28 April, 2012

ट्रेन में चोरी का नया तरीका

कटनी, हजरत निजामुद्दीन से चलकर कटनी आ रही महाकौशल ए सप्रेस का पार्सलयान काटकर अज्ञात चोर उसके अंदर रखे लाखों रूपए कीमती कपड़े लेकर चंपत हो गए। वारदात झांसी से मानिकपुर के बीच होना बताया जा रहा है। रेल पुलिस ने कोच का मौका मुआयना करते हुए अज्ञात चोरों के विरूद्ध मामला दर्ज करते हुए उनकी तलाश शुरू कर दी है। इस संबंध में रेलसूत्रों से मिली जानकारी के मुताबिक हजरत निजामुद्दीन से जबलपुर के बीच चलने वाली गाड़ी सं या 12190 महाकौशल ए सप्रेस गतदिवस जब हजरत निजामुद्दीन से चलकर कटनी आ रही थी। उसीदौरान झांसी व मानिकपुर के बीच अज्ञात चोरों ने ट्रेन के पार्सलयान को अपना निशाना बनाया और पार्सलयान के अंदर पहुंचने के लिए चोरों ने टायलेट का सहारा लिया। अज्ञात चोरों ने पार्सलयान व टायलेट के बीच लगी प्लाई काटकर पार्सलय यान के अंदर घुसे तथा चोरी का ााल रास्ता ों फेंककर नए तरीके से लाखों रूपए की चपत रेलवे प्रशासन को लगा दी है। एक जानकारी में बताया जाता है कि महाकौशल ए सप्रेस का पार्सलयान ठेके पर है तथा उसमें ठेकेदार द्वारा बुक किया गया सामान रखा जाता है। चोरी वाले दिन भी ठेकेदार ने भारी सं या में कपड़ों के बंडल दिल्ली से जबलपुर के लिए बुक हुए थे। जिसकी जानकारी शायद पहले से ही चोरों को थी तथा चोर चोरी की नियत से दिल्ली व झांसी से ट्रेन में सवार हुए और टायलेट व पार्सलयान के बीच की प्लाई काटकर बड़े ही आराम से वारदात को अंजाम देकर फरार हो गए। पार्सलयान से लगभग डेढ़ लाख रूपए के कपड़े चोरी जाने का अनुमान है। पुलिस अज्ञात चोरों के विरूद्ध मामला दर्ज कर उनकी तलाश कर रही है।

आग लगी या लगाई गई

आज सुबह से ही रीठी सहकारी समिति में गेहू खरीदी के लिए रखे गेहू के ढेर में आग लगने की बात सारे नगर में चर्चा का विषय रही. इस सम्बन्ध में जब मौके पर देखा गया तो कुछ बोरे मामूली रूप से जले पाए गए जबकि समिति में खरीद कर रहे कर्मचारियों ने यह बात फैलाई की हजारो क्विंटल माल जलकर खाक हो गया. उस वक्त की तस्वीरे भी यही सब बता रही है. असल में धान और गेहू खरीदी में जमकर खेल होता है. इसमें किसानो के नाम पर बड़े व्यापारी समिति के कर्मचारियों से मिलकर जमकर खेल कर रहे है. यदि उनसे रोज का स्टोक रजिस्टर व आवक जावक का रजिस्टर मागा जाता है तो वह भी मौके पर नहीं दिखाया जाता है.
इस सम्बन्ध में आज लगी आग के बारे में लोगो का कहना है की पल्लेदार रात में यहाँ दारू पीते है और उन्हीमे से किसीने या तो आग लगाई है या फिर बीडी से यह आग लगी है इसके पीछे यह बात भी चर्चा मै है की तस्वीर में दिख रहा गेहू ही अभी तक खरीदा गया है और आग लगने का दिखावा करके बड़ा खले खेल खेलने की चल नजर आ रही है. क्योकि मौके पर आग बुझाने पहुचे लोगो में से रीठी के वे बड़े व्यापारी नजर आ रहे थे जो अब तक इस खेल में दलाली करके अपना माल बेचते रहे है लोगो का इस प्रशासन से इस आग के खेल के पीछे के खेल से पर्दा उठाने के लिए प्रशासन से निवेदन है