11 April, 2017

सूचना का अधिकारी अधिनियम - 6 हजार 250 रुपये की शास्ति अधिरोपित की


कटनी (11 अप्रैल)- मध्यप्रदेश राज्य सूचना आयोग के राज्य सूचना आयुक्त हीरालाल त्रिवेदी मंगलवार को कटनी पहुंचे। यहां पर उन्होने जिला कलेक्ट्रेट कार्यालय के कलेक्टर न्यायालय में कैम्प लगाया। जिसमें श्री त्रिवेदी ने द्वितीय अपील व शिकायत प्रकरणों की सुनवाई की। कैम्प में राज्य सूचना आयुक्त ने 38 प्रकरण सुने। जिसमें विधि सम्मत कार्यवाही के निर्देश उनके द्वारा दिये गये।
     सूचना के अधिकारी अधिनियम के तहत द्वितीय अपील व शिकायतों की सुनवाई के दौरान कुछ प्रकरणों में मांगी गई जानकारी प्रदाय नहीं करते हुये लापरवाही व कोताही बरतने पर अर्थदण्ड लगाया। वहीं कुछ प्रकरणों में समय-सीमा में आवेदक को जानकारी मुहैया नहीं कराने पर संबंधित अधिकारियों को कारण बताओ सूचना पत्र भी जारी किया।
      सुरेन्द्र मोहन नायक के एक प्रकरण में लंबे समय से जानकारी ना देने पर रीठी जनपद की ग्राम पंचायत बड़गांव के तत्कालीन सचिव बलराम सोनी पर 6 हजार 250 रुपये की शास्ति अधिरोपित की है। वहीं विनोद बड़गैंयां के एक प्रकरण में 1050 रुपये की छतिपूर्ति राशि प्रदान करने के आदेश ओआईसी सूचना का अधिकारी अधिनियमजिला कलेक्ट्रेट कार्यालय को दिये हैं।

      इसी तरह राजेश भास्कर के प्रकरण में समय-सीमा में सूचना के अधिकार के आवेदन का जवाब नहीं देने पर उपसंचालकखनिज विभाग को कारण बताओ सूचना पत्र जारी किया है। वहीं राजेश भास्कर के ही एक अन्य प्रकरण में समय-सीमा में जवाब नहीं देने पर तत्कालीन तहसीलदार को भी शोकाज नोटिस जारी करने के निर्देश दिये है।

25 February, 2017

वॉटर शैड के कार्यों की दुर्गति क्यों है


वॉटर शैड के कार्यों का जमीनी जायजा लेने पहुंचे कलेक्टर
पथरहटा चैकडैम और चपना में चल रहे तालाब निर्माण कार्य का लिया जायजा
कटनी (25 फरवरी)- वॉटर शैड के कार्यों की इतनी दुर्गति क्यों है, अब मुझे समझ में आ रहा है। जब ना ही मॉनीटरिंग अधिकारी को फील्ड पर उतर कर काम देखने की फुर्सत है ना ही काम करा रही टीम को, तो काम कैसे होगा। यदि यही गत रही, तो आईडब्ल्यूएमपी में काम करने वाले और उसकी मॉनीटरिंग करने वाले टॉप-टू-बॉटम अधिकारियों पर कार्यवाही होगी। साथ ही घटिया निर्माण पर वसूली भी। ये निर्देश कलेक्टर विशेष गढ़पाले ने पथरहटा और चपना पहुंचकर आईडब्ल्यूएमपी के कार्यों को देखने के बाद दिये।
            सख्त लहजे में कलेक्टर ने कहा कि यदि मैं नहीं आउॅंगा, तो काम नहीं चलेगा। परियोजना अधिकारी क्या कर रहे हैं। ठेकेदार सिस्टम चलायेंगे,तो हमारा सिस्टम क्या कर रहा है। सुधार लायें अन्यथा पूरी की पूरी टीम बाहर होगी।
कॉन्क्रीट का मटेरियल कटिंगकर टेस्टिंग के लिये लैब में भेजें
            आईडब्ल्यूएमपी के तहत विकासखण्ड विजयराघवगढ़ में हो रहे जलग्रहण के कार्यों को देखने के लिये कलेक्टर विशेष गढ़पाले सर्वप्रथम पथरहटा पहुंचे। यहां पर उन्होने निर्माणाधीन चैकडैम का निरीक्षण किया। प्रॉपर तराई ना होने पर भी श्री गढ़पाले ने नाराजगी जताई। साथ ही निर्माण के लिये उपयोग में लाई गई सामग्री की जांच कराने के निर्देश दिये। कलेक्टर ने कहा कि कॉन्क्रीट की कटिंग कर एक ब्लॉक निकालें और उसे जांच के लिये लैब में भेजें। लैब की रिपोर्टिंग के बाद अगली कार्यवाही की जायेगी।
चपना पहुंचे, देखी तलाब निर्माण की साईट

