12 January, 2011

शिवराज सरकार में सरकारी अमला निरुन्कुश

गरीब मेला शिविर कटनी जिले के गरीबो के उपहास का केंद्र बन गए  है. यहाँ की रीठी जनपद  में आयोजित गरीब मेला की श्रंखला में अभी तक रीठी, बडगांव, कमोरी, बिलहरी, हरद्वारा, बख्लेटा और इस बुधवार को बांधा ग्राम पंचायत में मेला तो लगा लेकिन बड़े दुःख और आश्चर्य की बात है की इन गरीब मेला शिविरों में आज तक जिले का एक भी आला अधिकारी नहीं पंहुचा.

दिनांक 12 जनवरी 2011 को आयोजित रीठी जनपद की ग्राम पंचयत बांधा में आयोजित गरीब मेला शिविर में पंचायत इन्स्पेक्टर तिग्नाथ को छोड़कर कोई भी अधिकारी नहीं पहुचा. स्वयं जनपद पंचायत रीठी के सी ई ओ पंकज जैन नदारद मिले फिर दूसरो की क्या बात की जाए. सी ई ओ खजुराहो सांसद जीतेन्द्र सिंह बुंदेला के भ्रमण कार्यक्रम में व्यस्त थे.

सांसद के भ्रमण को जिला प्रशासन गंभीरता से ले रहा है और गरीबो के लिए लगने वाले इन शिविरों में अधिकारियो की अनुपस्थिति गरीबो के साथ मजाक नहीं तो और क्या है....

इन गरीब शिविरों में कलेक्टर, एस डी एम्, जिला पंचायत सी ई ओ, एडिसनल कलेक्टर, तहसीलदार, आर आई कोई भी किसी भी शिविर में नहीं पहुचा. यह इस बात को स्पष्ट करता है की शिवराज सरकार में सरकारी अमले को भय नाम की बात है ही नहीं. प्रशासन की उदासीनता और इनका मनमान आचरण कटनी जिले में राजनेताओं और प्रशासन की मिली भगत को चरितार्थ करता है.


आखिर इन गरीब मेला शिविरों को क्यों आयोजित किया गया ?
गरीबो को  कटनी जिले के राजनेता  और प्रशंसनिक अधिकारी कब तक छलते रहेगे ?
 यहाँ की जनता को जाग्रत करने वाला मसीहा कब आएगा ?

कटनी जिला प्रशासन चुपचाप कमीशनखोरी में लिप्त है और यहाँ के जनप्रतिनिधि स्वार्थ की भावना से ऊपर उठ कर सोच ही नहीं पाते.....

साठ हजार पौधों पर तुषार का असर

कटनी जिले की रीठी तहसील अधिकांश फसल पाला  से प्रभावित हुई है. तुषार से अरहर की 40 से 50 प्रतिशत फसले, मटर की 25 से 30 प्रतिशत, मसूर की 25 से 35 प्रतिशत, चने की 10 से 25 प्रतिशत, राय-सरसों एवं अलसी की पांच से दस प्रतिशत फसले प्रभावित हुई है. शीतलहर एवं पाला से प्रभावित फसलो की तबाही से किसान चिंतित है.

इस पाला से शासकीय निकुंज खम्हरिया (घुघरा) भी अछूता नहीं रहा. यह कहना है राधेलाल नामदेव, ग्रामीण उद्यान विस्तार अधिकारी  का. नामदेव के मुताबिक इस वर्ष उन्होंने नर्सरी में एक लाख आम के पौधे तैयार किये थे जिसमे से लगभग साठ हजार पौधों पर तुषार का असर हुआ है.

एक और ग्रामीण  उद्यान विस्तार अधिकारी बी पी झारिया ने बताया की बड़े परिश्रम से इन आम के पौधों को तैयार किया गया था लेकिन इस बार पडी अधिक ठण्ड ने इन पौधों को बुरी तरह झुलसा दिया है. अब इन पौर्धो को बचाने के लिए इनमे पानी लगाकर यूरिया का छिडकाव किया गया है.

उद्यान प्रभारी नामदेव ने बताया की घुघरा नर्सरी के नाम से प्रसिद्द शासकीय संजय निकुंज खम्हरिया (घुघरा) में फलदार पौधे एवं वृक्षों की नर्सरी है जहा विभागीय योजना एवं राष्ट्रीय कृषि विकास योजना के तहत पौधों को तैयार किया जाता है. यहाँ से न केवल जिले के किसानो को बल्कि इस वर्षः जिला पंचायत सी ई ओ शहडोल को एक लाख उनतीस हजार रूपये के विभिन्न प्रकार के फलदार पौधे दिए गए.

इस नर्सरी में आवला की बनारसी और चकिया क़िस्म के चालीस वृक्ष लगे है जिनकी फल्सल  देखकर दिल खुश हो जाता है.

इसी प्रकार इस नर्सरी में सिन्दूर के पौधे भी तैयार किये गए है.