08 June, 2012

जनसंपर्क विभाग आयोजित करेगा तहसीलस्तरीय प्रशिक्षण कार्यशाला

पत्रकारों को मिलेगा प्रशिक्षण कटनी, ग्रामीण क्षेत्र के पत्रकारों को शासन की विभिन्न योजनाओं की जानकारी प्रदान करने और उन्हें सकारात्मक और विकासात्मक लेखन का प्रशिक्षण प्रदान करने के उद्देश्य से मध्यप्रदेश शासन के जनसंपर्क विभाग द्वारा एक दिवसीय तहसील स्तरीय पत्रकार प्रशिक्षण कार्यशाला का आयोजन किया जा रहा है। कटनी जिले में आगामी 11 जून को रीठी तहसील और 12 जून को ढीमरखेड़ा तहसील में प्रशिक्षण कार्यशाला का आयोजन किया गया है। जिसमे इस क्षेत्र के पत्रकारों को प्रशिक्षण प्रदान किया जाएगा। प्रशिक्षण कार्यशाला आयोजित करने के लिए राज्य सरकार ने बजट भी आवंटित किया है। जानकारी के लिए एक प्रशिक्षण के लिए जनसंपर्क विभाग को 18 हजार रूपए राशि उपल ध कराई गई है। एक दिवसीय प्रशिक्षण में भोजन की भी व्यवस्था की जाएगी। प्रदेश के ग्रामीण अंचल क्षेत्रों में विभिन्न समाचार पत्रों और इले ट्रानिक न्यूज चैनलों से जुड़े पत्रकारों को राज्य सरकार की विभिन्न योजनाओं की जानकारी प्रदान करने और उन्हें प्रदेश के विकास से संबंधित खबरों का लेखन करने प्रदेश सरकार के जनसंपर्क विभाग द्वारा तहसील स्तरीय प्रशिक्षण कार्यशालाएं आयोजित की जा रही हैं। पिछले साल कटनी जिले में कटनी, बहोरीबंद और विजयराघवगढ़ तहसील में यह प्रशिक्षण कार्यशालाएं आयोजित की गई थी। इस वर्ष भी शासन की मंशानुसार यह प्रशिक्षण कार्यशालाएं आयोजित की जा रही हैं। कार्यशाला में वरिष्ठï पत्रकार अंचल के पत्रकारों को प्रशिक्षण प्रदान करेंगे। इस दौरान पत्रकार कल्याण हित में संचालित योजनाओं की भी जानकारी प्रदान की जाएगी। संभाग के सात जिलों के लिए दो लाख 52 हजार का बजट बताया जाता है कि राज्य सरकार द्वारा तहसील स्तरीय प्रशिक्षण कार्यशालाएं आयोजित करने के लिए जबलपुर संभाग के लिए दो लाख 52 हजार रूपए का बजट आवंटित किया गया है। इस रशि से जबलपुर संभाग के 7 जिलों की 14 तहसीलों में ये कार्यशालाएं आयोजित की जाएंगी। प्रत्येक तहसील के लिए 18 हजार रूपए राशि प्रदान की गई है। कटनी जिले में भी दो तहसीलों में यह शिविर आयोजित किए जा रहे हैं। सहायक सूचना अधिकारी एम. एल. पवार ने बताया कि रीठी और ढीमरखेड़ा में आयोजित कार्यशाला में विभाग के उप संचालक भी मौजूद रहेंगे।

28 May, 2012

जीवंत नदी गंगा

गंगा जैसे हमारी आत्मा का प्रतीक हो गई है क्या कारण होगा गंगा के गहरे प्रतीक बन जाने का की हजारो वर्ष पहले कृष्ण भी कहते है की नदियों में मै गंगा हु?
गंगा नदियों में विशेष उस अर्थ में नहीं है। गंगा से बड़ी विशाल नदिया प्रथ्वी पर है। गंगा कोई लम्बाई में, विशालता में, चौडाई में किसी द्रष्टि से कोई बहुत बड़ी गंगा नहीं है। ब्रह्मपुत्र है, और अमेजन है, और ह्वांगहो है, और सेकड़ो नदिया है जिनके सामने गंगा फीकी पड़ जाए। पर गंगा के पास कुछ और है, जो प्रथ्वी पर किसी भी नदी के पास नहीं है और उस कुछ और के कारण भारतीय मन ने गंगा के साथ एक ताल-मेल बना लिया। एक तो बहुत मजे की बात है की पूरी प्रथ्वी पर गंगा सबसे ज्यादा जीवंत नदी है, अलाईव. सारी नदियों का पानी आप बोतल में भरकर रख दे सभी नदियों का पानी सड जायेगा, गंगा भर का नहीं सड़ेगा। गंगा में ईतनी लाशे हम फेकते है। गंगा में हमने हजारो-हजारो वर्षो से लाशें बहाई है। अकेले गंगा के पानी में सब कुछ लीन हो जाता है,हड्डी भी। हड्डी भी पिघलकर लीन हो जाती है और बह जाती है और गंगा को अपवित्र नहीं कर पाती । गंगा सभी को आत्मसात कर लेती है, हड्डी को भी। गंगा अछूती बहती रहती है। उस पर कोई प्रभाव नहीं पड़ता. लेकिन यह बड़े मजे की बात है की जो नदी गंगा में नहीं मिली , उस वक्त उसके पानी का गुड्धर्म और होता है और गंगा में मिल जाने के बाद उस पानी का गुड्धर्म और हो जाता है। क्या होगा कारण ? केमिकल तो कुछ पता नहीं चल पता। रूप से इतना तो पता चलता है की विशेषता है और उसके पानी में खनिज और केमिकल्स का भेद है। लेकिन एक और भेद है वह भेद विज्ञान के ख्याल में आज नहीं तो कल आना शुरू हो जाएगा और वह भेद है गंगा के पास लाखो लाखो लोगो का जीवन की परम आवस्था को पाना। जब भी कोई अपवित्र व्यक्ति पानी के पास बैठता है पानी के भीतर प्रवेश करने की बात तो अलग पानी के पास बैठता भी है तो पानी प्रभावित होता है। पानी उस व्यक्ति की तरंगो से आच्छादित जाता है।लाखो वर्ष से भारत के मनीषी गंगा के किनारे बैठकर प्रभु को पाने चेष्टा करते रहे है। और जब भी कोई एक व्यक्ति ने गंगा के किनारे प्रभु को पाया है तो गंगा उस उपलब्द्धि से वंचित नहीं रही, गंगा भी आच्छादित हो गई है।

28 April, 2012

ट्रेन में चोरी का नया तरीका

कटनी, हजरत निजामुद्दीन से चलकर कटनी आ रही महाकौशल ए सप्रेस का पार्सलयान काटकर अज्ञात चोर उसके अंदर रखे लाखों रूपए कीमती कपड़े लेकर चंपत हो गए। वारदात झांसी से मानिकपुर के बीच होना बताया जा रहा है। रेल पुलिस ने कोच का मौका मुआयना करते हुए अज्ञात चोरों के विरूद्ध मामला दर्ज करते हुए उनकी तलाश शुरू कर दी है। इस संबंध में रेलसूत्रों से मिली जानकारी के मुताबिक हजरत निजामुद्दीन से जबलपुर के बीच चलने वाली गाड़ी सं या 12190 महाकौशल ए सप्रेस गतदिवस जब हजरत निजामुद्दीन से चलकर कटनी आ रही थी। उसीदौरान झांसी व मानिकपुर के बीच अज्ञात चोरों ने ट्रेन के पार्सलयान को अपना निशाना बनाया और पार्सलयान के अंदर पहुंचने के लिए चोरों ने टायलेट का सहारा लिया। अज्ञात चोरों ने पार्सलयान व टायलेट के बीच लगी प्लाई काटकर पार्सलय यान के अंदर घुसे तथा चोरी का ााल रास्ता ों फेंककर नए तरीके से लाखों रूपए की चपत रेलवे प्रशासन को लगा दी है। एक जानकारी में बताया जाता है कि महाकौशल ए सप्रेस का पार्सलयान ठेके पर है तथा उसमें ठेकेदार द्वारा बुक किया गया सामान रखा जाता है। चोरी वाले दिन भी ठेकेदार ने भारी सं या में कपड़ों के बंडल दिल्ली से जबलपुर के लिए बुक हुए थे। जिसकी जानकारी शायद पहले से ही चोरों को थी तथा चोर चोरी की नियत से दिल्ली व झांसी से ट्रेन में सवार हुए और टायलेट व पार्सलयान के बीच की प्लाई काटकर बड़े ही आराम से वारदात को अंजाम देकर फरार हो गए। पार्सलयान से लगभग डेढ़ लाख रूपए के कपड़े चोरी जाने का अनुमान है। पुलिस अज्ञात चोरों के विरूद्ध मामला दर्ज कर उनकी तलाश कर रही है।

आग लगी या लगाई गई

आज सुबह से ही रीठी सहकारी समिति में गेहू खरीदी के लिए रखे गेहू के ढेर में आग लगने की बात सारे नगर में चर्चा का विषय रही. इस सम्बन्ध में जब मौके पर देखा गया तो कुछ बोरे मामूली रूप से जले पाए गए जबकि समिति में खरीद कर रहे कर्मचारियों ने यह बात फैलाई की हजारो क्विंटल माल जलकर खाक हो गया. उस वक्त की तस्वीरे भी यही सब बता रही है. असल में धान और गेहू खरीदी में जमकर खेल होता है. इसमें किसानो के नाम पर बड़े व्यापारी समिति के कर्मचारियों से मिलकर जमकर खेल कर रहे है. यदि उनसे रोज का स्टोक रजिस्टर व आवक जावक का रजिस्टर मागा जाता है तो वह भी मौके पर नहीं दिखाया जाता है.
इस सम्बन्ध में आज लगी आग के बारे में लोगो का कहना है की पल्लेदार रात में यहाँ दारू पीते है और उन्हीमे से किसीने या तो आग लगाई है या फिर बीडी से यह आग लगी है इसके पीछे यह बात भी चर्चा मै है की तस्वीर में दिख रहा गेहू ही अभी तक खरीदा गया है और आग लगने का दिखावा करके बड़ा खले खेल खेलने की चल नजर आ रही है. क्योकि मौके पर आग बुझाने पहुचे लोगो में से रीठी के वे बड़े व्यापारी नजर आ रहे थे जो अब तक इस खेल में दलाली करके अपना माल बेचते रहे है लोगो का इस प्रशासन से इस आग के खेल के पीछे के खेल से पर्दा उठाने के लिए प्रशासन से निवेदन है

