10 January, 2011

मध्य प्रदेश शासन लोक निर्माण विभाग कटनी में बैठे आला अधिकारी चैन की बंशी बजा रहे है तभी तो उन्हें क्षेत्र में सच्चे जनप्रतिनिधि की जानकारी तक नहीं है. ऐसा ही एक नजारा विगत दिनों  देखने में आया.

बात है तिलगवा-बाधा-मगरधा (सात किलोमीटर) रोड  के भूमिपूजन की. इस भूमि पूजन में लगाए गए शिलालेख में पी डब्लू डी विभाग के कर्मचारियों ने या तो अनदेखी कर दी है या फिर ठेकेदार ने अपनों को खुश करने के लिए सोच समझकर यह भी ध्यान नहीं रखा की कौन जनप्रतिनिधि है और कौन नहीं.

इस शिलालेख में जो नाम लिखे गए है उनमे विधायक निशीथ पटेल के अलावा दूसरे लोगो के नाम समझ से परे है. इसमें  नरेद्र राय ब्लाक कांग्रेस कमिटी अध्यक्ष, जगदीश प्रसाद पाण्डेय विधायक प्रतिनिधि, कैलाश वर्मा सरपंच बिलहरी, सुदीप तिवारी एडवोकेट, सतेन्द्र सिंह भदोरिया विशिष्ट अतिथि की उपस्थिति में दिनांक 08 .01 .2011 दिन शनिवार को यह भूमि पूजन संपन्न हुआ.

पी डब्लू डी विभाग या ठेकेदार शायद भूल गया सांसद, जिला पंचायत अध्यक्ष, जनपद पंचायत अध्यक्ष, जनपद पंचायत उपाध्यक्ष, जनपद सदस्य को. गौरतलब है की वर्तमान में बिलहरी की सरपंच आशा वर्मा है न की कैलाश वर्मा और जितने भी नाम लिखे गए है वे सभी या तो ठेकेदार के करीबी व्यक्ति है या फिर विधायक के इर्द गिर्द रहने वाले लोग है.

पी डब्लू डी विभाग के इंजिनियर लगता है स्थल पर निरीक्षण करने नहीं आते क्योकि इतनी बड़ी गलती क्षेत्रीय जनता के गले नहीं उतर रही. लोगो में आक्रोश है की आखिर ठेकेदार द्वारा लगाया गया यह शिलालेख गलत व्यक्तियों के नाम के साथ क्यों  और कैसे लगाया गया ?

रोजगार गारंटी में बाल मजदूर काम कर रहे

ग्राम पंचायतो द्वारा नहीं रखे जाते रिकार्ड
महात्मा गाँधी रोजगार गारंटी योजना के तहत केंद्र सरकार कितनी भी पारदर्शिता लाने की कोशिश करे लेकिन लालफीताशाही सरकार के सारे फरमानों को दरकिनार कर अपने चहेतों को उपकृत करके लाभ कमा रहे है.

जनपद पंचायत रीठी में पिछले पंचवर्षीय कार्यकाल में इस कदर भ्रष्टाचार हुआ है की शायद ही प्रदेश के किसी अन्य जनपद में ऐसा भ्रस्टाचार हुआ हो.वर्ष 2009 -10 में आयी मूलभूत तथा बारहवे वित्त की राशी पूर्व सी ई ओ झारिय और जनपद के कर्मचारियों ने मिल बाट कर हजम कर ली और सरपंच सचिव को इस बात का पता तक नहीं चला.

इस रहस्य से पर्दा तब उठा जब जनपद अध्यक्ष प्रीति सिंह ने अपने जनसंपर्क कार्यक्रम में जनपद पंचायत रीठी की पंचायतो में पूर्व में आयी राशी एवं कराये गए कार्यो का स्थल पर भौतिक सत्यापन किया.अपने सघन दौरे के अंतर्गत जब प्रीति सिंह ग्राम पंचायत बिरुहली पहुची और जनता के सामने सचिव दिनेश पटेल से पूछा तब सचिव ने  बताया की चालीस हजार की राशी जो हेंड पम्प की मरम्मत में तथा पुताई एवं साफ़ सफाई में जो राशी दिखाई गयी है उस राशी को उसने आहरित ही नहीं किया.

आश्चर्य जनक तथ्य है की जब सचिव को विगत वर्ष आयी मूलभूत और बारहवे वित्त की राशी का पता ही नहीं है तो फिर यह राशी गयी कहा. जानकार सूत्रों की माने तो फरवरी मार्च में पूर्व सी ई ओ सुरेश झारिया एवं जनपद के कर्मचारियों की मिलीभगत से यह राशी निकाल ली गई है यदि प्रारंभिक स्तर पर आकड़ो पर जाए तो यह राशी तीस लाख के लगभग की है जो एक गंभीर अनियमितता का खुलासा करता है.

अपने जनसंपर्क में रीठी अध्यक्ष को रोजगार गारंटी योजना में ढेर सारी अनियमितताए मिली. महात्मा गाँधी रोजगार गारंटी योजना के अधिनियम 9 .1 के अनुसार ग्राम पंचायत मुख्यालय में आवेदन पंजीयन रजिस्टर, रोजगार कार्ड रजिस्टर, रोजगार रजिस्टर, सम्पदा रजिस्टर,  मस्टर रोल प्राप्ति रजिस्टर, शिकायत रजिस्टर रखा होना चाहिए. लेकिन इन पंजियो का या तो संधारण ही नहीं किया जाता और यदि किया भी जाता है तो फिर उन्हें ग्राम पंचायत मुख्यालय में नहीं रखा जाता.

रीठी जनपद अध्यक्ष प्रीति सिंह ने रोजगार गारंटी अधिनियम की न केवल जनपद बल्कि जिले स्तर  पर इसकी धज्जिया उडाये जाने पर चिंता जताई. उन्होंने कहा की रोजगार गारंटी अधिनियम में स्पष्ट उल्लेख है  की मस्टर रोल की एक प्रति सार्वजनिक निरीक्षण के लिए प्रत्येक ग्राम पंचायत तथा कार्यक्रम अधिकारी के कार्यालय रखी जायगी जो की नहीं रखी जाती. रोजगार गारंटी अधिनियम के नियम 9 .3 की कंडिका 9 .3 .3 में स्पष्ट उल्लेख है की जिला कार्यक्रम समन्वयको को एक शिकायत रजिस्टर रखना होगा. कार्यक्रम अधिकारी को अपने कार्यालय में एक शिकायत पेटी भी रखनी चाहिए और नियमित अंतराल पर उसे खुद खोलना चाहिए. शिकायत पेटी ऐसी जगह पर होनी चाहिए जहा लोग आसानी से उसमे अपनी शिकायते डाल सके. इसमें यह भी लिखा है की शिकायत पेटियों से प्राप्त होने वाली शिकायतों को भी शिकायत रजिस्टर में दर्ज किया जाना चाहिए.





अपने औचक निरीक्षण में रीठी जनपद अध्यक्ष जब ग्राम पंचायत सिमरा-1 में चल रहे नवीन तालाब के कार्य स्थल पर पहुची तो वहा मस्टर में 48 लोगो की हाजिरी भारी गयी थी जबकि मौके पर  मेट को मिलाकर 43 मजदूर काम करते मिले. इन मजदूरों में पांच बाल मजदूर भी मिले कुछ तो अध्यक्ष का वाहन देख कर भाग गए.

प्रीति सिंह ने उपस्थित मेट को स्पष्ट निर्देश दिए की भविष्य में बाल मजदूरों को काम पर न लगाये.