19 October, 2011

ऐ पी ओ ने कराया फर्जी भुगतान

माँ न रे गा योजना कटनी जिले में पूरी तरह से असफल साबित हो रही इस योजना में आयी राशी का सरपंच, सचिव से लेकर कलेक्टर तक गिद्ध द्रस्थी लगाए हडपने के इन्तजार में रहते है.
विगत दिनों ग्राम पंचायत बारहटा  के जसवंत सिंह ने जनसुनवाई में अपने आवेदन में सचिव बिहारी विश्वकर्मा पर निम्न आरोप लगाए -
१ यशवंत सिंग के नाम से ममार पति तालाब निर्माण में मस्टर  क्रमांक 84455  व 89963  से आठ दिनों की मजदूरी एवं अगूठा लगाकर राशी का गवन किया गया है.
२ शुभकरण सिंह के कूप निर्माण में बारह लोगो केनाम से पोस्ट आफिस द्वारा फर्जी भुगतान किया गया है.
३ सचिव द्वारा अपनी पत्नी मीना बाई के नाम से बाईस  दिनों की फर्जी हाजिरी भरकर राशी का गबन किया गया है.
४ भगवान् दास व राघवेन्द्र सिंह को उपसरपंच पद पर होते हुए बिना घर बनाए आवास योजना की सम्पूर्ण राशी  प्रदान की गई.
५ आवास हीन सूची के पात्र लोगो को छोड़कर सुविधासंपन्न व्यक्तियों हुकुम सिंह,खूब चन्द्र, नन्हे  सिंह, बबलू को फर्जी रिपोर्ट लगाकर लाभ दिया जो  अनुचित  है.
६ ग्राम में गठित स्वच्छता समूह के पुराने सभी  सदस्यों  को हटाकर अपने ख़ास मित्र की पत्नी सीता रानी के नाम से फर्जी प्रस्ताव तैयार कर  बैंक में खता खोला गया और लाखो रूपये की राशी का गबन किया गया है.
७ डरे राम, दशरथ दोनों व्यक्तियों के नाम गरीबी रेखा में न होते हुए एवं पक्के  मकान होते हुए भी लाभ दिया गया


संदर्भित आवेदन के परिपालन में जनपद सी ई ओ रीठी ने अपने पत्र  क्रमांक १३२ /ज सु/ ज पण/ ११-१२ रीठी दिनांक ०७/०६/११ में कलेक्टर कटनी को लिखा रीठी  में पदस्थ पंचायत समन्वय अधिकारी प्रकाश बक्शी से जाँच  कराई गई जिसमे ग्राम पंचायत बरहटा  के सचिव बिहारी लाल विश्वकर्मा द्वारा मस्टर  रोल में काट-छाट एवं अनियमितता किया जाना तथा मनमाना प्रस्ताव डालकर आवास निर्माण एवं समग्र स्वच्छता अंतर्गत अनियमितता एवं भ्रष्टाचार किया जाना पाया गया है. अतः इनके विरुद्ध मध्य प्रदेश पंचायत राज अधिनियम १९९३ ली दज्र ६९ (1) के अधीन सचिवीय अधिसूचना समाप्त करने की कार्रवाई की जाना उचित होगा.


इधर अपने बचाव में लगे सचिव बिहारी के द्वारा फर्जी रूप से एक मस्टर  भी तैयार कर लिया गया जिसे  म  न रे गा ऐ पी ओ वर्षा जैन ने सर्टिफाइड करके दिया है. कमाल  की बात यह है की शुभकरण/हरदेओ के कूप में जिन बारह लोगो के नाम से राशी का आहरण फर्जी रूप से किया गया है उसकी जानकारी देने में जनपद के कर्मचारी पहले आना कानी करते रहे और बाद में जो मस्टर  दिया वह भी फर्जी तैयार किया गया है मस्टर बनाते समय उसमे मेट, सरपंच के हस्ताक्षर होते है तभी उपयंत्री मूल्यांकन करता है. लेकिन इस मस्टर क्रमांक १४९२६२ में १५/०१/०९ से २१/०१/०९ तक जिन बारह मजदूरों को काम करते दिखाया गया है यह मस्टर शुभकरण  के कूप निर्माण में प्रयोग ही नहीं किया गया. जो मस्टर म न रे गा की साईट  पर  है वे इस प्रकार है - (442734,442735,4485671,4485677,4487825,4487826,146228,146959,146960,146968,44145350,)


Work Code*

State : मध्य प्रदेश
Work Name : Panchayat:BROHATA
Block : rithi District : KATNI
Date From : 22/01/2008 Date To : 19/10/2011
(Muster Roll No.):
11 (442734,442735,4485671,4485677,4487825,4487826,146228,146959,146960,146968,44145350,)

ऐसे में म न रे गा में रीठी जनपद  की ऐ पी ओ वर्षा जैन की कार्य  प्रडाली   पर भी प्रश्न चिन्ह लगता है. विगत वर्षो में  ग्रामीण  रोजगार  सहायक  की  भर्ती  में पूर्व  सी ई  ओ सुरेश झरिया   के साथ मिलकर किये गए खेल की पोल तो बाद में खुली  जब दो ने स्तीफा दिया और तीसरा मामला  कोर्ट  में है  इसमें ऐसी  भी नियुक्ति की गई है जिसमे मार्क शीट में तीस में से चालीस अंक मिले  है  और इन नियुक्ति कर्ताओ को यह सब नजर नहीं आया था.


यह तो भ्रष्टाचार की एक बानगी है ऐसा रीठी जनपद की 56  ग्राम पंचायतो में धड़ल्ले   से हो रहा है  जिसमे नाबालिग, मृत तथा नौकरीपेशा लोगो के नाम से फर्जी रूप से राशी का आहरण कर लिया गया है. इस
फर्जीवाडे में पोस्ट आफिस, बेंक के कर्मचारी भी सभी शामिल है. और शिकायत  करने पर कोई कार्रवाही न होना भी गरीब जनता  को निराश करता है वास्तव में उनका तो हक़ मारा जा रहा  है 


ऐसे में कटनी जिले में न्याय की आशा करना ही व्यर्थ है.