15 April, 2012

3 लाख की सुपारी देकर पंचायत सचिव ने कराई हत्या

सहोरा पुलिस ने ढीमरखेड़ा जनपद पंचायत के उपयंत्री लक्ष्मी प्रसाद पटेल की हत्या के एक और फरार आरोपी को गिर तार कर लिया है। यह उल्लेखनीय है कि उपयंत्री की हत्या के लिए पंचायत सचिव महेन्द्र सिंह ने ही 3 लाख रुपये की सुपारी दी थी। इस संदर्भ में सिहोरा थाना प्रभारी भूपेन्द्र सिंह यादव ने बताया कि गत वर्ष 14 अ टूबर को सिहोरा के सिविल लाइन क्षेत्र निवासी 58 वर्षीय शिव प्रसाद मिश्रा ने थाने आकर शिकायत की थी उनके मकान मे किराये से रहने वाले 35 वर्षीय लक्ष्मी प्रसाद पटेल जो कटनी जिले की ढीमरखेड़ा जनपद पंचायत में उपयंत्री के रूप में पदस्थ है, रोजाना की तरह काम पर गये थे जो घर वापस नहीं लौटे है। सूचना पर गुमइंसान कायम कर जांच में लिया गया। इस दौरान श्रीमति वंदना पटेल ने लिखित शिकायत की कि उसके पति रोजना की तरह सुबह 9 बजे आफिस जाने के लिये घर से मोटर सायकल से पान उमरिया चले गये , दोपहर लगभग साढ़े बारह बजे उसने पति को फोन लगाया एवं खाना खाने की बात कही तो पति ने कहा अभी टाईम लगेगा थोड़ी देर से आता हूं। दोपहर लगभग साढ़े तीन बजे फोन लगाया तो बताया अभी पान उमरिया में हूं आधा घंटे मे सिहोरा पहुंच जाउंगा, कुछ देर बाद दुबारा फोन लगाया तो फोन नहीं उठा तथा बाद मे फोन कवरेज के बाहर बताने लगा, पति से संपर्क न होने पर टाईम कीपर दया शंकर से फोन पर बात की तो दया शंकर ने बताया कि दोपहर लगभग साढ़े तीन बजे लक्ष्मी प्रसाद पटेल पान उमरिया से अपनी मोटर सायकल से रवाना हो गये है। लेकिन पति लक्ष्मी प्रसाद पटैल घर नहीं पहुंचे। तलाशने पर पान उमरिया एवं खितौला के बीच पति की मोटर सायकल खड़ी मिली है। उसे शंका है कि किसी अज्ञात व्यति द्वारा उसके पति का अपहरण किया गया है। पतासाजी के दौरान मृतक लक्ष्मी प्रसाद पटेल का शव 24 अ टूबर को पान उमरिया रोड के किनारे लगे सरदा के जंगल मे मिला, शव काफी डिक पोज हो चुका था, पंचनामा कार्यवाही कर शव को पीएम हेतु भिजवाया गया। प्राप्त पीएम रिपोर्ट में डा टर द्वारा सिर मे किसी भारी वस्तु से चोट पहुचाने के कारण मृत्यु होना लेख किया गया। जिस पर प्रकरण मे धारा 364, 302, 201, 120बी, बढाई गयी। पुलिस अधीक्षक संतोष सिंह के मार्ग दर्शन में अतिरि त पुलिस अधीक्षक टीके विद्यार्थी ने एसडीओपी सिहोरा सूर्यकांत शर्मा के निर्देशन में आरोपियो की पतासाजी हेतु टीमें लगाई गयी। इसीदौरान पतासाजी के ज्ञात हुआ कि उपयंत्री लक्ष्मी प्रसाद पटेल की मोटर सायकल में चंद्रभान लोधी बैठा हुआ दिखा था, चंदभान लोधी 46 वर्ष निवासी ग्राम खामा को सरगर्मी से तलाश कर अभिरक्षा मे लेकर सघन पूछताछ की गयी तो चंद्रभान लोधी ने बताया कि ग्राम खामा के रहने वाले महेन्द्र ंिसह जो ढीमरखेडा जनपत पंचायत मे सचिव है के द्वारा बुलाकर लाने को कहा गया था, जो लक्ष्मी प्रसाद पटैल को बुलाकर ले गया था। लक्ष्मी प्रसाद पटेल को महेन्द्र सिंह , एवं सौरव मिश्रा जो कि खितौला का रहने वाला है के पास छोड़कर चला गया था। दो लोग और उनके साथ खड़े थे जो लक्ष्मी प्रसाद को एक कार मे बैठाकर कहीं ले गये थे। उसे नहीं मालूम की कहां ले गये। चंद्रभान लोधी को गिर तार कर न्यायिक हिरासत में जेल भेज दिया था अन्य आरोपियों की तलाश जारी थी। इसी बीच गत 11 अपै्रल की रात्रि में सौरव मिश्रा उम्र 22 वर्ष निवासी खितौला को जो कि घटना दिनांक से ही फरार था, पकड़ा गया एवं सघन पूछताछ की गयी तो सौरव मिश्रा ने अपने जबलपुर निवासी साथी सुमित पाण्डे एवं पप्पू पटेल के साथ मिलकर महेन्द्र सिंह के कहने पर सिर मे पत्थर पटक कर हत्या करना स्वीकार किया। भ्रष्टतंत्र से लडऩे की सजा मिली उपयंत्री इस मामले को लेकर जब क्षेत्र के लोगों से बात की गई तो उनका कहना था की उपयंत्री लक्ष्मी प्रसाद पटेल एक ईमानदार अधिकारी था। जिसकी ढीमरखेड़ा जनपद पंचायत में पदस्थापना के साथ ही यहां भ्रष्टाचार के आकंठ में डूबे अधिकारी व कर्मचारी भय खाने लगे थे। जिसमें उपयंत्री के ऊपर के ओहदों में बैठे अधिकारी भी शामिल थे। लोगों का कहना है कि उपयंत्री लक्ष्मी प्रसाद पटेल ने ढीमरखेड़ा जनपद पंचायत ज्चाइन करने के साथ ही अपने वरिष्ठ अधिकारियों व कर्मचारियों को अपनी मंसा जताते हुए भ्रष्टतंत्र के खिलाफ कार्य करना शुरू कर दिया था। जिसकी सजा उसको अपनी जान देकर चुकानी पड़ी। लोगों का यह भी कहना है कि उपयंत्री लक्ष्मी प्रसाद पटेल की हत्या का षडयंत्रकारी सचिव महेन्द्र सिंह व उसके साथी केवल मोहरे हैं। अगर इस पूरे मामले की सीआईडी व सीबीआई जांच कराई जाए तो ढीमरखेड़ा क्षेत्र के कई सफेदपोशों व यहां पदस्थ रहे पंचायत स्तर के कई ओहदेदार अधिकारियों के चेहरे भी बेनकाब हो सकते हैं।

12 April, 2012

मोहास-लालपुर-पली रोड निर्माण में भ्रष्टाचार

मोहास-लालपुर-पली रोड निर्माण में भ्रष्टाचार मोहास-लालपुर-पली रोड के निर्माण कार्य को पी डब्लू दी विभाग द्वारा ठेके पर बनवाया जा रहा है. लेकिन इस सड़क में अब तक जो भी काम कार्य गया है वह निहायत ही घटिया एवम बिलों स्तेंदर्द है. लोरेन्स लायर नाम की कन्स्त्रक्सन कंपनी को इस काम को दिया गया है जो लगातार शिकयाते करने के बाद भी कार्य में कोई भी सुधार नहीं कर रही है बल्कि अब तक मोहास-लालपुर-पली रोड एवम मोहास कठोतिया गोदना रोड के निर्माण में लगभग तीन करोड़ से भी अधिक का भुगतान ले लिया गया है. मोहास-लालपुर-पली रोड में हेंड ब्रोकन गिट्टी का प्रयोग किया गया है जबकि काली एवम क्रेशर से टूटी गिट्टी का प्रयोग किया जाना था. डब्लू बी एम का काम दस्त से होना था जो मुरुम से कराया गया है. इस संबंद्ध में आर टी आई एक्ताविस्त अखिलेस्व्ह उपाध्याय द्वारा कई बार लिखित शिकायत भी की गई और एस ई, सी ई द्वारा भी स्थल का निरीक्षण किया गया लेकिन इस रोड के निर्माण कार्य में कोई सुधार नहीं हुआ, इसके लिए तकनीकी अधिकारी जिम्मेदार है. इस समय परीवीक्षधीन अवधि में आये एक ईन्जीनियर को एस दी ओ का प्रभार देकर ई ई वर्मा द्वारा नियम विरुद्ध काम किया गया है. शासन की मिली भगत से परस सिंह नाम के एस दी ओ को तो दो साल तक कार्यालय में अटेच रहकर काम करना था लेकिन उन्हें एस दी ओ बना दिया गया. वही यहाँ पदस्थ उपयंत्री तिवारी भी ठेकेदार से मिले हुए है उनको भी मौखिक रूप से कई बार रोड निर्माण की अनियमितताओ के बारे में बताया गया लेकिन कोई भी सुधार न हुआ. वही सी सी रोड के निर्माण के पश्चात् बगल में नालिया बनाने का प्रावधान है लेकिन अभी तक कही भी नालिया नहीं बनाई गई है और ऐसी जानकारी मिली है की इनका भी भुगतान ठेकेदार द्वारा ले लिया गया है. इसी प्रकार रोड के सोल्डर में लोकल स्वाइल का प्रयोग किया गया है जबकि वहा पर सलेक्टेड स्वैल का प्रयोग होना था. मोहास-लालपुर-पली रोड एवम मोहास कठोतिया गोदना रोड के उन्नयन योजना ग्रामीण मार्ग के उन्नतीकरण गेतु बनाई गई जा रहे इस मार्ग की कुल लम्बी बीस किलीमीटर है मोहास लालपुर पली मार्ग जो दस किलोमीटर लंगा ही में ७.६० किलोमीटर मार्ग में डामरीकरण व २.४० किलोमीटर मार्ग का कन्क्रितिकरण किया जाना है. इस मार्ग पर कुल सात पुलिया बनाई गई है . इस मार्ग के फार्मेशन की चोडाई ७.५ मीटर तथा क्रस्ट चोडाई तथा मोटाई क्रमशः ३.७५ मीटर ५५ सेंटीमीटर प्रस्तावित है. मार्ग निर्माण की लागत प्रति किलोमीटर ३२.४७ लाख रखी गई है. भू अर्जन इन मार्ग के निर्माण में निजी भूमि का अर्जन नहीं किये जाने का स्पस्ट उल्लेख है लेकिन ठेकेदार द्वारा जबरन किसानो के खेत का अधिग्रहण करके इस सड़क को बनाया जा रहा है. योजना की लागत मोहास-लालपुर-पली रोड की कुल लागत ३२४.६९ लाख स्वीकृत की गई है जिसमे प्रति किलोमीटर की लागत ३२.४७ लाख है. मोहास-लालपुर-पली रोड जो एक ओर कटनी दमोह स्टेट हाई वे तो दूसरी ओर मुर्वारा सलैया मार्ग को जोड़ता है. इस सड़क से लाभान्वित होने वाले गांवो में मोहास, पाली, लालपुरा, बरजी, कैना, गुर्जी खुर्द, बडगांव, चर्गावा, गख्लेता आदि पुलियों की लागत मोहास-लालपुर-पली रोड में कुल सात नग पुलियों का निर्माण होगा जिसके लिए टेंडर में १३.५१ लाख रूपये स्वीकृत किये गए है.

