31 October, 2011

अनूठी पहल: पहली बार पशु पक्षियों का भण्डारा

अनूठी पहल: पहली बार पशु पक्षियों का भण्डारा

कटनी युवा उत्साही लोगों ने आज शहर में घूम-घूम कर पशु पक्षियों को खाना खिलाया। इस अनोखी पहल के पीछे कारण बताया गया पर्यावरण और पशु रक्षा। संस्था के राकेश जायसवाल गुड्डा अधिवक्ता संघ सचिव संतोष परौहा, आदि ने मिलकर यह पहल की। जन संवदेना अभियान के तहत फारेस्टर खेल मैदान के पास पशुओं के लिए खाना बनाया गया। सैकड़ों डबल रोटी के पैकेट मंगवाए गए और फिर शुरू हुआ मूक पशुओं को खाना खिलाने का सिलसिला, जो दोपहर तक चलता रहा। यही नहीं एक वाहन में सेकड़ों ब्रेड के पैकिट तथा पशुओं के लिए बनाया गया भोजन लाद कर शहर में घूम घूम कर पशुओं को खाना दिया गया। संस्था के सदस्यों ने इस अनूठी पहल के माध्यम से संदेश दिया कि पर्यावरण और प्रकृति की रक्षा के लिए जरूरी है पशु पक्षियों को बचाया जाए, बूचड़ खाने बंद किए जाएं, शाकाहार का संदेश प्रचारित किया जाए, मांस पर प्रतिबंध हो, पेड़ों की कटाई बंद हो, पशु पालन को बढ़ावा दिया जाए योंकि पशुधन सबसे बड़ा धन होता है। पहल करने वाले सदस्यों का कहना था कि इंसान अपने अंदर की दया का जगाए और पशुओं की रक्षा करे। वाहन से घूम कर पशुओं को दिया खाना पशुओं को भी लगा अजीब इस अनोखे भंड़ारे को लेकर जहां शहर में चर्चा थी वहीं पशुओं को दुलार के साथ जब खाना खिलाया जा रहा था तो वह भी कुछ अचरज में थे। कुछ पशुओं को जब युवाओं की टोली खाना देने के लिए पास जा रही थी तो बेचारे डर के मारे भाग रहे थे।

पशुओं को भी लगा अजीब
इस अनोखे भंड़ारे को लेकर जहां शहर में चर्चा थी वहीं पशुओं को दुलार के साथ जब खाना खिलाया जा रहा था तो वह भी कुछ अचरज में थे। कुछ पशुओं को जब युवाओं की टोली खाना देने के लिए पास जा रही थी तो बेचारे डर के मारे भाग रहे थे। उन्हें समझ नहीं आ रहा था कि हमेशा तो इंसान से उन्हें कम से कम खाने के मामले में दुत्कार ही मिलती है तो फिर आज ऐसा या हो गया जो उन्हें स-स मान भोजन कराया जा रहा है। बहरहाल लोगों ने इस अनूठी पहल की सराहना ही। लोगों का कहना था कि सचमुच मूक पशुओं के लिए सोचने वाला कोई नहीं।