24 February, 2012

मछली पालन ठेका विवाद पर युवक की नृशंस हत्या

कटनी, बड़वारा थानांतर्गत ग्राम मुहास में आज सुबह तीन-चार लोगों ने अपने पड़ौसी युवक की घातक हथियारों से नृशंस हत्या कर दी। घटना के बाद गांव में तनाव फैला, कुछ लोगों ने आरोपी के घर में में तोड़ फोड़ की तथा आग भी लगा दी। समाचार लिखे जाने तक मौके पर भारी पुलिस बल पहुंच चुका था। सूत्रों के अनुसार मृतक के पिता ने इस विवाद पर पुलिस को पहले ही शिकायत दी थी, लेकिन पुलिस ने उसे गंभीरता से नहीं लिया। लिहाजा युवक की हत्या के बाद सवाल उठना लाजिमी है कि अगर पुलिस चाहती तो एक युवक की जान न जाती। सूत्रों के अनुसार मुहास में दो बर्मन परिवारों आरोपी गुड्ड उर्फ चितकबरा, रामअवतार, आशीष तथा मृतक विपिन बर्मन के बीच तालाब में मछली पालन को लेकर काफी पुराना विवाद चल रहा था। विवाद की परिणति कुछ दिन पहले दोनों परिवारों के बीच मारपीट भी हुई थी जिसमें मृतक विपिन के पिता द्वारका बर्मन को चोटें आंई थीं और वह अस्पताल में भी भर्ती था। मृतक के परिजनों के अनुसार इस विवाद के बाद से ही गुड्डू, रामअवतार तथा कुछ अन्य धमकी दे रहे थे कि वह विपिन को मार देंगे। इस बात की शिकायत विपिन के पिता ने कई दफे बड़वारा पुलिस एवं कुछ समय पूर्व पुलिस अधीक्षक को भी दी थी। जांच के आदेश के बावजूद बड़वारा पुलिस ने इस विवाद को गंभीरता से नहीं लिया। आज सुबह सुबह दोनों परिवारों के लोग एक बार फिर से टकरा गए। मृतक विपिन के परिजनों ने आरोप लगाया कि आरोपी गुड्डू, रामअवतार, आशीष गर्ग तथा तीन चार अन्य लोगों ने लाठी तथा चाकू से विपिन पर दनादन वार कर उसे मौत के घाट उतार दिया। घटना को अंजाम देकर आरोपी भाग खड़े हुए। इधर विपिन की हत्या के बाद गांव वालों का गुस्सा आरोपी के घर पर टूट पड़ा और उन्होंने यहां जमकर तोडफ़ोड़ की तथा आग भी लगा दी। आरोपी के परिजनों ने भाग कर किसी तरह जान बचाई। मौके पर पुलिस अधीक्षक मनोज शर्मा, सीएसपी गीतेश गर्ग, डीएसपी समेत बड़वारा थाना प्रभारी सदलबल मौके पर पहुंच चुके थे। आरोपियों की सरगर्मी से तलाश शुरू की गई है। आरोपियों की सरगर्मी से तलाश-एसपी घटना पर पुलिस अधीक्षक मनोज शर्मा ने बताया कि पिछले कुछ समय से तालाब में मछली पालन को लेकर दो पक्षों में विवाद चल रहा था और इसी की परिणति हत्या की वारदात कारित की गई। आरोपियों की सरगर्मी से तलाश चल रही है। उन्होंने कहा कि इस बात की भी जांच कराई जाएगी कि मृतक अथवा उसके परिजनों ने इससे पहले पुलिस को विवाद के संबंध में कोई शिकायत की थी अथवा नहीं। अगर शिकायत मिलती है तो कार्रवाई यों नहीं हुई इसकी भी जांच की जाएगी उधर गांव के लोगों तथा मृतक के परिजनों ने आरोपियों के घरों में आग लगने को भी एक साजिश बताया। गांव के कुछ लोगों के अनुसार विपिन को मौत के घाट उतारने के बाद आरोपियों ने खुद ही अपने घरों में आग लगा ली । कुछ लोगों ने तो यह भी बताया कि आरोपियों के घरों में सुअर मार बम भी रखे थे जिन्हे घर के अंदर ही आरोपियों ने फोड़ा और दहशत फैलाते यहां से भाग खड़े हुए। बहरहाल आग की इस घटना में आरोपियों समेत कुछ आसपास के मकान भी जल गए । यहां कोई एक दर्जन मकानों में आग लगी थी। बाद में कटनी से पहुंची फायर ब्रिगे्रड ने मशक्कत के बाद आग पर काबू पाया। सूत्रों के अनुसार यह पूरी घटना मछली पालन के ठेके से जुड़ी थी। यहां जल समिति के सचिव आशीष गर्ग पर भी आरोप लगा है । मृतक के परिजनों के अनुसार सचिव ने पैसा लेकर रामअवतार, गुड्डू वगैरों को तालाब का ठेका दे दिया था। जिसका विपिन ने विरोध किया और यही वजह थी कि आरोपियों ने विपिन को मौत के घाट उतार दिया। सूत्रों के अनुसार मछली पालन के इस आवंटन की शिकायत भी मृतक के द्वारा जिला प्रशासन को की गई थी जिसके बाद ही इन लोगों के बीच रंजिश बढ़ गई थी।

