18 February, 2011

मुख्यमंत्री ने दी 36 करोड़ की सौगात

मुख्यमंत्री ने दी 36 करोड़ की सौगात
कटनी अंत्योदय मेले की उपलब्धि, 88 हजार से ज्यादा लोग लाभान्वित


मुख्यमंत्री श्री शिवराज सिंह चौहान ने कहा कि प्रदेश में सबसे ज्यादा हमारी गरीब जनता बसती है इसलिये इनकी रोजी-रोटी, पढाई लिखाई, दुखः, बीमारी की चिन्ता सरकार की पहली प्राथमिकता में है। इसके चलते प्रदेश सरकार के आधे बजट पर गरीबों का हक है। मुख्यमंत्री ने यह आव्हान कटनी जिला मुख्यालय पर आयोजित अंत्योदय मेंला में किया। उन्होने इस जिला स्तरीय भव्य समागम के दौरान शासन की जनकल्याणकारी योजनाओं व कार्यक्रमों के माध्यम से 36 करोड पांच लाख से अधिक राशि की सुविधाऐं, साधन 88 हजार 861 गरीब जरूरतमंद हितग्राहियों को सौंपें।


मुख्यमंत्री ने कहा कि किसी गरीब के बच्चे अब पढाई से मोहताज नहीं रहेगें। इस साल से गरीब मजदूरों के बच्चों को पहली से 12 वीं तक छात्रवृत्ति दी जाएगी। प्रदेश सरकार कक्षा पहली से 12 वीं तक क्रमशः 50 से लेकर 400 रूपये तक छात्रवृत्ति देगी। प्राइवेट स्कूलों में 25 प्रतिशत बच्चे गरीबों के पढ़ेंगे। जिसकी फीस की भरपाई मध्य प्रदेश सरकार करेगी। राज्य बीमारी सहायता योजना के अंतर्गत अब गरीबों को इलाज के लिए दो करोड से बढाकर यह सहायता 20 करोड रूपये कर दी गई है। इस योजना के तहत कलेक्टर एक लाख रूपये इलाज हेतु मंजूर कर सकेगें। अब हर गरीब को अंत्योदय उपचार से लेकर राज्य बीमारी सहायता योजना का लाभ हर हाल मे मिलेगा।

मुख्यमंत्री ने कहा कि 50 सालों मे राजस्व पुस्तक परिपत्र 6-4 में संशोधन नही हुआ। वर्तमान में प्रदेश सरकार ने इसके तहत संशोधन कर नये नियम लागू किये हैं। जिससे पाला प्रभावितों को पांच एकड की फसल मे यदि एक एकड भी फसल की क्षति हुई है तो नये संशोधन के तहत राहत राशि दी जाएगी। सरकार ने पाला राहत हेतु 900 करोड रूपये का आवंटन जारी किया है। उन्होने कहा कि मै आगामी दिनों में कभी भी किसी भी गांव में राहत राशि वितरण की समीक्षा कर सकता हूं। यदि कोई शिकायत मुझे मिलेगी तो ऐसे अधिकारी कर्मचारी मेरी सरकार में नौकरी नहीं कर सकेग। इसलिए अधिकारी कर्मचारियों से सरकार की अपेक्षा है कि वे किसान की फसल का सही आंकलन करें।
मुख्यमंत्री ने कहा कि केन्द्र सरकार से किसानों को गेहूं का समर्थन मूल्य 1600 रूपये करने की मांग की गई थी। किन्तु केन्द्र सरकार ने इस पर ध्यान नही दिया। प्रदेश सरकार किसान को गेहूं का समर्थन मूल्य पर 100 रूपये तथा 50 रूपये धान का बोनस देगी।


