलकर अज्ञात चोरों ने एक मोबाइल फोन व चार हजार रूपए नगद  पार कर दिए। पुलिस ने अज्ञात चोरों के विरूद्व मामला दर्ज करते हुए उनकी तलाश शुरू कर दी है। इस संबंध में
हासिल जानकारी के मुताबिक प्रेमनारायण समाज भवन के समीप स्थित दैनिक नई दुनिया व दैनिक
जागरण कार्यालय में अज्ञात चोरों ने गत  17-18 अ टूबर की दर यानीरात धावा बोला और दोनों द तरों का ताला तोड़कर एक मोबाइल फोन सहित ४ हजार रूपए लेकर चंपत हो गए। पुलिस ने सत्यदेव चतुर्वेदी व प्रेम सिंह की शिकायत पर अज्ञात चोरों के विरूद्व धारा 457, 380 के तहत मामला दर्ज
कर लिया है।

11 October, 2011

सेकुलर वाद

पाकिस्तान मे 1947 मे हिन्दू थे : 22 %
पाकिस्तान मे अब कितने हिन्दू है ? 1.6 %

पाकिस्तान मे 1947 मे सिख थे : 8.9 %
पाकिस्तान मे अब कितने सिख है ? : 0.34 %

भारत मे 1947 मे मुस्लिम कितने थे : 13.4%
आज भारत मे मुस्लिम कितने है ? 18-20%

दुनिया मे 67 इस्लामिक देश है 77 ईसाइयो के देश है

सोचिए हिन्दुओ का देश कौनसा है ?

फिर भी सेकुलर कीड़े हिन्दुओ को कोसते है हिन्दुत्व को कोसते है !!

सोचिए कौन साम्राज्यवादी है ? ईसाई + ईसाई या फिर हिन्दुत्व ?

सोचिए यहाँ मुसलमान 30% हो गए तो स्थिति कैसी भयावह होगी ?

जय हो सेकुलर वाद की -

10 October, 2011

स्वास्थ्य विभाग को इलाज की दरकार

अखिलेश उपाध्याय / कटनी

अम्रतलाल साहू

आज सुबह देवरी के अम्रतलाल साहू जब अपने पुत्र का ईलाज कराने  रीठी सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र पहुचे तब तक दस बज चूका था. लेकिन जब वे अन्दर पहुचे तो उन्हें रोगी कल्याण की पर्ची कटाने वाली खिड़की बंद मिली उन्होंने जब डाक्टर के बारे में पता लगाया तो वह तीन में से कोई भी डाक्टर न मिला 
शाहनगर जनपद के अतार्हाई गाँव से रीठी इलाज के लिए आयी  छोटी बाई पति प्रेमलाल चोधरी अपने घाव पर मरहम पट्टी कराने पहुची थी  और वह तो सुबह आठ बजे अस्पताल पहुच गयी थी 
आनंद चोधरी 
बडगांव से आयी पार्वती बाई  अपनी बेटी लक्ष्मी  को लेकर रीठी अस्पताल पहुची थी उसकी बच्ची को सियार ने काटा था
रीठी के आनंद सुबह नो बजे से डाक्टर के इन्तजार में बैठा था दरअसल उसे  खून की जाँच की रिपोर्ट चाहिए थी और डाक्टर के अभाव में कर्मचारी चाय पान के लिए निकल गए थे 
सिंघिया का  रमेश उल्टी दस्त से पीड़ित था वह  सुबह सात बजे से अस्पताल में बैठा था 


बी एम् ओ तो ट्रेनिंग पर गए है ऐसा वह उपस्थित स्टाफ ने बताया अभी पिछले हफ्ते भी जब इसी तरह से शिकायत आयी थी तब भी अस्पताल में कोई भी डाक्टर नहीं था तब भी नवानी बी एम् ओ ट्रेनिंग पर ही गए थे. और डाक्टर गुलाब तिवारी जो पूर्व में यहाँ बी एम् ओ रह चुके है  हमेशा नदारद रहते है अपना पद जाने के बाद से उन्हें रीठी अस्पताल से कोई मोह नहीं रह गया है  हाल ही में जुलाई से एक नए डाक्टर राम गोपाल गुप्ता की नियुक्ति की गई है और वे होम्योपेथिक डाक्टर बताये जाते है और कमाल की बात है की उनके दर्शन आज तक नहीं हो सके है और जब इस छोटे से कसबे में एलोपेथिक और आयुर्वेदिक दवाओं के अलावा अन्य दवाये मिलती ही नहीं है तो फिर इन होम्योपेथिक डाक्टर का क्या मतलब है...?