21 February, 2012

कोल माफिया क्या प्रजातंत्र से ज्यादा शक्तिशाली हो गया है...?

कोल माफिया के खिलाफ अपनी लेखनी का प्रभावशाली उपयोग करने वाले उमरिया जिले के पत्रकार चन्द्रिका राय की सपरिवार हत्या करने वाला माफिया क्या प्रजातंत्र से ज्यादा शक्तिशाली हो गया है ? चार लोगो की न्रशंस हत्या करने के बाद उसे बेपर्दा कर पाना शासन व पुलिस तंत्र के लिए पिछले 48 घंटो से चुनौती बना हुआ है ... ? उक्त यक्ष प्रश्न सहित कटनी प्रेस क्लब ने गत सोमवार को महामहिम राज्यपाल एवं मुख्यमंत्री के नाम एक ज्ञापन एस पी मनोज शर्मा के माध्यम से सौपा. प्रेस कलब ने ज्ञापन में कहा है की इस न्रशंस घटना से पत्रकारों में आक्रोश व्याप्त है. हत्यारों की शीघ्र गिरफ्तारी करने, पत्रकारों की सुरक्षा करने तथा पूरे घटना क्रम की जाँच सी बी आई से कराने की मांग प्रेस क्लब ने की. प्रेस क्लब के गोपाल सिंघानिया, सत्यदेव चतुर्वेदी, संदीप परोहा, अमर ताम्रकार, संजीव वर्मा, प्रेम सिंह, अखिलेश उपाध्याय, लीलाधर जाटव, प्रभाकर सोमवंशी, जितेन्द्र द्विवेदी, संतोष दुबे, अरविन्द गुप्ता, सुजीत तिवारी, सहित अन्य पत्रकार उपस्थित थे. अवैध कोल डंपिंग ले चुकी है तीन युवको की जान पत्रकारों के प्रतिनिधि मंडल ने इस अवसर पर एस पी का ध्यानाक्रष्ट कराया की नेशनल हाईवे पर जोर-शोर से ट्रको से कोयला उतारने का काम माफिया कर रहा है. इसी डंप पर तीन दिन पूर्व विधायक संजय पाठक की झड़प भी हो चुकी है. सनद हो की जुहला बाईपास सुर्खी मोड़ पर कोयला की अवैध डंपिंग के दौरान छः वर्ष पहले गुड्डा यादव नमक युवक की हत्या हो चुकी है. कोल माफिया के लिए काम करने वाले एक गर्ग युवक को तथा मनोज त्रिपाठी को मौत के घाट उतारा जा चुका है. पुलिस यदि इन पर शिकंजा नहीं कसेगी तो फिर कोई बेरोजगार नवयुवक माफिया के झांसे में अपनी जान गवाएगा. अवैध उत्खनन में भी इसी तरह का क़त्ल हो चूका है. पांच वर्ष पूर्व ही कुठला मोड़ पर कोल माफिया ने लूट हत्या की थी. कोल माफिया के खिलाफ बोलने पर विधायक राजू पोद्दार को भी क़त्ल किये जाने की धमकी पूर्व में मिल चुकी है. इस पर एस पी ने आश्वस्त किया की इस सम्बन्ध में कार्रवाई की जायेगी. आज मौन जुलूस इस न्रशंस हत्याकांड के खिलाफ पत्रकार जगत आज 21 फरवरी को बैठक कर मौन जुलूस निकालेगा एवं कलेक्टर के माध्यम से मुख्यमंत्री को ज्ञापन सौपेगा. श्रमजीवी पत्रकार संघ के अध्यक्ष सुरेन्द्र राजपूत, संभागीय महासचिव शैलेश पाठक, जिला पत्रकार संघ के अध्यक्ष लालजी शर्मा, महासचिव आशीस सोनी, प्रेस क्लब के अध्यक्ष अमर ताम्रकर, श्रमीवी पत्रकार संघ के महासचिव पारस जैन ने संयुक्त रूप से इस करती की भर्त्सना की है. सभी पत्रकार संघो की एक संयुक्त बैठक 21 फरवरी मंगलवार दोपहर एक बजे रेस्ट हाउस में आहूत की गयी है. बैठक के उपतंत मौन जुलूस निकलकर मुख्यमंत्री के नाम कलेक्टर के माध्यम से ज्ञापन सौपा जाएगा. ज्ञापन में हत्यारों की गिरफ्तारी और पीड़ित परिवार के लिए आर्थिक सहायता की मांग की जावेगी.

