31 December, 2016

अखंड रामायण पाठ महीनों से...



कटनी, रामचरित मानस विलक्षण रचना है. इसकी गरिमा और श्रेष्ठता के विषय में कुछ कहना सुरज  को दीपक दिखाने  जैसा है. 

रामचरितमानस एक काव्य ग्रन्थ है जिसकी जोड़ का अन्य ग्रन्थ है की नहीं कह पाना अत्यंत कठिन है. 

रामचरित मानस एक ऐसा  धर्म ग्रन्थ है जिसमे हिन्दू समाज के लिए धर्म का सूक्ष्म निरूपण  और विस्तृत विवेचन तो है ही यदि कोई विश्व मानव की अवधारणा  संभव हो तो उस विश्व मानव के लिए आचरणीय  धर्म की पर्याप्त व्याख्या है. 

रामचरितमानस एक परायण ग्रन्थ है जिसके परायण से कोटि-कोटि लोग आध्यात्मिक लाभ उठाते है. 
इसी भावना को साकार करते हुए रीठी तहसील के ग्राम मोहास में भी पिछले छः महीनों से रामचरितमानस का अखंड पाठ अनवरत चालू है. 

इसकी अलख संकटमोचन धाम के पंडा समान पटेल ने जगा रखी है. इस मानस पाठ में रीठी क्षेत्र के तीस से भी अधिक गावो के लोग अपनी तय पाली के अनुसार नियत सामय और दिन पर पाठ करने पहुच रहे है. 

इस सम्बन्ध में समान पटेल ने बताया की 
पहले 108  अखंड पाठ की कामना से मानस का पाठ शुरू हुआ लेकिन बाद में अब इसे चालू ही रखा गया है और जब तक भगवन की इच्छा होगी यह पाठ चलता ही रहेगा. 

सरमन  पटेल ने कहा की पाठ चालू करने के बाद यहाँ बिजली की समस्या थी तभी एक भक्त ने इन्वर्टर और बाद में किसी और ने तो जनरेटर तक लगवा दिया है जिससे अब इस पाठ में कहि कोई बाधा नही रही 

मोहास  मेला प्रांगड़ के यह मंदिर केवल बसंत पंचमी के मेला के समय जाग्रत होते थे लेकिन अब इस रामचरित मानस के अखंड पाठ से पिछले सात महीने से चौबीसो घंटे गुलजार हो रहे है. 

 संकटमोचन धाम मोहास टूटी हुई  हड्डी जोड़ने के लिए देश विदेश में पहले से ही प्रसिद्धि  है यहाँ के पंडा सरमन पटेल का राम नाम संकीर्तन के माध्यम से 108 गावो में प्रभात फेरी का शुरू कराया जाना और इन गावो में स्वयं जाकर लोगो को प्रोत्साहित करना एक अनूठा प्रयास है. सरमन पटेल ने निश्चित ही सत्संग की इस क्षेत्र में अलख जगा दी है.  


ऐसा कहा जाता है की रामचरित मानस के नित्य पाठ से दैहिक, दैविक, भौतिक सभी तरह के ताप समाप्त होते है और मनुष्य की सभी कामनाओ की पूर्ति करता है ऐसे में तीस गाव के लोगो का यह प्रयास क्षेत्र में धार्मिक और आध्यात्मिक शांति का निर्माण कर रहा है