25 October, 2011

सरदा के जंगल में मिली लापता उपयंत्री की क्षत-विक्षत लाश

कटनी. ढीमरखेढ़ा से सिहोरा लौटते समय रहस्यमय तरीके से लापता हुए जनपद पंचायत ढीमरखेड़ा राष्ट्रीय रोजगार गारंटी योजना के उपयंत्री लक्ष्मी प्रकाश पटेल की क्षत-विक्षत लाश कल सोमवार की सुबह सिहोरा थाना अंतर्गत सरदा के जंगलों
से बरामद की गई। विगत 14 अ टूबर की शाम से लापता उपयंत्री की लाश मिलने के बाद अब इस मामले में नया मोड़ आ गया है और यह भी स्पष्ट हो गया की उपयंत्री का अपहरण करके उनकी निर्ममता पूर्वक हत्या की गई और लाश को सरदा के जंगलों में फेंका गया लेकिन सिहोरा व ढीमरखेड़ा पुलिस अब तक उपयंत्री का अपहरण व हत्या करने वाले आरोपियों का सुराग नहीं लगा पाई है। पुलिस सभी बिंदुओं पर जांच करते हुए आरोपियों तक पहुंचने का प्रयास कर रही है।

गौरतलब है की ढीमरखेड़ा जनपद पंचायत में राष्ट्रीय ग्रामीण रोजगार गारंटी योजना में उपयंत्री के पद पर पदस्थ लक्ष्मी प्रकाश पटेल गत 14 अ टूबर की शाम मोटर सायकल में ढीमरखेड़ा से सिहोरा लाटते समय बीच रास्ते से रहस्यमय तरीके से लापता हो गए थे। जिसकी सूचना परिजनों ने सिहोरा पुलिस को दी थी। सिहोरा पुलिस ने गुमइंसान कायम करते हुए उपयंत्री लक्ष्मी प्रकाश पटेल की तलाश शुरू की थी तो उमरियापान-सिहोरा मार्ग पर ग्राम सरदा के समीप ही उपयंत्री लक्ष्मी प्रकाश पटेल की मोटर सायकल क्रमांक एम.पी.20केएल-1402 लावारिस हालत में पड़ी मिली लेकिन उपयंत्री का कहीं कुछ पता नहीं चला। इसके बाद परिजन व पुलिस लगातार ढीमरखेड़ा जनपद पंचायत कर्मियों सहित ठेकेदारों व जनपद के अंतर्गत आने वाली ग्राम
पंचायतों के प्रतिनिधियों से पूछताछ करते हुए उपयंत्री की तलाश में लगे रहे। इसी दौरान सरदा के जंगल में लकड़ी बीनने गए ग्रामीणों ने जंगल के अंदर एक क्षत-विक्षत लाश देखकर इसकी सूचना पुलिस को दी। जिसके बाद कुछ ही देर में पुलिस मौके पर पहुंच गई और मौका मुआयना करने के आद लक्ष्मी प्रकाश पटेल के परिजनों को शिना त के लिए घटनास्थल बुलाया। जहां लाश के पास मिले कपड़ों व अन्य सामान से परिजनों ने लाश की शिना त लापता उपयंत्री लक्ष्मी प्रकाश पटेल के रूप में कर ली। पिछले दस दिनों से लापता उपयंत्री लक्ष्मी प्रकाश पटेल की लाश मिलने से अब इस मामले में नया मोड़ आ गया तथा यह भी स्पष्ट हो गया है की उपयंत्री का अपहरण कर उनकी निर्ममता पूर्वक हत्या की गई और लाश को घसीटकर सरदा के जंगलों में फेंका गया लेकिन इस जघन्य हत्याकांड में किनका हाथ है। अभी सुराग नहीं लग सका है। पुलिस सभी पहलुओं पर जांच करते हुए आरोपियों तक पहुंचने का प्रयास कर रही है।

एक जानकारी में यह भी बताया जाता है की उपयंत्री लक्ष्मी प्रकाश पटेल गत 14 अ टूबर की शाम जैसे ही अपनी मोटर सायकल में सवार होकर ढीमरखेड़ा से सिहोरा के लिए रवाना हुए। वैसे ही उनके पीछे एक मोटर सायकल में दो युवक पीछे हो लिए तथा युवकों को पीछा करते हुए कई लोगों ने देखा। जिसके कारण पुलिस घटना वाले दिन उपयंत्री का पीछा करने वाले युवकों का भी सुराग लगाने का प्रयास कर रही है।

