22 October, 2011

बेटी बचाओ अभियान में जिला पीछे

कटनी। जिले की वरिष्ठ महिला
नेत्री श्रीमती पदमा शु ला ने विगत
दिवस कले टर एम.सेल्वेन्द्रन
मु य कार्यपालन अधिकारी जिला
पंचायत श्री शेख, जिला महिला विकास अधिकारी
श्रीमती मंगलेश सिंह, मु य चिकित्सा अधिकारी
श्री चौरसिया से भेंट कर जानना चाहा कि कटनी
जिला बेटी बचाओ अभियान में प्रचार प्रसार में
अन्य जिलों से पीछे यों है। श्रीमती शु ला ने
अधिकारियों को बताया कि वे विगत दिनों
आडवाण्ी की जन चेतना यात्रा के दौरान जबलपुर,
नरसिंहपुर और होशंगाबाद जिले में गई थी वहां
उन्होनें बेटी बचाओ अ िायान के बडे - बडे
प्ले स और पेंट की बढिय़ा बाल पेटिंग का
अवलोकन किया। जबलपुर, गोटेगांव, नरसिंहपुर,
करेली, गाडवारा, पिपरिया, मालनखेड़ा आदि सभी
स्थानों पर जनता को
जागरूक करने बढिय़ा
होर्डिंग और बाल पेटिंग की
गई है परंतु कटनी जिले में
शासकीय तौर पर यह कार्य
अभी तक प्रारंभ ही नहीं
हुआ है। कले टर श्री
सेल्वेन्द्रन ने विभागों से
जानकारी लेकर शीघ्र ही
इस कार्य में गति लाने का
विश्वास दिलाया तथा
श्रीमती श्ुा ला के द्वारा 3 अ टूबर को बेटी
बचाओ अभियान की कार्यशाला कैमोर साइंस
कॉलेज में आयोजित करने पर बधाई दी।
उल्लेखनीय होगा कि जिले में जनप्रतिनिधि श्रीमती
शु ला अपने पैसे से बेटी बचाओ की बाल पेटिंग
विजयराघवगढ़ विधान
सभा क्षेत्र में कराई है तथा
कन्याओं को नवमी के दिन
भोजन भी कराया है तथा
बेटी बचाओ पर एक बड़ी
कार्यशाला का आयोजन
भी किया गया। अन्य
जनप्रतिनिधयों ने नवमीं
के दिन बड़ी सं या में
कन्याओं को भोजन तो
कराया परंतु बाल पेटिंग
हेतु सरकारी अमले पर ही निर्भर रहे। जनसंपर्क
विभाग के अधिकारियों ने बताया कि कुछ सामग्री
तो आई है परंतु महिला बाल विकास व अन्य
विभागों ने उसे उनके कार्यालय से ले जाने में रूचि
नहीं दिखाई। जबकि महिला बाल विकास और
जनसंपर्क विभाग के कार्यालय कले ट्रेट में
अगल-बगल है। महिला बाल विभाग की
अधिकारी से श्रीमती शु ला ने कार्य योजना पर
जानना चाहा तो उन्होंने बताया कि उनका विभाग
इस योजना की मानीटरिंग करेगा, योजना में जन
प्रतिनिधियों के माध्यम से इसे आगे बढ़ाना है। वे
विभाग के वरिष्ठ अधिकारियों से चर्चा कर कार्य
योजना पर बाद में जानकारी देवेंगी। योजना के बारे
में विस्तार से प्रकाश डालने में वे समुचित उ ार
नहीं दे पायी कि इसे कौन संचालित करेगा। कैसे
संचालित करेगा। श्रीमती शु ला ने कले टर व
जनप्रतिनिधियों से विशेष तौर पर महिला जन
प्रतिनिधियों से आग्रह किया है कि मु यमंत्री की
बेटी बचाओ अभियान में जुड़कर वे संतुलित
समाज जिसमें महिला पुरूष बराबर हों, बनाने में
अपनी भूमिका का निर्वाह

