09 January, 2012

बीमार होने पर आठ किलोमीटर दूर इलाज कराने जाने के लिए विवश

नहीं मिलती शक्कर


सरकार आदिवासियों के विकास की योजनाओं का लाख ढिढोरा पीटती रहे लेकिन क टनी जिले के सुदूर अंचलों में बसे आदिवासियों की हालत में आज भी कोई सुधार नहीं हो सका है। अपने भोले भाले स्वभाव के अनुरूप रीठी जनपद के बसुधा ग्राम पंचायत के आदिवासियों का यही हाल है।
विगत दिनों जनपद अध्यक्ष प्रीति सिंह अपने क्षेत्र के लोगों का हाल जानने जब अपने ही निर्वाचन क्षेत्र बसुधा पहुंची तो वहां के हालात जान अचंभित रह गयी। मूलभूत सुविधाओं से जूझ रहे यहां के आदिवासी आज भी बीमार होने पर यहां से आठ किलोमीटर दूर रीठी जाने के लिए विवश हैं। यहां पदस्थ एम पी डब्लू द्वारा पैसे देकर र दवाइयां दी जाती हैं जबकि स्वास्थ्य विभाग द्वारा मुफत बांटने के लिए दवा दी जाती है।
यहां के सरपंच जगतसिंह ने अध्यक्ष को बताया की इस क्षेत्र में एक उप स्वास्थ्य केंद्र खोले जाने की नितान्त आवश्यकता है इस पर प्रीति सिंह ने बताया की उनकी यह मांग शासन से पहले ही प्रस्तावित की जा चुकी है और वित्त वर्ष 12-13 में यह स्वीकृत भी हो जाएगा। उन्होने बी एम ओ एवं सुपरवाईजर को बसुधा क्षेत्र में लापरवाही बरतने वाले स्वास्थ्य कर्मी को •ो नियमित क्षेत्र में भ्रमण करने एवं शासन से प्रदान की जाने वाली दवा ग्रामीणों को मुफत बांटने के निर्देश दिए।

एक अन्य शिकायत में ग्राम की बेलाबाई ने अध्यक्ष को बताया की भादोंके बाद से शक्कर आज तक नहीं बटी है। यहा पदस्थ सेल्समैन रामकुमार सेन द्वारा महीनो शक्कर नहीं बाटी जा रही। सहकारी समिति द्वारा घोर लापरवाही की जा रही है और सेल्समैन महीने में एक बार ही यहां की दुकान खोलता है। अध्यक्ष ने सहकारी सेवा समिति के समिति प्रबंधक को तत्काल संबंधित सेल्समैन द्वारा हर महीने राशन नियमित बांटने के निर्देश दिए.

इसके पहले एक कार्यक्रम में जनपद अध्यक्ष ने गौड खनिज मद से तीन लाख की राशि से बनने बाली सडक का भूमि पूजन किया । इस अवसर पर सरपंच जगत सिंह, नन्हे सिंह, अमर सिंह, चतुराज सिंह, इन्दल सिंह, खुशाली, मिठाईलाल, रोहिणी विश्व•र्मा, रामचरण, मानसिंह, जागेश्वर, नरेश सिंह, देव सिंह, भारत सिंह उपसरपंच, मुन्ना सिंह, लखन सिंह, कुसुम सिंह पंच, नमई सिंह सचिव उपस्थित थे।