बारह बजे तक डाक्टर नहीं आये 
बी एम् ओ की दुर्सी भी खाली 
















जब अस्पताल में घुस ही गए थे तो फिर एक-एक करके सभी कमरों पर नजर  गयी. नी सुरक्षा वार्ड की हालत हो बड़ी दयनीय है वहा बिजली गुल हो  जाने के बाद नवप्रसूता गर्मी और मच्छर से संघर्ष करती मिलती है. आखिर क्या करे गरीबी और चौदह सौ रूपये का लोभ जो है.
जननी वार्ड के हाल बेहाल 









इस वार्ड में भर्ती शुष्मा यादव निवासी मढ़ा देवरी, प्रीती ठाकुर निवासी कुदरी , मुन्नी बाई आदिवासी निवासी अतरहाई, जनपद शाहनगर जिला पन्ना, जनकु आदिवासी निवासी करहिया, प्रेमा चोधरी निवासी खुहरी इन सभी ने बताया की उन्हें पोष्टिक आहार में कल शाम को केवल एक बार ही बिस्किट का छोटा पैकेट दिया गया था और सुबह शाम मिलने वाला दूध दोपहर को भोजन दूध के साथ ब्रेड इनको कभी नहीं दी जाती. यह सब यहाँ तीन दिनों से भारती प्रसूताओ ने बताया. 

जननी ने बताया नहीं मिलता पौष्टिक आहार 


जब यह जानकारी मागी गई की जननी को यह सुविधा क्यों नहीं दी जाती तो कर्मचारी बगले झाकने लगे और जिम्मेदार अधिकारी इसका जबाव देगे कहकर अपना पल्ला झड लिया. खैर लेखाधिकारी   नीतेश अग्रवाल ने बताया की जननी को पोष्टिक आहार प्रदान करने के लिए शारदा बरी एवं पापड स्वसहायता समूह पटोहा के खाते में पैसा जमा कर दिया जाता है. 



जननी वार्ड में एक दीवार में टीवी लगा था पूछने पर प्रसूताओ ने बताया की उनने तो इसे कभी चलते हुए देखा ही नहीं है. 


इस समय क्षेत्र में बीमारिया अपने चरम पर है जिनमे फेलसीफेरम, वैवेक्स, के मरीज ज्यादा ही मिल रहे है  लेकिन इस अस्पताल का जनरल वार्ड खाली है जबकि यहाँ के प्राइवेट डाक्टरों के यहाँ मरीजो का टाटा लगा रहता है असल में इस अस्पताल में डाक्टर आराम फरमाना चाहते है इसलिए कोई भी मरीज आया झट से उसे कटनी के लिए रेफर कर दिया और स्वयं मुख्यालय से नदारद रहते है 

जानकार सूत्रों की माने तो मलेरिया के  रक्त के स्लाइड की जाँच में कोई शुल्क नहीं लिया जाता लेकिन बहुत से मरीजो ने बताया की  उनसे तीस रपये  बतौर फीस बसूले जाते है और मलेरिया किट  से जाँच karne पर साठ रूपये लिए  जाते है जबकि अस्पताल में ही बोर्ड लगा है की मलेरिया की जाँच के कोई भी पैसे नहीं लगेगे.

दीन दयाल अन्त्योदय उपचार मद में आयी दवाओं को रीठी के दो दवा वेक्रेताओ को  पूर्व के बी एम् के द्वारा चोरी छुपे बेचा जाता रहा है और यह सिलसिला अभी भी जारी है   यदि रीठी की दवा दुकानों पर छापा डाला जावे तो निश्चित ही अस्पताल के दीं दयाल मद से आयी दवाये यहाँ मिल जावेगी...?