वहीं पुलिस इस मामले में उपयंत्री लक्ष्मी प्रकाश पटेल के सभी मोबाइल नंबरों की काल डिटेल भी निकलवा रही है। जिससे पुलिस को मामले की ने केवल जांच करने में मदद मिलेगी बल्कि काल डिटेल के आधार पर आरोपियों तक भी पहुंच सकती है। सिहोरा पुलिस के मुताबिक उपयंत्री लक्ष्मी प्रकाश पटेल के मोबाइल नंबरों की डिटेल आते ही जांच तेज कर दी जाएगी।
पंचायतों में विवाद भी हो सकता है कारण सब इंजीनियर के शव का मेडिकल पोस्टमार्टम कराया गया है। रिपोर्ट आने के बाद ही स्थिति स्पष्टï हो सकेगी। प्रारंभिक कड़ी में पंचायतों के निरीक्षण के दौरान हुआ विवाद भी सामने आ रहा है। हो सकता है कि किसी का आर्थिक हित प्रभावित हो रहा है जिसके चलते बस इंजीनियर की जान गई। - सूर्यकांत शर्मा, एसडीओपी सिहोरा

लापता उपयंत्री लक्ष्मी प्रकाश पटेल की सरदा के जंगल में क्षत विक्षत लाश मिलने की घटना को सिहोरा पुलिस गंभीरता से ले रही है तथा मामले की गुत्थी सुलझाने के लिए पुलिस मामले से जुड़े सभी पहलुओं पर जांच कर रही है। सिहोरा पुलिस के मुताबिक इस मामले में ढीमरखेड़ा जनपद पंचायत के निर्माण कार्यो का ठेका लेने वाले सभी ठेकेदारों सहित जनपद पंचायत के
अंतर्गत आने वाली सभी ग्राम पंचायतों के प्रतिनिधियों तथा सभी सचिव को थाने बुलाकर पूछताछ की जा रही है। खासकर उन ग्राम पंचायतों के प्रतिनिधियों व सचिव को हिरासत में लेकर पूछताछ की जा रही है। जिनकी जांच उपयंत्री लक्ष्मी प्रकाश पटेल कर रहे थे। साथ ही विवादित ग्राम पंचायतों के निर्माण कार्यो का ठेका लेने वाले ठेकेदारों व कर्मचारियों से भी पूछताछ करते हुए आरोपियों का सुराग लगाने का प्रयास किया जा रहा है। सरकारी रकम की हेराफेरी में रोड़ा बनने से गंवाई जान!
सिहोरा से गायब हुए सब इंजीनियर लक्ष्मी प्रकाश पटेल के शव मिलने के बाद जांच में जुटी पुलिस को प्रारंभिक जांच में यह कड़ी मिली है कि पंचायतों के निरीक्षण के दौरान हुए विवाद भी इसका कारण हो सकता है। पुलिस अधिकारियों का कहना है कि सरकारी रकम में हो रहे हेरफे र को रोकने की बात कुछ लोगों को रास नहीं आई होगी जिसके चलते भी सब इंजीनियर की जान जा सकती है। पुलिस अधिकारियों की माने तो कुछ लोगों के आर्थिक हित में सब इंजीनियर रोड़ा बन रहे थे यह भी प्रारंभिक जांच में स्पष्टï हो रहा है। पुलिस अधिकारियों का कहना है कि शव का मेडिकल में पोस्टमार्टम कराया गया है और इसकी रिपोर्ट होने के बाद ही कुछ स्पष्टï रुप से कहा जा सकता है। फिलहाल तो इस संबंध में जो भी कड़ी जुड़ रही है उसी आधार पर आगे की कार्रवाई को अंजाम दिया जा रहा है।

भाजपा के राज में कोई सुरक्षित नहीं
कटनी, जिला कांगे्रस कमेटी शहर के अध्यक्ष करण सिंह चौहान ने अपनी प्रतिक्रिया में कहा है कि उपयंत्री लक्ष्मी प्रकाश पटेल के पहले लापता होने और फिर 11वें दिन उसका शव मिलना गंभीर अपराध है। भारतीय जनता पार्टी सरकार में नागरिक ही नहीं अधिकारियों,
कर्मचारियों का जीवन भी असुरक्षित हो गया है। इसकी कोई गारंटी नहीं कि घर से निकला व्यित वापस घर में लौट ही आएगा। श्री चौहान ने कहा कि दबंगों द्वारा ढीमरखेड़ा में एक अधिकारी को सरेराह उठा ले जाने और बाद में उसकी नृशंस हत्या कर देने से यह तो जाहिर हो गया कि कटनी समेत पूरे प्रदेश में कानून व्यवस्था की कैसी स्थिति है। अपराधों का ग्राफ लगातार बढ़ता जा रहा है और मुयमंत्री मध्यप्रदेश को आदर्श प्रदेश बनाने की बात कर रहे हैं। ताज्जुब तो इस बात पर भी है कि 11 दिनों में पुलिस महज खानापूर्ति ही करती रही, लेकिन शव का पता नहीं लगा पाई। क्षेत्रीय नागरिकों ने जब शव ढूढ निकाला तब पुलिस को पता चला। जिला शहर कांगे्रस अध्यक्ष ने गहरा रोष व्यत करते हुए आरोपियों को शीघ्र गिरतार किए जाने की मांग की है।