06 January, 2012

अतिथि सत्कार में फूंके 60 लाख

समूचे प्रदेश में आम आदमी की आर्थिक स्थिति बद से बदतर होती जा रही है। स्वर्णिम मध्प्रदेश का दावा करने वाली शिवराज सिंह सरकार का न केवल खजाना खाली है बल्कि वर्तमान में सरकार पर 69.259.16 करोड़ का कर्ज भी है। बावजूद इसके इन आंकड़ों से सबक लेने की बजाय सरकार और उसके अफसरों ने अतिथि सत्कार के नाम पर 60 लाख 40 हजार 101 रूपये फूंक डाले है।
मध्यप्रदेश कांग्रेस कमेटी के प्रदेश प्रतिनिधि अनिल तिवारीने कहा है कि शिवराज सरकार कर्ज लेकर घी पीने की कहावत रितार्थ कर रही है। सरकारी खजाने की हालत ठीक न होने के बावजूद राज्य मंत्रालय की सत्कार शाखा ने शिष्टïाचार कार्यालय में उपल ध शासकीय वाहनों का उपयोग न करते हुये निजी ऑपरेटरों या ट्रेवल्स से वाहन किराये पर लेकर 60 लाख 40 हजार 101 रूपये के किराये का भुगतान किया है, यह खुलासा ऑडिट रिर्पोट में हुआ है। ऑडिट रिर्पोट तत्कालीन शिष्टïाचार अधिकारी बसंत कुर्रे सत्कार अधिकारी, संजय सिंह चौहान कैशियर, राजेन्द्र बलवेट व संजय मिश्रा के कार्यकाल की कराई गई
जिसमें स्पष्टï कहा गया है कि अतिथियों के उपयोग के लिये शासकीय वाहनों या स्टेट गैरेज के वाहनों का उपयोग करना चाहिए। लेकिन ऐसा नहीं किया गया। इतना ही नहीं भुगतान के पूर्व संबंधित अधिकारी की अनुमति नहीं ली जो अनियमितताओं की श्रेणी में आता है। पन्ना के वरिष्ठï जिला पंचायत सदस्य अनिल तिवारी ने कहा है कि व्यर्थ के स मेलनों
और भाजपा के व्ही.आई.पी. नेताओं की आवभगत में करोड़ों रूपये खर्च करने वाली प्रदेश सरकार अरबों के कर्ज का प्रतिमाह औसत 5051.८३ करोड़ रूपये का याज चुका रही है यानि बजट से ज्यादा राशि ऋण चुकाने में खर्च किया जा रहा है। वि िान्न संस्थाओं की आऊट स्टेडिंग पर 3 करोड़ की गारंटी दे रखी है कुल जमा सरकार पर 77.999.०२ करोड़ का दायित्व है। बुंदेलखण्ड के नामी नेताओं में शुमार अनिल तिवारी ने प्रदेश सरकार को आड़े हाथों लेते हुये कहा है कि गोवा जैसे छोटे राज्य की औसत आय प्रति व्य ित सालाना 1,32,719 रूपये है जबकि देश के बड़े प्रदेशों में शामिल मध्यप्रदेश के निवासी प्रति व्य ित की सालाना औसत आय मात्र 27,250 रूपये रह गई है। ये आंकड़े सरकार की असफलता की कहानी बयां कर रहे है। तने सबके बावजूद राज्य मंत्रालय में 1 फरवरी 2009 से 31 अगस्त 2009 तक की गई वि िान्न बैठकों में मंत्रियों- धिकारियों के चाय- नाश्ते पर 3 करोड़ ८० लाख 716 रूपये खर्च किये गये