खिड़की खुलने तथा डाक्टर का इन्तजार करते लोग 

इलाज के लिए गरीब इस तरह यहाँ से वह भटकते रहे 
दूर दराज से आयी महिलाए बच्चे भटकते रहे 




09 October, 2011

योजनान्तर्गत करोडो रूपये खर्च फिर भी ग्रामो की दशा नहीं बदली

समग्र स्वच्छता अभियान के तहत केंद्र की योजन में देश के समस्त  ग्रामो को स्वच्छ बनाने के लिए समग्र स्वच्छता के नाम से एक अभिनव योजन चालू की गई थी लेकिन यह योजना भी भ्रष्टाचार की भेट चढ़ गयी कटनी जिले के प्रस्तावित और घोषित निर्मल ग्रामो में ग्रामीणों  को खुले में शौच जाने की प्रवृत्ति पर रोक लगाने के तमाम प्रयासों के बावजूद परिणाम  निराशाजनक ही रहे है.

योजनान्तर्गत करोडो रूपये खर्च  करने के बाद भी इन निर्मल ग्रामो की दशा और दिशा दोनों जस की तस है. गांवो  को स्वच्छ बनाने शुरू की गई केंद्र सरकार की निर्मल ग्राम योजना जिले के एकभी  गाँव की तस्वीर नही बदल सकी है. गंदगी और मूलभूत सुविधाओं के अभाव में जकड़ी पंचायतो को कागजो में निर्मल घोषित तो कर दिया गया लेकिन हकीकत में स्वच्छता कही नजर नहीं आती.

हद तो यह है की योजना की अहम् शर्त प्रत्येक घर और सरकारी भवन में शौचालय की उपलब्धता  का उपयोग कर पूरी नहीं होती. बावजूद इसके ऐसी पंचायते निर्मल गाँव के रूप में न केवल दर्ज है बल्कि सरकार से मिलने वाले प्रोत्साहन राशी का लाभ भी उठा चुकी है. इसके आलावा समग्र स्वच्छता अभियान के तहत प्रत्येक निर्मल गाँव पर चार लाख व अन्य योजनाओं के तहत भी इतनी ही राशी खर्च की  जा चुकी है.

जिले की कुल 407  पंचायतो में से अब तक 25  पंचायतो को निर्मल ग्राम पुरस्कार से नवाजा जा चूका है. वर्ष 2007 -08   में 10  गांवो को और 09 -10  में 15  गाँवों को निर्मल ग्राम घोषित किया गया था. जिनके बडवारा तहसील की  लखाखेरा , खिरहनी, विजय राघव गढ़  की काँटी, बहोरिबंद की खिराहानी, कटनी की पडरिया आदि पंचायते शामिल है.

किसी भी पंचायत को निर्मल ग्राम घोषित करने के लिए केंद्र सरकार नेजो मापदंड  तय कर रखे है. उसमे सबसे अनिवार्य शर्त प्रत्येक घर  में शौचालय का निर्माण और उपयोग होना जरूरी है. इसके अलावा उस ग्राम में पकी सड़के , नालिया, जल मल निकासी के प्रबंध, कूड़ा, करकट के निपटान की व्यस्था, नालो के पास सोकपिट और स्कूल तथा आगन वाड़ी  भवनों में शौचालय की व्यस्था आदि शामिल है.

जिन गांवों को अब तक निर्मल ग्राम घोषित किया गया है उनमे से अधिकांश गाँवों में अब भी लोग खुले में शौच के लिए जाते है. साथ ही सरकारी भवनों में शौचालय या तो बने ही नहीं या बनने के बाद अनुपयोगी हो गए है. किसी भी गाँव में पक्के नाले का निर्माण नहीं हुआ और सफाई के कोई इंतजाम नहीं है. गन्दा पानी सडको पर फैला रहता है जगह-जगह कूड़े के ढेर लगे हुए है.


निर्मल गाँव घोषित होने वाली पंचायत को केंद्र की और से प्रोत्साहन देने का प्रावधान है. दो हजार जनसँख्या वाले गाँव को एक लाख दिया जाता है. इसमें अधिक जनसँख्या होने पर उसी अनुपात में राशी बढ़ती जाती है जो अधिकतम पाँच लाख तक हो सकती है. प्रोत्साहन राशी दो किश्तों में मिलती है. पचास फीसदी की  पहली किश्त निर्मल ग्राम घोषित होने  पर व दूसरी किश्त अन्य  शर्ते पूरी होने पर दी जाती है. 