15 March, 2012

देश की 53 प्रतिशत आबादी के पास शौचालय नहीं हैं।

2011 की जनगणना के शुरुआती नमूनों के आधार पर जो आंकड़े सरकार ने जारी किये हैं, वे आंखें खोलने वाले हैं। देश के महापंजीयक और जनगणना आयुक्त सी. चंद्रमौली ने खुद ये आंकड़े जारी किये, इसलिए इनकी सचाई और विश्वसनीयता पर कोई शक पैदा नहीं हो सकता। इन आंकड़ों में दिये गये कुछ कटु सत्यों पर जरा गौर करें: - देश की 53 प्रतिशत आबादी के पास शौचालय नहीं हैं। - 58 प्रतिशत घरों में ही बाथरूम है। बाकी घरों के लोगों के बाहर नहाना पड़ता है। - 39 प्रतिशत घरों में रसोई नहीं है। - 18 प्रतिशत घरों में रेडियो, टीवी, कंम्प्यूटर/लैपटॉप, फोन, साइकल, कार/स्कूटर और मोटरसाइकिल/मोपेड जैसी विशेष संपत्तियां नहीं हैं। - 36.8 प्रतिशत घरों में फोन नहीं है। - 58.8 प्रतिशत घरों में टीवी नहीं है। - 90.6 प्रतिशत घरों में कंप्यूटर/लैपटॉप नहीं है। - 79 प्रतिशत घरों में कोई दोपहिया वाहन नहीं है। - 71 प्रतिशत घरों की पक्की छत नहीं है। - 43 प्रतिशत ग्रामीण घरों में आज भी रात को केरोसिन जलाकर रोशनी की जाती है। - शहरों में एक-तिहाई घरों में खाना बनाने के लिए एलपीजी की सुविधा नहीं है। - 20 प्रतिशत शहरी घरों में आज भी लकड़ियां जलाकर खाना बनाया जाता है। - देश के केवल 41 प्रतिशत घर रहने लायक हैं। - 20 प्रतिशत घरों में आधा किलोमीटर दूर से पेयजल लाया जाता है। - केवल 28 प्रतिशत ग्रामीण घरों के भीतर पेयजल उपलब्ध है

24 February, 2012

मछली पालन ठेका विवाद पर युवक की नृशंस हत्या

कटनी, बड़वारा थानांतर्गत ग्राम मुहास में आज सुबह तीन-चार लोगों ने अपने पड़ौसी युवक की घातक हथियारों से नृशंस हत्या कर दी। घटना के बाद गांव में तनाव फैला, कुछ लोगों ने आरोपी के घर में में तोड़ फोड़ की तथा आग भी लगा दी। समाचार लिखे जाने तक मौके पर भारी पुलिस बल पहुंच चुका था। सूत्रों के अनुसार मृतक के पिता ने इस विवाद पर पुलिस को पहले ही शिकायत दी थी, लेकिन पुलिस ने उसे गंभीरता से नहीं लिया। लिहाजा युवक की हत्या के बाद सवाल उठना लाजिमी है कि अगर पुलिस चाहती तो एक युवक की जान न जाती। सूत्रों के अनुसार मुहास में दो बर्मन परिवारों आरोपी गुड्ड उर्फ चितकबरा, रामअवतार, आशीष तथा मृतक विपिन बर्मन के बीच तालाब में मछली पालन को लेकर काफी पुराना विवाद चल रहा था। विवाद की परिणति कुछ दिन पहले दोनों परिवारों के बीच मारपीट भी हुई थी जिसमें मृतक विपिन के पिता द्वारका बर्मन को चोटें आंई थीं और वह अस्पताल में भी भर्ती था। मृतक के परिजनों के अनुसार इस विवाद के बाद से ही गुड्डू, रामअवतार तथा कुछ अन्य धमकी दे रहे थे कि वह विपिन को मार देंगे। इस बात की शिकायत विपिन के पिता ने कई दफे बड़वारा पुलिस एवं कुछ समय पूर्व पुलिस अधीक्षक को भी दी थी। जांच के आदेश के बावजूद बड़वारा पुलिस ने इस विवाद को गंभीरता से नहीं लिया। आज सुबह सुबह दोनों परिवारों के लोग एक बार फिर से टकरा गए। मृतक विपिन के परिजनों ने आरोप लगाया कि आरोपी गुड्डू, रामअवतार, आशीष गर्ग तथा तीन चार अन्य लोगों ने लाठी तथा चाकू से विपिन पर दनादन वार कर उसे मौत के घाट उतार दिया। घटना को अंजाम देकर आरोपी भाग खड़े हुए। इधर विपिन की हत्या के बाद गांव वालों का गुस्सा आरोपी के घर पर टूट पड़ा और उन्होंने यहां जमकर तोडफ़ोड़ की तथा आग भी लगा दी। आरोपी के परिजनों ने भाग कर किसी तरह जान बचाई। मौके पर पुलिस अधीक्षक मनोज शर्मा, सीएसपी गीतेश गर्ग, डीएसपी समेत बड़वारा थाना प्रभारी सदलबल मौके पर पहुंच चुके थे। आरोपियों की सरगर्मी से तलाश शुरू की गई है। आरोपियों की सरगर्मी से तलाश-एसपी घटना पर पुलिस अधीक्षक मनोज शर्मा ने बताया कि पिछले कुछ समय से तालाब में मछली पालन को लेकर दो पक्षों में विवाद चल रहा था और इसी की परिणति हत्या की वारदात कारित की गई। आरोपियों की सरगर्मी से तलाश चल रही है। उन्होंने कहा कि इस बात की भी जांच कराई जाएगी कि मृतक अथवा उसके परिजनों ने इससे पहले पुलिस को विवाद के संबंध में कोई शिकायत की थी अथवा नहीं। अगर शिकायत मिलती है तो कार्रवाई यों नहीं हुई इसकी भी जांच की जाएगी उधर गांव के लोगों तथा मृतक के परिजनों ने आरोपियों के घरों में आग लगने को भी एक साजिश बताया। गांव के कुछ लोगों के अनुसार विपिन को मौत के घाट उतारने के बाद आरोपियों ने खुद ही अपने घरों में आग लगा ली । कुछ लोगों ने तो यह भी बताया कि आरोपियों के घरों में सुअर मार बम भी रखे थे जिन्हे घर के अंदर ही आरोपियों ने फोड़ा और दहशत फैलाते यहां से भाग खड़े हुए। बहरहाल आग की इस घटना में आरोपियों समेत कुछ आसपास के मकान भी जल गए । यहां कोई एक दर्जन मकानों में आग लगी थी। बाद में कटनी से पहुंची फायर ब्रिगे्रड ने मशक्कत के बाद आग पर काबू पाया। सूत्रों के अनुसार यह पूरी घटना मछली पालन के ठेके से जुड़ी थी। यहां जल समिति के सचिव आशीष गर्ग पर भी आरोप लगा है । मृतक के परिजनों के अनुसार सचिव ने पैसा लेकर रामअवतार, गुड्डू वगैरों को तालाब का ठेका दे दिया था। जिसका विपिन ने विरोध किया और यही वजह थी कि आरोपियों ने विपिन को मौत के घाट उतार दिया। सूत्रों के अनुसार मछली पालन के इस आवंटन की शिकायत भी मृतक के द्वारा जिला प्रशासन को की गई थी जिसके बाद ही इन लोगों के बीच रंजिश बढ़ गई थी।

21 February, 2012

कोल माफिया क्या प्रजातंत्र से ज्यादा शक्तिशाली हो गया है...?

कोल माफिया के खिलाफ अपनी लेखनी का प्रभावशाली उपयोग करने वाले उमरिया जिले के पत्रकार चन्द्रिका राय की सपरिवार हत्या करने वाला माफिया क्या प्रजातंत्र से ज्यादा शक्तिशाली हो गया है ? चार लोगो की न्रशंस हत्या करने के बाद उसे बेपर्दा कर पाना शासन व पुलिस तंत्र के लिए पिछले 48 घंटो से चुनौती बना हुआ है ... ? उक्त यक्ष प्रश्न सहित कटनी प्रेस क्लब ने गत सोमवार को महामहिम राज्यपाल एवं मुख्यमंत्री के नाम एक ज्ञापन एस पी मनोज शर्मा के माध्यम से सौपा. प्रेस कलब ने ज्ञापन में कहा है की इस न्रशंस घटना से पत्रकारों में आक्रोश व्याप्त है. हत्यारों की शीघ्र गिरफ्तारी करने, पत्रकारों की सुरक्षा करने तथा पूरे घटना क्रम की जाँच सी बी आई से कराने की मांग प्रेस क्लब ने की. प्रेस क्लब के गोपाल सिंघानिया, सत्यदेव चतुर्वेदी, संदीप परोहा, अमर ताम्रकार, संजीव वर्मा, प्रेम सिंह, अखिलेश उपाध्याय, लीलाधर जाटव, प्रभाकर सोमवंशी, जितेन्द्र द्विवेदी, संतोष दुबे, अरविन्द गुप्ता, सुजीत तिवारी, सहित अन्य पत्रकार उपस्थित थे. अवैध कोल डंपिंग ले चुकी है तीन युवको की जान पत्रकारों के प्रतिनिधि मंडल ने इस अवसर पर एस पी का ध्यानाक्रष्ट कराया की नेशनल हाईवे पर जोर-शोर से ट्रको से कोयला उतारने का काम माफिया कर रहा है. इसी डंप पर तीन दिन पूर्व विधायक संजय पाठक की झड़प भी हो चुकी है. सनद हो की जुहला बाईपास सुर्खी मोड़ पर कोयला की अवैध डंपिंग के दौरान छः वर्ष पहले गुड्डा यादव नमक युवक की हत्या हो चुकी है. कोल माफिया के लिए काम करने वाले एक गर्ग युवक को तथा मनोज त्रिपाठी को मौत के घाट उतारा जा चुका है. पुलिस यदि इन पर शिकंजा नहीं कसेगी तो फिर कोई बेरोजगार नवयुवक माफिया के झांसे में अपनी जान गवाएगा. अवैध उत्खनन में भी इसी तरह का क़त्ल हो चूका है. पांच वर्ष पूर्व ही कुठला मोड़ पर कोल माफिया ने लूट हत्या की थी. कोल माफिया के खिलाफ बोलने पर विधायक राजू पोद्दार को भी क़त्ल किये जाने की धमकी पूर्व में मिल चुकी है. इस पर एस पी ने आश्वस्त किया की इस सम्बन्ध में कार्रवाई की जायेगी. आज मौन जुलूस इस न्रशंस हत्याकांड के खिलाफ पत्रकार जगत आज 21 फरवरी को बैठक कर मौन जुलूस निकालेगा एवं कलेक्टर के माध्यम से मुख्यमंत्री को ज्ञापन सौपेगा. श्रमजीवी पत्रकार संघ के अध्यक्ष सुरेन्द्र राजपूत, संभागीय महासचिव शैलेश पाठक, जिला पत्रकार संघ के अध्यक्ष लालजी शर्मा, महासचिव आशीस सोनी, प्रेस क्लब के अध्यक्ष अमर ताम्रकर, श्रमीवी पत्रकार संघ के महासचिव पारस जैन ने संयुक्त रूप से इस करती की भर्त्सना की है. सभी पत्रकार संघो की एक संयुक्त बैठक 21 फरवरी मंगलवार दोपहर एक बजे रेस्ट हाउस में आहूत की गयी है. बैठक के उपतंत मौन जुलूस निकलकर मुख्यमंत्री के नाम कलेक्टर के माध्यम से ज्ञापन सौपा जाएगा. ज्ञापन में हत्यारों की गिरफ्तारी और पीड़ित परिवार के लिए आर्थिक सहायता की मांग की जावेगी.

