11 April, 2011

पाला राहत राशि वितरण में घोटाला

पाला राहत राशी के नाम पर सरकार के कर्मचारी किसानो का शोसन कर रहे ऐसी सैकड़ो शिकायते कटनी जिले के गांवो से आये दिन कलेक्टर को की जा रही है. लेकिन इन समस्याओं का आज तक कोई हल नहीं किया गया.
जनपद पंचायत बहोरिबंद के ग्राम खराग्वा, ग्राम पंचायत तिग्वा के सुघराम पिता स्वर्गीय रामसेवक पटेल को मुआबजा के रूप में बारह हजार का चेक दिया गया. इस राशी का उसने आहरण भी करा लिया गया. इसके बाद सुघराम की तकलीफे बढ़ गयी जब बहोरिबंद तहसीलदार ने उसके पास इस राशी को बसूलने के लिए नोटिस भेज दिया.
हुआ यु की पटवारी हल्का नंबर 16 /29  के जमीनधारक ग्राम खराग्वा निवासी सुघराम को मध्य प्रदेश शासन के ट्रेजरी का चेक दिया गया. उक्त चेक जब तक हितगाही ने कैश नहीं कराया तब तक यह बात नहीं उठी लेकिन जैसे ही उसने इस चेक की राशी आहरित करा ली उसके बाद लेन देन की बात पर खरे न उतरने के कारण हितग्राही से बसूली के लिए तहसीलदार द्वारा गुंडे भेज दिए गए.

जबकि दबी जुबान में बहोरिबंद तहसील में इस बात की चर्चा है की इस तरह के सैकड़ो चेक हितग्राहियों को जारी कर दिए गए है. असल में सुघराम को मात्र बारह सौ रूपये की मुआबजा की राशी ही मिलनी चाहिए थी लेकिन तहसील के कर्मचारियों द्वारा इस प्रकार से हितग्राहियों से मिलकर लें-दें की बात करके राशि बढाकर दे दी जा रही है ऐसे में करोडो का घोटाला किया जा रहा है.
बहोरिबंद तहसीलदार हेमकरण धुर्वे के कार्यकलाप से किसानो में असंतोष व्याप्त है. एकाउंट पेयी चेक को बियरर करने के लिए सौ रूपये से लेकर पांच सौ रूपये तक की राशी तहसीलदार के बाबुओ द्वारा साहब के नाम पर ली जा रही है.
जबकि दोनों हितग्राही और तहसीलदार इस साजिस से मुकर रहे है लेकिन यदि बारह सौ के चेक के स्थान पर  बारह हजार की राशि प्रदान कर दी गयी है तो फिर बहोरिबंद तहसील के समस्त हित्गढ़ियो को प्रदान किये गए पाला रहत की राशी के वितरण की जाच होना चाहिए.

लाखो खर्च लेकिन एक भी ग्राम निर्मल नहीं हो सका.....!

 लाखो खर्च लेकिन एक भी ग्राम निर्मल नहीं हो सका.....!
अखिलेश उपाध्याय
समग्र स्वक्षता अभियान अंतर्गत व्यक्तिगत शौचालय निर्माण हेतु आई राशी का जनपद पंचायत रीठी में जमकर दुरूपयोग हुआ है. राज्य जल एवं स्वक्षता मिशन विकास आयुक्त कार्यालय मध्यप्रदेश भोपाल के पत्र  क्रमांक 15782 /22 /टी एस सी/08 भोपाल दिनांक 18 /11 /2008 तथा कार्यालय जिला पंचायत कटनी के पत्र क्रमांक 991/सा सवा अभी/08 कटनी दिनांक 16 /05 /2008 के परिपालन में जनपद पंचायत रीठी को निर्मल जनपद के रूप में तैयार करने के लक्ष्य निर्धारित किया गया था. इसी तारतम्य में 28 /03 /2008 को जिला पंचायत कटनी द्वारा 51 लाख का आवंटन दिया गया था.