कटनी जिले की अब तक पुरष्कृत निर्मल ग्राम पंचायते 
जनपद बडवारा - बम्होरी, जगुआ, खिरहनी, लाखाखेरा,
बहोरीबंद - बहोरीबंद, डिहुता, खिरहनी, स्लीमनाबाद, सुपेली, तेवरी
धीमार्खेदा - खामा, पाली, महनेर, सिमरिया,
कटनी - गुलवारा, कटंगी कला, पडरिया
रीठी - गुर्जीकला, हरद्वार, मुहास, सैदा
विजय राघव गढ़ - चैघरा, देवरकला, देवरी माझागावा 

चल समारोह में जमकर बिकी शराब

 चल समारोह में जमकर बिकी शराब
अखिलेश उपाध्याय 
 रीठी का दशहरा क्षेत्र में अपना अलग ही महत्त्व रखता है. वर्षो से चल समारोह देखने तथा रात भर चलने  वाले विभिन्न कार्यक्रमों का आनंद लेने दूर दराज से बड़ी तादाद में लोग पहुचते है. लेकिन पिछले कुछ वर्षो से शराब के बढ़ते प्रचलन ने महिलाओं और वृद्धो के लिए इस समारोह में शामिल होने से वंचित किया है





शनिवार को भी जैसे-जैसे शाम ढलती गई ग्रामीणों के आने का क्रम उसी हिसाब से बढ़ता गया. हजारो की संख्या में एकत्रित  भीड़ दुर्गा  प्रतिमा की झाकिया देखने मोहल्ले-मोहल्ले घूमकर दर्शन लाभ ले रहे थे. इस पूरे कार्यक्रम में  श्रद्धालुओ को परेसानी और किसी से नहीं केवल शराबियो से हो रही थी.


 दशहरे के पर्व पर पिछले वर्ष भी अंगरेजी और देशी दोनों शराब की दुकाने देर रात तक खुली रही  और इस साल भी सारी रात शराब का बिक्रय होता रहा . इस शराबखोरी से महिलाओं और वृद्धो को खासी मुसीबतों का सामना करना पड़ा. झूमते टकराते शराबी पूरे चल समारोह में माहोल को बिगड़ते रहे.


कुछ नागरिको के विरोध के बाद अंगरेजी दूकान 11 .30  पर बंद तो की गई लेकिन चोरी छुपे बिक्री तब भी जरी रही.


मंच से रीठी के सरपंच पुलिस प्रशासन से निवेदन करते रहे की शराब के नशे में अराजकता फ़ैलाने वाले तत्वों को पकड़ा जावे लेकिन पुलिस ने कोई ध्यान नहीं दिया अंततः एक शराबी द्वारा अधिक उत्पात होता देख लोगो ने हाथापाई करके उसे वह से हटाया.


विधायक मौन सब देखते रहे 
इस त्यौहार पर विधायक को देख लोगो को बड़ा आश्चर्य हुआ और कुछ लोग तो बोल ही पड़े की चलो आज विधायक ने दर्शन तो दिया  विधायक निशीथ पटेल  शराब दूकान से बीस मीटर दूर  बैठे सारा  तमाशा देखते रहे और वे भी खामोश रहे. वे अपने चमचो को लेकर धीरे से खिसक लिए.  


प्रशासन की उदासीनता के चलते दूर दराज से आये कई ग्रामीणों ने तो अगले बार से घर की बहू बेटियों को इसमें न लाने की कसम खाई. कुछ बुद्धिजीवियों आपस में बाते कर रहे थे की इस पूरे कार्यक्रम में सेक्टर मजिस्ट्रेट की नियुक्ति या तो नहीं की गई थी या अगर की गई तो फिर वे  नदारद थे. इसी तरह पूरे समारोह में स्वास्थ्य विभाग द्वारा प्राथमिक चिकित्सा के लिए न तो कोई स्टाल लगाया गया था और न ही कोई डाक्टर अपनी ड्यूटी पर तैनात मिला

अंततः रात एक बजे चल समारोह निकलने के बाद से जगह-जगह कार्यक्रम शुरू हुए. 