19 February, 2012

पत्रकार की परिवार सहित हत्या

इन दिनों मध्य प्रदेश के जिलो, कस्बो तथा ग्रामीण अंचलो के पत्रकार सुरक्षित नहीं है. आये दिन पत्रकारों को अगवा किया जाना तथा उन्हें धमकी देना आम बात होती जा रही है लेकिन अब पत्रकारों की जन पर लोग खेलने लगे है. ऐसी ही एक दर्दनाक घटना शहडोल संभाग के उमरिया जिले में शनिवार को घटित हुई. नगर के मध्य में जल संसाधन विभाग के रेस्ट हॉउस के बगल में स्थित एक मकान में चार लाशे पुलिस ने बरामद की. जानकारी के अनुसार नवभारत के ब्यूरो प्रमुख चाद्रिका राय उम्र चालीस सहित उनके समूचे परिवार की लाशे घर के अन्दर मिली. इसमें उनकी पत्नी दुर्गा राय ३८, युवा पुत्र और पुत्री का शव बरामद किया गया है. पत्रकार श्री राय का शव उनके मकान में ही स्थित कार्यालय में पाया गया जबकि पत्नी का शव कमरे में मिला. वही दोनों बच्चो के शव उनके पलंग पर पाए गए. अनुमान लगाया जा रहा है के शुक्रवार की देर रात घर के अन्दर किसी ने धारदार हथियार से हत्या को अंजाम दिया. जबकि घर के बाहर ताला लगा होने से मोहल्लावासियो को अनुमान नहीं था की घर के अन्दर जघन्य वारदात को अंजाम दिया गया होगा. श्री राय का मोबाइल दिनभर बंद रहने से नगर के पत्रकार साथियों की उनसे बात नहीं हो सकी . तब पत्रकारों ने श्री राय का पता लगना शुरू किया. पत्रकारों को पता चला की वे गृह ग्राम कछ्र्वारा नहीं आये है तो नगर में स्थित उनके मकान का बंद ताला मोहल्लावासियो की मौजूदगी में तोडा गया. मकान के भीतर क्षत विक्षत पड़े पत्रकार राय के समूचे परिवार के शवो को देख तत्काल पुलिस को खबर की गई.

14 February, 2012

भा जा पा नेताओं का गुंडाराज

कटनी में भा जा पा नेताओं का गुंडाराज दिनांक 8 फरवरी को दिनदहाड़े बस स्टेंड से मुझे गुंडों ने उठा लिया. उसके बाद ऍफ़ आई आर करने के बाद भी पुलिस ने कोई कार्रवाई नहीं करी. मै एक पत्रकार हूँ और एम् पी मिरर मासिक पत्रिका के लिए कटनी ब्यूरो चीफ हूँ. पिछले दिनों एक अखबार में रीठी सहकारी समिति में धान खरीदी में हुई धांधली के लिए मै खबर लिखने के लिए एक दो बार समिति के कार्यालय भी गया. इसी सिलसिले में मुझे रीठी सहकारी समिति के सेल्स में द्वारा फोन पर धमकी भी दी गयी. कहा गया की बहुत बड़ा पत्रकार बनते हो. मेरे भतीजो का खून गरमा है कुछ भी हो सकता है बाद में मत कहना. इसी तरह के फोन मेरे मित्रो और परिचितों को भी किया गया. इसकी मौखिक सूचना ८ तारीख को ही रीठी टी आई आर पी तिवारी को भी दी उन्होंने आश्वस्त किया.लेकिन शाम सवा छेह बजे मुझे बस स्टेंड से दस बारह लडको ने उठा लिया. सभी अनिल राय के भतीजे और रिथ्तेदार थे. असल में धान खरीदी में किसानो से धान न खरीद कर रीठी तथा क्षेत्र के व्यापारियों से धान खरीदी गयी. धान की तुलाई और पल्लेदारी के नाम पर प्रति बोरी पंद्रह से बीस रूपये लिया गया. पल्लेदारों को रोज भुगतान किया गया जबकि खाते से इस मद की राशी बाद में एक मुश्त निकली गयी. इसकी किसी ने शिकायत क्षेत्रीय विधायक को दी. उन्होंने इसकी जाँच हेतु आदेश दिए. जब जन्च्दल रीठी पंहुचा तब वह पर लीद सेल्स मेन तथा धान खरीदी का मुखिया अनिल राय नहीं मिला और न ही कोई रिकार्ड प्रस्तुत किया गया. मुझे उठाकर ले जाने में रीठी पुलिस की निष्क्रियता स्पष्ट नजर आती है क्योकि जब मैंने दोपहर को सूचित कर दिया था तो फिर टी आई रीठी ने कोई एक्शन क्यों नहीं लिया. 13 त्दरीख की शाम को एक बार फिर से अनिल राय के भतीजे शराब पीकर पोस्ट आफिस तिगाद्दे पर सरिया लेकर घूम रहे थे और पत्रकारों को गाली दे रहे थे. अभी तक पुलिस ने किसी प्रकार की चोकसी नहीं लगाई है और ऐसा लगता है की पुलिस अनिल राय का साथ दे रही है. क्योकि अनिल राय की पत्नी भा जा पा पार्टी की नेता है. मै असुरक्षित महसूस कर रहा हूँ.

13 February, 2012

राशि आई पर ग्रामों में नहीं बने कचराघ

कटनी बहोरीबंद जनपद क्षेत्र की सभी ग्राम पंचायतों तथा ग्रामों में कचड़ा घर निर्माण के लिये सत्र 2010 - 11 में कई लाख रूपये की राशि जारी की गई थी। इस राशि से या तो ग्रामों में कचरा घर का निर्माण किया ही नहीं गया या फिर मानदण्डों के अनुसार काम न कर केवल औपचारिकता का निर्वाह करते हुये राशि हड़प ली गई है। प्राप्त जानकारी के अनुसार ग्रामों में स्वच्छता रखने के उद्देश्य से शासन की योजना के तहत प्रत्येक ग्राम में पांच बाई सात फुट का सीमेंटेड कचरा घर निर्माण कराये जाने का प्रावधान है। इस कार्य के लिये ग्रामों में महिला पंच की अध्यक्षता में समिति का गठन किया जाता है क्षेत्र में कार्य करने वाली आशा कार्यकर् ाा को इस समिति का सचिव बनाया जाता है। प्रत्येक कचरा घर निर्माण के लिये शासन की ओर से 10 हजार की राशि प्रदान की जाती है। बहोरीबंद जनपद पंचायत क्षेत्र में 174 आशा कार्यकर्ता है जिन्हें इस समिति का सदस्य बनाया गया है। बताया गया कि समितियों की अध्यक्ष महिला पंचों की निष्क्रियता के कारण आशा कार्यकर्ता इस योजना का बेजा फायदा उठातीं है। अनेक ग्रामों में कचरा घर का निर्माण किये बिना ही राशि हड़प ली गई है तो कहीं नाम मात्र को छोटा मोटा कचरा घर बनाकर पूरी राशि ार्च होना दर्शा दिया गया है। ग्रामीणों ने अनुविभागीय अधिकारी राजस्व एवं जनपद पंचायत के मु य कार्यपालन अधिकारी से इस योजना के तहत कराये गये निर्माण कार्यों की जांच किये जाने की मांग की ह

10 February, 2012

कैद के पल

दिनांक ०८.०२.१२ की शाम लगभग छै: बजे पिता के लिए दवा लेने दूकान जा रहा था तभी अचानक आठ दस लडको ने बस स्टेण्ड रीठी पर घेर लिया एवं गाली गलौज करने लगे। जिन लडक़ों ने मुझे घेरा था वे सब कटनी जिले के रीठी जनपद पंचायत के देवरी ग्राम के थे. उन्हीं में से एक ने गाली देते हुए कालर पकड़ ली व कहा की बहुत बड़ा पत्रकार बन गया है मेरे चाचा अनिल राय के खिलाफ कई बार समाचार पत्र में छाप चुके हो । तभी एक लड़के ने अनिल राय को फोन लगाया और कहा की अखिलेश उपाध्याय का क्या करना है और उन्होंने मेरी बाइक की चावी छीन ली और कहा की चल देवरी अनिल चाचा ने बुलाया है। और मुझे जबरन देवरी ले जाने के लिए धक्का देने लगे। मेरे बार-बार कहने पर वे मान ही नहीं रहे थे तब मैं मजबूरन उनके साथ गाडी में बैठ कर देवरी गया.। इन लडको की तीन बाइक थी जो घेरकर आगे पीछे चल रहीं थी।
दरअसल मामला यह है की सहकारी समिति के माध्यम से करी जा रही धान खरीदी में हमेशा की तरह इस बार भी अनिल राय सेल्समेन द्वारा धान खरीदी की जा रही थी इस धान खरीदी में जमकर अनियमितताए की गयी और खूब क्षेत्र के व्यापारियों ने किसानो के नाम फर्जी धान बेचकर माल कमाया.

इस अनियमित्ताओ को शुरू से मैंने कटनी के कलेक्टर और एस डी एम् को बार-बार अवगत कराया लेकिन किसी ने भी कोई जाँच नहीं की. तभी किसी ने इसकी शिकायत क्षेत्रीय विधायक निशीथ पटेल से की तो उनके आदेश पर सहकारी समिती रीठी ने तत्काल प्रभाव से सेल्स मेन अनिल राय से लीड का काम छीन लिया व एक जाँच दल इस मामले की जाँच करने पंहुचा.
जब जाँच दल अपनी जाँच करने पंहुचा तब मै स्थल पर जानकारी लेने पंहुचा.
इसकी खबर अगले दिन स्थानीय अखबारों में छपी. तब अनिल राय ने मेरे दो तीन मित्रो को फोन पर मेरे बारे में बताया की अखिलेश को समझा लो भतीजो का नया खून है कुछ भी हो सकता है.
०६.०२.२००२ को खबर छपने के दिन शाम को अनिल राय का रात आठ बजे फोन आया की कहा हो और बहुत खबर छाप रहे हो कहा मिलोगे. तब मैंने कहा जहा कहोगे फोन करना मिल लेगे. लेकिन अगले दिन अनिल राय का कोई फोन नहीं आया.
आठ फरवरी को फालो अप में फिर से एक अखबार ने खबर छपी. मुझे आशंका थी की चूकी अनिल राय ने मेरे परिचितों को आगाह किया था इसलिए कुछ भी कर सकता है. इसी सिलसिले में मै रीठी टी आई आर पी तिवारी के पास एक बजे गया और इस सारे घटनाक्रम को बताया. उन्होंने कहा मै अनिल राय को बुलाकर समझा दूगा .