19 February, 2012

पत्रकार की परिवार सहित हत्या

इन दिनों मध्य प्रदेश के जिलो, कस्बो तथा ग्रामीण अंचलो के पत्रकार सुरक्षित नहीं है. आये दिन पत्रकारों को अगवा किया जाना तथा उन्हें धमकी देना आम बात होती जा रही है लेकिन अब पत्रकारों की जन पर लोग खेलने लगे है. ऐसी ही एक दर्दनाक घटना शहडोल संभाग के उमरिया जिले में शनिवार को घटित हुई. नगर के मध्य में जल संसाधन विभाग के रेस्ट हॉउस के बगल में स्थित एक मकान में चार लाशे पुलिस ने बरामद की. जानकारी के अनुसार नवभारत के ब्यूरो प्रमुख चाद्रिका राय उम्र चालीस सहित उनके समूचे परिवार की लाशे घर के अन्दर मिली. इसमें उनकी पत्नी दुर्गा राय ३८, युवा पुत्र और पुत्री का शव बरामद किया गया है. पत्रकार श्री राय का शव उनके मकान में ही स्थित कार्यालय में पाया गया जबकि पत्नी का शव कमरे में मिला. वही दोनों बच्चो के शव उनके पलंग पर पाए गए. अनुमान लगाया जा रहा है के शुक्रवार की देर रात घर के अन्दर किसी ने धारदार हथियार से हत्या को अंजाम दिया. जबकि घर के बाहर ताला लगा होने से मोहल्लावासियो को अनुमान नहीं था की घर के अन्दर जघन्य वारदात को अंजाम दिया गया होगा. श्री राय का मोबाइल दिनभर बंद रहने से नगर के पत्रकार साथियों की उनसे बात नहीं हो सकी . तब पत्रकारों ने श्री राय का पता लगना शुरू किया. पत्रकारों को पता चला की वे गृह ग्राम कछ्र्वारा नहीं आये है तो नगर में स्थित उनके मकान का बंद ताला मोहल्लावासियो की मौजूदगी में तोडा गया. मकान के भीतर क्षत विक्षत पड़े पत्रकार राय के समूचे परिवार के शवो को देख तत्काल पुलिस को खबर की गई.

14 February, 2012

भा जा पा नेताओं का गुंडाराज

कटनी में भा जा पा नेताओं का गुंडाराज दिनांक 8 फरवरी को दिनदहाड़े बस स्टेंड से मुझे गुंडों ने उठा लिया. उसके बाद ऍफ़ आई आर करने के बाद भी पुलिस ने कोई कार्रवाई नहीं करी. मै एक पत्रकार हूँ और एम् पी मिरर मासिक पत्रिका के लिए कटनी ब्यूरो चीफ हूँ. पिछले दिनों एक अखबार में रीठी सहकारी समिति में धान खरीदी में हुई धांधली के लिए मै खबर लिखने के लिए एक दो बार समिति के कार्यालय भी गया. इसी सिलसिले में मुझे रीठी सहकारी समिति के सेल्स में द्वारा फोन पर धमकी भी दी गयी. कहा गया की बहुत बड़ा पत्रकार बनते हो. मेरे भतीजो का खून गरमा है कुछ भी हो सकता है बाद में मत कहना. इसी तरह के फोन मेरे मित्रो और परिचितों को भी किया गया. इसकी मौखिक सूचना ८ तारीख को ही रीठी टी आई आर पी तिवारी को भी दी उन्होंने आश्वस्त किया.लेकिन शाम सवा छेह बजे मुझे बस स्टेंड से दस बारह लडको ने उठा लिया. सभी अनिल राय के भतीजे और रिथ्तेदार थे. असल में धान खरीदी में किसानो से धान न खरीद कर रीठी तथा क्षेत्र के व्यापारियों से धान खरीदी गयी. धान की तुलाई और पल्लेदारी के नाम पर प्रति बोरी पंद्रह से बीस रूपये लिया गया. पल्लेदारों को रोज भुगतान किया गया जबकि खाते से इस मद की राशी बाद में एक मुश्त निकली गयी. इसकी किसी ने शिकायत क्षेत्रीय विधायक को दी. उन्होंने इसकी जाँच हेतु आदेश दिए. जब जन्च्दल रीठी पंहुचा तब वह पर लीद सेल्स मेन तथा धान खरीदी का मुखिया अनिल राय नहीं मिला और न ही कोई रिकार्ड प्रस्तुत किया गया. मुझे उठाकर ले जाने में रीठी पुलिस की निष्क्रियता स्पष्ट नजर आती है क्योकि जब मैंने दोपहर को सूचित कर दिया था तो फिर टी आई रीठी ने कोई एक्शन क्यों नहीं लिया. 13 त्दरीख की शाम को एक बार फिर से अनिल राय के भतीजे शराब पीकर पोस्ट आफिस तिगाद्दे पर सरिया लेकर घूम रहे थे और पत्रकारों को गाली दे रहे थे. अभी तक पुलिस ने किसी प्रकार की चोकसी नहीं लगाई है और ऐसा लगता है की पुलिस अनिल राय का साथ दे रही है. क्योकि अनिल राय की पत्नी भा जा पा पार्टी की नेता है. मै असुरक्षित महसूस कर रहा हूँ.

