07 September, 2011

प्रदेश में शुरू होगी एयर टैक्सी सेवा



भोपाल। मध्य प्रदेश में पर्यटन क्षेत्र के विकास के लिए चल रही कोशिशों के बीच एयर-टैक्सी सेवा की शुरुआत होने जा रही है। भोपाल से पहली एयर टैक्सी सात सितम्बर को उड़ान भरेगी।

मध्य प्रदेश आने वाले पर्यटकों को राज्य पर्यटन विकास निगम द्वारा सुविधाएं दिलाने के मामले में पूरे देश में विशिष्ट पहचान बना चुका है। जल, थल तथा वायु के सभी क्षेत्रों में पर्यटन को बढ़ावा देने के क्रम में प्रदेश में पहली बार एयर-टैक्सी की शुरुआत हो रही है।

पहले चरण में यह सेवा भोपाल-इंदौर, भोपाल-ग्वालियर, भोपाल-जबलपुर, इंदौर-ग्वालियर और इंदौर-जबलपुर के बीच शुरू होगी। इन शहरों के बीच सुबह और शाम को एयर-टैक्सी चलेंगी।

एयर-टैक्सी सेवा का शुभारम्भ 7 सितम्बर को राजा भोज विमान तल से होगा। पर्यटन विकास निगम का दावा है कि इस हवाई सेवा के प्रारम्भ होने के साथ ही देश के पर्यटन मानचित्र पर एयर-टैक्सी द्वारा आवागमन की सुविधा उपलब्‍ध करवाने वाला मध्य प्रदेश देश का पहला राज्य बन जाएगा।

दूसरे चरण में ग्वालियर-जबलपुर के बीच में डेली लाइट चलेंगी, जिससे कुछ और पर्यटन-स्थल इस सेवा से जुड़ जाएंगे। इनमें सतना, खजुराहो, पचमढ़ी, वल्लभगढ़ और कान्हा शामिल हैं। 

कागजों में अटके सीसीटीवी कैमरे


 आतंकियों के निशाने पर चल रहे दिल्ली उच्च न्यायालय में आखिर कब सीसीटीवी कैमरे लगेंगे यह सोचनीय विषय है। हैरानी वाली बात यह है कि तीन वर्षो में इस काम की कागजी प्रक्रिया तक पूरी नहीं हो पाई है, जबकि तीन महीने में इस कार्य के लिए टेंडर डालने की प्रक्रिया पूरी करनी थी। 

    कहना गलत न होगा कि आज अगर सीसीटीवी कैमरे लगे होते तो दहशतगर्द बुधवार को धमाका करने की न सोचते और अगर करते भी तो जांच एजेंसियां आसानी से उनके गिरेबां तक पहुंच जातीं। कुछ ऐसी ही बात 25 मई को उठी थी जब हाईकोर्ट गेट के बाहर बम धमाका हुआ था।

     पूरे मामले पर नजर डालें तो लगभग तीन वर्ष पहले दिल्ली हाईकोर्ट परिसर व उसके विभिन्न गेटों पर 32 सीसीटीवी कैमरे लगाने की योजना पर काम शुरू हुआ था। विभागीय सूत्रों का कहना है कि कैमरे लगाने वाली कंपनियों के आपसी विवाद के चलते कैमरों के दामों पर सहमति नहीं बन पाई और तीन बार टेंडर निरस्त किए गए। 

    25 मई 2011 बम धमाके के बाद सीसीटीवी कैमरे लगाने की योजना में फिर तेजी आई लेकिन जून में दिल्ली पुलिस ने इस योजना पर काम कर रहे लोक निर्माण विभाग को बताया कि 32 की जगह 49 कैमरे लगाने की जरूरत है, जिस पर फिर नए सिरे से योजना पर काम शुरू हुआ। अब इस योजना पर लगभग 60 लाख रुपये का खर्च आने का अनुमान है। 
इस बाबत लोक निर्माण विभाग के निदेशक (कार्य)  कहते हैं कि सीसीटीवी कैमरे के लिए जून में टेंडर प्रक्रिया का काम पूरा हो गया था। मगर दिल्ली पुलिस ने 17 अतिरिक्त कैमरे लगाने की मांग रखी। जिस पर पूरी योजना पर नए सिरे से काम करना पड़ा है। योजना के अब फिर से टेंडर कॉल किए गए हैं। टेंडर की प्रारंभिक प्रक्रिया पूरी चुकी है। नौ सितंबर को इसकी तकनीकी प्रक्रिया पूरी की जाएगी।