08 October, 2011

करोडो की राशी विभागीय अधिकारी और ठेकेदार डकार गए

पी डब्लू डी विभाग कटनी द्वारा आये दिन भ्रष्टाचार अखबारों में छपते रहते है लेकिन  कलेक्टर तथा जनप्रतिनिधियों की उदासीनता के चलते जिले के बड़े से बड़े भ्रष्टाचार के मामले ठन्डे बस्ते में डाल दिए जाते है. यहाँ जन सुनवाई में की गई शिकायत में गरीब को न्याय मिला ऐसा एक भी उदहारण नहीं मिलता. ऐसा ही एक मामला रीठी तहसील में  पिछले एक साल से कई बार प्रशासन के सामने उजागर किया गया लेकिन उनकी खामोशी उनके भी इस खेल में शामिल होने के सवाल पर मुहर लगाती है.


कार्यपालन यंत्री लोक निर्माण विभाग संभाग कटनी के अंतर्गत उपसंभाग दो  कटनी के अधीन निर्माडाधीन  मोहास-लालपुरा-बरजी- पाली मार्ग एवं मोहस -कठोतिया-गोदना  मार्ग में लोक निर्माण विभाग द्वारा यह कार्य ठेकेदारी प्रथा से कराया जा रहा है जिसमे इन दोनों सडको के निर्माण में गंभीर अनियमितताए की गई है. एस्टीमेट के प्रावधान से हटकर कार्य किया गया है इसमें ठेकेदार एवं विभाग के कार्यपालन यंत्री श्री एच  एल वर्मा तथा ठेकेदार के पार्टनर निलंबित सहायक यंत्री रामखिलावन कुम्हार जो कटनी सभाग में संलग्न है के साथ मिलकर इस कार्य को कराया जा रहा है.


जबकि इस कार्य की निर्माण एजेंसी  लारेंस लायर एवं भाग्यश्री  को  बनाया गया है. जब विभागीय अधिकारी ही ठेकेदार के साथ मिलकर ठेके के काम  करेगे तो कार्य की गुडवत्ता  एवं कार्य कहा तक सही होगा. जाहिर है इस पूरे सड़क निर्माण में बहुत सारे सवाल क्षेत्रीय जनता द्वारा किये जा  रहे है. इस सम्बन्ध में अखिलेश उपाध्याय ने एक लिखित शिकायत के माध्यम से शासन से जाँच की मांग की है और पंद्रह दिनों के अन्दर जाँच न होने पर धरने पर बैठने की चेतावनी दी है 








यदि इन दोनों सडको के निर्माण कार्य में निम्न बिन्दुओ पर जाँच करी जावे तो स्थिति स्पष्ट हो जायेगी की इस कार्य में किस हद तक अनियमितताए करके शासकीय धन का दुरूपयोग किया गया है -


1   कंस्ट्रक्सन आफ एम्बार्कमेंट  में सेलेक्टेड सोइल या अप्रूव्ड   सोइल का उपयोग किया जाना था जिसकी सी बी आर ग्रेटर देन पांच होनी चाहिए थी लेकिन ठेकेदार एवं विभाग के अधिकारियो ने मिलकर लोकल  सोइल एवं ब्लेक काटन सोइल का उपयोग किया है जो प्राकल्लन  के प्रावधान अनुसार गलत है इसमें वाइब्रेटर रोलर का उपयोग नहीं किया गया है तथा  लोकल सोइल का उपयोग कर सेलेक्टेड सोइल का भुगतान किया है जो अनियमितता की श्रेणी में आता है.


2   जी  एस बी कार्य में ग्रेडिंग नंबर थ्री   का मटेरियल उपयोग किया जाना चाहिए था लेकिन इनके द्वरा लोकल मुरुम का उपयोग किया गया है. मानक स्तर  की जी  एस बी मटेरियल का उपयोग नहीं किया गया है. प्राक्कलन के अनुसार जी  एस बी की थिकनेस 300  मिलीमीटर होना चाहिए था लेकिन ठेकेदार द्वारा विभाग की मिलीभगत से 150  एम् एम् थिकनेस की मुरुम डाली गई है और भुगतान 300   एम् एम् थिकनेस का लिया गया है  इसमें ठेकेदार एवं विभाग द्वारा मिलकर शासकीय  राशी का दुरूपयोग कर अनियमितता की गई है.