उसके बाद क्या हुआ वह आप पढ़ ही चुके है

देवरी ले जाकर अनिल राय मुझसे पूंछता रहा की हमारे बारे में बार-बार क्यों लिख रहे हो। और तरह-तरह के दबाब डालकर और आरोप लगाकर मुझसे समाचार के सूत्र पूंछता रहा। असल में अनिल राय और उसके व्यक्तियों की इस हिमाकत का कारण उसके द्वारा सेल्समेन के पद पर रहते हुए अकूत संपत्ति कमाना तथा उसकी पत्नी अहिल्या राय का राजनैतिक दल भाजपा से सम्बद्ध है.
निश्चित है की ऐसे व्यक्ति पुलिस और आला अधिकारियो को पैसे के दम पर अपने पक्ष करके रखते है.
मेरे अपहरण की सूचना मिलते ही मेरे मित्र पंद्रह मिनिट में मेरे पास पहुच गए. और तब तक भोपाल में बैठे मेरे पत्रकार मित्र भी सक्रीय हो गए और उन्होंने आई जी, एस पी, कमिश्नर, भा जा प् प्रदेश अध्यक्ष प्रभात झा सभी को सूचित कर दिया. पुलिस तो अपने समय के मुताबिक पहुची. ऐसे में टी आई रीठी की भूमिका भी संदिग्ध लगती है.
मेरे मित्रो की संख्या देखकर अनिल राय के होसले ढीले पद गए और फिर मै सकुशल घर पहुच सका.
इस सारे मामले में पुलिस बिलकुल भी निष्क्रिय बनी रही.
जब मै थाने रिपोर्ट दर्ज करने गया तो टी आई ने जबरन यह लिखवाया की मै अपने परिचित के साथ गया. जबकि पत्रकार होने के नाते मै तो सभी से परिचित था.

खैर अगले दिन प्रेस क्लब कटनी के द्वारा एस पी, कलेक्टर,जनसंपर्क आयुक्त भोपाल और मुख्य मंत्री मध्य प्रदेश शासन के नाम एक ज्ञापन दिया गया जिसमे तीन मागे राखी गयी -
१ एफ आई आर दर्ज की जाए
२ टी आई को तत्काल हटाया जाए
३ सेल्स में अनिल राय को तत्काल पद से प्रथक किया जावे

तब कही जाकर एफ आई आर दर्ज हो सकी और एडिसनल एस पी ने आश्वासन दिया की बारह घंटे के अन्दर टी आई रीठी को भी हटा दिया जाएगा.

06 February, 2012

सीएम हाउस के सामने धरना देंगी आशा कार्यकर्ता

कटनी। जिले की आशा कार्यकर्ता अपनी विभिन्न मांगों को लेकर आशा उषा कार्यकर्ता, एकता यूनियन सीटू के बैनर तले
8 फरवरी को भोपाल में शाह जहांनी पार्क में महापड़ाव में शामिल होने 7 फरवरी को विध्यांचल ए सपे्रस से रात 8 बजे
कटनी स्टेशन से प्रस्थान करेंगी। सीटू की मु य मांगों में म.प्र. में 4825 न्यूनतम मासिक रूप से दो सभी आशा उषाओं को
स्वास्थ्य कार्यकर्ता के रूप में सरकारी कर्मचारी बनाओ राष्टï्रीय ग्रामीण स्वास्थ्य मिशन को स्थायी कार्यक्रम बनाओ आशा
उषाओं को प्रशिक्षण तथा एएनएम पर पदोन्नति में प्राथमिकता दो, उषा कार्यकर्ताओं को भी आशा कार्यकर्ताओं की तरह
प्रशिक्षण, बैठक भ ाा, एएनसी व पीएनसी सहित सभी प्रोत्साहन राशि का भुगतान करो सभी प्राथमिक
स्वास्थ्य केन्द्रों व अस्पताल में आशा उषाओं के लिए सर्व सुविधा यु त सुरक्षित विश्राम कक्ष की व्यवस्था, आशा उषाओं को नियमित रूप से
मेडिकल किट व पर्याप्त मात्रा में जरूरी दवाईयां उपल ध कराना, सभी आशा उषाओं को वर्ष में 3 जोड़ी यूनिफार्म, परिचय पत्र, साइकिल खरीदी हेतु पूर्ण राशि, टाूर्च, छतरी, बरसाती तथा हितग्राहियों से संपर्क की सुविधा के लिए मोबाइल खर्च, सभी आशा उषाओं को स्वास्थ्य, बीमा, गरीबी रेखा राशन कार्ड एवं सामाजिक सुरक्षा योजना का लाभ दो। आशा उषा कार्यकर्ताओं की विभागीय एवं प्रशासनिक अधिकारियों द्वारा की जाने वाली प्रताडऩा को रोको तथा प्रताडि़त करने वाले लोगों के खिलाफ दण्डात्मक कार्यवाही सुनिश्चित करे। भोपाल महापड़ाव में ज्यादा से
ज्यादा सं या में शामिल होने की अपील आशा कार्यकर्ता श्रीमती घिसली बाई, संध्या साहू, सीता परिहार, उषा त्रिपाठी, सुमित्रा पटैल, चिन्ता कन्हवारा से टर, आशा पटवा, संध्या चौरसिया, तिज्जो बाई, अंजना पटैल, सुनीता हल्दकार उमरियापान से टर, संगीता गौतम, मंजू लता सोनी, किरण तिवारी, विनीता राय, बकरीदन बी रीठी से टर, सावित्री घोषी, भगवती यादव विजयराघवगढ़ से टर, श्रीमती कृष्णा निगम,
श्रीमती किरण निगम, रजिया बेगम, सुनीता महोबिया, शिवकुमारी पटैल, मीना केवट बड़वारा से टर, अलमा ठाकुर, शशि यादव, उषा बाई, दुर्गा बाई, चंदा पटैल ढीमरखेड़ा से टर ने की है। शाम 5 बजे सभी आशा कार्यकर्ताओं से कटनी स्टेशन पहुंचने की अपील की है।

भगवान का चरित्र तो एक औषधि है,

कटनी। भगवान का चरित्र तो एक औषधि है, जन्म मरण
से छुड़ाने वाली औषधि है। वह कोई लालची वैद्य की
बनाई औषधि नहीं है योंकि लालची वैद्य तो रोग को
लंबा कर देते हैं। किंतु यह औषधि ऐसी है कि इससे गुणों
को बड़े-बड़े तृष्णा रहित भक्त पुरूष भगवान की समीपता
का अनुभव करते हुए रस ले लेकर गाते रहते हैं। परीक्षित
ने शुकदेवजी से पूछा कि जब मैं अपनी माता के गर्भ में
था तब अश्वत्थामा के ब्रह्मास्त्र से मेरा शरीर जल गया था।
उस समय मेरे मन में कोई भाव नहीं था। न मैं बोल सकता
था न भगवान को जानता था और न उनकी शरण ग्रहण
करने योगयथा। परंतु फिर भी मेरी माता के शरणागत होने
पर भगवान ने मेरी रक्षा के लिए दौडकर आ गए। मुझे उन्हीं
प्रभु का चरित्र मैं श्रवण करना चाहता हूं। यह सुनकर
परीक्षित ने कहा जब कोई भगवान के चरित्र के संबंध में
प्रश्न करता है तब प्रश्रकर्ता, उ ारदाता और श्रोता तीनों ही
पवित्र हो जाते हैं। जगत की, भोग की, राजा की, भ्रष्ट लोगों
की, स्त्री की, पुरूष की, धन की, नास्तिक की चर्चा करते-
करते हमारी जीभ, हमारे कान और ह्दय अत्यन्त कलुषित
हो गए हैं। देवकी की विदाई के समय कंस अपनी चचेरी
बहन देवकी और वसुदेव को प्रसन्न करने के लिए उनके
रथ की बागडोर संभाले था। उसी समय देवताओं ने मन
में यह विचार किया कि यदि कंस देवकी-वसुदेव का इतना
भक्त हो जाएगा तो इनके पुत्ररूप में प्रकट होकर भगवान
इसको कैसे मारेंगे। इतने में आकाशवाणी हो गई कि अरे
कंस तू किससे प्रेम कर रहा है इसी देवकी के आठवे गर्भ
से तेरी मौत होने वाली है। आकाशवाणी सुनते ही कंसने
देवकी की चोटी पकडऱ उसको सडक पर पटक दिया हाथ
में तलवार लेकर मारने तैयार हो गया। इसीलिए संत तुलसी
दास ने कहा है - खल की प्रीति यथा थिर नाहीं। जिसके
ह्दय में जो भाव होता है वह स्वार्थ का बाधा पड़ते ही
प्रकट हो जाता है और अपना काम कर दिखाता है यही
स्वार्थी मनुष्य की पहचान है। कंस की क्रूरता देखो कि
उसने एक-एक करके देवकी के छ: बच्चे मार दिए।
आध्यात्मिक दृष्टि से वे छहों बच्चे षड्विकार थे।
षड्विकारों का शमन हो जाने पर ही आत्मा का साक्षात्कार
होता है। तब सातवें गर्भ में बलरामजी आए। भगवान ने
अपनी योगमाया से इनको उठाकर रोहिणी के पेट में रखवा
दिया उसके वे स्वयं देवकी के गर्भ में प्रवेश कर गए। और
फिर भगवान श्रीकृष्ण का प्राकट्य हुआ। इसके साथ ही
नंद के आनंद भयो जय कन्हैया लाल की के जयघोष के
साथ ही सारा कथास्थल गुंजायमान हो उठा। बाजे गाजे के
साथ पालकी में बसुदेव के द्वारा बालकृष्ण की पूजा, बधाई
गायन एवं नृत्य होने लगे। बैंड बाजों और पटाखों के बीच
सारा मेला कथा स्थल पर उमड़ पड़ा।