     दिल्ली बार काउंसिल के चेयरमैन का कहना है कि हमने हाईकोर्ट परिसर के बाहर सीसीटीवी कैमरे लगाने की मांग की थी परंतु अब तक दिल्ली पुलिस ने कुछ नहीं किया। उन्होने कहा कि हाईकोर्ट के बाहर और अंदर सुरक्षा देना पुलिस की जिम्मेदारी है। अगर गेट के पास ब्लास्ट हुआ है तो उसे भी हाईकोर्ट पर हुआ ब्लास्ट ही माना जाएगा। ऐसे में पुलिस यह कहकर पल्ला नहीं झाड़ सकती है कि बाहर के हिस्से पर पुलिस का नियंत्रण नहीं है

संसद में गृहमंत्री ने कबूली चूक की बात

केंद्रीय गृहमंत्री पी चिदंबरम ने कहा है कि दिल्ली आतंकवादी गुटों के निशाने पर है। संसद के दोनों सदनों में बुधवार को गृहमंत्री ने स्वीकार किया कि दिल्ली पुलिस की क्षमता बढ़ाने तथा हाई अलर्ट जारी होने के बावजूद यह दुखद घटना हुई। दिल्ली हाईकोर्ट के गेट पर हुए बम विस्फोट की निंदा करते हुए चिदंबरम ने कहा कि सरकार दोषियों का पता लगाने तथा उनके खिलाफ कड़ी कार्रवाई करने के लिए कृत संकल्प है।

पुलिस को सुदृढ़ बनाने के प्रयास किए जा रहे
चिदंबरम ने बुधवार को संसद के दोनों सदनों में इस आतंकी घटना की जानकारी दी। उन्होंने कहा कि संसद सत्र के दौरान तथा कुछ अन्य मौकों पर दिल्ली में हाई अलर्ट जारी किया जाता है। इस साल जुलाई के दौरान दिल्ली पुलिस को कुछ संगठनों से मिली धमकियों से संबंधित खुफिया सूचना दी गई थी। चिदंबरम ने लोकसभा में कहा कि इस विस्फोट के पीछे किस आतंकवादी संगठन का हाथ है इस बारे में फिलहाल कुछ भी नहीं कहा जा सकता। लेकिन सरकार इस जघन्य अपराध में शामिल लोगों को पकड़कर उन्हें सजा दिलाने में कोई कोर कसर नहीं छोड़ेगी। गृहमंत्री ने कहा कि पिछले कई वर्षों से दिल्ली पुलिस को सुदृढ़ बनाने के प्रयास किए जा रहे है।

पदाधिकारियों के साथ विचारविमर्श किया
उन्होंने सदन और देशवासियों से अपील करते हुए कहा कि कि हमें दृढ़ निश्चयी और संगठित रहने की आवश्यकता है। उन्होंने कहा कि हम आतंकियों से कभी नहीं डरेंगे। उन्होंने घटना में मारे गए लोगों के परिवारों के प्रति संवेदना तथा घायलों के प्रति सहानुभूति जताई। चिदंबरम ने सदन को भरोसा दिया कि घायलों का बेहतर इलाज कराया जाएगा। चिदंबरम ने राज्यसभा में कहा कि वह अपराह्न एक बजे दिल्ली उच्च न्यायालय गए थे तथा उन्होंने घटनास्थल का निरीक्षण किया। उन्होंने दिल्ली उच्च न्यायालय के मुख्य न्यायाधीश और बार एसोसिएशन के पदाधिकारियों के साथ विचारविमर्श किया।

विकिलीक्स के अनुसार अमेरिकी अधिकारी जानते थे

अमेरिकी अधिकारी काफी समय से जानते थे कि भारत में हमलों के लिए पाकिस्तान की खुफिया एजेंसी ने कई आतंकवादी संगठन बना रखे हैं। विकिलीक्स ने अमेरिका के केबल संदेश के हवाले से इस बात का खुलासा किया है। विकिलीक्स द्वारा जारी केबल संदेश के अनुसार अमेरिकी अधिकारी जानते थे कि 1993 के मुंबई हमलों के मुख्य आरोपी और अंडरवर्ल्ड सरगना दाउद इब्राहिम का सहयोगी टाइगर मेमन के पाकिस्तान की खुफिया एजेंसी आईएसआई से रिश्ते हैं।

