06 January, 2012

धान खरीदी में प्रतिदिन लाखो का घोटाला

प्रदेश की भाजपा सरकार नौकरशाहों पर नियंत्रण लगा पाने में असहाय नजर आ रही है तभी तो सेवा सहकारी केन्द्रों में गरीब किसानो की धान खरीदी में खुलेआम घोटाला किया या जा रहा है।
जिला सहकारी बैंक रीठी अंतर्गत सोसाइटियों में किसानो की धान हफतों से पड़ी रह जाती है वहीं दलालों, व्यापारियों की धान खुलेआम खरीदी जा रही है।
हर वर्ष की भांति इस वर्ष भी धान खरीदी का मौसम सहकारी समिति कर्मचारियों एवं दलालों के लिए चांदी काटने का मौसम होता है। किसानो की माने तो उन्होने पंजीयन तो करा लिया लेकिन उन्हें डेट पर डेट दी जा रही है फिर भी धान नहीं तौली जा रही है। वहीं व्यापारियों की मिली भगत से ऊपर ही ऊपर रातों में ट्रक लोड कराकर कटनी ऍफ़ सी आई भेजे जा रहे हैं।
सूत्रों की माने तो रीठी सहकारी समिति के पुराने दलाल तथा अन्य व्यापारी इस समय केवल धान खरीदी के गोरखधंधे में लगे हैं। यह व्यपारी किसानो से कम कीमत पर धान खरीद रहे हैं और इन पर रीठी सहकारी समिति की सील वाला प्रिंट अपनी गोदाम पर लगाकर सीधे कटनी भेजा जा रहा है। स्पष्ट रूप से इसमें समिति प्रबंधक एवं धान खरीदी कर रहे सेल्समैन के सहयोग के बिना इतना बड़ा घोटाला संभव ही नहीं है। इनके माध्यम से रात में ही गेटपास प्राप्त कर बाहर के बाहर बड़ा खेल चल रहा हैं।
वही वास्तविक किसानो की खाद खुले में पड़ी बारिस की मार झेलने पड़ी है। किसानो को गुमरहा किया जा रहा है और तरह-तरह के तर्क देकर उनकी धान नहीं खरीदी जा रही है।
किसानो ने कलेक्टर व एस डी एम कटनी से मांग की है की रीठी, बडग़ांव, देवगांव, बिलहारी में चल रहे खरीदी केन्द्रों की यदि मौके पर पड़ताल की जाए तो बड़ा घोटाला उजागर होने की संभावना है।