01 February, 2012

गुटीय संघर्ष के बाद कैमोर में तनाव

गुटीय संघर्ष के बाद कैमोर में तनाव
कटनी/कैमोर नगर में गुटीय संघर्ष के बाद आज दिन भर तनाव का माहौल रहा। यह तनाव कोई गंभीर रूप न लेने पाये इसके लिये भारी सं या में पुलिस बल कैमोर में तैनात रहा। आपसी रंजिश रखने वाले दो गुटों में टकराव और इसके बाद छाये तनाव की खबर मिलते ही कले टर अशोक सिंह एवं एडी. एस.पी. अमित सांघी समेत पुलिस एवं प्रशासन के आला अधिकारी कैमोर पहुंच गये थे जो दिन भर अप्रिय स्थिति को टालने की कोशिशों में जुटे रहे। प्राप्त जानकारी के अनुसार कैमोर थाना क्षेत्र के खलवारा बाजार निवासी गगन ग्रोवर एवं उसके साथियों का पिछले कुछ महीनों से भटिया मुहल्ला निवासी रज्जाक खान और उसके साथियों से विवाद चल रहा। दोनों गुटों के बीच कई बार मार-पीट भी हो चुकी है। अभी लगभग एक सप्ताह पहले भी दोनों
गुटों के बीच टकराव हो गया था। पुलिस ने दोनों पक्षों के विरूद्ध मार-पीट और जान से मारने की धमकी के काऊंटर मामले दर्ज किये थे तब भी कैमोर में तनाव व्याप्त हो गया था और स्थिति को संभालने कटनी से पुलिस बल बुलवाया गया था। स.डी.ओ.पी. एवं अन्य पुलिस अधिकारियों ने कोशिश करके दोनों पक्षों में सुलह करा दी थी पर यह सुलह एक ह ते में नहीं टिक पाई।
पुलिस सूत्रों से प्राप्त जानकारी के अनुसार कल रात फिर भटिया मुहल्ले के कुछ युवकों ने खलवारा बाजार निवासी दो युवकों के साथ मार-पीट की थी जिसका बदला लेने आज सुबह एसीसी फै ट्री गेट के समीप खलवारा बाजार के कुछ युवकों ने भटिया मुहल्ले के युवकों की पिटाई कर दी। रज्जाक और सलीम नामक युवकों की पिटाई की खबर जैसे ही भटिया मुहल्ला पहुंची
वहां के लोग भारी सं या में कैमोर थाने पहुंच गये। सैकड़ों की भीड़ थाने में देखकर पुलिस के हाथ पैर फूल गये। थाना प्रभारी रूपसिंह चौहान द्वारा तत्काल इसकी सूचना पुलिस अधीक्षक को दी गई। एसी.पी. के निर्देश पर कुछ ही देर में विजयराघवगढ़ और बरही थाने समेत कटनी से भी पुलिस बल कैमोर रवाना कर दिया गया। डीएसपी, एड.एस पी, एसडीएम समेत कले टर
स्वयं भी कैमोर पहुंच गये। इन अधिकारियों ने सबसे पहले थाने में एकत्र भीड़ को हटाया एवं बेकाबू हो रही स्थिति पर नियंत्रण पाने के प्रयास शुरू कर दिये।
उधर भटिया मोहल्ले के सैकड़ों लोगों के थाने पहुंचने की खबर पाकर खलवारा बाजार में भी लोगों का मजमा लगने लगा और कुछ ही देर में यहां भी सैकड़ों की सं या में लोग इकट्ठे हो गये। ये लोग भी जुलूस की श ल में थाने जाने की तैयारी कर रहे थे पर इन्हें पुलिस ने बीच में ही रोक दिया। खबर लि ो जाने तक कैमोर में तनाव की स्थिति बनी हुई थी। तथा कैमोर
पहुंचे प्रशासन और पुलिस के वरिष्ठ अधिकारी दोनों पक्षों के बीच समझौताकराने का प्रयास कर रहे थे।

दोनों पक्षों पर काउंटर मामला दर्ज
इस घटना को लेकर पुलिस ने जहां रात में खलवारा बाजार निवासी 21 वर्षीय राहुल पिता जागेश ग्रोवर की शिकायत पर भठिया मोहल्ला निवासी रज्जाक खान, मोनी खान, गोलू उर्फ इबरार, इ बू खान व इकबाल खान के विरूद्ध धारा 294, 323, 506, 34 के तहत मामला दर्ज किया था। वहीं आज प्रात: भठिया मोहल्ला निवासी 23 वर्षीय मोह मद इकबाल पिता मोह मद इशाक की शिकायत पर बंटू ग्रोवर, नमित ग्रोवर, गगन ग्रोवर, प्रशांत ग्रोवर, राजेश सेठी, काका ग्रोवर, मोनू सेठी, ऋषि मनोचा व अंकुश ग्रोवर के विरूद्ध धारा 147, 148, 294, 323, 506 के तहत मामला दर्ज किया है। पुलिस के मुताबिक राहुल ग्रोवर के साथ कलरात पाठक यार्ड में पान के टपरे में पान खाते समय मारपीट की गई जबकि मोह मद इकबाल के साथ आज प्रात: एसीसी गेट के समीप उस समय मारपीट की गई जब वह अपने भाई इबरार के साथ मोटर सायकल में सवार होकर काम करने फै ट्री जा रहा था।

सा प्रदायिक नहीं गुटीय संघर्ष- एस पी
कैमोर में हुई मारपीट की इस घटना के बाद पूरे जिले में यहां सा प्रदायिक सौहार्द बिगडऩे की अफवाह फैल गई थी। पुलिस अधीक्षक मनोज शर्मा से जब इस संबंध में बात की गई तो उन्होंने इसे गुटीय संघर्ष करार देते हुये बताया कि कैमोर के इन दो गुटों में पहले से विवाद होता रहा है समय समय- समय पर इनके विरूद्ध अपराधिक मामले भी दर्ज किये गये है। आज की घटना पर भी दोनों पक्षों के विरूद्ध अपराध कायम किये गये है, तथा किसी भी प्रकार की अप्रिय स्थिति को रोकने
पुलिस मुस्तैद है।

10 January, 2012

तुम्हारी फाईलो में गाँव का मौसम गुलाबी है

जनपद पंचायत रीठी में आज भी ऐसे सैकड़ों गांव हैं जहा विकास के नाम पर कुछ भी नहीं हुआ है। सरकारी आकड़ों में तो गाँव खुशहाल और सुविधा संपन्न हो चुके हैं मगर इन आकड़ों की हकीकत क्षेत्र का दौरा करने पर देखी जा सकती है।
रीठी जनपद अध्यक्ष प्रीति सिंह ने अपने शपथ ग्रहण के पश्चात नियमित क्षेत्र का सघन दौरा करके विकास की एक रूपरेखा निर्धारित की है और अब उस पर क्रमश: उन्होंने विकास के कार्य कराना प्रारंभ भी कर दिए हैं।



इसी सिलसिले में वर्ष 10-11 के गौड खनिज मद से प्राप्त आबंटन पर उन्होने जनपद क्षेत्र की ऐसी पंचायतों को चुना जो आज तक विकास की धारा से अछूते रह गए हैं। आज जब ग्राम पंचायत सुगवा के मूरपार में सीसी रोड का भूमि पूजन हो रहा तो गाँव की महिलओं के मंगल गीत उनकी खुशी का इजहार कर रही थी। इस गाँव में कीचड़ से सनी गलियों में निकल पाना बहुत मुश्किल है।
इस अवसर पर जनपद सदस्य कुँजीलाल यादव ने अध्यक्ष को धन्यवाद ज्ञापित किया और विकास से उपेक्षित इस ग्राम में इसी क्रम से राशि दिए जाने की अपेक्षा व्यक्त की।
भूमि पूजन के इस अवसर पर ग्राम मूरपार के बालक, नवजवान व वृद्व सभी उपस्थित थे। जनपद पंचायत रीठी के उपाध्यक्ष गुलाम गौस चिस्ती, जनपद सदस्य माया छोटे पटैल, उदयभान यादव, दशोदा रामदास दाहिया, बराती कोल, कुँजीलाल भी इस विकास की नीव के पथ के पथिक रहे।

09 January, 2012

बीमार होने पर आठ किलोमीटर दूर इलाज कराने जाने के लिए विवश

नहीं मिलती शक्कर


सरकार आदिवासियों के विकास की योजनाओं का लाख ढिढोरा पीटती रहे लेकिन क टनी जिले के सुदूर अंचलों में बसे आदिवासियों की हालत में आज भी कोई सुधार नहीं हो सका है। अपने भोले भाले स्वभाव के अनुरूप रीठी जनपद के बसुधा ग्राम पंचायत के आदिवासियों का यही हाल है।
विगत दिनों जनपद अध्यक्ष प्रीति सिंह अपने क्षेत्र के लोगों का हाल जानने जब अपने ही निर्वाचन क्षेत्र बसुधा पहुंची तो वहां के हालात जान अचंभित रह गयी। मूलभूत सुविधाओं से जूझ रहे यहां के आदिवासी आज भी बीमार होने पर यहां से आठ किलोमीटर दूर रीठी जाने के लिए विवश हैं। यहां पदस्थ एम पी डब्लू द्वारा पैसे देकर र दवाइयां दी जाती हैं जबकि स्वास्थ्य विभाग द्वारा मुफत बांटने के लिए दवा दी जाती है।
यहां के सरपंच जगतसिंह ने अध्यक्ष को बताया की इस क्षेत्र में एक उप स्वास्थ्य केंद्र खोले जाने की नितान्त आवश्यकता है इस पर प्रीति सिंह ने बताया की उनकी यह मांग शासन से पहले ही प्रस्तावित की जा चुकी है और वित्त वर्ष 12-13 में यह स्वीकृत भी हो जाएगा। उन्होने बी एम ओ एवं सुपरवाईजर को बसुधा क्षेत्र में लापरवाही बरतने वाले स्वास्थ्य कर्मी को •ो नियमित क्षेत्र में भ्रमण करने एवं शासन से प्रदान की जाने वाली दवा ग्रामीणों को मुफत बांटने के निर्देश दिए।

एक अन्य शिकायत में ग्राम की बेलाबाई ने अध्यक्ष को बताया की भादोंके बाद से शक्कर आज तक नहीं बटी है। यहा पदस्थ सेल्समैन रामकुमार सेन द्वारा महीनो शक्कर नहीं बाटी जा रही। सहकारी समिति द्वारा घोर लापरवाही की जा रही है और सेल्समैन महीने में एक बार ही यहां की दुकान खोलता है। अध्यक्ष ने सहकारी सेवा समिति के समिति प्रबंधक को तत्काल संबंधित सेल्समैन द्वारा हर महीने राशन नियमित बांटने के निर्देश दिए.

इसके पहले एक कार्यक्रम में जनपद अध्यक्ष ने गौड खनिज मद से तीन लाख की राशि से बनने बाली सडक का भूमि पूजन किया । इस अवसर पर सरपंच जगत सिंह, नन्हे सिंह, अमर सिंह, चतुराज सिंह, इन्दल सिंह, खुशाली, मिठाईलाल, रोहिणी विश्व•र्मा, रामचरण, मानसिंह, जागेश्वर, नरेश सिंह, देव सिंह, भारत सिंह उपसरपंच, मुन्ना सिंह, लखन सिंह, कुसुम सिंह पंच, नमई सिंह सचिव उपस्थित थे।