            पथरहटा के बाद चपना पहुंचकर एकीकृत जल गृहण मिशन के तहत बनाये जा रहे तालाब की साईट का मुआयना भी कलेक्टर विशेष गढ़पाले ने किया। उन्होने कहा कि एक्चुअल साईट लोकेशन जब तुम्हें पता नहीं है, तो मॉनीटरिंग कैसे करते हो। आप लोगों की पुअर परफॉर्मेंस के कारण इतना बड़ा अभियान सक्सेस नहीं हो पा रहा है। साथ ही कलेक्टर ने कहा कि पथरहटा से लेकर चपना के बीच में मुझे बहुत सी एैसी साईट्स दिखीं हैं, जहां जल ग्रहण का अच्छा कार्य हो सकता है। लेकिन आप लोगों को समझ  में ही नहीं आता। अच्छी साईट का चुनाव करें और वहां जल ग्रहण का कार्य करें।

21 February, 2017

कन्या छात्रावासों में नहीं होना चाहिये पुरुष स्टाफ, आदेश का कड़ाई से हो पालन



कटनी (21 फरवरी)- मंगलवार को जिला पंचायत के सभागार में शिक्षा विभाग की समीक्षा बैठक आयोजित हुई। बैठक में कलेक्टर विशेष गढ़पाले ने शिक्षा विभाग के अधिकारियों को शिक्षा की बेहतर गुणवत्ता को लेकर कार्य करने के निर्देश दिये। उन्होने कहा कि शैक्षणिक सुधार हमारा मूलभूत कार्य है। इस दिशा में आप लोग ईमानदारी से कार्य करें। हमारा उद्वेश्य ग्रेडिंग के लिये महज नकल कराना ना रह जाये। आप बच्चों का भविष्य बर्बाद ना करें, ना ही अपना। स्कूलों में बेहतर ढंग से विद्यार्थियों को आप पढ़ायें। मासिक टेस्ट में जिन स्कूलों का परफर्ॉमेंस खराब रहा है। वहां के शिक्षकों को डाईट में स्पेशल ट्रेनिंग दें। इसके लिये डाईट के प्राचार्य मंथली टेस्ट के परिणामों का एनालेसिस करें और एैसे शिक्षकों को चिन्हित करें।
कामचोरी की, तो प्रतिनियुक्ति ही नहीं, सेवा समाप्त होगी
शिक्षा विभाग की बैठक में अपना विजन स्पष्ट करते हुये कलेक्टर ने दो-टूक हिदायत उपस्थित अमले को दी। उन्होने कहा कि आपकी लचर कार्य प्रणाली आपके विभागीय अधिकारी बर्दाश्त करते होंगे, मैं नहीं करुॅंगा। यदि आपने कामचोरी की, तो जो प्रतिनियुक्ति पर हैं, वे ये न समझें कि महज प्रतिनियुक्ति समाप्त होगी। मैं पदीय दायित्वों के निर्वहन में कोताही बरतने पर आपकी सेवा समाप्त कर दूॅंगा। इसलिये मुस्तैदी से आप लोग अपने काम पर लग जायें। जिनकी जिम्मेदारी बच्चों को पढ़ाने की है, वे विद्यार्थियों को अच्छे से पढ़ायें। जिनका कार्य मॉनीटरिंग का है, वे फील्ड पर पहुंचकर मॉनीटरिंग करें।
कार्य में कोताही पर डीपीसी सहित सभी बीआरसी को शोकाज नोटिस जारी करने के निर्देश