3   मार्ग चौडीकरण में ग्रेडिंग नम्बर वन  डब्लू बी एम् में 45  से 90  एम् एम् साइज की मेटल का उपयोग किया जाना चाहिए था लेकिन ठेकेदार द्वारा 150  से 200  एम् एम् साइज के पत्थरो के बोल्डरो का उपयोग किया गया है जो एस्टीमेट के प्रावधानों के विपरीत है जिससे कार्य की गुडवत्ता प्रभावित  हुई है.


4   मार्गो में ग्रेडिंग नंबर टू  के दो कोट दिए जाने का प्रावधान प्राक्कलन में लिया गया है लेकिन एक ही कोट ग्रेडिंग टू  किया गया है जो 0 .075   मीटर की थिकनेस का है और 0 .15  मीटर की थिकनेस को एम् बी में चढ़ाकर  भुगतान किया गया है. मुख्य अभियंता (मध्य क्षेत्र)पी डब्लू डी  जबलपुर द्वारा विगत दिनों मार्ग का निरीक्षण किया गया था, निरीक्षण के दौरान मुख्य अभियंता ने डब्लू बी एम् के ग्रेडिंग नमबर टू में माप पुस्तिका में दर्ज की गई थिकनेस से कम थिकनेस पाई  थी जिसका उल्लेख श्री दुबे मुख्य अभियंता ने अपने  निरीक्षण प्रतिवेदन में उल्लेख किया है जो स्वयमेव जाँच है. इस प्रकार यह अनियमितता भ्रष्टाचार की श्रेणी में आती है.


5   मार्ग के जिन स्थानों पर सी सी मार्ग का कार्य कराया जाना था उसमे सबसे पहले प्राक्कलन के प्रावधानों के अनुसार डब्लू बी एम् ग्रेडिंग नंबर 3  के सिंगल कोट किया जाना प्रस्तावित है लेकिन इसमें भी डब्लू बी एम् ग्रेडिंग नंबर 3  कर  सी सी मार्ग का निर्माण कर दिया गया एवं ग्रेडिंग नंबर 3  का भुगतान कर उतनी राशी का आहरण किया है जो गलत है. 


6   सी सी मार्ग  निर्माण के दौरान  सी सी कार्य करने से पूर्व मार्ग की साफ़ सफाई कर प्लास्टिक बिछाई जाती है और उसके बाद एम् टेन  कंक्रीट  से 100   एम् एम् थिकनेस की कंक्रीट फिर एम् 40   ग्रेड की कंक्रीट से 225  एम् एम् थिकनेस की कंक्रीट की जानी चाहिए थी जो प्राक्कलन के प्रावधान में है लेकिन ठेकेदार द्वारा बिना मार्ग की साफ़ सफाई कराये, बिना प्लास्टिक बिछाए एम् 10  की कंक्रीट जो 150  एम् एम् थिक में 40  एम् एम् मेटल से कार्य किया गया है एवं इसके ऊपर एम् 40  ग्रेड की कंक्रीट जो एम् 20  से 70  एम् एम् थिकनेस से कराया गया है, सी सी मार्ग के दोनों किनारों पर दिखावे के लिए एम् 20  की कंक्रीट से किनारे भर दिया  है जिसकी थिकनेस 220  एम् एम् दिख रही है. 
अतः पूरे मार्ग की थिकनेस 220  एम् एम् की गई है और 0 .10  एम् टेन एवं 1 .20  एम् 40  ग्रेड की कंक्रीट का माप दर्ज कर भुगतान लिया गया है जो अनियमितता की श्रेणी में आता है. इसकी  उच्चस्तरीय जाँच कराई जाए. यह कार्य विलेज पोर्सन में किया गया है. बरजी गाँव में चल रहे कार्य का पंचनामा भी बनाया गया 


7   डब्लू बी एम् के कार्य हेतु जो भी मेटल प्रयोग की जा रही है वह कच्ची गिट्टी है इसमें कली गिट्टी का उपयोग किया जाना था लेकिन कली गिट्टी के स्थान पर कच्ची गिट्टी का उपयोग किया गया है तथा ग्रेड तू, थ्री में डब्लू बी एम् कार्य में युसिंग स्क्रीनिंग  टाइप  बी ( 11 .2  एम् एम् एग्रीगेट ) से किया जाना था लेकिन ऐसा न करेक मुरूम से डब्लू बी एम् किया गया अहै और भुगतान युसिंग स्क्रीनिंग  टाइप  बी ( 11 .2  एम् एम् एग्रीगेट ) लिया गया है जो अधिक है अतः इसमें भी कार्य में गंभीर लपर वाही और भ्रष्टाचार किया गया है.