इस योजना के तहत जनपद रीठी की कुल बीस ग्राम पंचायतो को ग्राम पंचायतवार 50 -50   शौचालय निर्माण हेतु माह जून 2009 में राशी का वितरण किया गया. यह बीस पंचायते थी - गुरजी  कला, खमरिया -2  , खरखरी, तिघराकला, बक्लेहता, कैना, खम्हरिया-१ , नयाखेडा, गोदना, सीदा, देवरीकला, हरद्वार, देवगांव, रूड्मूद, भरतपुर, करहिया-१, सिंदरी, बरहता, पटेहरा, मुहास.

लेकिन यह राशी सरपंच, सचिव, समग्र स्वक्षता अभियान समन्वयक तथा दलालों द्वारा डकार ली गयी और खाना पूरित करके योजन में जमकर पलीता लगाया गया है. ऐसी भी चर्चा है की जनपद के ही कुछ कर्मचारियों ने ठेके पर कार्य कराया है. स्पष्ट है की इसलिए सरपंच और सचिव ने कोई भी काम नहीं किया है.
जबकि दिनांक १७/०९/२००९ को बारह पंचायतो का पूर्णता प्रमाद्पत्र प्राप्त हो जाने के बाद जनपद पंचायत रीठी के द्वारा इन बारह पंचायतो हरद्वार, नयाखेडा, देवगांव, खमरिय-१, भरतपुर, गोदना, करहिया-१, तिघराकला, गुर्जी कला , बक्लेहता, मोहस, देवरीकला को पुनः द्वितीय किस्त तेरह लाख बीस हजार रूपये जरी कर दी गयी


हकीकत तो यह है की अभी भी यह शौचालय नहीं बनाये गए है.


यह लाखो का घोटाला यही समाप्त होने का नाम नहीं लेता बल्कि बुलंद हौसलों के साथ पुनः दिनांक 10 .11 .2009 कैना, खमरिया-२, रूड मूड, पटेहरा को प्रतिग्राम पंचायत को  एक लाख दस हजार के मान से राशी सम्बंधित पंचायतो के खाते में भेज दी गयी. इसमें पि सी ओ से निर्माधीन पूर्ण कार्यो की भौतिक स्थिति का प्रतिवेदन भी प्राप्त कर लिया गया. जबकि किसी भी पंचायत में शौचालय आज तक पूर्ण नहीं हुए है.


यह घोटाला इसी तरह रिती जनपद में जमकर फलता फूलता रहा और  आगे बढ़ता रहा और तत्कालीन सी ई ओ सुरेश झरिया तथा लेखा अधिकारी एवं इस कार्यक्रम के समन्वयक द्वारा फर्जी आकडे  भरकर इस राशी को क्रमशः निकला जाता रहा. दिनांक १३.०३.२०१० को इन्ही बीस पंचायतो के सौ बी पि एल परिवारों के मान से पुनः चवालीस लाख रूपये पंचायतो के खाते में दाल दिए गए.


एक बार फिर से जनपद शिक्षा केंद्र रीठी से ६९ शौचालय विहीन शालाओं की सूची भेजी गयी जिसमे जिला पंचायत कटनी द्वारा ६९ शौचालय विहीन शालाओं में शौचालय निर्माण हेतु राशी उपलब्द्ध करा दी गयी. बीस हजार के मान से 56   विद्यालयों को 10  लाख बीस हजार रूपये पंचायतो के खाते में डाल  दिए गए.
कुल मिलकर इस योजना में अभी तक लगभग एक करोड़ के आस-पास राशी खर्च की जा चुकी है और एक भी पंचायत निर्मल ग्राम नहीं बन सकी है. अभी भी रिती जनपद के गोनो में शाम को इन्ही पंचायतो में जहा पासा पानी की तरह बहाया गया वह के ग्रामीण, माताए, बेतिया लोटा लेकर जाते देखे जा सकते है.
कटनी जिले में इस तरह की लूट मची है की कलेक्टर से लेकर सरपंच, सचिव तक सभी अपना कमीशन लेकर मजे लूट रहे है.
क्या गरीब जनता के आये पैसे का इन्साफ कोई जनप्रतिनिधि दिला सकेगा,  ऐसा तो अभी नहीं दिखता.