06 January, 2012

योजनाओं के क्रियान्वयन में लापरवाही बर्दाश्त नहीं

नए कले टर अशोक कुमार सिंह ने साफ कर दिया है कि योजनाओं के क्रियान्वयन के मामले में वे किसी तरह की लापरवाही बर्दाश्त नहीं करेंगे। खासकर परिवार कल्याण कार्यक्रम में दिया गया लक्ष्य किसी भी हाल में पूरा होना चाहिए। मु यालय
से गायब रहने वाले अधिकारियों को हिदायत देते हुए कले टर श्री सिंह ने कहा कि अधिकारी अब अवकाश पर जाने या मु यालय छोडऩे के पहले उनसे अनुमति लें। इसके लिए लिखित या दूरभाष पर संपर्क किया जा सकता है। मंगलवार को कटनी जिले का प्रभार ग्रहण करने के बाद नवागत कले टर अशोक कुमार सिंह कले ट्रेट सभागार में अधिकारियों के साथ पहली बैठक ले रहे थे। बैठक में कले टर श्री सिंह ने दो टूक कहा कि शासन की योजनाओं व कार्यक्रमों की समीक्षा अब विभागीय समूहवार की जावेगी। इसके लिए ग्रुप बनाये जाएंगे और एक-एक ग्रुप में चार-पांच विभाग रहेंगे। जिससे योजनाओं का क्रियान्वयन सुचारू रूप से हो सके। बैठक में कले टर ने अधिकारियों से परिचय प्राप्त किया और चर्चा की। उन्होंने बीज निगम से बीज वितरण, कृषि विभाग से रबी फसलों की बुआई व स्थिति तथा विपणन संघ से फर्टीलाइजर खाद वितरण की जानकारी ली। बीज निगम प्रबंधक श्री पाण्डे ने बताया कि जिले में किसानों को रबी की फसलों का बीज उपल ध करा दिया गया है। उप संचालक कृषि ए. के. नागल ने बताया कि जिले में रबी मौसम की फसलों में गेहूॅ, चना, व अन्य फसलें बोई गई हैं। वर्तमान में फसलों की स्थिति ठीक है। जिला विपणन संघ अधिकारी एम. एल. रजक ने बताया कि किसानों को यूरिया खाद का वितरण किया जा रहा है। बैठक में कले टर ने कहा कि सेवानिवृ ा होने वाले कर्मचारियों के सारे स्वत्वों का भुगतान उसी दिन हो जाना चाहिए। केवल न्यायालयीन प्रकरण को छोड़कर, जो विभाग सेवानिवृ िा के दिन
अधिकारियों, कर्मचारी के स्वत्वों को प्रद ा नहीं करेंगे, ऐसे विभाग के प्रति नियमानुसार कार्यवाही की जायेगी। उन्होंने विभाग प्रमुखों को आगाह किया कि वे स्थापना शाखा लिपिक से इस संबंध में जानकारी अवश्य लेते रहें। यदि किसी कर्मचारी का प्रकरण न्यायालयीन भी है, तो मेरे समक्ष प्रस्तुत करें, ताकि माननीय न्यायालय के आदेशों का पालन करते
हुए कार्यवाही की जा सकें। बैठक में एस. डी. एम.तेजस्वी एस. नायक, डिप्टी कले टर ओ. पी. सनोडिया सहित अन्य विभागों के अधिकारी मौजूद रहे।
स्वास्थ्य विभाग पर टेढ़ी नजर
कले टर श्री सिंह ने सीएमओ से कहा कि परिवार कल्याण कार्यक्रम के तहत हर हाल में लक्ष्य की पूर्ति की जावे। सीएमओ डॉ. जी.सी.चौरसिया ने बताया कि जिले को 12 हजार 900 हितग्राहियों की नसंबन्दी आपरेशन करने का लक्ष्य दिया गया है।
जिसके विरूद्ध अभी तक 54.5 प्रतिशत उपल िध हासिल कर ली गई है। जिस पर कले टर ने नाराजगी भी जताई। बैठक में सिविल सर्जन के. के. जैन ने बताया कि जिले में स्वास्थ विभाग का अमला स्वीकृत पदों की अपेक्षाकृत कम हैं। जिस
पर कले टर ने सभी विभाग प्रमुखों से अपने-अपने विभागों में कितने अधिकारी, कर्मचारी की कमी है, इसकी जानकारी तत्काल प्रस्तुत करने के निर्देश दिए। जिससे शासन से विभागीय कार्यान्वयन हेतु अमले की मांग जा सके।
बताओ यों नहीं लगा ट्रांसफार्मर मत्स्य विभाग के सहायक संचालक ए. के. सिंह ने बताया कि सुरखी ग्राम में मत्स्य प्रक्षेत्र हेतु ट्रांसफार्मर लगाया जाना है। विद्युत विभाग में वर्ष 2009 में ट्रांसफार्मर लगाने के लिए राशि जमा कर दी गई हैं
लेकिन अब तक ट्रांसफार्मर नहीं लगा। जिस पर कले टर ने विद्युत विभाग सहायक यंत्री से कहा कि दो वर्ष बीतने के बाद भी ट्रांसफार्मर यों ही लगा। पूरा विवरण मेरे समक्ष प्रस्तुत करें, ताकि इस कार्य में आ रही बधाओं को दूर किया जा सके।

सचिव से नहीं लें काम
बैठक में कले टर श्री सिंह ने सामाजिक आर्थिक संगणना में प्रशिक्षण, क प्यूटरआपरेटर और गणना में लगाये जाने वाले अधिकारियों व कर्मचारियों के संबंध में निर्देश देते हुए कहा कि इस कार्य में ग्राम पंचायत सचिव को नही लगाया जाए।
जिला पंचायत के मु य कार्यपालन अधिकारी जेड. यू. शेख ने बताया कि यह प्रशिक्षण दो फरवरी से आयोजित किया जायेगा। कले टर ने हाउसिंग बोर्ड से आवास, जल संसाधन से तालाब निर्माण एवं लोक निर्माण विभाग से पेंच वर्क कार्य की जानकारी भी प्राप्त ली। विद्युत विभाग से अस्थायी कने शन का विवरण लिया। सहायक यंत्री ने बताया कि इस वर्ष 17 हजार अस्थायी विद्युत कने शन दिये गये है। वन विभाग के एस.डी.ओ. ने बताया कि जिले में 33 प्रतिशत वन क्षेत्र है। जिले में तेन्दूप ाा, महुआ, कुल्लू, गोद तथा अन्य लघु वनोपज अर्जित होती हैं।

अलग से होगी कृषि मंडी समिति की समीक्षा
कले टर अशोक सिंह ने कहा कि कृषि उपज मंडी समिति की अलग से समीक्षा होगी। इस हेतु मण्डी में किसानों को मिलने वाली सुविधाओं, व्यवस्थाओं तथा मण्डी शुल्क आदि का जायजा लिया जायेगा। कले टर ने जिले में चल रहे बरगी
दायी तट नहर कार्य की भी जानकारी ली। नर्मदा घाटी बरगी परियोजना कार्यपालन यंत्री कैलाश चौबे ने बताया कि जिले में 50 किलो मीटर नहर कार्य स्वीकृत है। इसमें 38 किलोमीटर ओपनकट नहर और 12 किलामीटर सुरंग नहर का कार्य
किया जा रहा है। वर्तमान में सुरंग नहर कार्य उच्च तकनीक मशीनीकरण से जारी है। अभी तक यह कार्य 3 प्रतिशत हुआ है। यह कार्य वर्ष 2013 तक पूर्ण किया jaayega

अब पशुओं का ऑनलाइन इलाज

जल्द शुरू होगी अनोखी सुविधा
कटनी, मिशन 2013 के मद्देनजर प्रदेश की सरकार ग्रामीण क्षेत्र के लोगों के लिए नई-नई सुविधाओं का पिटारा खोलने की गत में है। हालांकि यह लाभ की दृष्टि से कितनी कारगर होती हैं यह तो आने वाला समय ही बताएगा । इसी पहल के फलस्वरूप अब मध्य प्रदेश में पशुओं के इलाज की ऑनलाइन सुविधा शीघ्र प्रारंभ होगी। इसके लिए सरकार ने पूरा मसौदा तैयार कर लिया है। दरअसल इस आन लाइन इलाज की जरूरत सरकार को इस लिए पड़ी योंकि लगातार ग्रामीण क्षेत्रों में पशुओं के हिलए स्वास्थ्य सुविधाएं हीं होने की शिकायत मिल रही थीं। भोपाल से मिली जानकारी के अनुसार सुदूर ग्रामीण अंचलों के पशुपालकों को घर पहुंचकर पशु चिकित्सा सुविधा उपल ध कराने के लिए ऑनलाइन कंसलटेंसी के माध्यम से यह परियोजना तैयार की गई है। योजना के संबंध पशुपालन मंत्री अजय विश्नोई ने बताया कि अगले वर्ष प्रदेश में पशुपालन के क्षेत्र में अनेक महत्वपूर्ण गतिविधियां होंगी। नलाइन पशु उपचार की ड्वेट, परियोजना में कम लागत में पशुओं के उपचार की सुविधा पशुपालकों के घरों में पैरावेट के जरिए उपल ध होगी। इसके साथ ही गौ-वंश के संरक्षण के लिए कुछ जिले में गौ अ यारण्य शुरू किया जाएगा। इसकी योजना भी विभाग द्वारा तैयार की गई है।

अतिथि सत्कार में फूंके 60 लाख

समूचे प्रदेश में आम आदमी की आर्थिक स्थिति बद से बदतर होती जा रही है। स्वर्णिम मध्प्रदेश का दावा करने वाली शिवराज सिंह सरकार का न केवल खजाना खाली है बल्कि वर्तमान में सरकार पर 69.259.16 करोड़ का कर्ज भी है। बावजूद इसके इन आंकड़ों से सबक लेने की बजाय सरकार और उसके अफसरों ने अतिथि सत्कार के नाम पर 60 लाख 40 हजार 101 रूपये फूंक डाले है।
मध्यप्रदेश कांग्रेस कमेटी के प्रदेश प्रतिनिधि अनिल तिवारीने कहा है कि शिवराज सरकार कर्ज लेकर घी पीने की कहावत रितार्थ कर रही है। सरकारी खजाने की हालत ठीक न होने के बावजूद राज्य मंत्रालय की सत्कार शाखा ने शिष्टïाचार कार्यालय में उपल ध शासकीय वाहनों का उपयोग न करते हुये निजी ऑपरेटरों या ट्रेवल्स से वाहन किराये पर लेकर 60 लाख 40 हजार 101 रूपये के किराये का भुगतान किया है, यह खुलासा ऑडिट रिर्पोट में हुआ है। ऑडिट रिर्पोट तत्कालीन शिष्टïाचार अधिकारी बसंत कुर्रे सत्कार अधिकारी, संजय सिंह चौहान कैशियर, राजेन्द्र बलवेट व संजय मिश्रा के कार्यकाल की कराई गई
जिसमें स्पष्टï कहा गया है कि अतिथियों के उपयोग के लिये शासकीय वाहनों या स्टेट गैरेज के वाहनों का उपयोग करना चाहिए। लेकिन ऐसा नहीं किया गया। इतना ही नहीं भुगतान के पूर्व संबंधित अधिकारी की अनुमति नहीं ली जो अनियमितताओं की श्रेणी में आता है। पन्ना के वरिष्ठï जिला पंचायत सदस्य अनिल तिवारी ने कहा है कि व्यर्थ के स मेलनों
और भाजपा के व्ही.आई.पी. नेताओं की आवभगत में करोड़ों रूपये खर्च करने वाली प्रदेश सरकार अरबों के कर्ज का प्रतिमाह औसत 5051.८३ करोड़ रूपये का याज चुका रही है यानि बजट से ज्यादा राशि ऋण चुकाने में खर्च किया जा रहा है। वि िान्न संस्थाओं की आऊट स्टेडिंग पर 3 करोड़ की गारंटी दे रखी है कुल जमा सरकार पर 77.999.०२ करोड़ का दायित्व है। बुंदेलखण्ड के नामी नेताओं में शुमार अनिल तिवारी ने प्रदेश सरकार को आड़े हाथों लेते हुये कहा है कि गोवा जैसे छोटे राज्य की औसत आय प्रति व्य ित सालाना 1,32,719 रूपये है जबकि देश के बड़े प्रदेशों में शामिल मध्यप्रदेश के निवासी प्रति व्य ित की सालाना औसत आय मात्र 27,250 रूपये रह गई है। ये आंकड़े सरकार की असफलता की कहानी बयां कर रहे है। तने सबके बावजूद राज्य मंत्रालय में 1 फरवरी 2009 से 31 अगस्त 2009 तक की गई वि िान्न बैठकों में मंत्रियों- धिकारियों के चाय- नाश्ते पर 3 करोड़ ८० लाख 716 रूपये खर्च किये गये