8   इन दोनों मार्गो में जितनी भी पुलिया बनाई गई है उसमे हेन्ड ब्रोकन 40  एम् एम् एवं 60  एम् इम् साइज की मेटल का उपयोग किया गया है जो काली  एवं क्रेसर गिट्टी नहीं है जबकि एस्टीमेट के प्रावधान के अनुसार 40  एम् एम् डाउन क्रेसर मेटल का उपयोग किया जाना चाहिए था लेकिन ठेकेदार ने अधिकारियो की मिलीभगत से ऐसा नहीं किया तथा पुलियों में यु/एस एवं डी/एस पर एप्रोन बनाने एवं पिचिंग का प्रावधान है लेकिन ऐसा नहीं किया गया और अपनी मनमर्जी के अनुसार उपयंत्री  बी पी तिवारी एवं सहायक यंत्री आर वाय  तिवारी से माप दर्ज कराकर फर्जी भुगतान किया है जो अनियमितता की श्रेणी में आता है. 

चैनलों पर लगाम लगाने तैयार सरकार

देश में आए दिन बढ़ते समाचार चैनलों की संख्या रोकने के लिए केंद्र सरकार ऐसा उपाय करने जा रही जिसमें समाचार चैनलों के लिए 75 करोड़ और गैर समाचार चैनलों के लिए 15 करोड़ रुपये तक फीस बढ़ाने का प्रस्ताव है। इस समय न्यूज चैनलों के लिए फीस तीन करोड़ और गैर समाचार चैनलों के लिए फीस डेढ़ करोड़ रुपये है। कुछ ऐसे भी प्रस्ताव हैं जिसके मुताबिक न्यूज चैनलों के लिए इंट्री फीस 20 करोड़ और नॉन न्यूज चैनलों के लिए 5 करोड़ रुपये रखा गया है।

देश में न्यूज चैनलों की बाढ़ रोकने के लिए सूचना एवं प्रसारण मंत्रालय ने अपलिंकिंग नीति और डाउनलिंकिंग नीति में संशोधन का प्रस्ताव किया है। यह प्रस्ताव शुक्रवार को होने वाली कैबिनेट की बैठक में पेश किया जाएगा। सूत्रों के अनुसार मंत्रालय ने दो प्रस्ताव तैयार किया है। एक प्रस्ताव ऐसा है जिससे छोटे उद्यमी प्रसारण क्षेत्र में कदम रखने की सोच भी नहीं सकेंगे। उसका लाभ बड़े उद्योगपतियों को मिल सकता है।

इस प्रस्ताव के अनुसार न्यूज चैनल की अपलिंगिंक/ डाउनलिंकिंग की अनुमति लेने वालों से फीस के तौर पर 75 करोड़ रुपये पहले चैनल के लिए और दूसरे, तीसरे आदि अगले चैनल के लिए 15 करोड़ रुपये प्रत्येक चैनल वसूल किए जाएंगे। नॉन न्यूज चैनल के लिए पहले चैनल के लिए 15 करोड़ रुपये और उसके बाद के चैनलो के लिए पांच करोड़ रुपये फीस रखने का प्रस्ताव है। दूसरा प्रस्ताव, न्यूज चैनलों के लिए 20 करोड़ रुपये और बाद के चैनलों के लिए 5 करोड़ रुपये प्रति चैनल फीस लेने का है। जबकि नॉन न्यूज चैनल के लिए पांच करोड़ रुपये पहले चैनल के लिए और ढाई करोड़ दूसरे चैनल के लिए लिये जाएंगे। प्रस्ताव पर अंतिम फैसला कैबिनेट करेगी।

05 October, 2011

280 लाख करोड़ का सवाल है ...

