05 January, 2015

वार्डन नियुक्ति में आयुक्त के निर्देशो की अवहेलना


कटनी - अखिलेश उपाध्याय
शासकीय उत्कृष्ट उच्चत्तर माध्यमिक विद्यालय रीठी अंतर्गत बालिका छात्रावास में वार्डन पद पर की गई अवैधानिक नियुक्ति की गई जिसके विरुद्ध लगाये गए आवेदन पर अब तक कोई भी निर्णय नहीं लिया गया है
मामला कुछ इस प्रकार है -
आयुक्त लोक शिक्षण मध्य प्रदेश भोपाल के पत्र क्रमांक/लो शि स /आर एम एस ए /बा छा 2/2010 /229 भोपाल दिनांक 25 . 08 . 2011  के परिपालन में राष्ट्रिय माध्यमिक शिक्षा अभियान कटनी द्वारा उत्कृष्ट विद्यालय रीठी अंतर्गत बालिका छात्रावास रीठी हेतु मधुलिका दुबे की नियुक्ति की गयी

उक्त नियुक्ति निम्न कारणों से नियम विरुद्ध अर्थात अवैधानिक है -

1 वार्डन नियुक्ति विषयक संकुल रीठी में सम्मिलित आवेदन फर्जी -
      वार्डन नियुक्ति हेतु डी ई ओ कटनी की नोटशीट में रीठी संकुल अंतर्गत विद्यालयों से चार आवेदन प्राप्त होना दर्शाया गया है तथा नोटशीट में मधुलिका दुबे का पद सहायक अध्यापक एवम संस्था हाईस्कूल पटौहा - रीठी लिखा गया है
      जबकि शासकीय हाईस्कूल पटौहाँ देवगांव संकुल में है. अतः जब सम्मिलित आवेदन ही अन्य संकुल का अर्थात फर्जी है तो वार्डन नियुक्ति स्वयमेव नियम विरुद्ध अर्थात अवैधानिक है

2 वार्डन नियुक्ति सम्बन्धी आयुक्त महोदय के निर्देशो की अवहेलना-
      वार्डन नियुक्ति के सम्बन्ध में आयुक्त के निर्देश निम्नानुसार हैं-
  अ - वार्डन चयन हेतु छात्रावास से सम्बद्ध विद्यालय में कार्यरत महिला शिक्षिका की अनुपलब्द्धता अथवा असहमति होने पर नियुक्ति हेतु कलेक्टर का अनुमोदन आवश्यक है-
अनुपालन - प्राचार्य रीठी द्वारा रीठी संकुल की स्थानीय महिला शिक्षिकाओं को छोड़कर मनमाने ढंग से शाशकीय हाईस्कूल पतौहाँ देवगांव संकुल में कार्यरत शिक्षिका की अनुशंसा की गयी अर्थात विभाग व कलेक्टर को अँधेरे में रखकर त्रुटिपूर्ण अनुशंषा कर अनुमोदन कराया गया
स्पष्टतः आयुक्त के निर्देशो की अवहेलना की गयी
क्या उक्त त्रुटिपूर्ण कार्य के पीछे प्राचार्य रीठी की मंशा व्यक्तिगत लाभ दिलाने या लाभार्जन की थी ?

ब - आयुक्त के निर्देशानुसार वार्डन पद हेतु सम्बद्ध या स्थानीय शाला से एक से अधिक शिक्षिकाओं की सहमति होने पर चयन का आधार - अंगरेजी, गणित, विज्ञान, हिंदी, संस्कृत, सामाजिक विज्ञानं होगा
अनुपालन - प्राचार्य रीठी एवम नियोक्ता अधिकारी डी ई ओ कटनी द्वारा स्वेच्छाचारिता पूर्वक रीठी संकुल  की स्थानीय शिक्षिकाओं की सहमति होने के बाद भी नियुक्तियों को दरकिनार कर दुसरे संकुल की शिक्षिका की नियुक्ति की गयी एवम यह दर्शाया गया की उक्त नियुक्त शिक्षिका का विषय विज्ञानं है
जबकि आयुक्त के निर्देशानुसार स्थानीय/सम्बद्ध शाला से एक से अधिक शिकिकाओ की सहमति होने पर चयन का आधार विषयो पर निर्भर था

3 आर एम एस ऐ नोटशीट में नियुक्ति किसी और की आदेश किसी और का -
      गंभीर मामला तो तब बनता है जबकि रमसा की नोटशीट में स्पष्टतः दर्शाया गया है की नंद्श्री जैन की पदस्थापना स्थानीय कन्या हाईस्कूल रीठी में अध्यापक पद पर है. अतः छात्रावास का सञ्चालन इनके द्वारा बेहतर तरीके से किया सकता है अर्थात इनकी नियुक्ति नियमानुसार की गई. उक्त सम्बन्ध में कलेक्टर का अनुमोदन भी कराया गया लेकिन डी ई ओ शशिबाला झा एवम कक्ष प्रभारी एस के शर्मा द्वारा नियुक्ति आदेश मधुलिका दुबे को प्रदान किया गया

4  शासन की राशि का मनमाने ढंग से व्यय करना -
      इस अवैधानिक नियुक्ति के कारन कार्यरत अधीक्षिका द्वारा छात्रावास के लिए शासन द्वारा प्रदान की जा रही राशि का मनमाने ढंग से व्यय किया जाना है उक्त अपव्यय राशि के लिए अर्थात शासन की अमानत में खयानत के लिए कौन जिम्मेवार है?

उक्त सम्पूर्ण नियम विरुद्ध घटनाक्रम के लिए दोषी अधिकारियो पर क्या विभाग द्वारा वैधानिक कार्यवाही की जावेगी?