खाद और बीज के लिये लुट रहे किसान

शासन के वेयर हाऊस खाली, व्यापारी उठा रहे बेजा फायदा
अपनी जि मेदारी से मुंह मोड़ रहा कृषि विभाग
बहोरीबंद,यभाप्र। रबी सीजन की बोनी का समय शुरू हो चुका
है पर किसानों को न खाद मिल रही न बी। राज्य विपणन संघ के
वेयर हाऊस खाली पड़ हैं। सहकारी समितियों के भंडार ग्रहों से भी
किसानों को बैरंग लौटाया जा रहा है। कृषि विभाग ने भी हाथ खड़े
कर खाद बीज उपल ध करा पाने में अपनी असमर्थता प्रकट कर
दी है। खाद बीज संकट के लिये कांग्रेस प्रदेश की भाजपा को दोषी
ठहरा रही तो भाजपा नेता केन्द्र सरकार को इस संकट के लिये
जि मेदार ठहरा रहे। ऐसे में किसान निजी खाद, बीज विक्रेताओं से
मंहगे दामों पर खाद बीज खरीदने के लिये मजबूर हो गये हैं।
खरीफ और रबी के मौसम में बोनी के लिये जरूरत के अनुसार
खाद और बीज उपल ध कराने की जि मेदारी राज्य सरकार की है॥
सरकार कृषि विभाग एवं वृहताकार सहकारी समितियों के माध्यम
से किसानों को खाद बीज उपल ध कराती है पर पिछले कुछ सालों
से राज्य सरकार अपनी इस जि मेदारी का सही तरीके से निर्वाह नहीं
कर पा रही जिसका फायदा खाद बीज का विक्रय करने वाले निजी
व्यवसायी उठा रहे। हैरत की बात है कि सरकारी वेयर हाउस और
सरकारी समितियों के भंडार ग्रह तो खाद- बीज से खाली पड़े रहते
हैं पर व्यापारियों के पास सभी प्रकार की खाद और बीज का पर्याप्त
भंडार है। कृषि विभाग द्वारा बहोरीबंद तहसील क्षेत्र में तीन दर्जन से
अधिक व्यापारियों को खाद, बीज और कीटनाशक औषधियों के
लायसेंस प्रदान किये गये हैं। इनमें बहोरीबंद मु यालय में चार, बंधी
में तीन, कुआं में दो, छपरा में दो तथा चरगवां, सिंदूरसी, देवरी,
कौडिय़ा और इमलिया में एक- एक लायसेंसी केन्द्र है जहां से खाद,
बीज और कीटनाशक औषधियों की बिक्री की जाती है। यहां यह
भी उल्लेखनीय है कि निजी व्यापारियों को खाद, बीज अथवा
कीटनाशक में से किसी एक चीज की बिक्री का ही लायसेंस दिया
गया है पर यहां एक ही व्यापारी के यहां खाद बीज, कीटनाशक सब
एक साथ बिकता है।
चना 5 हजार िंवटल
रबी मौसम में किसान जहां गेहूं की बोनी कर रहे वहीं बहुत से
किसान गेहूं के अलावा चने की बोनी भी कर रहे। चने के बीज की
कीमत शासन द्वारा 2950 रूपये प्रति िंवटल तय की गई है। कृषि
विभाग किसानों को चने का बीज उपल ध नहीं करा पा रहा मजबूरी
में किसानों को व्यापारियों से चने का बीज खरीदना पड़ रहा।
किसानों की मजबूरी का भरपूर फायदा उठाते हुये व्यापारी किसानों
को 2950 रूपये की जगह पांच हजार रूपये िंवटल तक चने का
बीज दे रहे । कृषि विभाग सब कुछ जान कर भी अनजान बना
हुआ है वहीं प्रशासन भी व्यापारियों की इस मुनाफाखोरी पर अंकुश
नहीं लगा रहा।
डीएपी हजार रूपये बोरी
बताया गया कि खाद और बीज की खरीदी में किसानों को शासन
की ओर से छूट प्रदान की जाती है पर ये व्यापारी शासकीय छूट की
राशि भी हड़प कर लेते हैं और किसानों को शासन द्वारा निर्धारित
कीमत से अधिक कीमत पर खाद और बीज की बिक्री करते हैं।
डीएपी की एक बोरी की कीमत 736 रूपये निर्धारित है पर किसानों
से एक हजार रूपये प्रति बोरी दाम वूसल किये जा रहे । किसानों
को सबसे ज्यादा जरूरत डीएपी खाद की है इसी कारण इसकी मांग
सबसे ज्यादा है। इसी का फायदा व्यापारी उठा रहे।
खाद नकली, बीज घटिया होने की आशंका
पिछले साल सहकारी समितियों और निजी व्यापारियों से खरीदी गई
खाद नकली निकली थी तथा बीज भी घटिया साबित हुये थे जिस
कारण किसानों को भारी नुकसान उठाना पड़ता था। इस बार भी खाद
और बीज को लेकर किसान आशंकित हैं। किसानों को चिंता है कि
अगर निजी व्यापारियों से मंहगे दामों पर खरीदी गई खाद इस बार
भी नकली और बीज घटिया निकले तो या होगा। किसानों ने कृषि
विभाग और जिला प्रशासन से मांग की है कि निजी व्यापारियों द्वारा
बेची जा रही खाद तथा बीज के अलावा अमानक स्तर की
कीटनाशक औषधि की भी जांच की जाये।

पत्रकार अमर ताम्रकार को पितृशोक

कटनी। शेर चौक के प्रतिष्ठित नागरिक द्वारका प्रसाद ताम्रकार का 74 वर्ष की आयु में कल सुबह एमजीएम अस्पताल में निधन हो गया।
स्व. ताम्रकार संजय गांधी लॉ कॉलेज के स्थापना सदस्य व ताम्रकार समाज के अध्यक्ष होने के साथ कई सामाजिक संगठनों से जुड़े थे। वे कटनी प्रेस लब के अध्यक्ष अमर ताम्रकार के पिता थे। उनकी अंत्येष्टि कल मध्यान्ह मुक्तिधाम में स पन्न हुई। सभी वर्ग के लोग शामिल
हुए। श्री ताम्रकार के निधन पर जिला पत्रकार संघ ने शोक व्य त किया है।