13 February, 2012

राशि आई पर ग्रामों में नहीं बने कचराघ

कटनी बहोरीबंद जनपद क्षेत्र की सभी ग्राम पंचायतों तथा ग्रामों में कचड़ा घर निर्माण के लिये सत्र 2010 - 11 में कई लाख रूपये की राशि जारी की गई थी। इस राशि से या तो ग्रामों में कचरा घर का निर्माण किया ही नहीं गया या फिर मानदण्डों के अनुसार काम न कर केवल औपचारिकता का निर्वाह करते हुये राशि हड़प ली गई है। प्राप्त जानकारी के अनुसार ग्रामों में स्वच्छता रखने के उद्देश्य से शासन की योजना के तहत प्रत्येक ग्राम में पांच बाई सात फुट का सीमेंटेड कचरा घर निर्माण कराये जाने का प्रावधान है। इस कार्य के लिये ग्रामों में महिला पंच की अध्यक्षता में समिति का गठन किया जाता है क्षेत्र में कार्य करने वाली आशा कार्यकर् ाा को इस समिति का सचिव बनाया जाता है। प्रत्येक कचरा घर निर्माण के लिये शासन की ओर से 10 हजार की राशि प्रदान की जाती है। बहोरीबंद जनपद पंचायत क्षेत्र में 174 आशा कार्यकर्ता है जिन्हें इस समिति का सदस्य बनाया गया है। बताया गया कि समितियों की अध्यक्ष महिला पंचों की निष्क्रियता के कारण आशा कार्यकर्ता इस योजना का बेजा फायदा उठातीं है। अनेक ग्रामों में कचरा घर का निर्माण किये बिना ही राशि हड़प ली गई है तो कहीं नाम मात्र को छोटा मोटा कचरा घर बनाकर पूरी राशि ार्च होना दर्शा दिया गया है। ग्रामीणों ने अनुविभागीय अधिकारी राजस्व एवं जनपद पंचायत के मु य कार्यपालन अधिकारी से इस योजना के तहत कराये गये निर्माण कार्यों की जांच किये जाने की मांग की ह

10 February, 2012

कैद के पल

दिनांक ०८.०२.१२ की शाम लगभग छै: बजे पिता के लिए दवा लेने दूकान जा रहा था तभी अचानक आठ दस लडको ने बस स्टेण्ड रीठी पर घेर लिया एवं गाली गलौज करने लगे। जिन लडक़ों ने मुझे घेरा था वे सब कटनी जिले के रीठी जनपद पंचायत के देवरी ग्राम के थे. उन्हीं में से एक ने गाली देते हुए कालर पकड़ ली व कहा की बहुत बड़ा पत्रकार बन गया है मेरे चाचा अनिल राय के खिलाफ कई बार समाचार पत्र में छाप चुके हो । तभी एक लड़के ने अनिल राय को फोन लगाया और कहा की अखिलेश उपाध्याय का क्या करना है और उन्होंने मेरी बाइक की चावी छीन ली और कहा की चल देवरी अनिल चाचा ने बुलाया है। और मुझे जबरन देवरी ले जाने के लिए धक्का देने लगे। मेरे बार-बार कहने पर वे मान ही नहीं रहे थे तब मैं मजबूरन उनके साथ गाडी में बैठ कर देवरी गया.। इन लडको की तीन बाइक थी जो घेरकर आगे पीछे चल रहीं थी।
दरअसल मामला यह है की सहकारी समिति के माध्यम से करी जा रही धान खरीदी में हमेशा की तरह इस बार भी अनिल राय सेल्समेन द्वारा धान खरीदी की जा रही थी इस धान खरीदी में जमकर अनियमितताए की गयी और खूब क्षेत्र के व्यापारियों ने किसानो के नाम फर्जी धान बेचकर माल कमाया.