ISI ने बना रखे हैं कई आतंकी संगठन
केबल संदेश में अमेरिकी अधिकारी यह कह रहे हैं कि भारत में हमलों को अंजाम देने के लिए आईएसआई ने कई आतंकी संगठन बना रखे हैं, इन संगठनों ने दिल्ली के कनॉट प्लेस, लाजपत नगर और देश के कई हिस्सों में हमलों को अंजाम दिया। इसी तरह का एक आतंकी संगठन जिसे आईएसआई ने बना रखा है, जम्मू एंड कश्मीर इसलामिक फ्रंट है, इसका मुख्य ठिकाना काठमांडू में है। इस संगठन ने भारत में हमलों को अंजाम देने के लिए हमलावर और हथियार उपलब्ध कराने के लिए काठमांडू ठिकाने को नोडल प्वाइंट बना रखा है। इस काम में यह संगठन काठमांडू स्थिति कश्मीरी उद्योगपतियों से मदद लेता है। जम्मू एंड कश्मीर इसलामिक फ्रंट के सरगना जावेद कारवाह काठमांडू में अपना कारपेट का व्यवसाय चलाते हैं।

आईएसआई और टाइगर मेमन कर रहे हैं निर्देशित
यह बात केबल संदेश में किसी और ने नहीं बल्कि भारत स्थित तत्कालीन अमेरिकी राजदूत फ्रेंक विजनर ने कही है। 8 जुलाई 1997 के इस केबल संदेश में कहा गया है कि इस संगठन को पाकिस्तान से आईएसआई और टाइगर मेमन निर्देशित कर रहे हैं। इनका पाकिस्तान अधिकृत कश्मीर में बिलाल बेग से संपर्क है, जो मुजफ्फराबाद के नजदीक आईएसआई की आर्थिक मदद से भारत में हमलों को अंजाम देने के लिए आतंकी शिविर चला रहा है।

हमलों के लिए काठमांडू बेस का इस्तेमाल
कहा जा रहा है कि भारत में लोक सभा चुनाव के पहले दिल्ली में हमलों के लिए आईएसआई के एक फारुक नाम के कर्नल ने बिलाल बेग और टाइगर मेमन को निर्देश दिए, इन दोनों से फारुक ने कहा कि हमलों के लिए काठमांडू बेस के लतीफ और जावेद कारवाह की मदद लें। 21 मई 1996 को इस आतंकी संगठन ने दिल्ली के लाजपत नगर में हमला किया, जिसमें 13 लोग मारे गए और 40 घायल हुए। केबल संदेश के अनुसार इस हमले में इस्तेमाल आरडीएक्स काठमांडू से भारत पहुंचा।

नोट कांड में कुलस्ते-भगौरा के साथ खड़ी हुई भाजपा



     नोट के बदले वोट मामले को संसद में उजागर करने वाले अपने दो पूर्व सांसदों को जेल भेजे जाने को लेकर भाजपा ने आक्रामक रुख अपना लिया है। लोकसभा में विपक्ष की नेता सुषमा स्वराज ने तिहाड़ जेल जाकर दोनों पूर्व सांसदों फग्गन सिंह कुलस्ते व महावीर भगौरा से मुलाकात कर साफ किया कि पार्टी पूरी तरह उनके साथ है। स्वराज ने सांसदों को घूस देने वालों व इसे उजागर करने वालों पर एक ही मापदंड अपनाने को दुर्भाग्यपूर्ण व अलोकतांत्रिक करार देते हुए कहा कि भाजपा इस लड़ाई को पूरी ताकत से लड़ेगी।
 
  भाजपा ने इस मामले को पूरी ताकत के साथ संसद में भी उठाने का फैसला किया था। उसके शीर्ष नेता लालकृष्ण आडवाणी ने लोकसभा में खुद मोर्चा संभालते हुए प्रश्नकाल स्थगित करने को नोटिस भी दिया था। आडवाणी कभी-कभार किसी बहुत बड़ी घटना पर ही इस तरह के नोटिस देते हैं। मगर चूंकि दिल्ली हाईकोर्ट में बम विस्फोट की घटना से सारा माहौल ही बदल गया, इसलिए आडवाणी ने इस मामले पर जोर नहीं दिया। हालांकि विपक्ष की नेता सुषमा स्वराज ने इस मामले में न्यायिक हिरासत में तिहाड़ जेल में बंद अपने दोनों पूर्व सांसदों फग्गन सिंह कुलस्ते व महावीर भगौरा से मुलाकात कर साफ किया कि पार्टी पूरी ताकत के साथ उनके साथ खड़ी है। 

    सुषमा के साथ लोकसभा में पार्टी के उप नेता गोपीनाथ मुंडे व सांसद अनंत कुमार भी थे। सुषमा ने कहा है कि यह बेहद दुर्भाग्यपूर्ण है कि सांसदों की खरीद फरोख्त करने वालों व इस मामले को उजागर करने वालों को एक ही मापदंड पर तौला जा रहा है