बैठक में गणवेश वितरण की राशि किन-किन शाला प्रबंधन समिति के पास डंप है। इसकी जानकारी कलेक्टर श्री गढ़पाले ने डीपीसी से मांगी। प्रस्तुत जानकारी स्पष्ट ना होने और अधिक मात्रा में राशि डंप होने पर वे जमकर बिफरे। उन्होने कहा कि जब गत माह की बैठक में इस संबंध में विस्तार से निर्देश दिये गये थे, तो कार्य क्यों नहीं हुआ। आपके साथ-साथ आपके निचले अमले की मॉनीटरिंग भी कमजोर है। इस पर कलेक्टर ने डीपीसी सहित जिले के सभी बीआरसी को एक-एक वेतनवृद्वि रोकन के आशय का शोकाज नोटिस जारी करने के निर्देश दिये। 
आरटीई के क्रियान्वयन में कोताही पर डीईओ को भी थमाया शोकाज
इसके साथ ही आरटीई के तहत जनवरी माह की बैठक में 26 स्कूलों की मान्यता समाप्त करने को लेकर दिये गये निर्देशों का पालन ना कराने पर जिला शिक्षा अधिकारी पर भी कलेक्टर ने नाराजगी जाहिर की। उन्होने निर्देशों का पालन ना करने पर डीईओ को भी एक वेतनवृद्वि रोकने के आशय का कारण बताओ सूचना पत्र जारी करने के निर्देश दिये। उन्होने कहा कि जारी शोकाज नोटिस की प्रतिलिपि अतिरिक्त मुख्य सचिव से लेकर संभागायुक्त तक को दें।
स्वसहायता समूह मध्यान्ह भोजन में बरते लापरवाही, तो करें रिपोर्ट, प्रतिलिपि मुझे भी दें
शिक्षा विभाग की समीक्षा बैठक में कलेक्टर विशेष गढ़पाले ने मध्यान्ह भोजन की समीक्षा भी की। उन्होने डीपीसी, बीआरसी सहित सभी संकुल प्राचार्यों को भी इसकी मॉनीटरिंग के निर्देश दिये। उन्होने कहा कि जिन विद्यालयों में स्वसहायता समूह द्वारा मध्यान्ह भोजन वितरित ना किया जा रहा हो या ना बनाया जा रहा हो या फिर कम मात्रा में बनाया जा रहा हो, तो उसकी रिपोेर्ट सीईओ जनपद, एसडीएम और डीपीसी को जरुर करें। साथ ही अनिवार्यतः उसकी प्रतिलिपि मुझे भी दें। आपकी प्रतिलिपि की आधार पर मैं भी सतत् रुप से मॉनीटरिंग करुॅंगा कि, आपके पत्र पर यथोचित् कार्यवाही वरिष्ट अधिकारी करें। यदि आपके वरिष्ट अधिकारी कार्यवाही करने में कमजोर साबित होते हैं, तो उन पर कार्यवाही बिना हिचकिचाहट के की जायेगी।
प्रयोगशाला ना बनें औपचारिकता
समीक्षा के दौरान जिन भी विद्यालयों में प्रयोगशाला है, उनका पूरा उपयोग हो, यह स्पष्ट निर्देश बैठक में कलेक्टर ने दिये। उन्होने कहा कि व्यवहारिक ज्ञान के साथ स्लेबस से जुड़े प्रयोग शिक्षक विद्यार्थियों को करायें। प्रयोगशाला महज औपचारिकता बनकर ना रहे। विद्यार्थियों को प्रयोग कराये जायें।