इस अनियमित्ताओ को शुरू से मैंने कटनी के कलेक्टर और एस डी एम् को बार-बार अवगत कराया लेकिन किसी ने भी कोई जाँच नहीं की. तभी किसी ने इसकी शिकायत क्षेत्रीय विधायक निशीथ पटेल से की तो उनके आदेश पर सहकारी समिती रीठी ने तत्काल प्रभाव से सेल्स मेन अनिल राय से लीड का काम छीन लिया व एक जाँच दल इस मामले की जाँच करने पंहुचा.
जब जाँच दल अपनी जाँच करने पंहुचा तब मै स्थल पर जानकारी लेने पंहुचा.
इसकी खबर अगले दिन स्थानीय अखबारों में छपी. तब अनिल राय ने मेरे दो तीन मित्रो को फोन पर मेरे बारे में बताया की अखिलेश को समझा लो भतीजो का नया खून है कुछ भी हो सकता है.
०६.०२.२००२ को खबर छपने के दिन शाम को अनिल राय का रात आठ बजे फोन आया की कहा हो और बहुत खबर छाप रहे हो कहा मिलोगे. तब मैंने कहा जहा कहोगे फोन करना मिल लेगे. लेकिन अगले दिन अनिल राय का कोई फोन नहीं आया.
आठ फरवरी को फालो अप में फिर से एक अखबार ने खबर छपी. मुझे आशंका थी की चूकी अनिल राय ने मेरे परिचितों को आगाह किया था इसलिए कुछ भी कर सकता है. इसी सिलसिले में मै रीठी टी आई आर पी तिवारी के पास एक बजे गया और इस सारे घटनाक्रम को बताया. उन्होंने कहा मै अनिल राय को बुलाकर समझा दूगा .

उसके बाद क्या हुआ वह आप पढ़ ही चुके है

देवरी ले जाकर अनिल राय मुझसे पूंछता रहा की हमारे बारे में बार-बार क्यों लिख रहे हो। और तरह-तरह के दबाब डालकर और आरोप लगाकर मुझसे समाचार के सूत्र पूंछता रहा। असल में अनिल राय और उसके व्यक्तियों की इस हिमाकत का कारण उसके द्वारा सेल्समेन के पद पर रहते हुए अकूत संपत्ति कमाना तथा उसकी पत्नी अहिल्या राय का राजनैतिक दल भाजपा से सम्बद्ध है.
निश्चित है की ऐसे व्यक्ति पुलिस और आला अधिकारियो को पैसे के दम पर अपने पक्ष करके रखते है.
मेरे अपहरण की सूचना मिलते ही मेरे मित्र पंद्रह मिनिट में मेरे पास पहुच गए. और तब तक भोपाल में बैठे मेरे पत्रकार मित्र भी सक्रीय हो गए और उन्होंने आई जी, एस पी, कमिश्नर, भा जा प् प्रदेश अध्यक्ष प्रभात झा सभी को सूचित कर दिया. पुलिस तो अपने समय के मुताबिक पहुची. ऐसे में टी आई रीठी की भूमिका भी संदिग्ध लगती है.
मेरे मित्रो की संख्या देखकर अनिल राय के होसले ढीले पद गए और फिर मै सकुशल घर पहुच सका.
इस सारे मामले में पुलिस बिलकुल भी निष्क्रिय बनी रही.
जब मै थाने रिपोर्ट दर्ज करने गया तो टी आई ने जबरन यह लिखवाया की मै अपने परिचित के साथ गया. जबकि पत्रकार होने के नाते मै तो सभी से परिचित था.

खैर अगले दिन प्रेस क्लब कटनी के द्वारा एस पी, कलेक्टर,जनसंपर्क आयुक्त भोपाल और मुख्य मंत्री मध्य प्रदेश शासन के नाम एक ज्ञापन दिया गया जिसमे तीन मागे राखी गयी -
१ एफ आई आर दर्ज की जाए
२ टी आई को तत्काल हटाया जाए
३ सेल्स में अनिल राय को तत्काल पद से प्रथक किया जावे

तब कही जाकर एफ आई आर दर्ज हो सकी और एडिसनल एस पी ने आश्वासन दिया की बारह घंटे के अन्दर टी आई रीठी को भी हटा दिया जाएगा.

