21 October, 2011

नामी कंपनियों की आड़ में नकली उत्पादों की विक्री

नामी गिरामी कंपनियों के नाम पर नकली इले ट्रानि स सामानों की बिक्री की शिकायतें एक लंबे अरसे से सामने आ रही हैं। पिछले दिनों स्टेशन रोड स्थित सपना इले ट्रानि स में छापे की कार्यवाही के बाद अब प्रशासन की नजर बड़े शोरूमों और अन्य इले ट्रानि स दुकानों पर है। खासकर जालपा वार्ड स्थित शो रूम तो इस समय खासा चर्चाओं में है। शिकायतों के मुताबिक यहां पर नामी कंपनियों की आड़ में नकली सामानों की बिक्री धड़ल्ले से हो रही है। खबरों के अनुसार प्रशासन द्वारा यहां पर कभी भी छापे की कार्यवाही की जा सकती है। इस शो रूम में त्यौहार के मौके पर खरीददारों के साथ ठगी की शिकायतें पिछले साल भी सामने आई थीं लेकिन तब प्रशासन ने इसे नोटिस में नहीं लिया था। अब खबर है कि कभी भी यहां जांच हो सकती है। दीपावली के मौके पर जहां एक तरफ बाजार सज गया है तो खरीददारी भी शुरू हो गई है। महंगाई का असर हर तरफ देखने को मिल रहा है। ऐसे में सोने-चांदी की खरीदी करने की बजाय इले ट्रानिक साजो सामान की तरफ लोगों का कुछ ज्यादा ही ध्यान है। ऐसे में नकली उत्पादों की बिक्री की शिकायतें भी सामने आ रही हैं, हालांकि अभी तक इन शिकायतों पर प्रशासन की नजर नहीं गई थी लेकिन पिछले दिनों स्टेशन रोड स्थित सपना इले ट्रानि स में छापे की कार्यवाही के बाद शहर के बड़े शो रूम प्रशासन के निशाने पर हैं। आफर के गि ट आइटमों के लिए भटकते ग्राहक खास दीपावली के मौके पर सभी बड़ी कंपनियां अपने उत्पादों में गि ट आइटम भी देती हैं लेकिन कथित शो रूम में उत्पादों के साथ गि ट आइटमों को गायब कर दिया जाता है और जब ग्राहक इसे मांगता है तो गोलमोल जवाब दिया जाता है या फिर आफर के मुताबिक गि ट आइटम की जगह अन्य वस्तु को थमा दिया जाता है। चर्चा तो यह भी है उत्पादों के साथ आफर वाली चीजों को बाद में बेच दिया जाता है। दिखने में असली मगर अंदर है नकली शो रूम से खरीदे गए कुछ इस तरह के उत्पाद ग्राहकों के लिए परेशानी का सबब बने हैं। चर्चाओं के अनुसार खास तौर पर एलसीडी-एलईडी टीव्ही, माइक्रोवेव ओवन, कैमरा तथा कुछ अन्य सामानों में विश्वस्तर की कंपनी के केबिनेट पर मत जाईए, हो सकता है इसके अंदर की सामग्री नकली हो। दरअसल कुछ उन शिकायतों के बाद इस चर्चा को बल मिलता है, जिसमें लोगों ने बड़ी कंपनियों के उत्पाद को खरीदा लेकिन उत्पाद न्यूनतम तय सीमा तक भी नहीं चल सका। इसके बाद वांरटी के लिए ग्राहक को शो रूम संचालक महीनों तक भटकाता रहा। मतलब साफ है जो भी उत्पाद आप ले रहे हैं, तय नहीं कि वह उसी कंपनी का असली सामान हो।