इस मौके पर मुख्यमंत्री ने कहा कि कटनी के विकास मे कोई कमी नहीं आएगी। यहां जन भावना के अनुरूप ही विकास किया जाएगा। इस मौके पर विधायक श्री गिरिराज किशोर पोद्दार ने कहा कि यहां की जनता ने मुख्यमंत्री से जो मांगा है वह उन्होने दिया है। आज कटनी विकास प्राधिकरण में अनेकों प्रमुख विकास योजनाऐं शामिल हैं। जिसमे बरगी नहर से कटनी को जल प्रदाय, ट्रांसपोर्ट नगर की लीज में बढोतरी, कटनी नदी पुल का निमार्ण की स्वीकृति, जैसे अनेक विकासीय मुद्दे जनहित में पूरे हुए होने जा रहे हैं।

इस अवसर पर प्रभारी मंत्री डॉ रामकृष्ण कुसमरिया, सांसद श्री जितेन्द्र सिंह बुंदेला, विधायक श्री मोती कश्यप, संभाग आयुक्त श्री प्रभात पाराशर, अतिरिक्त पुलिस महानिदेशक श्री बी. मधु कुमार, कलेक्टर श्री एम सेल्वेन्द्रन, पुलिस अधीक्षक श्री मनोज शर्मा सहित ग्रामीण एवं नगरीय निकाय के जनप्रतिनिधिगण व जिला स्तरीय अधिकारी/कर्मचारी व गणमान्य नागरिक उपस्थित थे।

दलित आदिवासी को नहीं मिल रहे श्रमिक कार्ड


दलित आदिवासी को नहीं मिल रहे श्रमिक कार्ड
अखिलेश उपाध्याय

कटनी जिले में व्याप्त अराजकता के चलते नियम-कायदों को ताक पर रखकर काम हो रहा है. जिनका नाम गरीबी रेखा में होना चाहिए उनका कार्ड नहीं बना है और जो वास्तव में गरीब और पात्र है उन्हें  शासन की योजनाओं का लाभ नहीं मिल रहा है.

रीठी जनपद पंचायत की ग्राम पंचायतो में ऐसा ही कुछ हो रहा है. ग्राम पंचायत ढुढरी   के सचिव ने अपने माता-पिता को निराश्रित पेंसन योजना के लिए पात्र घोषित करवा लिया है और दोनों को प्रतिमाह निराश्रित पेंसन मिलने लगी है. सचिव ने अपनी पत्नी को भी आगनबाडी कार्यकर्त्ता नियुक्त करवा लिया है. माता-पिता की पेंसन, पत्नी तथा स्वयं की मानदेय राशी इन सभी लाभों को प्राप्त करने के बाद सचिव स्वयं निर्धन बने हुए है. उनका नाम गरीबी रेखा सूची में दर्ज है. इसके  अलावा  ढुढरी गाँव के कई पूजीपतियो को भी सचिव की वजह से निराश्रित पेंसन पाप्त हो रही है और वे गरीबी रेखा के नीचे जीवन यापन कर रहे है.

शिकायत मिलने के बाद जिला पंचायत सी ई ओ शशिभूषन सिंह ने इसकी जाँच के आदेश रीठी जनपद सी ई ओ पंकज जैन को सौपी है. ग्रामीणों ने बताया की उन्होंने रोजगार गारंटी योजना के तहत सौ दिवस का काम पूरा कर लिया है और ग्राम पंचायत में सचिव ने उनका रिकार्ड प्रस्तुत नहीं किया है. और रिकार्ड उपलब्द्ध न होने के कारण निर्माण श्रमिको के पंजीयन कार्ड नहीं बनाए जा सके है. इससे उन्हें सरकारी  योजनाओं का पर्याप्त लाभ नहीं मिल पा रहा है.

सी ई ओ जिला पंचायत से निर्माण मजदूरों ने पंजीयन करवाने की प्रार्थना की है ताकि  उनके जाब कार्ड बन सके.  ढुढरी ग्राम पंचायत के अंतर्गत आने वाले गाँव जालासुर, धरमपुरा, सगोड़ी के आदिवासी हरिजन श्रमिको ने सचिव द्वारा किये  जा रहे पक्षपात की जाँच भी चाही है.