06 February, 2012

सीएम हाउस के सामने धरना देंगी आशा कार्यकर्ता

कटनी। जिले की आशा कार्यकर्ता अपनी विभिन्न मांगों को लेकर आशा उषा कार्यकर्ता, एकता यूनियन सीटू के बैनर तले
8 फरवरी को भोपाल में शाह जहांनी पार्क में महापड़ाव में शामिल होने 7 फरवरी को विध्यांचल ए सपे्रस से रात 8 बजे
कटनी स्टेशन से प्रस्थान करेंगी। सीटू की मु य मांगों में म.प्र. में 4825 न्यूनतम मासिक रूप से दो सभी आशा उषाओं को
स्वास्थ्य कार्यकर्ता के रूप में सरकारी कर्मचारी बनाओ राष्टï्रीय ग्रामीण स्वास्थ्य मिशन को स्थायी कार्यक्रम बनाओ आशा
उषाओं को प्रशिक्षण तथा एएनएम पर पदोन्नति में प्राथमिकता दो, उषा कार्यकर्ताओं को भी आशा कार्यकर्ताओं की तरह
प्रशिक्षण, बैठक भ ाा, एएनसी व पीएनसी सहित सभी प्रोत्साहन राशि का भुगतान करो सभी प्राथमिक
स्वास्थ्य केन्द्रों व अस्पताल में आशा उषाओं के लिए सर्व सुविधा यु त सुरक्षित विश्राम कक्ष की व्यवस्था, आशा उषाओं को नियमित रूप से
मेडिकल किट व पर्याप्त मात्रा में जरूरी दवाईयां उपल ध कराना, सभी आशा उषाओं को वर्ष में 3 जोड़ी यूनिफार्म, परिचय पत्र, साइकिल खरीदी हेतु पूर्ण राशि, टाूर्च, छतरी, बरसाती तथा हितग्राहियों से संपर्क की सुविधा के लिए मोबाइल खर्च, सभी आशा उषाओं को स्वास्थ्य, बीमा, गरीबी रेखा राशन कार्ड एवं सामाजिक सुरक्षा योजना का लाभ दो। आशा उषा कार्यकर्ताओं की विभागीय एवं प्रशासनिक अधिकारियों द्वारा की जाने वाली प्रताडऩा को रोको तथा प्रताडि़त करने वाले लोगों के खिलाफ दण्डात्मक कार्यवाही सुनिश्चित करे। भोपाल महापड़ाव में ज्यादा से
ज्यादा सं या में शामिल होने की अपील आशा कार्यकर्ता श्रीमती घिसली बाई, संध्या साहू, सीता परिहार, उषा त्रिपाठी, सुमित्रा पटैल, चिन्ता कन्हवारा से टर, आशा पटवा, संध्या चौरसिया, तिज्जो बाई, अंजना पटैल, सुनीता हल्दकार उमरियापान से टर, संगीता गौतम, मंजू लता सोनी, किरण तिवारी, विनीता राय, बकरीदन बी रीठी से टर, सावित्री घोषी, भगवती यादव विजयराघवगढ़ से टर, श्रीमती कृष्णा निगम,
श्रीमती किरण निगम, रजिया बेगम, सुनीता महोबिया, शिवकुमारी पटैल, मीना केवट बड़वारा से टर, अलमा ठाकुर, शशि यादव, उषा बाई, दुर्गा बाई, चंदा पटैल ढीमरखेड़ा से टर ने की है। शाम 5 बजे सभी आशा कार्यकर्ताओं से कटनी स्टेशन पहुंचने की अपील की है।

