14 February, 2012

भा जा पा नेताओं का गुंडाराज

कटनी में भा जा पा नेताओं का गुंडाराज दिनांक 8 फरवरी को दिनदहाड़े बस स्टेंड से मुझे गुंडों ने उठा लिया. उसके बाद ऍफ़ आई आर करने के बाद भी पुलिस ने कोई कार्रवाई नहीं करी. मै एक पत्रकार हूँ और एम् पी मिरर मासिक पत्रिका के लिए कटनी ब्यूरो चीफ हूँ. पिछले दिनों एक अखबार में रीठी सहकारी समिति में धान खरीदी में हुई धांधली के लिए मै खबर लिखने के लिए एक दो बार समिति के कार्यालय भी गया. इसी सिलसिले में मुझे रीठी सहकारी समिति के सेल्स में द्वारा फोन पर धमकी भी दी गयी. कहा गया की बहुत बड़ा पत्रकार बनते हो. मेरे भतीजो का खून गरमा है कुछ भी हो सकता है बाद में मत कहना. इसी तरह के फोन मेरे मित्रो और परिचितों को भी किया गया. इसकी मौखिक सूचना ८ तारीख को ही रीठी टी आई आर पी तिवारी को भी दी उन्होंने आश्वस्त किया.लेकिन शाम सवा छेह बजे मुझे बस स्टेंड से दस बारह लडको ने उठा लिया. सभी अनिल राय के भतीजे और रिथ्तेदार थे. असल में धान खरीदी में किसानो से धान न खरीद कर रीठी तथा क्षेत्र के व्यापारियों से धान खरीदी गयी. धान की तुलाई और पल्लेदारी के नाम पर प्रति बोरी पंद्रह से बीस रूपये लिया गया. पल्लेदारों को रोज भुगतान किया गया जबकि खाते से इस मद की राशी बाद में एक मुश्त निकली गयी. इसकी किसी ने शिकायत क्षेत्रीय विधायक को दी. उन्होंने इसकी जाँच हेतु आदेश दिए. जब जन्च्दल रीठी पंहुचा तब वह पर लीद सेल्स मेन तथा धान खरीदी का मुखिया अनिल राय नहीं मिला और न ही कोई रिकार्ड प्रस्तुत किया गया. मुझे उठाकर ले जाने में रीठी पुलिस की निष्क्रियता स्पष्ट नजर आती है क्योकि जब मैंने दोपहर को सूचित कर दिया था तो फिर टी आई रीठी ने कोई एक्शन क्यों नहीं लिया. 13 त्दरीख की शाम को एक बार फिर से अनिल राय के भतीजे शराब पीकर पोस्ट आफिस तिगाद्दे पर सरिया लेकर घूम रहे थे और पत्रकारों को गाली दे रहे थे. अभी तक पुलिस ने किसी प्रकार की चोकसी नहीं लगाई है और ऐसा लगता है की पुलिस अनिल राय का साथ दे रही है. क्योकि अनिल राय की पत्नी भा जा पा पार्टी की नेता है. मै असुरक्षित महसूस कर रहा हूँ.