शासकीय कार्य में बाधा पहुंचाने वालों पर करें कार्यवाही
शिक्षा विभाग के निर्माणाधीन भवनों की प्रगति की समीक्षा भी बैठक में की गई। इस दौरान कलेक्टर ने एैसे स्थल, जहां पर कोई भी समस्या नहीं है और कोई व्यक्ति कार्य में अड़ंगा लगाता है, तो शासकीय कार्य में बाधा पहुंचाने पर उस पर कड़ी कार्यवाही करायें। कार्य में विलंब नहीं होना चाहिये। सभी वर्किंग डिपार्टमेंट्स इस बात का विशेष ध्यान रखें।
काम नहीं करने वाले ठेकेदारों को करें ब्लेकलिस्टेड
निर्माण कार्यों की समीक्षा के दौरान कलेक्टर ने कार्यपालन यंत्री, पीआईयू, आरईएस और पीडब्ल्यूडी को समयावधि में कार्य पूर्ण ना कराने वाले ठेकेदारों पर भी कार्यवाही करने के निर्देश दिये। उन्होने कहा कि जो ठेकेदार काम में लेटलतीफी करे या अधूरे में छोड़ें, उन्हें ब्लेकलिस्टेड करायें। स्कूल शिक्षा विभाग की प्रत्येक बिल्डिंग में अनिवार्य रुप से रैम्प निर्माण होना चाहिये। अगले माह की बैठक में यह सभी अधिकारी निर्माण कार्यों के फोटो के साथ अपना प्रेजेंटेशन दें।
बोर्ड परीक्षाओं की पवित्रता बनायें रखें
समीक्षा बैठक में शिक्षा विभाग के सभी अधिकारियों और संकुल प्राचार्यों को बोर्ड परीक्षा की पवित्रता बनाये रखने के निर्देश कलेक्टर ने दिये। उन्होने स्पष्ट करते हुये कहा कि आपको किसी के भी दवाब में नहीं आना है। विद्यार्थियों की चेकिंग शालीनता के साथ करें। केन्द्राध्यक्ष दूसरों के भरोसे ना बैठें। स्वयं कार्य करें। एसडीएम व तहसीलदार सतत् रुप से औचक निरीक्षण करते रहेंगे। जिलों में जितने भी संवेदनशील परीक्षा केन्द्र हैं, वहां पर पटवारी हम लोग आपके सहयोग के लिये बैठा रहे हैं। यदि पटवारी भी न्युसेंस करे, तो हमंें बतायें, हम कार्यवाही करेंगे।
कन्या छात्रावासों में नहीं होना चाहिये पुरुष स्टाफ, आदेश का कड़ाई से हो पालन
कन्या छात्रावासों में तैनात स्टाफ में कोई भी पुरुष नहीं रहना चाहिये। यह निर्देश कलेक्टर ने डीपीसी और डीईओ को दिये। उन्होने कहा कि आदेश का कड़ाई से पालन करायें। मैने इसके पूर्व भी आप लोगों को इस संदर्भ में निर्देश दिये थे। उस दिनांक से यदि छात्रावास अधीक्षकों द्वारा पुरुषों को स्टाफ से पृथक नहीं किया गया है, तो इसकी जिम्मेदारी उनकी होगी। मेरे द्वारा दिये गये निर्देश के दिनांक से विभाग उनके देयक का भुगतान नहीं करेगा।
यह भी दिये निर्देश 

