01 October, 2011

मार्बल खदानों ने हड़प ली आदिवासियों की जमीन

मार्बल खदानों ने हड़प ली आदिवासियों की जमीन 
अखिलेश उपाध्याय  / कटनी


आदिवासियों का शोषण न हो तथा उनकी जमीन सुरक्षित रहे इसलिए अलग से कानून बनाया गया. कभी पट्टो के रूप में प्रदान की गई इनको जमीने अब भू माफियाओं की निगाहों से नहीं बच रही है तभी तो अब जिले के आदिवासियों की जमीने अब सुरक्षित नहीं बची है. 
कटनी का स्लिमनाबाद क्षेत्र मार्बल के लिए देश भर में प्रसिद्द है जाहिर है जबसे यहाँ मार्बल का पता चला है तबसे यहाँ की जमीनों पर अब दलालों की नजरे लगी है. आदिवासी बाहुल्य क्षेत्र में अब दलालों ने उनकी जमीने भी सस्ते में खरीदने का क्रम जारी कर दिया है. जानकारों की माने तो इन आदिवासियों की पट्टे की जमीने उद्योगपतियों द्वारा पटवारी व राजस्व अमले की साठ-गाठ से  खरीदी जा रही है.
हासिल जानकारी अनुसार स्लिमनाबाद निवासी सुखचैन पिता कालूराम चौधरी को  हरदुआ स्थित खसरा नंबर 123  की भूमि सरकार द्वारा वर्ष 2002  में उसके जीवन यापन के लिए प्रदान की गई थी जिसका पत्ता भी उसे प्राप्त कराया गया था. इस क्षेत्र में स्थित ओजस्वी मार्बल संचालक ने दलाली की मिलीभगत से गरीब को चंद रूपये  थमाकर  उसकी जमीन खरीदने के बाद ओजस्वी ग्रेनाईट  लिमिटेड कंपनी को ऊचे  दामो में बेच दी गई है.
गरीब से हथियाईइ  गई इन जमीनों पर उद्योगपतियों द्वारा वह  गेंगसा लगाने की तैयारी की जा रही है. इसी प्रकार बाबागढ़ से लगी सरकारी भूमि पर भी अतिक्रमण किया गया है. जो इसके कारण मात्र पचास आर ऐ ही बच  सकी है. क्षेत्र के ग्रामीणों ने कटनी कलेक्टर से शिकायत करते हुए अवैध तरीके से हथियाई  गई गरीबो की जमीनों की रजिस्ट्री निरस्त कराते हुए इन सभी को आवास दिलाने की अपील की है.
स्लीमनाबाद क्षेत्र में संचालित मारबल खदानों के संचालको द्वारा पूरी तरह मनमानी को अंजाम दिया जा रहा है और नियम कानूनों को ताक में रखकर मुनाफा कमाने की कवायद जारी की गई है. श्रमिको को सुरक्षा से सम्बंधित उपकरण  उपलब्द्ध नहीं कराये जाते और कम मजदूरी  में अधिक परिश्रम कराया जाता है. ग्रामीणों के अनुसार स्लीमनाबाद के ग्राम छपरा, कछारगाँव, खदरा, अमोच, निमास, जुजावल  आदि क्षेत्रो में संचालित खदानों से लगी शासकीय भूमि वन भूमि व लगानी जमीनों पर अवैध कब्ज़ा कर खदानों से निकलने वाला कचरा पत्थर आदि डंपिंग की जाती है.
कई खदाने बंद हो चुकी है उन्हें शासन के नियमानुसार बाउंड्री बाल   या तार फेंसिंग कर सुरक्षित नहीं  कराया गया जिससे वन्य प्राणियों  एवं ग्रामीणों के पालतू मवेशियों के असमय काल का ग्रास बनने का भय बना रहता है. उक्त क्षेत्र में संचालित खदानों में व्याप्त मनमानी की शिकायते ग्रामीणों द्वारा करने पर वन, राजस्व मंत्री जय सिंह मरावी ने कलेक्टर को जाँच कर कार्रवाई करने के निर्देश दिए थे. लेकिन अब तक भी किसी प्रकार की कोई कार्रवाई नहीं की गई है.


इस सम्बन्ध में कोई लिखित शिकायत मेरे पास नहीं आई है लेकिन आपने जो भी जानकारी दी  है उसे मेरे द्वारा नोट कर ली गई है और अपने स्तर  से मै मामले की जाँच कर्वाऊगा वैसे शिकायती आवेदन मिल जायगा तो बात कुछ और ही होगी - जी पी शर्मा, एस डी  एम् बहोरीबंद


इस विषय की  जानकारी मुझे नहीं है लेकिन अगर कोई ऐसी शिकायत मेरे पासा आती है तो निश्चित ही उसकी जाँच कराई जाएगी और उचित कार्रवाई होगी - वही एन राय, अपर कलेक्टर