भगवान का चरित्र तो एक औषधि है,

कटनी। भगवान का चरित्र तो एक औषधि है, जन्म मरण
से छुड़ाने वाली औषधि है। वह कोई लालची वैद्य की
बनाई औषधि नहीं है योंकि लालची वैद्य तो रोग को
लंबा कर देते हैं। किंतु यह औषधि ऐसी है कि इससे गुणों
को बड़े-बड़े तृष्णा रहित भक्त पुरूष भगवान की समीपता
का अनुभव करते हुए रस ले लेकर गाते रहते हैं। परीक्षित
ने शुकदेवजी से पूछा कि जब मैं अपनी माता के गर्भ में
था तब अश्वत्थामा के ब्रह्मास्त्र से मेरा शरीर जल गया था।
उस समय मेरे मन में कोई भाव नहीं था। न मैं बोल सकता
था न भगवान को जानता था और न उनकी शरण ग्रहण
करने योगयथा। परंतु फिर भी मेरी माता के शरणागत होने
पर भगवान ने मेरी रक्षा के लिए दौडकर आ गए। मुझे उन्हीं
प्रभु का चरित्र मैं श्रवण करना चाहता हूं। यह सुनकर
परीक्षित ने कहा जब कोई भगवान के चरित्र के संबंध में
प्रश्न करता है तब प्रश्रकर्ता, उ ारदाता और श्रोता तीनों ही
पवित्र हो जाते हैं। जगत की, भोग की, राजा की, भ्रष्ट लोगों
की, स्त्री की, पुरूष की, धन की, नास्तिक की चर्चा करते-
करते हमारी जीभ, हमारे कान और ह्दय अत्यन्त कलुषित
हो गए हैं। देवकी की विदाई के समय कंस अपनी चचेरी
बहन देवकी और वसुदेव को प्रसन्न करने के लिए उनके
रथ की बागडोर संभाले था। उसी समय देवताओं ने मन
में यह विचार किया कि यदि कंस देवकी-वसुदेव का इतना
भक्त हो जाएगा तो इनके पुत्ररूप में प्रकट होकर भगवान
इसको कैसे मारेंगे। इतने में आकाशवाणी हो गई कि अरे
कंस तू किससे प्रेम कर रहा है इसी देवकी के आठवे गर्भ
से तेरी मौत होने वाली है। आकाशवाणी सुनते ही कंसने
देवकी की चोटी पकडऱ उसको सडक पर पटक दिया हाथ
में तलवार लेकर मारने तैयार हो गया। इसीलिए संत तुलसी
दास ने कहा है - खल की प्रीति यथा थिर नाहीं। जिसके
ह्दय में जो भाव होता है वह स्वार्थ का बाधा पड़ते ही
प्रकट हो जाता है और अपना काम कर दिखाता है यही
स्वार्थी मनुष्य की पहचान है। कंस की क्रूरता देखो कि
उसने एक-एक करके देवकी के छ: बच्चे मार दिए।
आध्यात्मिक दृष्टि से वे छहों बच्चे षड्विकार थे।
षड्विकारों का शमन हो जाने पर ही आत्मा का साक्षात्कार
होता है। तब सातवें गर्भ में बलरामजी आए। भगवान ने
अपनी योगमाया से इनको उठाकर रोहिणी के पेट में रखवा
दिया उसके वे स्वयं देवकी के गर्भ में प्रवेश कर गए। और
फिर भगवान श्रीकृष्ण का प्राकट्य हुआ। इसके साथ ही
नंद के आनंद भयो जय कन्हैया लाल की के जयघोष के
साथ ही सारा कथास्थल गुंजायमान हो उठा। बाजे गाजे के
साथ पालकी में बसुदेव के द्वारा बालकृष्ण की पूजा, बधाई
गायन एवं नृत्य होने लगे। बैंड बाजों और पटाखों के बीच
सारा मेला कथा स्थल पर उमड़ पड़ा।

