09 June, 2013

लालफीताशाही के चलते

अतिथि शिक्षको को   नहीं मिला वेतन 
रीठी। शिक्षा की गुद्वात्ता सुधारने के लिए विद्यालयों में अतिथि शिक्षको की भर्ती की जाती है ताकि विद्यार्थियों को विषयवार  शिक्षा मिल सके। 
इन अतिथि शिक्षको से कार्य पूरा लिया जाता है लेकिन वेतन समय पर नहीं दिया जाता। संकुल रीठी में भी  कुछ ऐसा ही आलम है. जुलाई से पदस्थ अतिथि शिक्षको को जनवरी से वेतन नहीं मिला है. इसके पहले भी दो-दो  महीने में कुल दो तीन बार भुगतान किया गया 
जबकि जनवरी से १५ अप्रेल तक का भुगतान नहीं किया गया। तीज त्यौहार और शादी व्याह का पूरा मौसम  बिना पैसो के गुजर गया। लालफीताशाही के चलते न जाने अतिथि शिक्षको का  वेतन कब मिलेगा 

06 June, 2013

बहुत अखरा  तुम्हारा जाना 

पिछले दिनों हमारे एक परिचित  नहीं रहे। उनका जाना अप्रत्याशित था। सबेरे-सबेरे उनके मरने की खबर ने व्यथित कर  दिया।

जीवन भर कड़ी मेहनत से रुपया तो खूब बनाया लेकिन अपना स्वास्थ्य बनाना भूल गए। अपने पीछे संपत्ति और बिलखते बच्चे छोड़ गये।

उसी दिन से खिन्न चित्त से काम में कही मन नहीं लग रहा।

पैसे की भूख ने खुद को समय ही न मिल सका।

कुछ अच्छा काम करने वाले याद  किये जाते है लेकिन धन कमाने की लालसा ने तुम्हे कुछ न करने दिया। तुम मुझे इतना सन्देश दे गए की मानव तन पाने के बाद ऐसा काम जया जरूर करना चाहिए जिससे लोग इतना तो  कहे की यार ऐसे लोग बार-बार जन्म नहीं लेते।