धान खरीदी में प्रतिदिन लाखो का घोटाला

प्रदेश की भाजपा सरकार नौकरशाहों पर नियंत्रण लगा पाने में असहाय नजर आ रही है तभी तो सेवा सहकारी केन्द्रों में गरीब किसानो की धान खरीदी में खुलेआम घोटाला किया या जा रहा है।
जिला सहकारी बैंक रीठी अंतर्गत सोसाइटियों में किसानो की धान हफतों से पड़ी रह जाती है वहीं दलालों, व्यापारियों की धान खुलेआम खरीदी जा रही है।
हर वर्ष की भांति इस वर्ष भी धान खरीदी का मौसम सहकारी समिति कर्मचारियों एवं दलालों के लिए चांदी काटने का मौसम होता है। किसानो की माने तो उन्होने पंजीयन तो करा लिया लेकिन उन्हें डेट पर डेट दी जा रही है फिर भी धान नहीं तौली जा रही है। वहीं व्यापारियों की मिली भगत से ऊपर ही ऊपर रातों में ट्रक लोड कराकर कटनी ऍफ़ सी आई भेजे जा रहे हैं।
सूत्रों की माने तो रीठी सहकारी समिति के पुराने दलाल तथा अन्य व्यापारी इस समय केवल धान खरीदी के गोरखधंधे में लगे हैं। यह व्यपारी किसानो से कम कीमत पर धान खरीद रहे हैं और इन पर रीठी सहकारी समिति की सील वाला प्रिंट अपनी गोदाम पर लगाकर सीधे कटनी भेजा जा रहा है। स्पष्ट रूप से इसमें समिति प्रबंधक एवं धान खरीदी कर रहे सेल्समैन के सहयोग के बिना इतना बड़ा घोटाला संभव ही नहीं है। इनके माध्यम से रात में ही गेटपास प्राप्त कर बाहर के बाहर बड़ा खेल चल रहा हैं।
वही वास्तविक किसानो की खाद खुले में पड़ी बारिस की मार झेलने पड़ी है। किसानो को गुमरहा किया जा रहा है और तरह-तरह के तर्क देकर उनकी धान नहीं खरीदी जा रही है।
किसानो ने कलेक्टर व एस डी एम कटनी से मांग की है की रीठी, बडग़ांव, देवगांव, बिलहारी में चल रहे खरीदी केन्द्रों की यदि मौके पर पड़ताल की जाए तो बड़ा घोटाला उजागर होने की संभावना है।

05 January, 2012

हिन्दुत्व को बदनाम करने का कांग्रेस का तीसरा अध्याय शुरू----------

कांग्रेस के नेतृत्व वाली यू.पी.ए. गठबन्धन सरकार संत, मंदिर और संघ को बदनाम करने पर तुली हुई है। एक साजिश के तहत योजनाबध्द ढंग से वह इस कार्य में संलग्न है। दिग्विजय सिंह को इन देश विरोधी कारनामों के अघोषित प्रवक्ता भी बन गये हैं। दिग्विजय ंसिंह उस पर बयान जारी कर कांग्रेस प्रमुख की रजामंदी की मुहर लगा देते हैं। निश्चित ही देश के लिए शुभ संकेत नहीं है।
जैसे अंग्रेजों के जमाने में अंग्रेज भारतीय सैनिकों द्वारा भारतीयों पर अत्याचार करवाते थे ठीक उसी तर्ज पर सोनिया गाँधी दिग्विजय सिंह से कार्य करवा रही हैं। राष्ट्र एवं हिन्दुव को बल प्रदान करने वाले इन तीनों शक्ति केन्द्राें पर सरकार का हमला निरंतर जारी है। सरकार इन तीनों को अपने कार्य में बाधा मानती है और ये तीनों उसके मार्ग मेंं बाधक हैं भी, क्योंकि संघ पूरे देश में अराष्ट्रीय गतिविधियों पर जनजागरण द्वारा रोक लगाता है, संत देश के कोने-कोने में घूम-घूम कर प्रवचन द्वारा लोगों को सदविचारों से अवगत कराते हैं जिससे ईसाई मिशनरियों को धर्म परिवर्तन कराने में काफी दिक्ततों का सामना करना पड़ता है और यह सब काम हिन्दुओं के श्रध्दा केन्द्र मंदिरों के कारण उसमें सफल नहीं हो पाते हैं।
संत, मंदिर और संघ ये तीनों राष्ट्र की प्राण शक्ति हैं। ये राष्ट्र की प्रेरणा, श्रध्दा एवं सुरक्षा के केन्द्र हैं। इन पर कुठाराघात देश पर कुठाराघात है। इसलिए कांग्रेस की कुटिल नीतियों को पहचानना होगा और इनका प्रत्युत्तर के लिए सम्पूर्ण देशवासी को खड़ा होना होगा। इन सारी समस्याओं की जड़ एण्टोनिया माइनो उर्फ सोनिया गांधी ही हैं। वह पोप की एजेंंट की तरह कार्य कर रही हैं। सरकार की संपूर्ण क्रिया कलाप स्वयं कांग्रेस अध्यक्षा श्रीमती सोनिया गाँधी ही संचालित करती हैं। मनमोहन सिंह तो नाम मात्र के प्रधानमंत्री हैं। वास्तव में भारत के इतिहास में यह पहला मौका है जब कोई प्रधानमंत्री अपनी शक्तियों का प्रयोग किसी दूसरे के इशारे पर करता हो। कांग्रेस संताें और संघ के खिलाफ जोरदार अभियान चला चुकी है। इसलिए अब उसके निशाने पर देश के प्रमुख मंदिर और ट्रस्ट हैं। देश के प्रसिध्द मंदिरों का खजाना जो कि अंग्रेज भी नहीं जान सके थे उन मंदिरों की जासूसी करा कर उसकी गोपनीयता, पवित्रता को भंग कर उसकी धनराशि को हड़पने का प्रयास किया जा रहा है। जो काम अंग्रेज और मुगल नहीं कर पाये उसको करने में सोनिया गांधी सफल हो रही हैं।
कई दशकों से बंद मंदिरों के कपाट खुलाकर वहां उपलब्ध सामग्री का आकलन कर मंदिर की संस्कृति को नष्ट करने का प्रयास कर लोगों की श्रध्दा भंग करने का प्रयास किया जा रहा है। ये लोग ऐसा कर मंदिरों से लोगों को दूर करना चाहते हैं ताकि वह इन से प्रेरणा न पा सके और धीरे-धीरे हिन्दू अपनी संस्कृति से दूर होते जायें। यह है कांग्रेसी चाल। सरकार जहां एक ओर हिन्दू मंदिराें एवं ट्रस्टों को अपने अधीन करने में लगी है वही दूसरी ओर मस्जिद एवं मदरसों को भरकम धनराशि अनुदान के रूप में मुहैया कराई जा रही है। यह कांग्रेस का दोहरा मापदण्ड क्या दर्शाता है। देश के मस्जिद एवं मदरसों के लिए विदेशों से काफी पैसा आता है लेकिन सरकार को इसका पता भी नहीं चल पाता है।
यह हिन्दुओं की उदारता, सहिष्णुता एवं शहनशीलता का ही परिणाम है कि सरकार एक के बाद एक देश एवं हिन्दुत्व विरोधी कार्य करने में लगी है। लेकिन हिन्दू चुप बैठा है। देश के जितने प्रसिध्द मंदिर है, सब उसके निशाने पर हैं। जो काम मुगल सैनिक बंदूक की नोक पर करते थे वही काम आज सोनिया गांधी अपनी सरकार के सहारे करवा रही हैं। संतों पर सरकार का हमला जारी है। जगद्गुरू शंकराचार्य जयेन्द्र सरस्वती, आशाराम बापू, श्री श्री रविशंकर प्रसाद , अमृतानन्दमयी माँ, कृपालु जी महराज को लांक्षित करने की साजिश रची गई बाद में सरकार की कलई खुल कर सामने आयी, स्वर्गीय लक्ष्मणानन्द सरस्वती सहित कई संतों को मरवाने के बाद साध्वी प्रज्ञा ठाकुर और स्वामी असीमानन्द को जबरन जुर्म कबूल करवाने वाली सरकार और उसके बाद 4 जून को दिल्ली की काली रात केवल भारतीयों को ही नहीं अपितु विश्व के लोगों को सोचने पर मजबूर कर दिया है।
सरकार एक जनहित याचिका का बहाना लेकर केरल के पद्मनाभ स्वामी मंदिर के खजाने का निरीक्षण करा रही है उसमें भी वह विदेशियों की मद्द ले रही है। आखिर प्रश्न यह उठता है कि क्या भारत में उस स्तर के लोग नहीं है जो उसका मूल्य आंकने के लिए विदेशी लोगों की आवश्यकता पड़ी। सरकार मन्दिर के खजाने को हड़पने के चक्कर मे है। जबकि वह मन्दिर त्रावणकोर के राज परिवार का है। उसका वाकायदा ट्रस्ट बना है। ट्रस्ट सरकार को कर भी देता है। उसके तहखाने में सदियों पुराने अस्त्र-शस्त्र, राज दण्ड, धर्म दण्ड, सोने के आभूषण, सोने चांदी के सिक्के, रत्न जड़ित मुकुट, बेशकीमती मूर्तियां तथा शाही परिवार के आभूषण मिले हैं जो मंदिर के खजाने के अंश हैं। जिसको अंग्रेजों से बचाने के लिए तत्कालीन राज परिवारों ने मन्दिर के हवाले कर दियें थे। स्थानीय लोंगो का मानना है कि मन्दिर की सम्पत्ति राज परिवार की है तथा केंन्द्र एवं राज्य सरकार नही ले सकती।
देश के कई मंदिरों के उदाहरण सामने आये है कि मंदिर की संपत्ति को सरकार ने अपने कब्जे में लेकर जमकर दुरूपयोग किया है तथा मंदिर बदहाली के शिकार हुए हैं। यह खजाना राष्ट्र की अमूल्य धरोहर है लिहाजा इसको सुरक्षित एवं संरक्षित रखने की जरूरत है। देश के किसी भी मस्जिद या चर्च को न तो सरकारी अधिग्रहण में लिया गया है और न ही उसकी आय व्यय एवं सम्पत्ति की जांच हुई है। मन्दिरों की धनराशि और चढ़ावें को सरकार अल्पसंख्यकों के कल्याण में लगाती है लेकिन अल्पसंख्यक अपने मस्जिद और चर्च का पैसा धर्मान्तरण में लगातें है। इसके लिए ठोस रणनीति बनाने की आवश्यकता है कि मन्दिरों की धनराशि हिन्दुओं के कल्याण तथा उत्थान में खर्च की जाय। हमारे देश के अधिकांश मन्दिर और प्रमुख संत जनकल्याण हेतु अनेक कार्यक्रम चलाते हैं लेकिन सरकार को वह सब दिखाई नहीं पड़ता है। इसके लिए हमें आशाराम बापू द्वारा दिये गये नारे ‘मैडम भारत छोड़ो’ को बुलंद करना होगा तभी देश का कल्याण है, क्योंकि वह विदेशियों की हस्तक है। उनकी सारी नीतियां विदेश परस्त हैं।