10 January, 2017

सिंहासन खाली करो...कि जनता आती है


कटनी।  सबसे बड़े हवाला घोटाला कांड की जाँच कर रहे कटनी एस पी गौरव तिवारी के तबादले से जहा लोग नाखुश है वही सत्ता पक्ष की मनमानी के खिलाफ उभरते आक्रोश की एक झलक भी है।

जिस जल्दबाजी में कटनी एस पी का ट्रांसफर किया गया उससे आम जनता हैरान है क्योकि 40 फर्मो के लगभग जाली हवाला कारोबारी और एक सत्ता के रसूखदार नेता का हाथ है

इधर सोसल मीडिया पर चर्चा है की प्रदेश के मुखिया के सभी कार्यक्रम का खर्च कटनी और आसपास इन्ही हवाला कारोबारियों के जिम्मे था

शिवराज की नमामि देवी नर्मदे की यात्रा में कुछ ही लोगो की तस्वीरे बार बार दिखती है जो की अपने नेता के लिए संगठित आर्थिक अपराधियो की भाटी कार्य करते है

सत्ताधारी दल सत्ता के नशे में मगरूर हो चूका है और अब सत्ता के खिलाफ उम्दा कटनी का यह जान आक्रोश जिसमे महिलाये, बच्चे, बूढ़े, नवजवान सभी खड़े मिले

500 करोड़ के हवाला कांड की जांच प्रभावित करने के उद्देश्य से राज्य सरकार के इस फैसले का विरोध करके कटनी के लोगो ने सत्ताधारी दल के विरुद्ध माहौल का संकेत दे दिया है


03 January, 2017

आर टी आई एक्टिविस्ट या ब्लेकमेलर



सुचना का अधिकार अधिनियम लागू करने वालो को भी शायद यह नही पता था की इस अधिनियम से बेरोजगारों को रोजगार भी मिलेगा

आर टी आई यानी सुचना का अधिकार अधिनियम 2005 के  लागू  होते ही ऐसी धारणा बनी की अब तो भ्रष्टाचार का खात्मा होकर ही रहेगा. लेकिन इसके ठीक बिपरीत भ्रस्टाचारी और अधिक फल फूल  रहे है.  अब आर टी आई का खौफ पहले की तरह नही रहा है.

पहले-पहल  आर टी आई कार्यकर्ता को बड़े सम्मान से देखा जाता और समय के साथ यह स्वयं को आर टी आई एक्टिविस्ट कहलाने लगे.
  अब तो ऐसा लगता है कि  यह अधिनियम अधिकांस लोगो की रोजी रोटी का साधन बन चूका  है. कुछ वर्षो पहले जो आर टी आई का आवेदन लिखने का तरीका पूछते थे  वह अब  आलीशान मकान और चार पहिये  में घूमने लगे

उनने इसे मुख्य हथियार बना लिया उनकी अब तूती बोलती है और  कई जिलो में वार्षिक  बसूली कर रहे है

शुरू में  जब यह एक्टिविस्ट सुचना लगाने लोकसूचना अधिकारी को ढूढते कार्यालय पहुचता था तो  उसे घण्टो चक्कर लगवाये जाते थक हार कर फिर  कही आवेदन स्वीकार होता.

 इस परेशानी का हल आर टी आई लगाने वालो ने रजिस्टर्ड डाक से ढूढ़ निकाला. अब उन्हें जहा की भी जानकारी मांगनी होती तो वे रजिस्टर्ड डाक से यह आवेदन लगाकर तीस दिन का इन्तजार करते.

ऐसे में  कई बार सम्बंधित विभाग साधारण डाक से उनसे पत्राचार करते जिसे यह एक्टिविस्ट नजरअंदाज करके प्रथम अपील लगाने की समय सीमा का इन्तजार करते. और अधिकांस में उन्हें इसमें सफलता मिलती.

यही नहीं  बी पी एल की पात्रता का भी लाभ फर्जी टाइप के एक्टिविस्ट उठाने लगे. वे अपने परिजनों के नाम से आवेदन लगाकर स्वयं जानकारी लेने पहुचंते है और फ्री में जानकारी प्राप्त करते  असल में  इस अधिनियम की जानकारी स्वयं कर्मचारियों को भी नहीं है वरना इन्हें तो कार्यालय में प्रवेश ही न करने दिया जाय.

क्या आपको पता है कि  आजतक सूचना के अधिकार अधिनियम के तहत प्राप्त  जानकारी से इन फर्जी एक्टिविस्टों ने समाज को क्या लाभ दिया???

इन आर टी आई अक्टिविस्ट का आवेदन साल में एक बार कमाई वाले सरकारी विभागों में जरूर पहुचता है फिर इनको सूचना मिलती भी है की नहीं किसी को नहीं पता और यदि मिलती है तो इस जानकारी का फिर करते क्या है?