01 February, 2012

गुटीय संघर्ष के बाद कैमोर में तनाव

गुटीय संघर्ष के बाद कैमोर में तनाव
कटनी/कैमोर नगर में गुटीय संघर्ष के बाद आज दिन भर तनाव का माहौल रहा। यह तनाव कोई गंभीर रूप न लेने पाये इसके लिये भारी सं या में पुलिस बल कैमोर में तैनात रहा। आपसी रंजिश रखने वाले दो गुटों में टकराव और इसके बाद छाये तनाव की खबर मिलते ही कले टर अशोक सिंह एवं एडी. एस.पी. अमित सांघी समेत पुलिस एवं प्रशासन के आला अधिकारी कैमोर पहुंच गये थे जो दिन भर अप्रिय स्थिति को टालने की कोशिशों में जुटे रहे। प्राप्त जानकारी के अनुसार कैमोर थाना क्षेत्र के खलवारा बाजार निवासी गगन ग्रोवर एवं उसके साथियों का पिछले कुछ महीनों से भटिया मुहल्ला निवासी रज्जाक खान और उसके साथियों से विवाद चल रहा। दोनों गुटों के बीच कई बार मार-पीट भी हो चुकी है। अभी लगभग एक सप्ताह पहले भी दोनों
गुटों के बीच टकराव हो गया था। पुलिस ने दोनों पक्षों के विरूद्ध मार-पीट और जान से मारने की धमकी के काऊंटर मामले दर्ज किये थे तब भी कैमोर में तनाव व्याप्त हो गया था और स्थिति को संभालने कटनी से पुलिस बल बुलवाया गया था। स.डी.ओ.पी. एवं अन्य पुलिस अधिकारियों ने कोशिश करके दोनों पक्षों में सुलह करा दी थी पर यह सुलह एक ह ते में नहीं टिक पाई।
पुलिस सूत्रों से प्राप्त जानकारी के अनुसार कल रात फिर भटिया मुहल्ले के कुछ युवकों ने खलवारा बाजार निवासी दो युवकों के साथ मार-पीट की थी जिसका बदला लेने आज सुबह एसीसी फै ट्री गेट के समीप खलवारा बाजार के कुछ युवकों ने भटिया मुहल्ले के युवकों की पिटाई कर दी। रज्जाक और सलीम नामक युवकों की पिटाई की खबर जैसे ही भटिया मुहल्ला पहुंची
वहां के लोग भारी सं या में कैमोर थाने पहुंच गये। सैकड़ों की भीड़ थाने में देखकर पुलिस के हाथ पैर फूल गये। थाना प्रभारी रूपसिंह चौहान द्वारा तत्काल इसकी सूचना पुलिस अधीक्षक को दी गई। एसी.पी. के निर्देश पर कुछ ही देर में विजयराघवगढ़ और बरही थाने समेत कटनी से भी पुलिस बल कैमोर रवाना कर दिया गया। डीएसपी, एड.एस पी, एसडीएम समेत कले टर
स्वयं भी कैमोर पहुंच गये। इन अधिकारियों ने सबसे पहले थाने में एकत्र भीड़ को हटाया एवं बेकाबू हो रही स्थिति पर नियंत्रण पाने के प्रयास शुरू कर दिये।
उधर भटिया मोहल्ले के सैकड़ों लोगों के थाने पहुंचने की खबर पाकर खलवारा बाजार में भी लोगों का मजमा लगने लगा और कुछ ही देर में यहां भी सैकड़ों की सं या में लोग इकट्ठे हो गये। ये लोग भी जुलूस की श ल में थाने जाने की तैयारी कर रहे थे पर इन्हें पुलिस ने बीच में ही रोक दिया। खबर लि ो जाने तक कैमोर में तनाव की स्थिति बनी हुई थी। तथा कैमोर
पहुंचे प्रशासन और पुलिस के वरिष्ठ अधिकारी दोनों पक्षों के बीच समझौताकराने का प्रयास कर रहे थे।

दोनों पक्षों पर काउंटर मामला दर्ज
इस घटना को लेकर पुलिस ने जहां रात में खलवारा बाजार निवासी 21 वर्षीय राहुल पिता जागेश ग्रोवर की शिकायत पर भठिया मोहल्ला निवासी रज्जाक खान, मोनी खान, गोलू उर्फ इबरार, इ बू खान व इकबाल खान के विरूद्ध धारा 294, 323, 506, 34 के तहत मामला दर्ज किया था। वहीं आज प्रात: भठिया मोहल्ला निवासी 23 वर्षीय मोह मद इकबाल पिता मोह मद इशाक की शिकायत पर बंटू ग्रोवर, नमित ग्रोवर, गगन ग्रोवर, प्रशांत ग्रोवर, राजेश सेठी, काका ग्रोवर, मोनू सेठी, ऋषि मनोचा व अंकुश ग्रोवर के विरूद्ध धारा 147, 148, 294, 323, 506 के तहत मामला दर्ज किया है। पुलिस के मुताबिक राहुल ग्रोवर के साथ कलरात पाठक यार्ड में पान के टपरे में पान खाते समय मारपीट की गई जबकि मोह मद इकबाल के साथ आज प्रात: एसीसी गेट के समीप उस समय मारपीट की गई जब वह अपने भाई इबरार के साथ मोटर सायकल में सवार होकर काम करने फै ट्री जा रहा था।

सा प्रदायिक नहीं गुटीय संघर्ष- एस पी
कैमोर में हुई मारपीट की इस घटना के बाद पूरे जिले में यहां सा प्रदायिक सौहार्द बिगडऩे की अफवाह फैल गई थी। पुलिस अधीक्षक मनोज शर्मा से जब इस संबंध में बात की गई तो उन्होंने इसे गुटीय संघर्ष करार देते हुये बताया कि कैमोर के इन दो गुटों में पहले से विवाद होता रहा है समय समय- समय पर इनके विरूद्ध अपराधिक मामले भी दर्ज किये गये है। आज की घटना पर भी दोनों पक्षों के विरूद्ध अपराध कायम किये गये है, तथा किसी भी प्रकार की अप्रिय स्थिति को रोकने
पुलिस मुस्तैद है।