भारतीय गरीब है लेकिन भारत देश कभी गरीब नहीं रहा"* ये कहना है स्विस बैंक के डाइरेक्टर का. स्विस बैंक के डाइरेक्टर ने यह भी कहा है कि भारत का लगभग 280 लाख करोड़ रुपये उनके स्विस बैंक में जमा है. ये रकम इतनी है कि भारत का आने वाले 30सालों का बजट बिना टैक्स के बनाया जा सकता है. या यूँ कहें कि 60 करोड़ रोजगार के अवसर दिए जा सकते है. या यूँ भी कह सकते है कि भारत के किसी भी गाँव से दिल्ली तक 4 लेन रोड बनाया जा सकता है. ऐसा भी कह सकते है कि 500 से ज्यादा सामाजिक प्रोजेक्ट पूर्ण किये जा सकते है. ये रकम इतनी ज्यादा है कि अगर हर भारतीय को 2000 रुपये हर महीने भी दिए जाये तो 60 साल तक ख़त्म ना हो. यानी भारत को किसी वर्ल्ड बैंक से लोन लेने कि कोई जरुरत नहीं है.
जरा सोचिये ... हमारे भ्रष्ट राजनेताओं और नोकरशाहों ने कैसे देश को लूटा है और ये लूट का सिलसिला अभी तक 2011 तक जारी है. इस सिलसिले को अब रोकना बहुत ज्यादा जरूरी हो गया है. अंग्रेजो ने हमारे भारत पर करीब 200 सालो तक राज करके करीब 1 लाख करोड़ रुपये लूटा. मगर आजादी के केवल64 सालों में हमारे भ्रस्टाचार ने 280 लाख करोड़ लूटा है. एक तरफ 200 साल में 1 लाख करोड़ है और दूसरी तरफ केवल 64 सालों में 280 लाख करोड़ है. यानि हर साल लगभग 4.37 लाख करोड़, या हर महीने करीब 36 हजार करोड़ भारतीय मुद्रा स्विस बैंक में इन भ्रष्ट लोगों द्वारा जमा करवाई गई है. भारत को किसी वर्ल्ड बैंक के लोन की कोई दरकार नहीं है. सोचो की कितना पैसा हमारे भ्रष्ट राजनेताओं और उच्च अधिकारीयों ने ब्लाक करके रखा हुआ है. हमे भ्रस्ट राजनेताओं और भ्रष्ट अधिकारीयों के खिलाफ जाने का पूर्ण अधिकार है.हाल ही में हुवे घोटालों का आप सभी को पता ही है - CWG घोटाला,२ जी स्पेक्ट्रुम घोटाला , आदर्श होउसिंग घोटाला... और ना जाने कौन कौन से घोटाले अभी उजागर होने वाले है ......

(मनरेगा) महात्मा गांधी राष्ट्रीय ग्रामीण रोजगार गारंटी योजना :सफेद हाथी



राष्ट्रीय ग्रामीण रोजगार गारंटी योजना यूपीए सरकार का सबसे महत्त्वाकांक्षी कार्यक्रम है। यह योजना फरवरी 2006 में शुरू हुई। लगभग शुरू से ही इसकी गड़बडियां सामने आने लगीं।तीन साल बाद इस योजना के साथ महात्मा गांधी का नाम तो जोड़ दिया गया, पर अनियमितताओं का सिलसिला चलता रहा है।
कुछ यक्ष प्रश्न जो वर्तमान में उत्तर मांग रहे हैं हर भारतीय से .

इस योजना ने  देश को क्या दिया है ?
इस योजना का परिणाम क्या मिला है ?
इस योजना के भारी भरकम खर्च से ग्रामीण लोगो का विकास क्या  वास्तव में हुआ है ?

क्यों नहीं हर साल के बजट में आवंटित इस मोटे बजट से सरकार ग्रामीण इलाको में निजी क्षेत्र के साथ मिलकर उद्योग धंधे विकसित कर देती है इससे देश का सकल घरेलु उत्पादन भी बढ़ जाता और हर ग्रामीण को काम मिल जाता और सही मायने में कर के रूप में प्राप्त राजस्व का सही उपयोग हो जाता ?

वर्तमान रूप में इस योजना को ढ़ोते रहना क्या सही है ?